विदेशी भाभी को दिया देशी लन्ड का मजा (Videshi Bhabhi Ko Diya Deshi Land Ka Mja)

विदेशी भाभी को दिया देशी लन्ड का मजा 

(Videshi Bhabhi Ko Diya Deshi Land Ka Mja)


दोस्तो, मेरा नाम हेमन्त है और मेरी उम्र 26 साल है. मैंने फ्रैन्डबुक पर एक महिला के नाम से आई-डी से बना ली थी. उस आई-डी पर मुझे एक भाभी मिल गई थी. पहले तो मैं उस भाभी से बात करने के लिए अपने आप को लेडी होने का नाटक किया करता था. उसको भी लगता था कि वो एक लेडी से ही बात कर रही है.

काफी दिनों तक मैंने उससे बातें की और हम दोनों के बीच में लेट नाइट तक बातें होती रहीं. फिर धीरे-धीरे मैंने उस लेडी से सेक्स के बारे में भी बात करनी शुरू कर दी. 

चूंकि मेरी आई-डी लेडी के नाम से थी तो उसको भी मुझसे सेक्स की बात शेयर करने में कोई दिक्कत नहीं होती थी लेकिन उसको नहीं पता था कि उस आई-डी के पीछे एक लड़का बात कर रहा है. इस तरह से बहुत दिनों तक मैंने उसके साथ हॉट और सेक्सी बातें की।

मैंने उसके बारे में सब पता कर लिया था. उस से बात करने के बाद ही मुझे पता चला था कि उसका नाम कविता है, उसके पति नहीं थे और वो घर में अकेली ही रहती थी. फिर धीरे-धीरे मैंने उसके बारे में और भी चीजें पता कीं. मुझे मालूम चला कि वो कोलम्बिआ में रह रही है.

कविता भाभी की उम्र 41 साल की थी. लेकिन जब मैंने उसकी फोटो देखी तो मुझे बिल्कुल भी इस बात का यकीन ही नहीं हुआ कि ये लेडी 41 साल की है. उसको देखने के बाद तो कोई भी नहीं कह सकता था कि वो इतनी उम्र की हो चुकी है. उसे देख कर लगता था कि वो केवल 34-35 साल के आस-पास की ही उम्र की होगी.

फिर मैंने कविता को पटाने के लिए बात आगे बढ़ाई. मैंने उसको लेडी बन कर ही बोला कि मेरे पास एक लड़का रहता है. जबकि वो लड़का तो मैं ही था.

मैंने उसको बताया कि अगर आप उससे बात करना चाहती हैं तो मैं आपकी बात उस लड़के से करवा सकती हूँ. मेरे कहने पर वो पूछने लगी कि वो लड़का कौन है और कहां पर रहता है.

अब मेरा काम आसान हो गया था. मैं उसको अपने झांसे में लेना चाहता था. मैंने लेडी बन कर ही उसको बताया कि वो लड़का तो अहमदाबाद में रहता है. जबकि वो लड़का कोई और नहीं मैं ही था. शुरू में तो कविता मना करने लगी लेकिन फिर मैंने उसको पटा लिया और वो उस लड़के यानि कि मेरे साथ बात करने के लिए रेडी हो गई है.

लेकिन फिर वो कहने लगी कि मैं तो कोलम्बिआ में रहती हूं और मैं उस लड़के के साथ कैसे बात कर सकती हूं. अगर बात हो भी गई तो मैं उसके साथ क्या मजा कर सकती हूं. फिर मैंने उसको सेक्स की बातें करके गर्म किया और वो उस लड़के यानि मेरे साथ इंजॉय करने के लिए भी तैयार हो गई.

कुछ दिन तक कविता फ्रैन्डबुक पर नहीं आई और मुझे इस बात की टेंशन होने लगी कि बहुत ही मुश्किल से वो सेक्सी भाभी मिली थी. मैं भी उसके चूचे देखने के लिए एक्साइटेड हो रहा था लेकिन उसके लिए मुझे उसको पहले गर्म करना था. लेकिन वो ऑनलाइन नहीं आ रही थी तो मुझे टेंशन हो रही थी.

फिर एक दिन अचानक वो दोबारा से ऑनलाइन आ गयी और फिर हम दोनों में दोबारा से बात शुरू हो गयी.

