क्लासमेट कॉलगर्ल निकली (Classmate Callgirl Nikli)

क्लासमेट कॉलगर्ल निकली
(Classmate Callgirl Nikli)

दोस्तो, मेरा नाम रवीश है, मैं रांची से हूँ. मेरा लन्ड 6 इंच लंबा और बहुत मोटा है. मुझमें इतना दम है कि मैं एक दिन 6 से 7 बार चोद सकता हूँ. मैंने अपने आस पास की बहुत सी भाभी और अपनी गर्लफ्रेंड को चोद कर खुश किया है. अपनी दोस्तों की गर्लफ्रेंड को भी चोदा है. मेरे लन्ड पे तिल हैं, सभी लोग बोलते हैं कि लन्ड पे तिल होने से चूत की कमी नहीं होती है और शायद ये सच है.

यह बात एक साल पहले की है. मैं अपने काम से दिल्ली गया था. मैंने वहां की कॉलगर्ल्स के बारे में सुना था, तो सोचा देख लिया जाए. मेरे एक दोस्त वहां के लोकल दलाल का मोबाइल नम्बर दिया, मैंने उसे कॉल किया और उससे मिलने गया. उसने मुझे बहुत सी लड़कियों की तस्वीरें दिखाईं. उसमें से एक लड़की को देख कर मैं चौंक गया, वो मेरी क्लासमेट थी.. उसका नाम स्वाति था.

वो देखने में बहुत खूबसूरत थी. वो चार साल पहले दिल्ली पढ़ने आई थी. दिल्ली आकर साली पूरी मॉडर्न और स्टाइलिश हो गयी थी. मैंने दलाल से पैसों की बात की और स्वाति को बुक कर लिया. फिर मैं अपने होटल पर आ गया.
होटल आकर मैं स्वाति का इंतज़ार करने लगा.

थोड़ी देर में रूम की घंटी बजी, मैंने दरवाज़ा खोला तो बाहर स्वाति खड़ी थी. वो मुझे देखकर डर गई, हड़बड़ाहट में वापस जाने लगी. मैंने उसे वापस बुलाया, उससे बात की और उसे समझाया कि कोई परेशानी की बात नहीं है, मैं किसी को कुछ भी नहीं बताने वाला हूँ.

दो पल सोचने के बाद वो मान गयी. हम दोनों ने बैठ कर थोड़ी देर बात की.. कुछ खाने का मंगाया. कुछ ही देर में मैं उससे घुल मिल गया. अब वो थोड़ा रिलैक्स दिखने लगी. हम दोनों बेड पे लेटे हुए थे.

बातों बातों में मैं आपको स्वाति के बारे में बताना भूल गया. स्वाति देखने में बहुत खूबसूरत लग रही थी, बिल्कुल हीरोइन की तरह स्टाइलिश थी. उसने ऊपर से नीचे ब्रांडेड कपड़े पहने हुए थे, एप्पल के दो मोबाइल थे, फुल मेकअप, गॉगल्स, बड़े बड़े चुचे, बड़ी गाँड़, मेरा तो लन्ड खड़ा हो कर सलामी देने लगा था. मन तो किया वहीं पटक के चोद दूँ, लेकिन वो मेरी क्लासमेट थी और चुदने ही आई थी तो लन्ड का काम तो होना तय था.. इसलिए मैंने चुप रहना ठीक समझा.

अब हम दोनों बेड पे साथ में लेटे हुए थे, बात करते करते मैं उसे छू रहा था, पकड़ रहा था. बात करते करते मैं उसे किस करने लगा, वो भी मेरा साथ देने लगी. हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे, काट रहे थे, जीभ से जीभ लड़ा रहे थे. मैंने उसके बड़े बड़े चूचों को मसलना शुरू कर दिया. पंद्रह मिनट किस करने के बाद हम अलग हुए, दोनों हांफ रहे थे.

अब स्वाति ने मुझसे खुल के बात की. वो बोली- जो करना हो, जितना करना हो, कर लो … मुझे तुमसे पैसे भी नहीं लेना है. बस बदले में इतना चाहती हूँ कि ये बात किसी को बताना मत.
उसने मुझे पूरा मजा देने का वादा किया, उसने मुझे साथ में नहाने को बाथरूम चलने को कहा.

मैं साथ में चला गया. उसने मुझे सिर्फ साथ देने को कहा, मुझे कुछ भी करने से मना कर दिया. स्वाति ने मुझे किस करते हुए मेरे और अपने दोनों के कपड़े खोले और पूरे बदन को किस किया. उसने मेरे निप्पल चूसे और काटे, उसकी रंडीपने की अदाओं से मैं जन्नत में पहुंच गया था.

