हवसी लंड को प्यासी चूत की तड़प (Hawsi Land Ko Pyasi Choot Ki Tadap)

हवसी लंड को प्यासी चूत की तड़प(Hawsi Land Ko Pyasi Choot Ki Tadap)

कई दिनों से आफरीन अपनी ब्रा पैंटी पे अजीब से दाग देख के परेशान थी। उसे समझ में नहीं आ रहा था, कि ये दाग लग कहाँ से रहे हैं।

उस रोज़ शाम क़रीब आठ बजे आफरीन नहा कर अपने कपड़े डालने छत पर गई। आफरीन अपने कपड़े फैला कर छत पर टहलती हुई कोने में पहुँची।

तभी तेजी से आमिर आया और उसने उसकी गीली ब्रा-पैंटी उठाई और सीढ़ी के पास जाकर उसकी पैंटी सूंघ के उसकी ब्रा पे मुठ मारने लगा। आमिर ने ढेर सारा मुठ उसकी ब्रा के कप में गिर दिया और ब्रा-पैंटी वैसे ही टांग दी और नीचे चला गया।
आमिर ने आफरीन को नहीं देखा था।

फिर आफरीन ने अपनी ब्रा लेकर देखा तो उस पर ढेर सारा चिपचिपा से कुछ लगा हुआ था। आफरीन आमिर को सोच के हैरान थी कि उसका भाई ये सब कर रहा है।

असल में आफरीन आमिर के मामा की लड़की थी जो बारहवीं के बाद अपनी बुआ के घर बीए की पढ़ाई करने आई थी।

उस दिन की घटना ने आफरीन को भी अंदर से हिला के रख दिया था। उसकी आंखों के सामने अपने भाई का लन्ड नाच रहा था क्योंकि आमिर का लिंग एकदम काला, मोटा और मूसल जैसा लंबा था।
उसने इज़्ज़त के डर से बुआ को कुछ नहीं बोला।

दिन तेजी के साथ बीत रहे थे और उसके कपड़ों पे दाग़ भी रोज लगते। अब जब भी आफरीन झुक कर झाड़ू पोंछा करती तो आमिर चुपके चुपके आफरीन के गोरे गोरे दूधों की दरार को घूरता और किसी न किसी बहाने से आफरीन को छूने की कोशिश करता।
आमिर आफरीन को छूने का कोई बहाना हाथ से नहीं जाने देता।

आफरीन भी सब समझ रही थी पर किसी से कुछ कह भी नहीं सकती थी। आखिर कुछ भी हो … आमिर उसका भाई जो था।

एक दिन माँ के कहने पर आमिर बाजार से आफरीन के लिए कुछ नए कपड़े ले आया। उसमें 2 चूड़ीदार सलवार कमीज़ और 2 टॉप और लोअर थे।
घर लाकर उसने सब आफरीन को दिया और बोला- पहन के बताओ माप सही है ना?
आफरीन ने पैकेट लिया और अपने कमरे में चली गई।

उसने सूट पहना तो वो एकदम सही माप में था। पर जब टॉप पहना तो दंग रह गई। टॉप इतना कसा था कि उसका बूब्स उभर आया। वो शर्म से लाल हो गई।
आफरीन कपड़े बदल कर वापस गई और बोली- भैया, सब ठीक है, बस टॉप एक नंबर बड़ा ला दो।
आमिर ने उससे बोला- पगली. तेरे ही साइज का है. और बाकी सब ढीले आयेंगे. अच्छा तू पहन कर दिखा मुझे एक बार!

