कुंवारी लड़की को मोहल्ले की रन्डी बना दिया (Kunwari Ladki Ko Moholle Ki Randi Bna Diya)

कुंवारी लड़की को मोहल्ले की रन्डी बना दिया (Kunwari Ladki Ko Moholle Ki Randi Bna Diya)


हाय दोस्तो, मेरा नाम प्रीती है और मैं बाड़मेर, सानूस्थान से हूँ. ये मेरी पहली सेक्स स्टोरी है, तो कोई भूल दिखे, तो माफ कर देना.

सबसे पहले मैं अपने बारे में बता देती हूँ. मैं 23 साल की हूँ. मेरा बीए हो गया है और मैं घर से ही सरकारी नौकरी के लिए एग्जाम की तैयारी कर रही हूं. मेरा फिगर 32-28-32 का है. मैं गोरी तो नहीं हूँ, लेकिन मेरा मुखड़ा बहुत अच्छा है … इसीलिए मैं सांवली होने पर भी बहुत सेक्सी लगती हूँ. मैं स्लिम हूँ और मेरी हाइट भी अच्छी है. मेरे मम्मी पापा दोनों ही टीचर हैं. मेरा एक छोटा भाई भी है, जो अभी पढ़ता है.

मम्मी तो स्कूल में रहती हैं, इसलिए घर का अधिकतर काम में ही करती थी.

यह बात तब की है, जब मेरे बीए के एग्जाम खत्म ही हुए थे. हमारा मकान दो मंजिल का है, नीचे हम लोग रहते हैं और ऊपर का हिस्सा किराये पर दे रखा है. ऊपर दो रूम हैं, जो कि एक पूरे फ्लैट के जैसे हैं.

ऊपर वाले हिस्से में दो लड़के रहते थे संजय और सानू. उन दोनों की उम्र लगभग 27 या 28 की होगी. उन दोनों की पढ़ाई हो चुकी थी. उनमें से एक जॉब करता था और एक ऐसे ही एग्जाम की तैयारी कर रहा था. वे दोनों दिखने में एकदम काले से थे लेकिन दोनों मुझसे अच्छे से बोलते थे. बहुत बार वे हमारे घर पर चाय भी पीने आ जाते थे. उनकी नज़र शुरू से ही मेरे ऊपर थी, लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया. मैं बस अपनी पढ़ाई में लगी रहती थी.

पापा और मम्मी तो ऊपर जाते नहीं थे, मैं ही जाती थी कभी किराया लेने तो कभी ऐसे ही साफ सफाई देखने. इसलिये मैंने बहुत बार उनके रूम में शराब की बोतलें देखी थीं. लेकिन मैंने इस बात को अपने पेरेंट्स को नहीं बताया था क्योंकि वो उनको निकाल देते और फिर नए किराएदार मिलना मुश्किल था.

लड़की की चुदाई देखी

मैंने उनको रूम पर लड़की लाते हुए भी देखा था लेकिन मैं इग्नोर कर देती थी. फिर एक दिन मैंने एक गर्ल को जाते हुये देखा, तो मैं भी ऊपर चली गई और खिड़की से देखने लगी. मैंने देखा कि अन्दर संजय था और उसने लड़की को कमरे में लेते हुए ही अन्दर से गेट लगा लिया था. वे दोनों बात करने लगे. फिर संजय ने उस लड़की को किस किया और फिर दोनों एक दूसरे की बांहों में खो गए.
लड़की की चुदाई देखी
लड़की की चुदाई देखी
लाइव ब्लू फिल्म देख कर मैं भी गर्म होने लगी क्योंकि मैंने इससे पहले कभी ये सब रियल में नहीं देखा था. बस पोर्न फिल्मों मैं देखा था. वो लड़की भी बहुत गर्म हो चुकी थी.

अब संजय ने उसका टॉप उतार दिया और ब्रा के ऊपर से उसके चूचे ही दबाने लगा. इससे वो और गर्म हो गई. फिर संजय ने उसकी ब्रा भी निकाल दी और उसके मम्मों को चूसने लगा. उसके मम्मे मेरे से थोड़े छोटे थे.

वो लड़की पागल सी होने लगी, वो अजीब सी आवाजें निकालने लगी थी. दस मिनट बाद मेरी भी हालत खराब होने लगी. मैं जल्दी से वहां से निकल गई. फिर नीचे आकर मैं अपनी चूत में उंगली करने लगी और कुछ ही देर में मैं झड़ गई. मैं सो गई. दिन भर मेरे दिमाग में वही सब चलता रहा.

फिर मैंने ध्यान दिया कि ये मैं क्या कर रही हूँ, उससे मुझे क्या लेना देना. मैंने वो सब अपने दिमाग से निकाल दिया.