उसने मुझे साबुन से रगड़ रगड़ के नहलाया. मैंने अपनी झांटें साफ नहीं की थीं, उसने साबुन से लन्ड को धोया फिर अपने बैग से हेयर रिमूवर लाकर मेरे लन्ड और गाँड़ के बाल साफ किए.

हम दोनों अब बेड पे नंगे थे, किस कर रहे थे. मुझे आज से पहले कभी इतना मजा नहीं आया था.

स्वाति बिल्कुल प्रोफेशनल रांड बन चुकी थी. उसे पता था कि मर्द को खुश कैसे करते हैं. किस करने के बाद उसने मेरी पूरी छाती को किस किया, दांतों से मेरी छाती की घुंडियों को काटा.

अब वो मेरे लन्ड को चूसने के मूड में थी, उसने जांघ के आसपास किस करना और दाँत काटना शुरू कर दिया था. मेरा लन्ड पूरा कड़क हो चुका था, मैं मस्ती से तड़प रहा था. मेरे मुँह से आह आह निकल रहा था. मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैं झड़ गया तो उसने मेरा सारा माल रुमाल से साफ किया और लन्ड को साफ कर के कुछ केमिकल लगा कर लन्ड को चूसना शुरू किया. वो अलग अलग तरीके से लन्ड की सेवा में लगी हुई थी.

वो मेरे लन्ड को होंठों से चूसती, ऊपर नीचे करती हुई दाँत से हल्के हल्के काट रही थी. जिससे मैं पागल हुए जा रहा था. वो मेरे सुपारे को जीभ से चाट रही थी, आंडों को मुँह में लेकर चूसते हुए मुझे काम का पूरा सुख देने में लगी हुई थी.

बीस मिनट के बाद मैं फिर से झड़ गया. इस बार मैं उसके मुँह में झड़ गया था, वो कुछ रस पी भी गयी थी. उसके मुँह में कुछ माल था, वो मुझे किस करने लगी और इस तरह से उसने अपने मुँह में बचा हुआ सारा माल मेरे मुँह में दे दिया. मैं वासना में इतना अधिक पागल हो रहा था कि मैं खुद अपना माल ही गटक गया. ये थोड़ा अजीब था, पर मेरे लिए नया था.

अब वो मेरे निप्पल को किस करते हुए मेरे लन्ड की मुठ मारने लगी. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कौन चोदने आया था और कौन चुद रहा है?

अब मैं चूत चुदाई चाहता था. मैंने उसे पटक कर अपने नीचे लिया और लन्ड को उसकी चूत पे रगड़ने लगा. उसने लन्ड पकड़ कर चूत के छेद पे लगाया. मैंने धक्का लगाया. उसकी चूत में मेरा पूरा लन्ड आराम से घुस गया. हांलाकि उसे थोड़ा दर्द हुआ.. क्योंकि मैंने बिना रुके दस तक गिनती गिन कर जोरों से धक्का लगा कर उसकी चूत चोदी थी.

फिर मैंने स्वाति को किस किया, उसके चुचे मसले. तभी उसने मुझे रोक दिया. मैंने उसकी आँखों में देखा तो उसने मुझे नीचे आने का कहा.

अब वो मेरे ऊपर आ गयी औऱ मेरे लन्ड पर बैठ कर उछल उछल कर चुदने लगी. मैं फिर से पागल होने लगा. वो मुझे किस कर रही थी, मेरे निप्पलों को चूस रही थी. मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैं बिंदास नीचे लेट कर चुद रहा था.

लगभग बीस मिनट कूदने के बाद वो झड़ गयी. अब मैंने उसकी चूत को साफ किया और नीचे लेटा कर अपना लन्ड उसकी सूखी चूत में पेल दिया. वो दर्द से छटपटाने लगी. चूत सूख जाने से बहुत टाइट हो गयी थी. मेरा लन्ड बहुत मुश्किल से अन्दर बाहर हो रहा था. स्वाति को अब दर्द हो रहा था, वो मेरे पीठ पे नाखून गड़ा रही थी, नोंच रही थी. मगर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर थोड़ी देर में मैं झड़ गया.

थोड़ा आराम करने के बाद हम लोग किस करने लगे. अब मैं उसकी गाँड़ मारना चाहता था. मैं उसकी गाँड़ को सहलाने लगा. वो समझ गयी और उसने अपने बैग से क्रीम और जैली निकाल कर दी. क्रीम से मैंने उसके गाँड़ के छेद की मालिश की. गाँड़ का छेद थोड़ा मुलायम और गीला हो गया था. मैंने स्वाति को घोड़ी बना कर उसकी गाँड़ की छेद पे लन्ड लगाया और लन्ड गाँड़ में पेल दिया.