आफरीन ने फिर से वही किया, अपने कमरे में जाकर टॉप पहना और शर्म से लाल होकर भाई के सामने आई।
उभरे हुए बूब्स देख के आमिर की आँखें चमक उठी और वो बोला- ठीक तो है पगली … अब कितना ढीला लेगी?
आफरीन ने संकोच में वो टॉप ले लिया और पहनने लगी।

रोजमर्रा के काम करते वक़्त जब झुकती तो अब उसके बूब्स पहले से ज्यादा बाहर लटक जाते। आमिर ने भी उसको इसी वजह से तो इतना कसा टॉप दिया था।
पर अब आमिर आफरीन की जवानी का स्वाद लेने के लिए उतावला था। बस आफरीन की एक गलती उसकी चूत मरवा सकती थी.
और शायद आफरीन भी ये बात जान चुकी थी. इसलिए वो कोई गलती नहीं करना चाहती थी। आमिर ने भी सारी तैयारी कर रखी थी बस कमी थी तो आफरीन की।

आफरीन का शहर आने के दो कारण थे, पहला अपनी पढ़ाई और दूसरा अपनी बुआ(आमिर की माँ) का ख्याल रखना! उसकी बुआ की तबीयत इन दिनों ज्यादा खराब थी, हाई ब्लड प्रेशर और शूगर की वजह से शरीर में सूजन आ गई थी इसलिए घर का काम आफरीन ही करती।

एक दिन रसोई में आफरीन खाना बना रही थी। मई का महीना था और गैस की गर्मी के कारण आफरीन पसीने से भीगी हुई थी।
तभी अचानक आमिर ने पीछे से आकर उसको बांहों में पकड़ा और बोला- क्या बना रही हो?
आफरीन ने जवाब दिया- सब्जी रोटी!

इस बातचीत के बीच आफरीन के पसीने की मादक ख़ुशबू से आमिर का लन्ड तन गया और आफरीन अपने कूल्हों की दरार के ऊपर भइया के लन्ड को साफ महसूस कर रही थी।

फिर आमिर उसके कूल्हे पे और दबाव डाल के बोला- कभी अपने हाथों से खिला भी दो!
इतना कहकर आमिर ने आफरीन की पसीने से भीग गर्दन को चूमा और वहाँ से चला गया।

पर इस चुम्बन और लिंग की चुभन ने आफरीन की दबी हुई आंतरिक वासना को चिंगारी दे दी थी। आफरीन भी कोई अंजान नहीं थी। गांव से ताल्लुक होने की वज़ह से औरत मर्द के रिश्तों की उसे पूरी जानकारी थी। गांव में लड़कियों की शादी जल्दी हो जाती है।

इस सुखद कामुक अहसास को आफरीन दुबारा महसूस करना चाहती थी। अब आफरीन भी आमिर को पूरा समर्थन दे रही थी।

उस दिन अचानक बारिश होने लगी, वो सूखे कपड़े उतारने के लिए छत पे भागी और आमिर उसके पीछे भागा। कपड़े उतार के उसने सीढ़ी पे रख दिये। अचानक चुपके से आमिर ने उसको पीछे से पकड़ा और बारिश में खेलने के लिए बाहर की ओर उठा के लाया।
भीगने की वजह से उसका टॉप उसके शरीर से चिपक गया।

यह देख कर आमिर के अंदर मस्ती की लहर दौड़ उठी और वो आफरीन को अपने बदन से चिपका कर खेलने लगा, उसे बांहों में भर कर उसको गोल गोल घुमाता। दोनों की छाती एक दूसरे से चिपक जाती और शरीर की गर्मी भड़क उठती।
छत पर थोड़ा पानी भरा हुआ था। आमिर आफरीन को लेकर उस पानी में लेट गया और दोनों लोटने लगे। कभी आमिर आफरीन के ऊपर तो कभी आफरीन। आफरीन के बूब्स को दबाने की हर मुमकिन कोशिश की आमिर ने।
झमाझम बारिश में दोनों भाई बहन जम के भीगे।

आफरीन ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी जिसकी वजह से उसके बूब्स की घुंडी साफ दिख रही थी। सख्त घुंडी देख के आमिर जम के आफरीन के साथ खेला।

फिर दोनों नीचे आये और आफरीन बाथरूम में कपड़े बदलने गई।

जब आमिर कपड़े बदलने गया तो वहां आफरीन की गीली पैंटी पड़ी थी. शायद आफरीन ने अपनी पैंटी को जानबूझकर ऊपर रखा हुआ था।
आमिर ने उसकी पैंटी को पहले अच्छे से सूँघा और फिर मुठिया मारकर ढेर सारा रस उसी में डाल दिया।