थोड़े दिन ऐसे ही गुजरे. फिर अचानक गांव में मेरे चाचा की तबीयत खराब हो गई और मेरे मम्मी पापा को गांव जाना पड़ा. मैं और मेरा भाई दोनों यहीं रुक गए थे. ये बात सुनकर उन दोनों के मजे हो गए थे. वो रोज किसी न किसी बहाने हमारे घर आने लगे. मुझे फिर से वही सीन याद आ गया और मेरा मन मचलने लगा.

मम्मी पापा का फोन आ गया था कि उनको अभी एक हफ्ता और लगेगा. इधर वो दोनों रोज मेरे घर आने लगे. मैं भी उनसे अच्छे से बात करती थी.

मुझे चोदने के लिए अकेले में जबरदस्ती पकड़ लिया 

एक दिन सुबह जब मेरा भाई स्कूल गया गया था, तब वे दोनों आए. मैं उस वक्त किचन में थी. उसके हाथ में दूध और कप था.

सानू ने बोला- मेरे घर में गैस खत्म हो गई है. क्या आपके यहां चाय बना सकते हैं?
मैंने कहा- ओके … पर ये सब क्यों लाए, मुझे बोल देते, मैं ऐसे ही बना देती.
मैंने देखा कि उसके चहरे पर अजीब सी मुस्कान थी.

फिर संजय बोला- तुम्हारे यहां तो कभी दूध ही पिएंगे.
ये बोल कर वे दोनों हंसने लगे. मैं उनकी बात का मतलब समझ गई थी, लेकिन मैंने टालना चाहा.

फिर मैंने बोला- तुम बैठो, मैं चाय बना कर लाती हूँ.
उस समय मैंने ब्लैक इनर पहन रखा था क्योंकि सुबह का टाइम था, तो रात जो पहन रखा था, वही इस वक्त मेरे जिस्म पर था. मेरा इनर मोटा और टाइट था और स्लीवलैस भी था. उसमें मेरे बूब्स का क्लीवेज साफ दिख रहा था.

उनकी नज़र बस वहीं टिकी हुई थी. नीचे मैंने ढीली सी लैगी पहन रखी थी. फिर मैं वहां से किचन में आ गई और चाय बनाने लगी.

इतने में सानू वहां आ गया. मैंने कहा- तुम बैठो.
उसने कहा- कोई बात नहीं. मैं यहीं बातें भी कर लूँगा.

फिर वो मुझसे पढ़ाई के बारे में पूछने लगा और मैंने भी उससे उसकी जॉब के बारे में पूछा.
उसने बोला- अभी मैंने जॉब छोड़ दी है.

अचानक उसने पूछा- प्रीती आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है?
उसके इस अचानक हुए सवाल से मैं शॉक हो गई. मैंने कहा- नहीं है.
उसने बोला- ये कैसे हो सकता है?
मैंने कहा- ऐसा ही है.
वो चुप हो गया.

फिर मैंने कहा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
उसने बोला कि हमारी ऐसी किस्मत कहां है.
उसकी इस मायूसी भरी आवाज पर मुझे हंसी आ गई और हम दोनों हंसने लगे.

इतने में अचानक उसने पीछे से संजय आया और मुझे कस कर पकड़ लिया, मैंने छूटने की कोशिश की, लेकिन मैं नाकाम रही. उसकी पकड़ काफी मज़बूत थी.

मैंने चिल्ला कर बोला- ये क्या बदतमीजी है.
वो हंसने लगा.

मैंने कहा- प्लीज छोड़ो मुझे … ये क्या कर रहे हो?
वो बोला- तुम्हें प्यार कर रहा हूँ.

उसने मेरी कमर पर हाथ फिराते हुए मेरे मम्मों को दबोच लिया और सहलाने लगा. साथ ही वो मेरी गर्दन पर हल्के से बाईट करने लगा.
अब मेरा भी मन थोड़ा थोड़ा फिसलने लगा.
मुझे चोदने के लिए अकेले में जबरदस्ती पकड़ लिया
मुझे चोदने के लिए अकेले में जबरदस्ती पकड़ लिया  
वो बोला- प्रीती, हम तुम्हें खुश करना चाहते हैं.
मैंने बोला- ये क्या बोल रहे हो?
फिर वो बोला- उस दिन तो खिड़की में से बड़े प्यार से मुझे देख रही थीं.
मैंने बोला- किस दिन?
उसने बोला- मैंने तुम्हें देख लिया था.

मैं शर्म से नीचे देखने लगी.

मैंने कहा- वो तो मैं ऐसे ही ऊपर आई थी … तो देख लिया था. बस और कुछ नहीं.
फिर सानू बोला- देखो प्रीती तुम भी जवान हो … तुम्हारी भी इच्छा होती होगी. हम किसी को नहीं बोलेंगे और ऊपर से तुम्हारा कोई ब्वॉयफ्रेंड भी नहीं है, तो तुम्हारा भी मन होता ही होगा.