स्वाति को थोड़ा दर्द हुआ. वो दर्द से तड़पने लगी, पर उसने मना नहीं किया.

मैंने बीस मिनट तक स्वाति की गाँड़ चोदने के बाद अपना लन्ड उसके मुँह में दे दिया और मुँह की चुदाई करके झड़ गया. फिर हम दोनों साथ में नहाए और स्वाति को रेस्टोरेंट ले जाकर साथ में डिनर करके उसे उसके फ्लैट तक छोड़ दिया. स्वाति और उसकी रूममेट्स की चुदाई के बाद मैं उनके साथ लगातार बात करता रहा, मिलता रहा।

एक दिन स्वाति ने मुझे कॉल किया और मुझे अपने एक पुराने क्लाइंट के साथ ग्रुप सेक्स ऑफर किया। उसने मुझे बताया कि चार लोग रहेंगे, मैं, स्वाति, उसका क्लाइंट आलोक 45 साल का और उसकी बीवी अलीशा 34 साल की।

मुझे सुन कर थोड़ा अजीब लगा, मैं मना करने लगा तो स्वाति ने बताया कि उसे एक मोटी रकम मिल रही है इसके लिए … और मेरे लिए एक सरप्राइज भी है और मुझे बहुत मजा आने वाला है। फिर उसने मुझे अलीशा की फ़ोटो भेजी, अलीशा बहुत हसीन लग रही थी।
अलीशा का हरा भरा शरीर मुझे बहुत पसंद आया। मैं तैयार हो गया, रविवार का प्लान बना।

रविवार मैं स्वाति से मिला और उसके साथ अलीशा के घर जाने लगा तो स्वाति ने मुझे अलीशा और आलोक के बारे में बहुत कुछ बताया। आलोक और स्वाति पिछले तीन साल से चुदाई का मजा ले रहे थे, उसके बाद अलीशा ने भी दोनों को जॉइन कर लिया था, अब तीनों थ्रीसम का मजा लेते थे।

अब हम लोग अलीशा के घर पहुँच गए, वो लोग रईसों की सोसाइटी में रहते थे।

स्वाति ने फ्लैट पर पहुँच कर घण्टी बजायी, अलीशा ने दरवाजा खोला. अलीशा ने स्वाति को गले लग कर वेलकम किस किया।

शायद अलीशा सो कर उठी थी. उसने एक सेक्सी नाइटी पहनी हुईं थी, उसके साइज 38 के बूब्स आधे बाहर दिख रहे थे. पारदर्शी नाइटी थी अलीशा का आधा अंग भी दिख रहा था। उसने मैचिंग कलर का ब्रा और पैंटी भी पहनी हुई थी।

आलोक अभी भी सो रहा था तो स्वाति उसके बैडरूम में जाकर उसे उठाने लगी और मुझे इशारा किया कि अलीशा से बात करूं।

अलीशा बाथरूम चली गयी थी और स्वाति आलोक के पास …

मैं हॉल में बैठा था तभी अलीशा बाथरूम से निकली और मुस्कुराते हुए हाय कहा।
मैंने भी हाय कहा और बात को आगे बढ़ाते हुए अपना परिचय दिया, उसने भी अपना नाम बताया।
उसने ब्रश करने के लिए ब्रश उठाया तो मैंने कहा- मैं ब्रश करा दूँ क्या?
कुछ पल सोच कर उसने भी शरमाते हुए हाँ में इशारा किया।

मैं अलीशा के पास गया और उसके हाथ से ब्रश और पेस्ट ले लिया, उसके पीछे चिपक के खड़ा हो गया जिससे कि मेरा लन्ड उसकी चूत में सट रहा था। मैंने अपने अंगूठे पे कोलगेट को लगाया और उसके मुंह के पास ले गया उसने मुँह खोल के अंगूठे को घुसने दिया।

मैंने अंगूठे से पेस्ट को दांत पे लगा दिया और उंगली से दांत को घिसने लगा, बीच बीच में अंगूठा को घुसा देता जिसे वो लन्ड समझ के चूस रही थी, दांत से काट रही थी।

अलीशा पूरी मदहोश हो रही थी, उसने अपनी आंखें बंद कर रखी थी, वो मुझे अपनी बांहों में जकड़ रही थी।

मैंने उसे ब्रश कराया उसके मुँह को पानी से धोया, तौलिये से पौंछ दिया, अलीशा बहुत खुश लग रही थी।

दोस्तो, लड़कियों को थोड़ा प्यार दो, वो तुम्हें ज्यादा प्यार देगी और प्यार से देगी। लड़कियों को लन्ड के साथ, हाथ और होंठ से प्यार करो।

अब हम दोनों बेडरूम की तरफ गए जहाँ आलोक और स्वाति कम्बल में घुसे हुए थे, दोनों एक दूसरे के साथ हँसी मजाक कर रहे थे।

हम सब बैठ कर बातें कर थे, आलोक ने अलीशा को चाय बनाने को बोला।
वो उठकर चली गयी.