मैंने उस भाभी कविता के साथ सेक्स भरी बातें करके उसको गर्म करने की सोची. उस वक्त तक मैं लेडी बन कर ही बात कर रहा था और मैंने उसको बोला कि मैं तो अपनी चूत में रोज़ उंगली करती हूं. मुझे तो चूत में उंगली करने में मजा आता है लेकिन फिर मैं लन्ड लेने के लिए सोचने लगी. इसलिए फिर मैंने उस लड़के को देखा यानि कि मुझे देखा.

इस तरह से मैंने उस कोलम्बिआ वाली भाभी को गर्म कर लिया. अब वो मेरी बातों में आ चुकी थी. उससे बात करने के बाद मुझे भी पता चल गया था कि कविता भी लन्ड लेने के लिए सोच रही है क्योंकि उसको भी वहां कोलम्बिआ में कोई इंडियन लौड़ा नहीं मिल रहा था. 

वहां पर तो सेक्स करने में इतनी परेशानी नहीं होती है लेकिन उस से बात करने से पता लगा कि उसको कोई जवान लड़का लन्ड देने के लिए नहीं मिल रहा था. वो किसी देसी लड़के के लन्ड को लेना चाह रही थी.

कविता उसकी बातों से मुझे तो बहुत ज्यादा चुदक्कड़ लग रही थी. फिर मैंने उस भाभी को अपनी नम्बर दे दिया. उस नम्बर पर मैं लड़का बन कर बात करने वाला था.

मगर वो फिर ऑनलाइन नहीं आ रही थी. दो दिन के बाद वो दोबारा से चैट करने लगी तो मैंने फिर से उस बॉय की बात की. मैंने उसको उस लड़के यानि मेरे से बात करने के लिए तैयार कर लिया. 

पहले तो वो मना कर रही थी और बोल रही थी कि मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है लेकिन जब मैंने उसको सेक्स की बातें करके गर्म किया तो वो मान गयी. उसका मन भी लन्ड लेने के लिए करने लगा.

मैं कविता का नम्बर लेना चाह रहा था क्योंकि वो फ्रैन्डबुक पर ऑनलाइन नहीं आती थी. इसलिए मैंने पहले उसका नम्बर लेने के लिए सोचा. फिर मेरे कहने पर उसने अपना भी मुझे दे दिया. अब वो मेरे कंट्रोल में थी. मैंने उसको व्हाट्स एप पर मैसेज किया तो उसका नम्बर और फोटो मुझे दिखाई दिया.

मैंने अपनी फ्रैन्डबुक की नकली वाली आई-डी पर महिला का ही नाम लगा रखा था. मैंने वहां पर अपना नाम सुमन लिखा हुआ था. जब मैंने उस लेडी कविता को मैसेज किया तो मैंने उसको बता दिया कि मुझे उसका नम्बर सुमन ने दिया है. सुमन भी मैं ही था. इस तरह से अब मैं उससे लड़का बन कर बात करने की कोशिश करने लगा.

भाभी के साथ फोन सेक्स चैट

पहले तो कविता बात करने में कई दिन मुझ से खुल नहीं पा रही थी लेकिन फिर धीरे-धीरे मैंने ही उसको खोलने की कोशिश की तो वो फिर मुझ से खुल कर बात करने लगी थी. जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे अब वो मेरे साथ खुल कर बात करने में शर्म महसूस नहीं कर रही थी. उसको भी लन्ड लेने की प्यास थी और मुझे उसकी चूत को देखने की प्यास थी.

ऐसे ही बातें करते हुए हम दोनों के बीच में सेक्स चैट भी होने लगी. मैंने उसको एक दिन उसके चूचे देखने के लिए कहा तो मना करने लगी लेकिन फिर मैंने उसको अपनी छाती की फोटो भेज दी और बदले में उससे उसके चूचे की फोटो मांग ली.

फिर वो मना नहीं कर सकी. मैंने उसको बोल दिया था कि जब मैंने फोटो दी है तो उसको भी मुझे फोटो देनी पड़ेगी. फिर वो मेरे फोर्स करने पर अपने चूचों की फोटो मेरे साथ शेयर करने के लिए तैयार हो गई.

बहुत कहने के बाद ही कविता ने अपने चूचे मुझे दिखाने के लिए हां की। फिर व्हाट्स एप उसने अपने बूब्स की पिक भेज दी. उसके बूब्स देख कर मैं तो हैरान रह गया. बहुत ही मस्त चूचे थे उसके. 