उतने में सानू मेरे पास आया और मेरी पीठ पर हाथ रखकर बोला- हमें जो करना है, वो तो हम करेंगे ही. तुम्हारी भलाई इसी में है कि तुम भी मजे लो और हमको भी मजे करने दो.
मैं बोली- देखो, ये सब गलत है … प्लीज ऐसा मत करो … तुम तो मजे लेते ही हो और लड़कियों के साथ … मुझे कोई मजे नहीं चाहिए.

लेकिन अब मेरा शरीर भी जवाब देने लगा था. मैंने विरोध कम कर दिया था.

मैं भी चुदने को तैयार हो गयी

वो ये बात वे समझ गए. अब सानू ने अपने होंठ मेरे होंठों से चिपका लिए और किस करने लगा. वो अपनी जीभ मेरे मुँह में फिराने लगा. शुरू में तो बस वही किस कर रहा था. फिर बाद में मैंने भी रेस्पॉन्स देना शुरू कर दिया. अब मेरी जीभ भी उसके मुँह में थी. इसी बीच संजय के हाथ पीछे से मेरे मम्मों पर चल रहे थे. मैं और ज्यादा गर्म होने लगी.

फिर संजय बोला- साली तुझे जब से देखा है … तब से तुझे चोदने की सोच रहा हूँ. आज मेरी ख्वाहिश पूरी होगी.

मैंने भी गैस बन्द कर दी. क्योंकि अब कुछ और काम शुरू होने वाला था. अब मैं सोच रही थी कि आज पता नहीं क्या होगा.
मैंने उन्हें बोला- ये बात किसी को मत बोलना प्लीज.
सानू बोला- पागल हो क्या … हम क्यों भला किसी को बोलने लगे.
मैंने बोला- चलो बेडरूम में चलते हैं.

उन दोनों ने मुझे उठा लिया और गेट अन्दर से बन्द करके मुझे बेडरूम में ले गए. अब वे दोनों मुझे देखकर हंसने लगे. मेरी हालत खराब थी, लेकिन वो दोनों बस मुझे देखे जा रहे थे.

मुझसे रहा नहीं गया और मैं शुरूआत करते हुए संजय को किस करने लगी. फिर क्या था … वे दोनों ही मुझ पर टूट पड़े. मेरे होंठ संजय के होंठ से लॉक थे और सानू मेरे पेट पर हाथ फेरते हुए मेरे मम्मे ऊपर से ही चूसने लगा. उसने मेरे बूब्स को ऊपर से ही चूस कर मेरा इनर पूरा गीला कर दिया. मुझे अच्छा लगने लगा.

मेरे टाइट सेक्सी बूब्स मुँह में ले लिए

फिर अचानक सानू ने मेरे मम्मों को ऊपर से ही दबाना शुरू कर दिया. मैं उछल गई. सानू ने मेरा इनर खोलने की कोशिश की, लेकिन मैं तो किस करने में व्यस्त थी, तो नहीं खुल सका.

फिर मैंने ही इनर खोला. इतने में संजय ने मेरी ब्रा भी खोल दी. मेरे बूब्स देखकर वो चौंक गए. मेरे दूध एकदम टाइट थे.
संजय बोला- इसके चूचे तो देख … कितने टाइट हैं … शायद अभी तक किसी ने दबाए ही नहीं हैं.

संजय ने एक चूची को हाथ में लिया और दबाने लगा. उधर सानू ने भी एक दूध हाथ में भर लिया और मसलते हुए दबाने लगा. मुझे भी अपने दूध मसलवाने में मजा आने लगा, मैं मदहोश होने लगी.

फिर दोनों ने एक एक करके दोनों मम्मों को अपने अपने मुँह में लिए और चूसने लगे.

मुझे अब सेक्स चढ़ने लगा. मैं उन दोनों के सर अपने मम्मों पर दबाना चाहती थी, लेकिन मेरे हाथ उनकी अंडरवियर के ऊपर चल रहे थे.
संजय बोला- देख इस रन्डी को … कैसे उछल रही है.
मुझे शर्म आने लगी. अब मैं सिसकारियां लेने लगीं.

फिर संजय ने मेरे मम्मों पर वापिस हमला कर दिया. वो एक हाथ से दबा रहा था और एक बूब चूसने लगा. उसके निप्पल चूसने से मैं मदहोश भी हो रही थी. लेकिन वो बहुत जोर से दबा रहा था, इसलिए मुझे दर्द भी हो रहा था.

मैं हल्का सा चिल्लायी- आहहह … प्लीज थोड़ा धीरे करो … मुझे दर्द हो रहा है.
संजय ने बोला- चुप रन्डी.

इतने में सानू मेरी बगलों के पास मुँह लाया. उसने मेरी कांख के बाल सूंघते हुए एक लम्बी सी साँस ली और वो मेरे बगल को चूसने लगा. मैं तो बहकने लगी, मेरा दर्द गायब हो गया.