मैं भी जाना चाहता था लेकिन नहीं गया.
फिर अलीशा ने मुझे आवाज़ दी तो मैं किचन के तरफ गया, वो चाय बना रही थी। वो मुझे देखकर नई दुल्हन की तरह शर्माने लगी.

मैंने उसे पीछे से बांहों में भर लिया और गर्दन पे किस करने लगा।

वो चाय बनाने में व्यस्त होने का दिखावा करने लगी. मैं अपने दोनों हाथों से उसके पेट को पकड़ के सहला रहा था। मेरा लन्ड उसके गाँड़ की दरार में फस गया था।

मैं उसके गाँड़ को लन्ड से सहला रहा था और गर्दन को किस कर था। अलीशा की साँस बहुत तेज चल रही थी. इतने देर में चाय बन चुकी थी, हम लोग अलग हो गए और बेडरूम में चले गए.
सबने चाय और स्नैक्स खाये।

दोपहर का एक बज चुका था, आलोक ने मालिश कराने की इच्छा जताई, अलीशा भी तैयार हो गयी। स्वाति उन लोगों से घुली मिली थी तो उसने आलोक के कपड़े खुद उतार दिए। आलोक सिर्फ चड्डी में लेटा हुआ था, बाकी हम तीनों ने अपने कपड़े खुद उतारे।

स्वाति और अलीशा ब्रा और पैंटी में थी, मैं और आलोक सिर्फ चड्डी में। स्वाति ने अपने बैग से मालिश करने का तेल दिया और वो आलोक की मालिश में लग गयी.
मैं भी अलीशा की मालिश करने लगा।

अलीशा की पीठ पे मैंने ढेर सारा तेल गिरा दिया और रगड़ रगड़ के उसकी मालिश करने लगा. मालिश करते हुए मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया था। पीठ की मालिश करते हुए मैं उसके गर्दन की भी मालिश कर रहा था।

पंद्रह मिनट की मालिश के बाद मैंने अलीशा गाँड़ चूत और पैर की मालिश शुरू कर दी. मैंने उसकी गाँड़ पे तेल डाला और मसल मसल के गाँड़ की मालिश की. बीच बीच में गाँड़ में उंगली भी डाल देता था।

लगभग बीस मिनट की मालिश के बाद अलीशा पलट गई और अब उसके पेट औऱ चूचों की मालिश होनी थी. मैंने पेट पे तेल गिराया और पेट और दोनों चूची की मालिश शुरू कर दी। मैंने दोनों चूची को मसल मसल के लाल कर दिया और चूत और जाँघ की भी मालिश की. चूत में उंगली डाल डाल कर मालिश किया जिससे कि अलीशा की चूत ने पानी छोड़ दिया।

मालिश के बाद मैंने देखा कि आलोक सो चुका था. अलीशा ने भी थोड़ी देर आराम करने का बोला और सो गई।

अब मैं और स्वाति थे, स्वाति मेरी हालत देख कर समझ गई थी कि मुझे चुदाई करनी है।
उसने मुझे बाथरूम में आने को इशारा किया और पहले खुद चली गयी, मैं भी बाथरूम में चला गया औऱ स्वाति को किस करने लगा।
थोड़ी देर में मैंने उसे अपना लन्ड चूसने को दिया और उसके चूत में लन्ड पेल दिया, बीस मिनट उसकी चुदाई की और रूम में जा कर बैठ गया।

एक घण्टे की नींद के बाद दोनों ने उठ कर साथ में नहाने का प्लान बनाया, हम चारों बाथरूम में घुस गए। शावर चला कर सब साथ में भीगने लगे, स्वाति और आलोक साथ में नहाने लगे।

मैंने भी अलीशा को नहलाना शुरू किया, पूरे शरीर पर साबुन लगा दिया और रगड़ रगड़ के तेल हटा दिया। आलोक ने बाथरूम में स्वाति को लन्ड चुसवाना शुरू कर दिया जिसे देखकर अलीशा ने मुझे इशारा किया कि मैं भी उसकी चूत को चाटूं।

