मदहोश जवानी की सील तोड़ चुदाई (Madhosh Jawani Ki Seal Tod Chudai)

मदहोश जवानी की सील तोड़ चुदाई
(Madhosh Jawani Ki Seal Tod Chudai)


हाय दोस्तो, मेरा नाम अभिराज है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. ये मेरी पहली कहानी है. मेरी उम्र 27 साल की है. इस कहानी को हुए 3 साल हो गए हैं. न जाने कब से मुझे अपनी कहानी आपसे साझा करनी थी, पर कर ही नहीं पाया.

ये सेक्स कहानी मेरी फेसबुक दोस्त दीप्ती के साथ किए गए सेक्स की है. दीप्ती से मेरी मुलाकात फेसबुक पर हुई थी. हम दोनों जल्दी ही अच्छे दोस्त बन गए थे.

एक दिन मैंने दीप्ती से अपने प्यार का इजहार किया. दीप्ती भी मुझसे प्यार करती थी, तो उसने झट से हां बोल दिया. इसके बाद हम दोनों खुल कर बात करने लगे. हमारे बीच जवानी की कोंपलें फूटने लगी थीं. हम दोनों सेक्स की बातें करने लगे थे. दीप्ती के साथ फोन पर सेक्सी बातें करने से वो बहुत उत्तेजित हो जाती थी.

धीरे धीरे तो ऐसा होने लगा कि हम दोनों सिर्फ चूत और लन्ड की ही बातें करने लगे थे. मैं उससे कहता कि आज तू अपनी चूत की झांटें बना और उसमे मेरा नाम लिख. उस पर वो कहती कि मुझे झांटों पर लिखना नहीं बन रहा है, मैंने पेन से लिख लिया है. कभी कहती कि मैंने चूत में घुसता हुआ लन्ड पेट पर बना लिया है. कभी कहती कि मैंने अपने मम्मों पर तुम्हारे होंठ बना लिए हैं.

उसकी इन गर्म बातों से मेरा लन्ड खड़ा हो जाता और मैं मुठ मार कर खुद को शांत कर लेता.

एक दिन में दीप्ती से मिलने उसके शहर चला गया. दीप्ती को मैंने पहली बार सामने से देखा था. उसके साथ थोड़ा बिता कर मैं वापस आ गया.

अब हम रोज और सेक्सी बातें करने लगे थे. उसकी चूत भी मेरा लन्ड मांगने लगी थी.

एक दिन मैंने उसे सेक्स के लिए मना लिया और दीप्ती को दिल्ली बुला लिया. दीप्ती अपने घर पर दोस्त की शादी का बहाना बना कर दिल्ली आ गयी.

मैं दीप्ती को छुपते छुपाते अपने रूम में ले आया. मुझे डर था कि कहीं कोई हमें देख ना ले. जैसे ही मैंने कमरे का दरवाजा बंद किया, दीप्ती ने मेरी तरफ बाँहें फैला दीं. मैंने दीप्ती का हाथ पकड़ कर अपनी बांहों में खींच लिया और हम दोनों चिपक कर एक दूसरे को किस करने लगे. उसके गुलाबी होंठों का रस मुझे पागल बना रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे बस आज उसे खा ही जाऊं.

दीप्ती की उम्र 21 साल ही थी. उसके मादक जिस्म ने मुझे पागल बना दिया था. किस करते करते मैंने दीप्ती के मम्मे दबाने शुरू कर दिए, जिससे वो और भी अधिक उत्तेजित हो गयी.

उसके मम्मे काफी मस्त और भरे हुए थे. उसके मम्मे ऐसे तने हुए थे, जैसे कोई हाफुस आम हों.
मुझे उसके मम्मे दबा दबा कर मसलने का जी कर रहा था, पर उसे दर्द हो रहा था. उसने कहा- यार जरा धीरे करो, मैं कहीं भाग नहीं रही हूँ.

फिर मैंने दीप्ती को कपड़े उतारने को बोला, तो वो शर्माने लगी. मैं उसे फिर से किस करने लगा और बाद में उसके टॉप को निकाल दिया.

दीप्ती की ब्रा से उसके मम्मे देख कर मेरा खुद पर काबू ही नहीं रहा. उसके गोरे बदन पर गुलाबी ब्रा गजब की लग रही थी. मैं सब कुछ भूल कर दीप्ती को हर तरफ किस करने लगा. दीप्ती के मम्मे को ब्रा के ऊपर से दबा कर मैंने उसकी ब्रा खुद ही निकाल दी.