अब मैं संजय के सिर को मेरे मम्मों पर दबाने लगी. संजय उठा और मेरी लैगी नीचे करने लगा. मैंने उठ कर उसका साथ दिया. उसने एक झटके में मेरी लैगी नीचे कर दी.

वो मेरी लाल रंग की गीली पैंटी देखकर चिल्ला उठा- आह … देख इसकी पैंटी पूरी गीली है … और ये तो रन्डी से कम नहीं है.
उसने ये कहा, तो मेरे मुँह से निकल गया- ऐसे मत बोलो यार.

इतने में सानू ने एक बिजली की रफ्तार से मेरे गाल पर चांटा जड़ दिया. मैं सकपका गई.
वो बोला- हां है तू रन्डी.

फिर सानू ने अपने पैंट को भी खोल दिया और मेरी चूत देखकर बोला- प्रीती रानी, तू तो अभी वर्जिन लग रही है.
संजय खुश हो कर बोला- वर्जिन को चोदने का तो मजा ही अलग है.

मुझे चढ़ा हवस का नशा

फिर संजय मुझे किस करने लगा, मैं भी उसका साथ देने लगी. हवस का नशा अब मुझे पागल कर रहा था.

तभी सानू नीचे आया और मेरी पैंटी हटा कर चूत पर उंगली घुमाकर उसने अपने होंठ मेरी चूत पर रख दिए. उसकी इस हरकत से मैं एकदम से सहम गई और वो मेरी चूत चाटने लगा. मैं पागल होने लगी और उसका सिर दबाने लगी.

दूसरी तरफ मेरे मुँह में संजय की ज़ुबान थी. मैं उसे चूस रही थी. चूत को चाटे जाने पर मैं इतनी अधिक उत्तेजित हो गई थी कि मैंने जोर से संजय को पकड़ा और झड़ गई. सानू मेरा सारा रस पी गया. मैं संजय की पीठ पर हाथ घुमाते हुए खुद को साध रही थी.

इसके बाद मैं अलग हो कर बैठ गई. दो मिनट बाद वो दोनों उठे और मेरे करीब आ गए.
सानू बोला- चल प्रीती रन्डी, अब हम दोनों की पैंट खोल दे.

मैंने उन दोनों की पैंट खोल दी और उनके कहने से पहले ही उनकी अंडरवियर भी खोल दी. मैंने उन दोनों के लन्ड देखे. मैंने पहली बार रियल में किसी आदमी के लन्ड देखे थे. उनके लन्ड ज्यादा बड़े नहीं थे, एवरेज थे. पोर्न फिल्मों की तुलना में मुझे ऐसा लगा.

फिर उन्होंने एक साथ बोला- चूस हमारे लौड़ों को.

मुझे उनमें से बदबू आ रही थी, तो मैंने मना कर दिया. ये सुनकर संजय ने जोर का तमाचा मेरे गाल पर मार दिया. मैं बेड पर गिर गई.

फिर फिर मैंने बिना कुछ सोचे संजय का लन्ड मुँह में ले लिया और चूसने लगी. इतने में सानू ने अपना लन्ड भी मेरे हाथ में थमा दिया. मैं उसे हाथ से हिलाने लगी. थोड़ी देर बाद मैं सानू का लन्ड चूसने लगी और संजय का लन्ड हिलाने लगी.

कुछ देर यही चलता रहा और फिर जब वो झड़ने वाले थे, तो दोनों ने लन्ड मेरे मुँह में ठूंस दिए और मेरे हाथ भी पकड़ लिए. मैं कुछ नहीं कर सकी और उन दोनों ने अपना अपना वीर्य मेरे मुँह में छोड़ दिया. वीर्य का टेस्ट मुझे अजीब सा लगा.

संजय ने थोड़ा सा वीर्य नीचे जमीन पर छोड़ दिया और बोला- चल इस मलाई को कुतिया के जैसे चाट.
मैंने एक कुतिया की तरह बन कर सब वीर्य चाट लिया. मुझे वीर्य का स्वाद अच्छा लगा, तो मैं चटखारे लेते हुए माल चाट रही थी. ये देख कर वो दोनों हंस रहे थे.

फिर उन दोनों ने आपस में धीरे से कुछ बात की. संजय मुझे लेटा कर मेरी चूत चाटने लगा. सानू मेरे मम्मे चूसने लगा. थोड़ी ही देर में, मैं बहुत गर्म हो गई. अब मुझसे सहा नहीं जा रहा था. फिर अचानक वे दोनों रुक गए और दूर बैठ गए.

मैं चुदने को तड़प उठी

उनकी इस हरकत से मेरा भेजा घूम गया. मैं चुदास की आग से तड़फ रही थी, एक लाचार चुदैल सी उनकी ओर देखने लगी. मैं इस वक्त अपनी चरम उत्तेजना पर थी.

