प्यार नहीं बस चुदने की हवस है (Pyar Nahi Bas Chudne Ki Hawas Hai)

प्यार नहीं बस चुदने की हवस है
(Pyar Nahi Bas Chudne Ki Hawas Hai)

मैंने जिंदगी में बहुत मुसीबते देखी हैं और उनका सामना मैंने हमेशा जिंदादिली से किया है मेरे माता-पिता हमेशा ही मुझे बहुत सपोर्ट किया करते हैं जिसकी वजह से मैंने अपनी जिंदगी में एक नया मुकाम हासिल करने के बारे में सोचा। 

मैं अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई आ गई मैं जब मुंबई अकेले गई तो मेरे लिए सब कुछ अनजान सा था और मैं भी अकेली थी लेकिन मैंने कभी हिम्मत नहीं हारी। हालांकि अपने माता-पिता से अलग रहकर मैं अपना नया जीवन शुरू करने जा रही थी लेकिन उसके बावजूद भी मैं उनसे हमेशा ही संपर्क में रहती थी। 

मैं अपने मम्मी पापा को हर रोज फोन कर दिया करती मेरी सकारात्मक सोच और मेरी मेहनत की बदौलत ही मुझे मुंबई में एक अच्छी कंपनी में नौकरी मिली और मैं वहां पर जॉब करने लगी। 

जॉब के दौरान ही मेरी मुलाकात अजीत के साथ हुई जब मैं अजीत से मिली तो अजीत भी मुझसे बड़े ही अच्छे से बात किया करता। अजीत के साथ मेरी अच्छी दोस्ती हो चुकी थी लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि अजीत मेरे साथ खिलवाड़ करेगा उसने मुझे हमेशा ही धोखे में रखा।

मुझे अजीत के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं था लेकिन वह हमेशा ही मुझे अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में फंसा कर रखता जिससे कि मैं हमेशा से ही उस पर पूरी तरीके से भरोसा कर बैठी। अजीत और मैंने शादी करने का फैसला किया लेकिन मेरे लिए यह शादी करने का फैसला शायद मेरी सबसे बड़ी भूल थी मुझे अजीत के बारे में कुछ भी पता नहीं था और मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार ही ऐसी भूल की कि मैंने अजीत के बारे में कुछ भी पता नहीं करवाया। 

अजीत मुझसे हमेशा ही झूठ बोलता रहा और उसने मुझसे अपनी शादी के बारे में भी कुछ नहीं बताया था मैंने अजीत को अपने मम्मी पापा से मिलवाने के बारे में सोचा तो अजीत मेरे मम्मी पापा से मिलने के लिए तैयार हो गया। 

जब वह मेरे मम्मी पापा से मिला तो मुझे बहुत अच्छा लगा उन्हें भी अजीत बहुत पसंद आया और हम लोगों ने शादी करने का फैसला कर लिया। मेरे लिए यह शादी करने का फैसला मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी क्योंकि अजीत ने मुझसे झूठ बोला था और उसने झूठ की बुनियाद पर ही मुझसे शादी की थी। 

आखिरकार झूठ की बुनियाद कितने दिनों तक चल पाती और जब मुझे अजीत की सच्चाई का पता चला तो अजीत मुझे कहने लगा कि काजल ऐसा कुछ भी नहीं है तुम्हें कोई गलतफहमी हुई है।

मैंने अजीत को कहा तुम पहले से ही शादीशुदा हो और तुम्हारा एक 5 वर्ष का लड़का भी है उसके बावजूद भी तुमने मेरी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया। अजीत मुझे कहने लगा कि देखो काजल अब तुम्हें सब कुछ पता चल ही चुका है तो मैं तुम्हें सब सच बता देता हूं। 

मैंने अजीत को कहा देखो अजीत अब सच बताने का भी कोई फायदा नहीं है तुम मुझे खुद ही बताओ कि तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बर्बाद हो गई मैं अभी तक अपने आप को माफ नहीं कर पा रही हूं और मैं अपने मम्मी पापा से भी क्या कहूंगी मुझे तुम्हारे साथ रहना ही नहीं है और ना ही मुझे तुमसे अब कोई बात करनी है। 