मैं नीचे बैठ कर उसकी चूत को चाटने लगा, वो मेरे सिर को दबा दबा के चूत चटवा रही थी। थोड़ी देर के बाद मैं बाथरूम में लेट गया और अलीशा मेरे मुँह पे चूत लगा कर बैठ गयी और चूत चटवाने लगी। उसे बहुत मजा आ रहा था, थोड़ी देर में वो मेरे मुँह में ही झड़ गयी।
मैंने उसकी चूत का पानी अपने मुँह में पानी रखा और अलीशा को किस करते हुए उसका पानी उसे ही पिला दिया।

हम सब नहा कर वापस कमरे में आए. आलोक ने दोपहर का खाना होटल से मंगाया।

अलीशा ने मूवी जाने का प्लान बना लिया, हम चारों मूवी गए।

हम लोग कार में मूवी जा रहे थे, आलोक और स्वाति कार की आगे सीट पे बैठे हुए थे। मैं और अलीशा कार की पिछले सीट पे बैठ गए. अलीशा मुझसे सात साल बड़ी थी लेकिन वो मुझसे रोमांटिक होने की कोशिश कर रही थी। मैं और अलीशा बार बार एक दूसरे के हाथ सहला रहे थे।

हम लोगों ने कार में किस भी किया, वो मेरे लन्ड को भी पकड़ के मसल रही थी। मैं भी उसके चुचे मसल रहा था. हम दोनों पीछे बैठ कर अपनी मस्ती में डूबे हुए थे।

थोड़ी देर में हम लोग थिएटर पहुँच गए और आलोक ने कॉर्नर की सीटें ले ली।

हम चारों सीट पे जा कर बैठ गए. पहले अलीशा, फिर मैं, उसके बाद स्वाति और उसके बाद आलोक बैठे। अलीशा मेरा हाथ पकड़ कर मूवी देख रही थी. तभी उसने मेरे कान को काटना शुरू किया। मैं समझ गया अब मुझे मजा आने वाला है।

उसने मुझे किस करना शुरू किया, मैं भी उसका भरपूर साथ दे रहा था।

इतने में दूसरी तरफ से स्वाति ने मेरे लन्ड को जीन्स से निकाल कर चूसना शुरू कर दिया, मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं मजे लेने में व्यस्त था. तभी मैंने देखा कि स्वाति मेरे लन्ड को चूस के आलोक को किस करती। मुझे कुछ अजीब लगने लगा। क्योंकि मर्द को दूसरे मर्द के लन्ड चूसे हुए होंठ पसंद नहीं आती।
लेकिन स्वाति मेरे लन्ड को और आलोक के होंठों को बारी बारी चूस रही थी।

स्वाति ने मुझसे कहा कि पानी उसके मुँह में गिरा दूँ, मैंने वैसा ही किया।
इसके बाद मैंने देखा कि स्वाति ने मेरा पानी आलोक के मुँह में दे दिया और उसने पी लिया।

उसके बाद आलोक और स्वाति अपना लगे हुए थे, मैं और अलीशा किस कर रहे थे।
मैंने अलीशा से पूछ लिया- आलोक गांडू हैं क्या?
अलीशा मेरी बात को नजरअंदाज करते हुए किस करने में व्यस्त हो गयी। सिनेमा हाल से निकल कर हम लोग रेस्टोरेंट गए, खाना खाया वापस घर आ गए. सुबह से हमने खुल कर चुदाई नहीं की थी तो हम लोगों को अब खुली चुदाई का मजा चाहिए था।

घर आते ही आलोक स्वाति पे टूट पड़ा, वो जानवरों की तरह स्वाति को किस करने लगा। वो उसके चूचों को उखाड़ देगा, ऐसा दबा रहा था और मसल रहा था।
स्वाति भी पूरी जंगली बिल्ली की तरह उसे नोच रही थी।

आलोक ने तुरंत उसे नंगी कर दिया और अपना लौड़ा उसके मुँह में पेल दिया। उस समय मुझे लगा कि रंडी की चुदाई होने वाली है.