मैंने बोला- अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है … प्लीज अपना लन्ड जल्दी से अन्दर डाल दो.
वे दोनों हंसने लगे और बोले- इतनी आसानी से नहीं चोदेंगे तुझे … तूने हमें बहुत तड़पाया है. अब हम तुझे तड़पाएंगे.
मैंने बहुत बोला- प्लीज, मत सताओ.
फिर सानू बोला- अच्छा बोल … मैं रन्डी हूं और जब हम बोलेंगे, तब तू हमसे चुदवाने आ जाओगी.
मैंने बोला- हां मैं रन्डी हूं और जब आप बोलोगे, तब आपसे चुदूंगी.

चूत की सील टूटते ही बेहोश हो गयी

फिर उन दोनों ने टॉस किया. जीतने के बाद संजय मेरे ऊपर चढ़ गया और सानू मेरे पीछे से लग गया.
उसने बोला- पहले मेरे लन्ड को चूस कर खड़ा कर दे.

मैंने ऐसा ही किया और थोड़ी ही देर में उसका लन्ड एकदम ठोस हो गया. उसने मुझे लेटाया और लन्ड मेरी चूत पर सैट कर दिया.

पीछे से सानू ने मेरे हाथ पकड़ लिए और संजय ने एक धक्का दे मारा, लेकिन लन्ड फिसल गया. 
चूत की सील टूटते ही बेहोश हो गयी
चूत की सील टूटते ही बेहोश हो गयी
उसने एक बार फिर से कोशिश की और एक जोरदार झटका मारा. इस बार उसका सुपारा मेरी चूत में चला गया. मेरे मुँह से दर्द भारी आवाज़ निकल गई और मेरी आंखों से आंसू आने लगे. मैं चिल्लाने लगी- आह मर गई … प्लीज़ निकालो इसे … मैं नहीं सह पा रही हूं … मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

राजा बोला- अभी तो तू रन्डी की तरह गिड़गिड़ा रही थी … अब सह मादरचोद.
मैंने बोला- रात को कर लेना … अभी इसे निकालो प्लीज.

लेकिन मेरी कौन सुनने वाला था. संजय ने एक और झटका मारा और उसका आधा लन्ड मेरी चूत में चला गया.

मैं दर्द से लगातार चिल्ला रही थी और रो भी रही थी. उसने देर ना करते हुए एक और झटका मारा. उसका पूरा लन्ड मेरी चूत में चला गया. मेरी आंखें फ़ैल गईं और मैं बेहोश हो गई.

दो मिनट बाद मुझे होश आया. संजय लन्ड मेरी चूत में पेल कर बैठा हुआ था. खून से पूरी चादर रंग गई थी.

सानू बोला- बधाई हो … तुम औरत बन गई हो.

संजय धीरे धीरे लन्ड आगे पीछे करने में लगा था. मुझे हल्का हल्का दर्द हो था, लेकिन अब ये दर्द मीठे दर्द में बदल गया था.

मैं हल्की हल्की मादक सिसकारियां लेने लगी थी उम्म्ह… अहह… हय… याह… हौले हौले मुझे मजा आने लगा और मैं अह अह की आवाजें निकालने लगी.

सानू ने मेरे हाथ छोड़ दिए और अपना लन्ड मेरे मुँह में डाल दिया. अब मैं दो छेद से चुद रही थी.

संजय ने चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी. मुझे मजा आने लगा और मैं कमर उठा कर साथ देने लगी. संजय बोला- तू तो पक्की रन्डी बनेगी.
मैं अब हंसने लगी थी.

संजय जोर जोर से चोदने लगा- ले मादरचोदी रन्डी ले … ले छिनाल लन्ड ले …
उसने चुदाई की स्पीड और तेज कर दी.

इधर सानू ने लन्ड मेरे गले में उतार दिया मुझे सांस लेने में दिक्कत होने लगी. दोनों ओर से मेरी बराबर ठुकाई होने लगी. कोई दस मिनट बाद संजय जोर के झटके मारने लगा.

उसने बोला- मैं झड़ने वाला हूँ.
मैंने बोला- प्लीज मेरी चूत में मत छोड़ना.

उसने लन्ड जल्दी से निकाला और मेरे मुँह की ओर आ गया. उसने लन्ड मेरे मुँह में घुसेड़ा ही था कि उसका माल निकल गया. उसने आधा वीर्य मुँह के अन्दर छोड़ दिया और आधा मेरे मुँह के ऊपर छोड़ दिया. अब मेरा पूरा मुँह वीर्य से भरा था. अन्दर का वीर्य मैंने पूरा पी लिया.

वो बोला- मुँह वाले को भी चाट.

मैं कुतिया के जैसे अपनी जीभ से मुँह पर लगा माल चाटने लगी. जहां तक मेरी जुबान गई, मैंने रस चाट लिया. बाकी का मुँह पर ही लगा रहा.

