पहली बार चुदाई की शुरुआत-3 (Pehli Baar Chudai Ki Shuruaat-3)

पहली बार चुदाई की शुरुआत-3
(Pehli Baar Chudai Ki Shuruaat-3)

फिर रोज़ शाम को मेसेज और बातें होने लगी। अब बातें सेक्स चैटिंग में भी बदल चुकी थी और होते होते हम दोनों बहुत उत्तेजित हो जाते और रात भर एक दूसरे को साथ सोचते हुए खुद को शांत करने लगे थे।

मेरा तो हाल बहुत बुरा था। सुहानी जैसी लड़की साथ होते हुए भी मुझे मुट्ठ मारकर खुद की आग बुझानी पड़ती थी।
यह बात मैंने सुहानी को बताई तो सुहानी बोली- ठीक है, एक काम करो, कोचिंग के बाद कभी कभी शाम को हम मिलते हैं.
मैं- कैसे और कहां मिलेंगे?
सुहानी- वो तो हम जब मिलेंगे, तय कर लेंगे। घर पर कुछ बोलना पड़ेगा।

फिर कुछ सोचते हुए बोली- बोल दूंगी सिम्मी के घर जा रही हूं या उसके साथ कहीं जा रही हूँ उसकी ख़रीददारी करने। वो अकेली रहती है तो घर वाले मान जाएंगे।
मैं- क्या, सिम्मी कोटा में अकेली रहती है?
सुहानी- अकेली से मतलब साथ में 2 और रहती है एक ही फ्लैट में। सिम्मी पढ़ाई करती है और बाकी 2 बड़ी है जो किसी मोबाइल स्टोर्स में जॉब करती हैं।
मैं- तो वैसे वो है कहाँ की रहने वाली?
सुहानी- वो बंगाली है। उसके माँ-बाप अब नहीं रहे। उसके ताऊजी ही उसका खर्चा उठाते हैं। वैसे वो तो छटी क्लास से कोटा में है। अभी पीजी में रहती है, इससे पहले किसी होस्टल में रहती थी।
मैं- ओके।

सुहानी- ज़्यादा सोचना मत, ठीक है, उसका पहले से बॉयफ्रेंड है। बता चुकी हूं तुम्हें।
मैं- तुम फिर शुरू हो गई, वो मुझे चाहिए भी नहीं, उसकी सहेली और मेरी सुहानी इतनी हॉट है तो मुझे और क्या चाहिए।

सुहानी- और एक बात बोल देती हूं, सिम्मी को हमारे ऐसे मिलने की बात कभी मत बताना। मैं नहीं चाहती कि वो हमारे बीच में रोड़ा बने।
मैंने बोल दिया- ठीक है, जैसी तुम्हारी इच्छा।
फिर सुहानी ‘3 बज गए, आज के लिए इतना बहुत है, गुड़ नाईट, कल मिलते हैं.’ बोलकर सो गई।

फिर अगले दिन हम कोचिंग में मिले। सुहानी मुझे एक स्माइल देकर मेरे सामने से अंदर चली गई। अब हम किसी के सामने कुछ नहीं कर सकते थे। जो होना था अकेले में ही होना था।

कोचिंग खत्म हुई। सब निकले, सुहानी भी अपनी स्कूटी लेकर निकल गई।
मैं अपनी बाइक पर बैठा और सुहानी को कॉल किया, फ़ोन सिम्मी ने उठाया- हां आर्यन, बोलो?
मैं- सुहानी को फ़ोन दो यार!
सिम्मी- वो गाड़ी चला रही है, बोल रही है घर जाकर बात कर लेगी।
मैंने बोला- ठीक है.
फिर मैं भी निकल गया।

मेरे घर पहुँचने पर सुहानी का मैसेज आया- हाँ आर्यन, क्या हुआ, फोन क्यों किया था?
मैं- मिलना था ना आज! क्या हुआ?
सुहानी- मिलेंगे डियर, अभी नहीं, शाम को 7 बजे बाद। और एक जगह बता दी, वहां आ जाना।

हम दोनों ने प्लान तय कर लिया और 7 बजे दोनों मिले। जगह ठीक ही थी मगर वहां कोई देख लेता तो हम वहीं करीबी पार्क में जाकर बैठ गए जहां से कोई आसानी से देख न सके। अब समय गवांए बिना हमने एक दूसरे को ‘किस’ किया।

सुहानी के होंठ इस कदर रसीले थे कि जितना भी ‘किस’ करूँ या चूस लूं, कभी खत्म ना हों। मुझे बहुत मजा आ रहा था सुहानी को चूमने चाटने में। उसके बालों में हाथ फेरना, उसके बदन का हर कट और हर अंग सहलाना!
सुहानी की गांड उसकी लेग्गिंग के ऊपर से भी काफी मुलायम महसूस हो रही थी। उसे दबाने का अलग ही मज़ा था और सुहानी भी उसी तरह साथ दे रही थी जिसे दोनों को मज़ा आ रहा था। दिल तो चाहता था कि मौका मिले तो सुहानी को वहीं चोद दूं मगर वहां जो हमने किया उससे ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते थे।