अब मैं और अलीशा भी किस करते हुए एक दूसरे को नंगा करने में लगे हुए थे। थोड़ी देर में हम लोग भी नंगे हो गए और 69 की पोजीशन में आकर हम एक दूसरे का लन्ड और चूत चूस रहे थे। हम दोनों आराम से और प्यार से एक दूसरे को खुश करने में लगे हुए थे।

वो मेरे लन्ड को काट काट के चूस रही थी, मैं भी उसकी चूत की पंखुड़ियों और दाने को हल्के हल्के काटकर मजा दे रहा था।

20 मिनट में हम दोनों एक दूसरे के मुँह में ही झड़ गए, और दोनों ने एक दूसरे का पानी पी लिया।

आलोक स्वाति की चुदाई में लगा हुआ था, वो अपना पूरा ताक़त लगा कर स्वाति की चुदाई कर रहा था। वो बहुत स्पीड में चूत में धक्के लगा रहा था जिससे पूरा बिस्तर हिल रहा था जैसे कि भूकंप आया हो। आलोक के धक्कों से चटचट और फचफ़च की आवाज़ आ रही थी।
क्लासमेट कॉलगर्ल निकली (Classmate Callgirl Nikli)
क्लासमेट कॉलगर्ल निकली (Classmate Callgirl Nikli)
मैं और अलीशा भी अब चुदाई को तैयार थे, मैंने भी चूत की दरार पे लन्ड लगा कर धक्का दिया। लन्ड चूत में आसानी से घुस गया, चूत ढीली थी जैसे कि रोज चुदती हो। उसे दर्द नहीं हो रहा होगा, फिर भी उसने दर्द होने का दिखावा किया।

मैंने उसके ऊपर सो कर 10 मिनट तक बहुत तेज तेज धक्के लगा कर चोदा। उसके बाद मैंने उसे ऊपर आने को बोला. वो तुरंत आ गयी, उछल उछल कर कूदने लगी।
मैं उसके चुचे मसल रहा था, वो मुझे पागलों की तरह किस कर रही थी।

थोड़ी देर बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में चोदा और अब मैं झड़ने वाला था तो दूसरी तरफ आलोक के साथ लगी स्वाति ने अपने वक्ष पे माल गिराने का इशारा किया।
मैंने अलीशा की चूत से लन्ड निकाल कर स्वाति के चेहरे और स्तनों पे अपना सारा माल गिरा दिया।

आलोक ने फिर से स्वाति के चेहरे और चुचे से सारा माल चाट लिया.

मैंने स्वाति से इशारे में पूछ लिया- क्या है ये सब?
स्वाति ने खुलकर बताया कि आलोक बाईसेक्सयूएल हैं, ये लड़के और लड़की दोनों में दिलचस्पी रखते हैं। ये गाँड़ मारते भी हैं और मरवाते भी हैं।
उसने मुझसे कहा- ये तुम्हारे लिए सरप्राइज हैं, तुम आलोक के साथ गाँड़ चुदाई कर सकते हो।

मुझे सुन कर अजीब लगा, मैं उठकर दूसरे कमरे में गया, पीछे से स्वाति और अलीशा भी आ गयी।
मैं स्वाति पे गुस्सा करने लगा कि मुझे गांडू नहीं बनना हैं, मुझे लड़के की गाँड़ मारने में कोई रुचि नहीं है।

स्वाति ने मुझे बहुत समझाया कि कर लो मजा आएगा, मैं नहीं माना तो इन लोगों ने मेरी बात मान ली।
हम लोग वापस से रूम में आ गए.

दोबारा चुदाई शुरू होने वाली थी।

आलोक थोड़े गुस्से में लग रहा था तो उसने बिना कुछ क्रीम या लुब्रिकेंट के स्वाति को घोड़ी बना कर लन्ड उसके गाँड़ में पेल दिया. स्वाति की चीख और आँसू एक साथ निकल रहे थे।
आलोक बेरहमी से गाँड़ चुदाई कर रहा था, उसे बहुत मजा आ रहा था। मैं और अलीशा चुदाई देख रहे थे.

इतने में अलीशा अपनी अलमारी से डिल्डो निकाल कर लाई जो कि 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा होगा। उसने उसे अपनी कमर पे बांध लिया. उसने उस पे बहुत सारा वेसेलिन लगाया और आलोक की गाँड़ में में डिल्डो को डालने लगी।
उसने लगभग आधा लन्ड आलोक की गाँड़ में डाल दिया, आलोक थोड़ा मदहोश होने लगा और स्वाति की चुदाई थोड़ी आराम से होने लगी।

आलोक का लन्ड स्वाति गाँड़ की चुदाई कर रहा था, अलीशा आलोक की गाँड़ मार रही थी।
तभी आलोक ने मुझसे लन्ड चुसवाने को बोला तो अलीशा और स्वाति ने भी मुझसे कहा कि लन्ड चुसवा दूँ।

मैंने भी कुछ नया करने का सोच कर आलोक के मुँह में लन्ड दे दिया, आलोक ने लन्ड चूसना शुरू कर दिया। वो अपनी गाँड़ हिला हिला के लन्ड चूस रहा था.
वह फिर से तेज धक्के लगाते हुए स्वाति की गाँड़ मारने लगा। अलीशा प्यार से गाँड़ मार रही थी, वो धीरे धीरे धक्के लगा रही थी।