अब दूसरा लन्ड लेने की बारी थी

इतने में सानू मेरे सामने आ गया और अपना लन्ड चूत पर टिकाने लगा. मैं कुछ बोलती, इससे पहले संजय ने लन्ड मुँह में डाल दिया. मैं उसका बेजान लन्ड चूसने लगी. सानू ने लन्ड मेरी चूत पर सैट किया.

मैंने बोला- धीरे करना.
वो बोला- चुप.

उसने लन्ड झटके से मेरी चूत में घुसा दिया. मेरे मुँह से निकली चीख संजय के लन्ड में समा गई.

अब सानू लन्ड आगे पीछे करने लगा. मुझे भी मज़ा आने लगा. उसने चुदाई की गति बढ़ा दी. इधर संजय का लन्ड फिर से कड़क हो गया था.
अब दूसरा लन्ड लेने की बारी थी
अब दूसरा लन्ड लेने की बारी थी
अब सानू जोर जोर से मुझे चोदने लगा- ले रन्डी ले … प्रीती रन्डी …
मैं कमर उछाल उछाल कर उसका साथ देने लगी और जोर जोर से चिल्लाने लगी- अहह … चोदो मुझे जोर से … बना लो अपनी रन्डी.

मैं संजय का लन्ड जोर से आगे पीछे करने लगी. सानू की स्पीड और बढ़ गई. करीब बीस मिनट की कड़क चुदाई के बाद वो झड़ने वाला था. उसने बोला- अन्दर ही उतार दूँ या मुँह में लेगी?

मैंने संजय का लन्ड मुँह से बाहर निकालते हुए बोला- प्लीज अन्दर नहीं.
उसने बोला- पहले बोल … तू रन्डी है सबकी.
मैंने बोला- हां, मैं सबकी रन्डी हूं.

उसने लन्ड बाहर निकाल कर मेरे मुँह पर फेशियल के जैसे छोड़ दिया. मेरा मुँह पूरा वीर्य से भर गया था. वो जोर जोर से सांसें ले रहा था.

इतने में संजय मेरे सामने आया. मैंने पीछे हटते हुए बोला- प्लीज़ … मैं अब नहीं कर पाऊंगी, रहम करो प्लीज़.
वो बोला- ये उफान पर आ गया है … इसका क्या करूं?
मैंने बोला- मैं चूस लेती हूं.
ये सुन कर सानू हंस कर बोला- तू तो एक बार में ही पक्की रांड बन गई है.
मैं शर्मा गई.

वो अपना लन्ड मेरे मुँह के पास लाया और बेड के किनारे पर टांगें लटका कर बैठ गया. उसने अपने पैर नीचे फैला दिए और बोला- चल रन्डी … नीचे बैठ कर लन्ड चूस.

अब मैं नीचे बैठ कर किसी प्रोफेशनल रन्डी की तरह लन्ड चूसने लगी. कोई 5 मिनट में ही वो झड़ गया और सारा माल मेरे मुँह में छोड़ दिया. वीर्य अब मुझे जूस की तरह लगने लगा था. मैंने एक बूंद भी बाहर नहीं जाने दी और सब चट कर गई. मेरा थका कर बुरा हाल था. वे दोनों भी थक गए थे.

हम तीनों ऐसे ही नंगे सो गए. तीन घण्टे बाद मेरी आँख खुली, तो मैंने देखा कि वे दोनों सोए पड़े हैं. मैं उठी और महसूस किया कि मेरा पूरा मुँह और चेहरा वीर्य से सना है और सूख गया है.
मैं नहाने चली गई.

मुझे बहुत भूख लगी थी, तो मैंने खाना बनाया और फिर उन दोनों को उठाया.
उठते ही दोनों ने मुझे एक एक लिप किस किया.

मैं बोली- चलो खाना खा लो.
सानू बोला- यस … हमारी बेबी ने बनाया तो खाना ही पड़ेगा.
उन्होंने बोला- दो ही थाली लगाना. तुम हम दोनों की थाली में से ही खा लेना.
मैंने ओके बोला और खाना लगाया.

सानू ने बोला- खाना हम दोनों खिलाएंगे, वैसे खाना पड़ेगा.

मैंने हां बोल दिया. वे एक एक करके खाना अपने मुँह में लेते और फिर किस करते हुए मुझे खिला देते. शुरूआत में मुझे थोड़ा अजीब लगा, पर बाद में मज़ा आने लगा.

फिर वे दोनों जाने लगे और बोले- रात को ऊपर आ जाना.
मैंने न जाने क्यों एक ही बार में हां बोल दी.

उन दोनों के चले जाने के बाद मैं फिर से लेट गई. पूरे दिन मेरे दिमाग में यही सब चलता रहा. फिर रात को मैं नहायी और अच्छे से तैयार होकर मेकअप किया. फिर ब्रा पैंटी पहन कर ऊपर से बस एक चादर ओढ़ ली … क्योंकि वैसे भी सब खुलने थे.

मैंने अपने आपको आईने में देखा, तो मैं एकदम हीरोइन लग रही थी.