उसके चूचों को देख कर भी उसकी उम्र का बिल्कुल भी पता नहीं लग पा रहा था. उसके चूचे एकदम माल लग रहे थे. उसका साइज भी बहुत बड़ा था. उसके चूचों को देख कर लग रहा था कि वो 36 के साइज के तो होंगे ही।

कविता के चूचे देखने के बाद उस दिन मैंने मुठ मार दी. उसके चूचे बहुत ही सेक्सी थी. फिर धीरे-धीरे हमारी बात आगे बढ़ने लगी.

एक दिन कविता ने खुद ही बोल दिया कि वो भी मेरे लन्ड को लेना चाहती है. लेकिन फिर वो कहने लगी कि मैं तो कोलम्बिआ में हूं.

तो मैंने कहा- कोई बात नहीं जब तुम दिल्ली आ जाना तो मुझे फोन कर देना. मैं तुमको मिलने के लिए आ जाऊंगा.

कविता यहां पर आने के लिए मना कर रही थी लेकिन फिर मैंने उसको अपने लन्ड की फोटो भेज दी. मेरा लन्ड काफी लम्बा और मोटा है. मैंने उसको फोटो दिखाई तो वो मेरे लन्ड की तारीफ करने लगी, कहने लगी कि उसको ऐसा ही लन्ड चाहिये.

मैंने उसको बोल दिया- अगर उसको मेरा लन्ड लेना है तो उसको मेरे पास आना पड़ेगा. फिर वो आने के लिए भी तैयार हो गई.

फिर उसने अपनी टिकट भी बुक करवा दी. उसको यहां पर आने में काफी टाइम लग गया. जिस दिन हमको मिलना था तो उस दिन मैं तो सुबह से ही वहां पर पहुंच गया था और उसके आने से पहले उसने जो फोटो व्हाट्स पर भेजी हुई थी उसी को देख कर मैं मुठ मार चुका था. मैंने उसके चूचों को देख कर दो बार मुठ मार ली थी.

लेकिन वो दूर से आ रही थी तो उसको आने में काफी टाइम लग गया. कविता शाम के चार बजे पहुंची मेरे पास।

होटल के कमरे में भाभी के साथ चुदाई की शुरुआत

होटल के कमरे में पहुंच कर हमने कुछ देर तक आराम किया. फिर वो फ्रेश होने के लिए चली गई. जब वो वापस बाहर आई तो उसने मुझे एकदम से गले लगा लिया. उसका पूरा बदन भीगा हुआ था. उसके गीले बदन के साथ लगते ही मेरा लन्ड एकदम से खड़ा होना शुरू हो गया. फिर उसने मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लन्ड पर हाथ फेर दिया.

मेरे लन्ड को मजा आ रहा था. मैं भी उसके तौलिया के ऊपर से ही उसके चूचों को दबाने लगा. फिर उसने अपना तौलिया खोल दिया. उसका तौलिया हटने के बाद वो एकदम नंगी हो गई थी.

मैंने उसके चूचों को मुंह में ले लिया और उनको दबाते हुए उसके चूचों को चूसने लगा. वो भी जल्दी ही गर्म हो गई. मैंने उसके चूचों को जोर से दबाया तो उसके मुंह से सेक्सी आवाजें निकलने लगीं. मैंने उस भाभी के निप्पल को अपने हाथ में पकड़ कर मसल दिया तो वो मेरे लन्ड को पकड़ने लगी.
होटल के कमरे में भाभी के साथ चुदाई की शुरुआत
होटल के कमरे में भाभी के साथ चुदाई की शुरुआत
मैंने उसको वहीं बेड पर गिरा लिया और उसको पूरी की पूरी चाटने लगा. उसके जिस्म से बहुत अच्छे साबुन की खुशबू आ रही थी. मैंने उस नंगी भाभी के पूरे बदन को जीभ से चाट लिया. वो भी मजा ले रही थी.

फिर मैंने कविता की टांगों को खोल कर उसकी चूत पर जीभ को रख दिया तो उसने अपनी टांगें घुटने से मोड़ कर ऊपर कर ली और वो अपनी चूत को चाटने के लिए कहने लगी. मैंने उसकी बुर में जीभ डाल दी तो वो मचल उठी.