अलीशा ने मुझे इशारा किया कि मैं आलोक की गाँड़ मारूँ.
चुदाई देखते हुए मुझे भी लन्ड चुसवाने में मजा आने लगा था। थोड़े देर लन्ड चुसवाने और मुँह की चुदाई की बाद मैंने कुछ नया करने का सोचा।

मैंने आलोक के मुँह से लन्ड निकाला और अलीशा के पास चला गया। मैं अलीशा के पीठ पर किस करने लगा. मैंने अपने लन्ड पर वेसेलिन लगायी और अलीशा की गाँड़ में अपना लन्ड पेल दिया।
अलीशा की गाँड़ में मैंने पूरा लन्ड एक बार घुसा दिया जिससे कि अलीशा का पहना हुआ डिल्डो 7 इंच तक आलोक की गाँड़ में घुस गया।

आलोक की गाँड़ फट गई उसकी चीख निकल गयी, वो अलीशा को गाली देने लगा।
उसने पीछे देखा कि मैंने अलीशा की चुदाई शुरू कर दी है, मैं अलीशा को धक्के लगाता, गाँड़ आलोक की फट जाती. पर उसमें भी उसे मजा आ रहा था।

कुछ देर में आलोक ने अपना माल स्वाति की गाँड़ में गिरा दिया और उस पे ही लेट गया। अलीशा ने आलोक की गाँड़ से लन्ड निकाला नहीं था। मेरे हर धक्के पे अलीशा और आलोक की गाँड़ फट रही थी.

थोड़ी देर के बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने अपना लन्ड आलोक के मुंह में दे दिया और झड़ गया।

हम सब थक गए थे तो हम लोग आराम करने लगे। हम लोग चारों बिस्तर पे लेट गए, अलीशा ने अपनी कमर से डिल्डो को खोल दिया और स्वाति के बगल में लेट गई।

वो स्वाति के चुचे को सहलाने लगी तो मैं समझ गया अलीशा और स्वाति लेस्बियन करने वाली हैं। अलीशा ने देर नहीं करते हुए स्वाति के ऊपर आ कर किस करना शुरू कर दिया, अलीशा स्वाति के होंठों को बहुत प्यार से चूस रही थी। दोनों एक दूसरे के चुचे दबा रही थी, दोनों की चूत आपस में रगड़ा रही थी।
आलोक भी मेरे लन्ड के साथ खेल रहा था, वो हाथ से मेरे लन्ड और आण्ड को सहला रहा था, मुझे भी मजा आने लगा था।

अलीशा और स्वाति बहुत सेक्सी अंदाज़ में लेस्बीन सेक्स कर रही थी, स्वाति अलीशा के ऊपर सो कर उसे मसल रही थी। अलीशा ने किस करते हुए, अब स्वाति को चुचे को चूसना शुरू कर दिया। अलीशा एक मर्द की तरह स्वाति को नोच रही थी. अलीशा ने दोनों चूचों पे दाँत काटना शुरू किया जिससे दोनों चुचे लाल हो गए थे और दाँत के निशान पड़ गए थे।

स्वाति दर्द से तड़प रही थी, जिससे अलीशा और आलोक को बहुत खुशी मिल रही थी।

अलीशा ने डिल्डो को अब स्वाति की कमर से बांध दिया और खुद प्लास्टिक के लन्ड पे चूत को रख के बैठ गयी, 9 इंच के डिल्डो को उसने एक बार में चूत में समा लिया।
वो स्वाति पे उछल उछल कर चुद रही थी और स्वाति के होंठों को भी चूस रही थी। स्वाति के होंठों को उसने दाँत से काट कर खून निकाल दिया था.

आलोक का लन्ड भी तैयार हो गया था, उसने अलीशा की गाँड़ पे अपना लन्ड लगाया और गाँड़ की चुदाई शुरू कर दिया। अलीशा की चूत में 9 इंच का डिल्डो और गाँड़ पे लन्ड घुसा हुआ था।
वो गाँड़ हिला हिला कर दोनों छेद की चुदाई करा रही थी।

मुझे स्वाति पे रहम आने लगा था, आलोक और अलीशा ने उसे बहुत दर्द दिया था। अलीशा उसके होंठ और चुचे काट काट कर दर्द दे रही थी तो मैंने अलीशा के मुँह में अपना लन्ड दे दिया। अलीशा मेरे लन्ड को अपने मुँह के थूक से भीगा कर चूस रही थी. अलीशा ने अपने मुंह का सारा पानी स्वाति के मुँह पे गिरा दिया। स्वाति ने सारा पानी पी लिया.