अब दीप्ती मेरे सामने ऊपर से बिना कपड़ों की थी. वो लाज से भरकर खुद तो ढकने के लिए कपड़े उठाने लगी थी. मैंने उसे रोक दिया और उसे बेड पर गिरा दिया. उसके मम्मे मुझे अपनी तरफ बुला रहे थे. मैं खुद की शर्म भूल कर अपने सारे कपड़े उतार कर दीप्ती पर चढ़ गया. दीप्ती के मम्मे मेरी छाती के नीचे दब रहे थे, जिससे हम दोनों को और भी ज्यादा मजा आने लगा था.

मैंने दीप्ती के मम्मों को खूब चूसा और अपने हाथ दीप्ती की चूत की तरफ ले गया. जैसे ही मेरे हाथों ने उसकी चूत को छुआ, वो पागल हो गयी. अब तक दीप्ती की चूत ने शायद पानी छोड़ दिया था, जिसे दीप्ती की चूत भीगी पड़ी थी.

मैंने किस करते हुए दीप्ती की चूत को जींस के ऊपर से ही मसलना शुरू कर दिया. इससे उसे काफी अच्छा लग रहा था. मैंने दीप्ती को पैंट उतारने को बोल दिया.

वो अब तक इतनी गर्म हो चुकी थी कि उसने बिना कुछ कहे मेरी बात को मान लिया. वो अपनी जींस उतारने लगी. उसने जल्दीबाजी में जींस के साथ अपनी पैंटी को भी निकाल दिया. जिससे दीप्ती अब मेरे सामने पूरी नंगी हो चुकी थी.

मैंने आज तक किसी लड़की की चूत नहीं देखी थी. दीप्ती की चूत एकदम साफ़ थी.

मैंने दीप्ती को सीधा लेटने के लिए बोल दिया और उसकी मख्खन चूत को जी भर के देखने लगा. उसकी चूत पर ऊपर की डिजायन में बने हुए भूरे भूरे से बाल उगे थे. दीप्ती की गुलाबी चूत एकदम टाइट थी.. उसकी फांकों से उसकी चूत का रस चमक रहा था. उसकी चूत के होंठ एकदम लाल थे.

मुझसे ये देख कर रह ही नहीं गया और मैंने अगले ही पल दीप्ती की चूत चाटना शुरू कर दिया. उसने मेरी जीभ का अहसास पाते ही एक मदभरी सीत्कार भरी और अपनी टांगें खोल दीं.
वो तो बस सब भूल गयी थी और अपनी जवानी के मजे ले रही थी.

मेरी जीभ से चूत चटवाने से वो काफी उत्तेजित हो गयी और अपने हाथों को मेरे सर पर रख मेरे बालों से खेल रही थी. दीप्ती की कुंवारी चूत चाटते समय मुझे अहसास हुआ कि वो अब झड़ने वाली है. तभी मैंने उसकी चूत को चाटना बंद कर दिया. 

वो एकदम से सिसयाते हुए मेरी तरफ कामुक निगाहों से देखने लगी. उसकी नजरों में एक अजीब सा गुस्सा सा दिख रहा था, जैसे वो इस बात से नाराज हो गई हो कि मैंने उसकी चूत को बिना झड़े ही क्यों छोड़ दिया.

मैंने उसके सामने अपना लन्ड लहरा दिया और उससे लन्ड चूसने को बोला. वो झट से बैठ गई और मेरा लन्ड चूसने लगी.
उसके नाजुक नर्म होंठों से लन्ड चुसवाकर मुझे जो मजा आया, वो मैं लिख कर बता ही नहीं सकता.

मैंने दीप्ती के सर को पकड़ा और पूरा का पूरा लन्ड उसके मुँह में ठूंसने लगा. वो भी मेरे लन्ड को गले गले तक ले रही थी. उसके मुँह की गर्मी पाकर मुझे रहा ही नहीं गया और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया. ये उसे अच्छा नहीं लगा और वो बाथरूम में थूकने चली गयी.

अब मुझे मेरे लन्ड की प्यास बुझानी थी. जैसे ही दीप्ती आयी, मैंने उसे लेटने को कहा. उसे पता था कि अब उसकी सील टूटने वाली है. उसने मेरा लन्ड पकड़ कर अपनी चूत की तरफ इशारा किया. 