कई मिनट तक भाभी की चूत को चाटने के बाद उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था. मुझे उसकी चूत का रस बहुत अच्छा लग रहा था. मैं उसकी बुर को चाटता रहा और वो पूरी तरह से गर्म हो गई. अब कविता मुझसे लन्ड डालने के लिए कहने लगी.

मैंने उठ कर अपनी पैंट निकाल दी. उसने मेरा लन्ड देखा तो वो भाभी बहुत खुश हो गई. मेरा लन्ड तन कर पूरा खड़ा हो चुका था. वो उसकी बुर में जाने के लिए मचल रहा था.

मैंने कविता को अपना लन्ड चूसने के लिए कहा तो वो मेरे लन्ड को मुंह में लेकर चूसने लगी. वो लन्ड की प्यासी भाभी बहुत मजे से मेरे लन्ड को चूस रही थी. उसने काफी देर तक मेरे लन्ड को चूसा और चूसती ही रही. मेरे कहने पर भी उसने मेरे लन्ड से अपना मुंह नहीं हटाया और मेरा पानी उसके मुंह के अंदर ही निकल गया. वो मस्ती में मेरे लन्ड का सारा पानी पी गई.

फिर मैंने कविता भाभी को बेड पर लेटा लिया और उसकी चूत में उंगली डाल दी. उसकी चूत में उंगली डालने के बाद मैं कविता भाभी की बुर में उंगली को अंदर और बाहर करने लगा तो वो सिसकारियां लेने लगी. उसके मुंह जोर की आवाजें निकलने लगीं.

मेरा पानी छूटने के बाद मैं तो इतना मजा नहीं ले पा रहा था लेकिन उसकी चूत में उंगली जा रही थी तो उसको बहुत मजा मिल रहा था. मैंने तेजी से उसकी बुर में उंगली की और उसको पूरा मजा दिया.

भाभी की बुर में उंगली जाने के बाद वो ऐसे तड़प रही थी जैसे बिन पानी की मछली होती है. मैंने उसकी चूत में फिर चार उंगली डाल दी. उसका भोसड़ा बहुत गहरा और बड़ा था. वो भाभी मुझे बहुत चुदक्कड़ लग रही थी. उसकी चूत से पानी सा निकलना शुरू हो गया था. मैं तेजी से उसकी चूत में उसकी उंगली करने लगा तो वो मस्ती में पागल होने लगी.

अब मेरा लन्ड भी दोबारा से खड़ा हो गया था. मैंने उसकी चूत पर लन्ड को लगा दिया और उसकी चूत के मुंह पर अपने लन्ड को लगा कर मैं उसकी चूत के ऊपर नीचे रगड़ने लगा. वो उत्तेजित होकर लन्ड को अंदर डालने के लिए कहने लगी.

भाभी की चूत में लन्ड उतार दिया

मैंने उसकी चूत के मुंह पर लन्ड को सेट कर दिया और उसकी टांगों को फैलाते हुए उसकी चूत में लन्ड को घुसा दिया. पहली ही बार में मेरा लन्ड उसकी बुर में चला गया. उस भाभी की बुर में लन्ड जाते ही मुझे बहुत मजा आया. मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और वो मुझे किस करने लगी.
भाभी की चूत में लन्ड उतार दिया
भाभी की चूत में लन्ड उतार दिया
अब मैंने उसकी चूत में धक्के लगाने शुरू कर दिये. उसकी चूत को चोदने में बहुत मजा आ रहा था. उसकी बुर से पानी निकलने के कारण उस भाभी की चूत बिल्कुल गर्म और चिकनी लग रही थी.

मैंने उसकी बुर में धक्के लगाते हुए उसकी चूत को चोदना चालू रखा और फिर जल्दी ही मेरा लन्ड भी बहुत ज्यादा टाइट होने लगा. मुझे लगा कि मैं फिर से पानी छोड़ने वाला हूं. मैंने लन्ड को बाहर निकाल लिया.

लेकिन भाभी की चूत बिल्कुल गर्म थी तो उसने मुझे जल्दी से दोबारा लन्ड डालने के लिए कहा. मैं रुकना चाह रहा था लेकिन वो नहीं मानी. फिर उसने खुद ही मुझे पकड़ कर अपने ऊपर कर लिया और अपने हाथ से मेरे लन्ड को अपनी चूत पर लगवा लिया. उससे अब इंतजार नहीं हो रहा था. 