मैं भाई के सोने के बाद ऊपर गई और उनके कमरे का गेट बजा दिया. संजय ने गेट खोला और मुझे अन्दर लेकर गेट लगा लिया. जैसे ही मैं अन्दर गई तो मेरी आंखें फटी रह गईं. वहां उन दोनों के अलावा दो लोग और थे.

किरायेदारों ने अपने दोस्तों से जबरन चुदवाया

वे दोनों और कोई नहीं, हमारे घर के पास चाय का ठेला लगाते थे, वो थे. वे हर वक्त मुझे घूरते रहते थे. मैं उन्हें देखकर गेट की ओर भागने लगी, तो सानू ने मेरे से दो गुनी स्पीड से आकर मुझे पकड़ लिया और बेड पर धक्का दे दिया.

वो बोला- ये ये दोनों भी तुझे चोदना चाहते हैं.
इस पर सब हंसने लगे.

संजय बोला- चोदेंगे तो हम सब … वरना कोई नहीं चोदेगा. अब तेरे ऊपर है कि तू तेरी हवस मिटाने के लिए ये करती है कि नहीं.
सानू बोला- तुझे बहुत मज़ा आएगा … इसका हमारा वादा है. अब तू जाने तेरा काम जाने.

फिर मैंने सोचा कि सेक्स तो बहुत चढ़ा हुआ है … क्या करूं. फिर मैंने सोचा कि जब दो ने चोद लिया, दो और चोद लेंगे तो कौन सा घिस जाऊंगी. उस समय मेरे ऊपर कामवासना हावी थी.
मैंने कहा- किसी को पता नहीं चलना चाहिए.
वो सब हंसने लगे- हम क्यों बोलेंगे सबको.

उन दो का नाम अभि और रघु था. दोनों की उम्र तीस के ऊपर थी. वे बहुत मोटे थे और लंबे भी. मैं उन सबके बीच एक रन्डी की तरह लग रही थी.

सानू बोला- आज तो क्या मस्त माल लग रही है यार … पूरा मेकअप करके आयी है.
रघु बोला- यार कैसे पटाई तुम दोनों ने इसे. सच में बड़ा कांटा माल है ये तो. साली जब से बड़ी हुई है, तब से जीना खराब कर रखा इसने … आज पूरी कसर निकालूंगा.

ये सब सुन कर मुझे शर्म आने लगी.
फिर संजय बोला- शरमा क्यों रही है … अभी सबका लन्ड गाँड उठा उठा कर लेगी.

इतने में अभि ने मेरा चादर एक बार में खींच कर गिरा दिया. मुझे सिर्फ ब्रा पैंटी में देख कर वो दोनों चौंक गए और बोले- साली रन्डी पूरी तैयार होकर आयी है और हमें नखरे दिखा रही है.

फिर वो सब मेरे ऊपर टूट पड़े और मेरे दोनों बचे कपड़े भी खोल कर फेंक दिए.
किरायेदारों ने अपने दोस्तों से जबरन चुदवाया
किरायेदारों ने अपने दोस्तों से जबरन चुदवाया
दो ने मेरे चूचे पकड़े, एक ने चूत और एक ने होंठ पर कब्जा जमाया. फिर सब अपना अपना काम करने लगे. अब मैं सातवें आसमान पर थी. एक तरफ मेरी चूत चट रही थी और दूसरी ओर चूचे.

मेरे मुँह से आवाजें निकलने लगीं, किस करने वाले ने अपना लन्ड मेरे मुँह में दे दे दिया. मैं बड़े मजे से उसके लन्ड को चूसने लगी. अब मेरी हालत ऐसी थी कि अगर वे सब मुझे बिना चोदे छोड़ देते, तो मैं चौराहे पर नंगी ही चुदाने चली जाती.

कोई पांच मिनट यही सब चलता रहा. मैं अपने आपे में नहीं थी, मेरे मुँह से निकल गया- अब तो चोद दो मुझे प्लीज़ …
यह सुन कर सब हंसने लगे और बोले- अभी तुझे बहुत तड़पना है.
मैं बोली- ऐसा मत करो … चोद दो मुझे … मुझसे नहीं सहा जा रहा है.

ये सुन कर वे सब मेरे से दूर चले गए और बोले- थोड़ा रुक.
फिर बोले- बोल तू हम सबकी रन्डी है, बोल तू हम सबकी रखैल बनेगी.
मैंने कहा- हां मैं आप सबकी रन्डी हूं और रखैल भी हूँ.
उनमें से एक बोला- अब कुतिया के जैसे आकर हम सबके लन्ड चूस.

मैंने ऐसा ही किया और एक एक करके सबके कपड़े खोलकर लन्ड चूसे.

अब मैं बोली- अब तो प्लीज चोद दो.