उसका वो अंदाज मुझे पसंद आया. मैंने उसकी चूत पर हाथ रख कर थोड़ा सहलाया और अपना लन्ड उसकी चूत में डालने की कोशिश करने लगा. पर दीप्ती की सील टूटी नहीं थी, इसलिए उसे भी लन्ड लेने में तकलीफ हो रही थी. मेरे पहले दो प्रयास विफल हो गए थे.

फिर मैंने अपना लन्ड हाथ से पकड़ कर उसकी चूत की फांकों में फंसाया और अन्दर पेलने लगा. पर उसका दर्द देख कर मैंने लन्ड बाहर निकाल दिया.
मदहोश जवानी की सील तोड़ चुदाई (Madhosh Jawani Ki Seal Tod Chudai)
मदहोश जवानी की सील तोड़ चुदाई (Madhosh Jawani Ki Seal Tod Chudai)
उसने बोला- क्यों निकाला?
मैंने कहा- तुझे दर्द हो रहा था.
दीप्ती- कुछ भी हो … अब बाहर मत निकालना.

मुझे तो बस अब उसकी सील तोड़नी थी. मैंने उसे पैर फैलाने को बोला, जिससे मेरे लन्ड के लिये रास्ता हो जाए. जैसे ही दीप्ती ने अपने पैर फैलाए, मैंने दीप्ती की चूत में लन्ड घुसाना शुरू कर दिया.
काफी तकलीफ के बाद दीप्ती की चूत में मेरा पूरा का पूरा लन्ड चला गया. उसकी चीख निकल रही थी और वो अपना मुँह भींचे हुए अपने दर्द को सहन कर रही थी. उसकी चूत से खून निकल रहा था, जिसे देख कर मुझे काफी खुशी हुई.

मुझे उसकी चूत अन्दर से काफी गर्म लग रही थी. दीप्ती की चूत से काफी खून आने लगा था, पर उसने मुझसे कहा- तुम बस ऐसे ही करते रहो.

मैंने फिर से लन्ड को धक्का दिया और अपने बाकी के लन्ड को और अन्दर घुसाना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद उसका दर्द कम होने लगा और हम दोनों मस्ती से चुदाई करने लगे.

उसका दर्द अब खुशी बन कर उसके चेहरे पर दिख रहा था. उसने मुझसे बोला- मेरे ऊपर पूरा चढ़ कर मुझे चोदो, जिससे तुम्हारा लन्ड पूरा का पूरा मेरे अन्दर घुस जाए और मेरे मम्मों को भी मसलते रहो.
मैं उसकी बात मानकर उसे वैसे ही चोदने लगा.

दीप्ती को काफी समय तक चोदने के बाद मैंने दीप्ती की चूत में ही अपना सारा माल छोड़ दिया और उस पर गिर पड़ा. उसने भी मुझे कस कर पकड़ लिया और हम दोनों एक हो कर लिपट गए.

थोड़ी देर बाद हम दोनों किस करने लगे.

मेरा लन्ड अब भी दीप्ती की चूत में ही था. दीप्ती की चूत से जब लन्ड को बाहर निकाला, तो उसकी चूत मेरे रस से और खून से सनी हुई थी.

हम दोनों काफी खुश थे. वो चाहती थी कि मैं उसे ऐसे ही चोदता रहूँ.

उस रात हमने 4 बार चुदाई की और इसके बाद वो अपने घर चली गई.

एक बार मैंने उसके घर जाकर भी उसे अच्छे से चोदा था. पर उसके घर पर पता चल गया था कि मेरे उसके सेक्स सम्बन्ध हैं. हमारी जाति अलग होने के कारण हमारी शादी सम्भव नहीं थी. मैं भी अभी इतनी जल्दी शादी नहीं करना चाहता था. इसलिये उसके घर वालों ने की शादी कर दी. तब से मैं अपने लन्ड के लिए एक दूसरी चूत देख रहा हूँ.
मदहोश जवानी की सील तोड़ चुदाई (Madhosh Jawani Ki Seal Tod Chudai) मदहोश जवानी की सील तोड़ चुदाई (Madhosh Jawani Ki Seal Tod Chudai) Reviewed by Priyanka Sharma on 8:01 PM Rating: 5

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