जितना हो सकता था हम एक दूसरे को चूम चाट और छू लेते थे। अब यह सिलसिला अक्सर होने लगा था। कभी कहीं तो कभी कहीं और।
अब दोनों की उत्सुकता इससे आगे बढ़ने की थी। एक दूसरे को चूमने और छूने से ये उत्सुकता दोनों में आग में घी का काम कर रही थी। इसी बीच में मेरा शक और बढ़ने लगा था कि सुहानी ज़रूर चुदी हुई है, उसके छूने और किसिंग करने के अंदाज़ से मेरा शक बढ़ने लगा था। मुझे भी इसी सागर में डुबकी लगानी थी मतलब सुहानी को चोदना था।

अब हम दोनों को अपने जिस्म में लगी आग को काबू कर पाना मुश्किल हो रहा था। अब हम दोनों मौके का इंतज़ार कर रहे थे मगर कोई मौका हाथ नहीं लग रहा था चुदाई का।

फिर एक दिन सुहानी ने रात में कहा- बात बात में सिम्मी से पूछकर देखती हूं, शायद मदद कर दे की वो अपने बॉयफ्रेंड से कहाँ चुदती है। शायद चांस हमें भी मिल जाए।
मैंने बोला- जो भी करना, जल्दी करना। मुझसे अब रहा नहीं जाता। तुम्हें छूता हूं तो वहीं पटककर चोदने का मन करता है।
सुहानी- हम्म … कल बात करके बताती हूं, वो क्या बोलती है। ओके बेबी, अब सोयें।
मैं-ओके डिअर, सो जाओ, गुड़ नाईट, कल मिलते हैं।
सुहानी- ओके डिअर, गुड़ नाईट, उम्म्मम्माआ।
हम दोनों ने फोन रख दिया और सो गए।

अगले दिन मैं कोचिंग गया, सिम्मी और सुहानी को आते देखा। दोनों जब मेरे पास से निकले तो सुहानी ने मुझे आंख मारी। मैंने सिम्मी को देखा तो वो मुस्कुरा दी। फिर दोनों अंदर चली गयी। जैसे-तैसे क्लास खत्म हुई और सुहानी ने जाते वक्त इशारे से शाम को कॉल करने को बोला।

शाम को मैंने सुहानी को कॉल किया तो उसने मुझे अपने घर से थोड़ी दूर पार्क में मिलने को बोला।
मैं जब उससे पार्क में मिला तो वो मुझसे ऐसे मिली जैसे कहीं अचानक से कोई पुराना दोस्त उसे दिख गया हो। मैं समझ गया सुहानी नाटक कर रही है।

फिर मौका मिलते ही सुहानी बोली- मैंने ये बोलने के लिए बुलाया था कि सिम्मी इंतज़ाम कर लेगी उसके अपने ही रूम में। मगर 3-4 दिन बाद ही होगा। जिस दिन वो बोलेगी उस दिन से पहले बता दूंगी, हमारे पास पूरा दिन होगा मस्ती करने को।
‘ओके बाय’ बोलकर चली गई।

सुहानी घर के कपड़ों में भी इतनी मस्त दिखती है, हल्का पीले रंग का लूज़ टॉप और नीचे सफेद रंग के शॉर्ट्स जो उसकी जांघ तक ही थे, कयामत लग रही थी। मैं सोचने लगा कि सुहानी के मोहल्ले वाले लड़के कैसे कंट्रोल करते होंगे खुद को। ऐसी कयामत को तो हर कोई चोदना चाहेगा। फिर मैं भी घर लौट गया।

उस रात सुहानी ने मुझे मैसेज करके बता दिया कि वो रात को बात नहीं कर सकेगी क्योंकि उसकी मम्मी उसी के साथ सोएंगी। मतलब जब तक साथ सोएंगी तब तक।

मैं मायूस हो गया फिर 3-4 इंडियन पोर्न वीडियोज़ देखी, फिर सुहानी के साथ चुम्मा-चाटी और उसके बदन, बोबे और गुदाज़ गांड को याद करके मुठ मारी और सो गया।

अगले 2-3 दिन भी ऐसे ही बीते। सुहानी से सिर्फ कोचिंग में ही मुलाकात हो पाती थी। अब वो बाहर भी नहीं मिल पा रही थी।

फिर चौथे दिन सुहानी ने मुझे कोचिंग के बाद कॉल किया और बस इतना ही बोली- कल सुबह (एक जगह बताई) 10 बजे मिलना, सिम्मी के यहां चलना है.
और एक ‘किस’ किया और फ़ोन रख दिया।

मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उस दिन मैंने अपने रूम में अपने लंड की अच्छे से मालिश की, झांटें शेव की जिससे मेरा लंड टनटनाने लगा और काफी बड़ा लगने लगा। शायद मेरा लंड भी खुश था कि कल उसे मस्त चूत चोदने को मिलेगी।
पहली बार चुदाई की शुरुआत-3 (Pehli Baar Chudai Ki Shuruaat-3)
पहली बार चुदाई की शुरुआत-3 (Pehli Baar Chudai Ki Shuruaat-3)
अगले दिन सुबह उठा, स्कूल भी नहीं गया और ‘दोस्त का जन्मदिन है’ बोलकर कोचिंग जाकर ही लौटूंगा बोलकर निकल गया।
फिर जहां प्लान किया था वहां पहुंचा।

सुहानी सफेद स्कूल ड्रेस में, कपड़े से चेहरे को ढके हुए वहीं खड़ी थी मेरे इंतज़ार में। मैं समझ गया सुहानी सुबह के समय ही घर से निकली हुई थी और सिम्मी के घर से ही आयी है।

मुझे पास आते देखकर सुहानी ने स्कूटी स्टार्ट की और मैं सुहानी के पीछे चल दिया। उसने मुझे एक जगह रोका और वहीं से एक अपार्टमेंट दिखाया और उसका रूम नम्बर दिया और उसके जाने के 10 मिनट बाद वहां आने का बोलकर चली गयी।

मैं जब वहां पहुंचा तो बाहर गार्ड मिला मगर कोई पूछताछ नहीं कि तो मैंने सिम्मी को कॉल किया और फ्लोर नम्बर पूछा। उसने बताया और मैं बताए हुए रूम पहुंच गया।

दरवाज़ा खुला था, मैं दरवाज़ा खटखटा कर अंदर घुसा तो सुहानी ने दरवाजा पीछे से बंद कर दिया।

इतने में सिम्मी आयी बोली- तुम दोनों बैठो, मैं नहा लेती हूं.
बोलकर नहाने चली गई।

मैं वहां चेयर में बैठा तो सुहानी भी ‘अभी आती हूं.’ बोलकर एक कमरे में चली गई।

मैं घर को देखने लगा। सच में, वहां का माहौल ही अलग था, अलग ही महक थी वहां। थोड़ी देर में सुहानी एक टॉप जो उसके बोबे से पेट तक था और नीचे स्कर्ट जो उसके घुटने से थोड़ा ऊपर था पहन कर आई और मेरे सामने खड़ी हो गई और पूछा- कैसी लग रही हूं?
मैंने उसे कमर से पकड़ना चाहा तो थोड़ा पीछे होकर बोली- थोड़ी देर रुको यार, इतनी जल्दी क्या है?
मैं- उतार नहीं रहा कपड़े, बस अपनी गोद में बिठा रहा था।
और बाथरूम की तरफ इशारा करके एक ‘किस’ करने को बोला।

सुहानी नखरे करते हुए मना करने लगी। मेरे बार बार मनाने पर मान गयी और मुझे होंठों में किस किया और दरवाज़े की हलचल सुनकर दूर हट गई।

सिम्मी नहाकर निकली तो मेरी नज़र उस पर पड़ी। सिम्मी ने शॉर्ट्स और टॉप पहना हुआ था। उसके बाल गीले थे और खुले हुए थे और चेहरे में भी पानी की बूंदें थी। इस रूप में सिम्मी भी मुझे अच्छी दिखने लगी।

अपना चेहरा पौंछते हुए सिम्मी बोली- कुछ पीना हो तो कॉफ़ी बना दूं?
इतने में सुहानी बोली- रहने दे, अब आज्ञा हो तो हम जाएं तेरे रूम में।
सिम्मी- तू आयी किसलिए है फिर यहां? जाओ मज़े करो … मगर ज़्यादा आवाज़ मत करना। वैसे तो कोई सुनने वाला है नहीं मेरे अलावा मगर फिर भी।

सुहानी ने सिम्मी से पूछा- तेरी रूममेट्स जल्दी आ तो नहीं जाएंगी?
सिम्मी- उनका आना होता तो तुझे बुलाती क्या पागल। तू उनकी फिक्र मत कर, वो शाम को ही आएंगी 6-7 बजे।
सुहानी ‘ठीक है’ बोलकर मुझे साथ लेकर चलने लगी।

कहानी जारी रहेगी.
अगला भाग: पहली बार चुदाई की शुरुआत-4 (Pehli Baar Chudai Ki Shuruaat-4)
पहली बार चुदाई की शुरुआत-3 (Pehli Baar Chudai Ki Shuruaat-3) पहली बार चुदाई की शुरुआत-3 (Pehli Baar Chudai Ki Shuruaat-3) Reviewed by Priyanka Sharma on 5:02 PM Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.