फिर वही चाय वाले रघु ने अपना लन्ड मेरी चूत पर टिकाया और एक ही झटके में अन्दर पेल दिया. मैं चिल्ला उठी और रोने भी लगी. तभी उसने लन्ड पीछे किया और फिर से सैट किया. अब मुझे दर्द की परवाह नहीं थी, बस हवस की थी.

वह मुझे जोर जोर से चोदने लगा. मैं भी बोली- अह अह … आह्हह … चोदो जोर से … रन्डी बना दो … अह रखैल बना लो.
वो बोला- ले रन्डी ले …

एक एक साथ दो लन्ड लेके गाँड की सील खुलवा ली

इतने में कोई और मेरे पीछे लन्ड लाया और मेरी गाँड पर लन्ड टिका दिया. मैं कुछ बोल पाती कि इससे पहले एक झटके में उसने आधा लन्ड पेल दिया.

मैं चिल्लाने लगी, मुझे दर्द हो रहा था- आह मर गई … प्लीज छोड़ो.
इतने में उस कमीन ने एक और झटका दे मारा और उसका पूरा लन्ड मेरी गाँड में चला गया.
एक एक साथ दो लन्ड लेके गाँड की सील खुलवा ली
एक एक साथ दो लन्ड लेके गाँड की सील खुलवा ली
मैं रोने लगी, लेकिन एक तरफ हवस थी.
फिर थोड़ी ही देर में, मैं दर्द भूल गई और मुझे मज़ा आने लगा. अब मैं पूरे जोश से चुद रही थी. एक तरफ गाँड की मालिश और एक तरफ चूत चुदाई. अब तो मैं कमर उठा उठा कर दोनों ओर से चुदाने लगी थी.

मैं मस्ती में बोल रही थी- आह चोदो … फाड़ दो … अपनी रन्डी को चोद दो.
वे भी गालियां दे रहे थे- मादरचोदी रन्डी … ले … लन्ड ले.

तभी बाकी के दोनों ने मुझे लन्ड मुँह में दे दिए. मैं बारी बारी से उन दोनों का लन्ड चूसती रही. मैं न जाने कितनी बार झड़ गई थी.

कोई 20 मिनट की मस्त चुदाई के बाद वो दोनों झड़ने वाले थे. उन्होंने जोर से मुझे पकड़ा और अन्दर ही अपना पानी छोड़ दिया.
वे बोले- गोली खा लेना.

इतने में दो और लन्ड चूत के लिए रेडी थे. ऐसे ही उन चारों ने पूरी रात में मेरी हालत खराब कर दी. एक एक ने मुझे तीन तीन बार चोदा. कुल बारह बार चुदने से मेरी हालत खराब हो गई थी. मुझसे चला भी नहीं जा रहा था.

सानू और संजय ने मुझे उठाया और मुझे नीचे मेरे कमरे में बेड पर लिटा कर आए.

सुबह मेरे भाई ने मुझे उठाया, तो मेरी जरा सी भी हिम्मत नहीं थी. मैंने उससे बोला- मुझे तेज बुखार है, तू आज स्कूल मत जा.

वो स्कूल नहीं गया. मैंने उसे भी सोने को बोला. दस बजे मेरी नींद खुली, तो मैं रात की सब बातें याद करने लगी.

तभी मेरा दिमाग खराब हुआ, मुझे याद आया कि सबने वीर्य मेरी चूत में ही छोड़ा था. मैं जल्दी से उठी. मेरे से चला भी नहीं जा रहा था. मैं पास के मेडिकल स्टोर पर गई और प्रेगनेंसी रोकने की गोली मांगी.

वो मेडिकल वाला हंसने लगा और बोला- आज तो चाल ही बदल गई है. हमें भी मौका दो ना.

मैं कुछ नहीं बोली और गोली लेकर आ गई.

फ़िलहाल अब मैं रन्डी बन चुकी हूँ

उसके बाद उन चारों को जब भी मौका मिलता, तब मुझे खूब चोदते. एक एक करके वे चोदुओं की संख्या बढ़ाते गए. मुझे भी नए नए लन्ड लेने की आदत हो गई थी. इस तरह से मेरे किराएदारों ने मुझे पूरे मोहल्ले की रन्डी बना दिया.

उसके बाद मुझे अभी तक पूरे मोहल्ले के मिल कर 7 लोगों ने चोदा है. उनमें वो मेडिकल स्टोर वाला भी शामिल है. अब हालत ये है कि लन्ड के बिना मैं दो दिन से ज्यादा नहीं रह सकती.

दोस्तो, ये थी मेरी चुदाई की कहानी. मैं पूरी चुदक्कड़ बन गई हूँ.
कुंवारी लड़की को मोहल्ले की रन्डी बना दिया (Kunwari Ladki Ko Moholle Ki Randi Bna Diya) कुंवारी लड़की को मोहल्ले की रन्डी बना दिया (Kunwari Ladki Ko Moholle Ki Randi Bna Diya) Reviewed by Priyanka Sharma on 2:29 AM Rating: 5

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