फिर जब आफरीन अपने कपड़े छत पर डालकर आई तो आमिर की तरफ घूर के देखा और फिर हल्का सा मुस्कुराई। आमिर को पूरा यकीन हो गया कि अब ये मुझसे चुदने को पूरी तरह से तैयार है।
रात को 11 बजे आमिर माँ के कमरे में गया। माँ खाना और दवाई खाकर सो चुकी थी। अब सिर्फ आफरीन और आमिर ही जाग रहे थे।

आफरीन बहुत धीरे धीरे बात कर रही थी आमिर से … पर आमिर को पता था कि अब वो कुछ भी कर ले पर माँ सुबह से पहले नहीं उठने वाली।

आमिर ने आफरीन को कहा- मेरे कमरे में चल।
आफरीन को आमिर अपने कमरे में लेकर गया और दरवाज़ा बंद कर लिया।

आमिर ने आफरीन के साथ बेड पे लेट और धीरे से अपने पैर से उसके पैर को सहलाना शुरू कर दिया। आफरीन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की पर आमिर से बात करती रही।
आमिर एक हाथ उसके सर के ऊपर से ले जाकर उसके कंधे पर रखा और हल्के हल्के से उसके कंधे को सहलाने लगा। आफरीन ने आमिर की तरफ अपनी कातिल नज़र डाली और मुस्कराने लगी।

इधर आमिर के हाथों ने अपना करतब दिखाना शुरू कर दिया। आमिर ने धीरे धीरे से अपनी उंगलियां उसके गले पर फिरानी शुरू कर दी।
आफरीन की साँसें एकदम तेज हो रही थी, वो बस अपनी कातिल निगाहों से आमिर को देखे जा रही रही थी।

जैसे ही आमिर अपने हाथ को हल्के से उसके टॉप के अन्दर डाला और उसक दाहिने तरफ के उरोज की घुंडी पर अपनी उंगली फिराई तो उसे ऐसा लगा जैसे वो किसी हसीन ख्वाब से बाहर आई। उसने आमिर का हाथ पकड़ा और बाहर करते हुए बोली- बुआ आ जाएंगी।

आमिर कुछ नहीं बोला और एकदम से उसके होंठों को अपने होंठों की गिरफ्त में ले लिया।

एक बार तो उसकी आँखें बड़ी हो गयी पर फिर धीरे धीरे वो भी इस पहली चुम्बन के रोमांच में खोने लगी। साँसें उखड़ने तक वो दोनों एक दूसरे के होंठों को ऐसे ही चूसते रहे।

जब चुम्बन करके दोनों अलग हुए तो आमिर ने आफरीन से कहा- मैं तुमको जी भरकर प्यार करना चाहता हूँ.
यह सुनकर आफरीन सीधे आमिर गले लग गयी और बोली- भईया, मैं आपको बहुत पसंद करती हूँ. पर डर के मारे कभी कह न सकी।
ऐसा कहकर वो आमिर को बेतहाशा चूमने लगी कभी गालों पर, माथे पर, गले पर और फिर अपने होंठों को आमिर के होंठ पे रख दिये।

आमिर उसके होंठों को चूमते हुए उसके बूब्स को टॉप के ऊपर से ही दबाने लगा. फिर वो अपनी बहन का टॉप निकालने लगा तो उसने साथ दिया। काले रंग की ब्रा में गोरी गोरी बूब्स के आमिर मस्त हो गया।

आमिर ने फ़ौरन अपनी बहन के स्तनों को उसकी ब्रा से आज़ाद कर दिया और बारी बारी से उसके बूब्स को मसलकर जमकर चूसा।
आफरीन के बूब्स के निप्पल मस्ती से सख्त हो चुके थे।

आमिर उसकी घुंडी पे जीभ फेरता तो कभी दांतों में हल्के हल्के भींच कर खूब खींचता।
आफरीन की सिसकारियों से माहौल और भी मस्त होता जा रहा था।