मैंने उसकी बुर में दोबारा से तेजी से धक्के लगाने शुरू कर दिये. उसकी चूत को चोदते हुए जब धक्के लग रहे थे तो उसके चूचे हिल रहे थे.

वो अपने चूचों को अपने हाथों से ही मसल रही थी. वो बहुत ही चुदासी हो गई थी. फिर मैंने अपने धक्के तेज कर दिये और उसकी बुर को तेजी के साथ चोदने लगा. कुछ पल के बाद मेरे लन्ड ने अपना पानी उसकी चूत में छोड़ दिया.

मैंने सारा पानी उसकी चूत में छोड़ दिया और वो मुझे फिर होंठों पर किस करने लगी. फिर हम दोनों उठ कर बाथरूम में चले गये. 

बाथरूम में भाभी के साथ खेल-खेल में चुदाई 

मैंने वहां पर उसकी चूत को साफ किया और साफ करते हुए उसकी चूत को चाट भी लिया. कविता भाभी मेरे लन्ड से खेलने लगी. मेरा लन्ड उसके छूने से फिर से खड़ा हो गया. वो मेरे लन्ड को पकड़ कर हिलाने लगी तो मैंने उसकी बुर पर फिर से लन्ड को लगा दिया. उसकी टांग को उठा कर मैंने उसकी चूत में वहीं बाथरूम के अंदर ही अपना लन्ड डाल दिया.

बाथरूम में खड़े होकर मैंने उसकी चूत की दूसरी बार चुदाई की. उसको बाथरूम सेक्स करना बहुत पसंद था इसलिए वो जल्दी झड़ गई. फिर हम दोनों नहा कर बाहर आ गये. अब तक शाम हो गयी थी और डिनर का टाइम भी होने ही वाला था.

हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिये और वहीं पर होटल में साथ में ही डिनर किया. फिर हम दोनों रूम में आकर सो गये. रात को दो बजे के करीब हम दोनों को फिर से सेक्स चढ़ गया और मैंने उसकी चूत की चुदाई रात में ही चालू कर दी. रात को मैंने उसे खूब चोदा और तेजी के साथ धक्के लगाये.

अब मुझे पानी के निकलने का डर नहीं था और मैं पूरी ताकत के साथ उसकी चूत की चुदाई करने लगा था. उसकी बुर को मैंने उंगली डाल कर भी चोदा और फिर साथ में लन्ड भी डाल देता था. कभी उंगली तो कभी लन्ड. इस तरह से मैंने रात भर उस भाभी की चुदाई की और फिर हम दोनों नंगे ही सो गये. अगली सुबह उसको वापस जाना था.

हम दोनों ने सुबह उठ कर साथ चाय-नाश्ता किया और वो काफी खुश लग रही थी. मैंने भी भाभी की चूत को चोद कर खूब मजा लिया. उसके बाद मैं उसको छोड़ने के लिए एयरपोर्ट तक गया. वो बहुत ही संतुष्ट दिखाई दे रही थी. फिर उसके जाने के बाद मैं वहीं आस-पास घूम रही चूतों और चूचों को घूरने लगा.

इस तरह से कविता भाभी की बुर चोद कर मैंने उसको खुश कर दिया. उसके बाद एक-दो फिर भी आई थी. मैंने कई बार उसकी चुदाई की. फिर मुझे भी साथ चलने के लिए कहने लगी लेकिन मैंने मना कर दिया. मैं यहीं पर रहना चाहता था.

फिर जब भी मैं अपनी फ्रैन्डबुक की आई-डी को चलाता हूँ तो कविता भाभी की याद आती है मुझे। दोस्तो, ये थी मेरी कविता भाभी के साथ चुदाई की कहानी. मैं आशा करता हूँ कि आपको मेरी ये साधारण सी कहानी पसंद आई होगी. इसमें मैंने कुछ भी झूठ नहीं बोला है. मैं भाभी की चूत को बहुत पसंद करता हूँ लेकिन मुझे अब बहुत दिन से किसी भाभी की चूत नहीं मिली है. आपको अगर कहानी अच्छी लगी तो कमेंट करना न भूलें। 
विदेशी भाभी को दिया देशी लन्ड का मजा (Videshi Bhabhi Ko Diya Deshi Land Ka Mja) विदेशी भाभी को दिया देशी लन्ड का मजा (Videshi Bhabhi Ko Diya Deshi Land Ka Mja) Reviewed by Priyanka Sharma on 11:39 PM Rating: 5

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