और अब स्वाति ने मेरे लन्ड को पकड़ कर अपने मुँह के पास लायी और मेरे आंड को अपने मुँह में ले लिया।

चुदाई का मस्त नजारा चल रहा था, स्वाति लेटी हुई अलीशा की चूत चोद रही थी, आलोक अलीशा की गाँड़ की चुदाई में लगा हुआ था, मेरा लन्ड स्वाति के मुँह में था और अलीशा मुझे किस कर रही थी।

थोड़ी देर ऐसे चुदाई करने के बाद अलीशा पोजीशन बदलने का बोली, सब तैयार हो गए। अब अलीशा मुझे नीचे लेटा कर मेरे ऊपर आकर मेरा लन्ड चूत में लेकर कूदने लगी. मैं भी नीचे से झटके लगा रहा था।

थोड़ी देर में अलीशा ने स्वाति को डिल्डो को चूत में डालने को बोल दिया, स्वाति डिल्डो को चूत में डालने की कोशिश करने लगी। मेरे लन्ड के साथ डिल्डो चूत में जगह नहीं बना पा रहा था तो मैंने पहले डिल्डो को चूत में डालने को बोला।
मैंने लन्ड को बाहर निकाल लिया और स्वाति ने अलीशा की चूत में डिल्डो डाल दिया। मैं चूत में लन्ड डालने की कोशिश करने लगा. चूत पूरी टाइट हो गयी थी, मैंने जगह बनाते हुए लन्ड का सुपारा चूत में घुसा दिया। हल्के हल्के आगे पीछे कर के जगह बनाने लगा, मैंने किस करते हुए उसे बांहों में कस के जकड़ लिया और जोर का झटका लगा दिया चूत में जिससे कि आधा लन्ड चूत में घुस गया।

अलीशा छटपटाहट में खुद को मुझसे अलग करने लगी, उसकी आँखों में आंसू आ गए थे।
मैं रुक गया और उसे किस करने लगा जिससे उसे थोड़ा आराम मिल सके. स्वाति ने कमर को सहलाते हुए अलीशा के पीठ को किस करने लगी।

अब अलीशा ने मुझे धक्के लगाने को इशारा किया. उसे पता नहीं चला था कि आधा लन्ड ही उसकी चूत में गया है। मैंने हल्के हल्के 8-10 धक्के लगाए और फिर एक जोरदार धक्का लगाते हुए पूरा लन्ड अलीशा की चूत में घुसा दिया।

अलीशा को बहुत दर्द के साथ बहुत मजा आ रहा था, 10 मिनट की चुदाई के बाद उसने आलोक से कहा- गाँड़ में भी लन्ड डाल दे।

अब अलीशा की चूत में एक डिल्डो एक लन्ड घुसे हुए थे और गाँड़ में भी लन्ड था। हम लोग बहुत स्पीड में अलीशा की चूत और गाँड़ की चुदाई कर रहे थे, वो भी पूरे मजे लेकर चुद रही थी। मैं अलीशा के होंठों को चूस रहा था जिससे उसे आराम मिल रहा था. स्वाति भी उसके चुचे सहला रही थी।

थोड़ी देर मेरा औऱ आलोक का लन्ड झड़ गया, हमलोग सब अलग हो कर बिस्तर पे लेट गए।

अलीशा में उठने की ताकत नहीं थी, भरपूर ट्रिपल चुदाई के बाद उसका बदन दर्द से टूट रहा था। उसने स्वाति को अपने ऊपर आने को बोला और प्यार से किस करने लगी.
स्वाति भी उसकी चूत को अपने चूत से रगड़ रगड़ के सहलाने लगी।

अलीशा को थोड़ा आराम मिलने लगा और वो सो गई।

आलोक औऱ स्वाति उठकर बाथरूम चले गए. 5 मिनट बाद दोनों खुद को साफ कर के आए।

अगली सुबह उठकर हम लोगों ने नाश्ता किया, आलोक ने नहाते हुए स्वाति की चूत चुदाई की। मैंने भी किचन में अलीशा को चोदा औऱ थोड़ी देर बाद मैं औऱ स्वाति वापस अपने अपने घर के लिए निकल गए।
क्लासमेट कॉलगर्ल निकली (Classmate Callgirl Nikli) क्लासमेट कॉलगर्ल निकली (Classmate Callgirl Nikli) Reviewed by Priyanka Sharma on 1:49 AM Rating: 5

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