फिर आमिर ने उसको बेड पर पीठ के बल लिटाकर, उसके पेट नाभि को चूमते हुए उसकी चूत की तरफ बढ़ना शुरू किया, उसके पजामे और पैंटी को एक ही बार में निकाल दिया।
हवसी लंड को प्यासी चूत की तड़प (Hawsi Land Ko Pyasi Choot Ki Tadap)
हवसी लंड को प्यासी चूत की तड़प (Hawsi Land Ko Pyasi Choot Ki Tadap)
आमिर उसके पैरों को चूमते हुए उसकी चूत तक पहुँच गया। एकदम चिकनी गोरी सी चूत जिस पर छोटे छोटे बाल थे, हल्की हल्की गीली होने की वजह से एकदम चमक रही थी।
आमिर सीधा उसकी चूत चूसने, चाटने लगा।

आफरीन के मुँह से तेज सिसकारियाँ निकलने लगी ‘ऊह्ह्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… माम्माह हमहा…’

आमिर ने जी भरकर अपनी बहन की चूत को चाटा और अपनी जीभ से उसकी चूत चुदाई भी की. आखिरकार आफरीन की कुंवारी चूत ने अपना पहला पानी छोड़ दिया।

अब आमिर ने उसे अपना 7 इंच का औज़ार दिखाया और उसे चूसने को कहा। बिना किसी नखरे के आफरीन ने औज़ार को अच्छे से चूस कर गीला किया।

आमिर ने उसे सीधे लिटाकर अपनी बहन आफरीन के दोनों पैरों को ऊपर किया जिससे उसकी चूत खुलकर सामने आ गयी। फिर आमिर ने अपना लन्ड उसकी चिकनी चूत पर रखा, छेद पे लगाकर पहले ही झटके में आधा लन्ड अन्दर उसकी चूत में ठूंस दिया।

18-19 साल की लड़की की चूत में आमिर का लण्ड एक गर्म मूसल की तरह था, वो दर्द से बिलबिला उठी, उसकी चीख निकल गयी। उसने आमिर को अपने ऊपर से हटाने की नाकामयाब कोशिश की पर हटा न सकी।

कुछ देर के लिए आमिर रुक गया और उसके मुँह जोर से दबा कर दुबारा लन्ड इतना बाहर निकाला कि बस उसकी टोपी आफरीन की चूत में थी। दो तीन बार इसी तरह करने से उसने आफरीन की बच्चेदानी तक अपना लन्ड डाल दिया और फिर थोड़ा रुक गया।

आफरीन दर्द से रो रही थी। आमिर रुका हुआ था और उसके कान में बोला- पगली, बस आज ही ये दर्द होगा, उसके बाद कभी नहीं होगा।
2 मिनट तक तक आमिर उसके गले और बूब्स को चूमता रहा ताकि लन्ड का तनाव बना रहे।

जब थोड़ी देर में आफरीन शांत हुई तो आमिर ने फिर तेज़ी से झटके मारने शुरू किये। पांच मिनट तक धक्के देने के बाद आफरीन के शरीर की भूख जगी और अब पूरी तरह से अपने भाई आमिर का साथ दे रही थी।
आमिर ने अपनी बहन के बूब्स को मसलते हुए, अपने झटकों में और तेजी लानी शुरू की।

आफरीन नागिन की तरह उससे लिपट गई और दोनों पैरों से आमिर की कमर को जकड़ लिया।

आधे घंटे के बाद आमिर ने ढेर सारा पानी आफरीन की चूत में भर दिया। दोनों ने उस रात कई बार ये खेल खेला अगले दिन आमिर ने आफरीन को गर्भनिरोधक दवा खिलाई ताकि बच्चा न रुके।

उस दिन के बाद दोनों भाई बहन कंडोम लगा कर एक दूसरे के साथ संबंध बनाते थे। पर हर 15 दिन पे बिना कंडोम के शारीरिक संबंध बनाते ताकि दोनों का पानी एक दूसरे के शरीर को लगे।
दोनों दो साल से एक दूसरे के साथ इसी तरह सेक्स में रत रहते रहे।
हवसी लंड को प्यासी चूत की तड़प (Hawsi Land Ko Pyasi Choot Ki Tadap) हवसी लंड को प्यासी चूत की तड़प (Hawsi Land Ko Pyasi Choot Ki Tadap) Reviewed by Priyanka Sharma on 4:59 PM Rating: 5

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