अजीत ने मुझे उसके बाद कई सफाई देने की कोशिश की लेकिन मेरा दिल पूरी तरीके से टूट चुका था और मैं सदमे में थी मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ऐसे मौके पर मुझे क्या करना चाहिए और मेरी इस वक्त कौन मदद करेगा मेरे समझ से सब कुछ परे था। 

मैंने अजीत से अपने सारे संबंध ख़त्म कर लिए थे और मैं अलग रहने लगी थी मैंने अजीत को अपने बारे में कुछ भी नहीं बताया और मैंने अपना ऑफिस भी छोड़ दिया था और मैंने अपना नंबर भी बदली कर लिया था। मैं अजीत के साथ कोई भी संबंध नहीं रखना चाहती थी और ना ही मुझे उससे अब कोई वास्ता रखना था। 

अजीत मेरी जिंदगी से दूर तो जा चुका था लेकिन उसने जो मुझे जख्म और तकलीफ दी थी वह अब तक मेरे दिल में थी और मैं अपने आप को माफ नहीं कर पा रही थी मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी कि मुझे ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए। मैं पूरी तरीके से टूट चुकी थी और मेरे पास शायद इस वक्त कोई भी नहीं था जो कि मुझे समझ पाता। 

ऐसे में एक दिन मैंने अपनी मम्मी को फ़ोन किया तो मेरी मम्मी कहने लगी कि काजल बेटा क्या हुआ है तुम किसी परेशानी में हो और तुम मुझे बताना नहीं चाह रही हो मम्मी मेरी बात समझ चुकी थी और उन्होंने मुझे कहा कि तुम्हें कुछ परेशानी है तो तुम कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ। मैं घर नहीं जाना चाहती थी परंतु जब मैंने मम्मी को अजीत के बारे में बताया तो वह कहने लगी कि बेटा अजीत को भूल कर अब अपनी नई जिंदगी शुरू करो।

मैं मम्मी से फोन पर बात कर रही थी तो मुझे अच्छा लग रहा था मम्मी के साथ उस दिन मैंने बहुत देर तक फोन पर बात की और मुझे अच्छा भी लगा जिस प्रकार से हम लोगों की बातें होती रही मुझे बहुत खुशी हुई थी। मम्मी ने मुझे समझा और मम्मी मुझे जिस प्रकार से समझा रही थी उससे मैंने भी अपनी नई जिंदगी शुरू करने के बारे में सोच लिया था। 

हालांकि मैं अभी भी इस सदमे से पूरी तरीके से उभरी नहीं थी लेकिन मुझे अच्छे और बुरे की समझ तो हो चुकी थी और अजीत जैसे लोगों से तो मैं अब दूर ही रहती थी। मैंने एक नई कंपनी में ज्वाइन कर लिया और कुछ दिनों के लिए मैं घर पर चली गई थी ताकि मैं कुछ समय अपने परिवार के साथ रहूं। 

मेरे मम्मी पापा ने मुझे कहा कि बेटा तुम्हें उदास होने की जरूरत नहीं है मेरे मम्मी पापा हमेशा ही मुझे बहुत सपोर्ट किया करते थे इसलिए मैं भी अब अपनी जिंदगी में आगे बढ़कर अपने पीछे की जिंदगी को भूलने लगी थी और जो भी मेरे साथ हुआ उसे बुरा सपना समझकर मैं भूल चुकी थी। 

मुझे लगता था कि अजीत की वजह से ही मेरी जिंदगी में इतना अंधेरा हुआ था कि कई समय तक मैं एक बंद कमरे में ही थी और मुझे किसी से बात करने का मन भी नहीं करता था लेकिन अब सब कुछ ठीक होने लगा था।

मैंने नया ऑफिस जॉइन कर लिया था और उस ऑफिस में मेरे काफी दोस्त बन चुके थे और जिन लोगों से मेरी दोस्ती हुई थी वह लोग मेरा बड़ा ध्यान रखते थे। पहली बार मुझे ऐसा लगा कि जैसे अपने परिवार से दूर होने के बाद भी मुझे एक दूसरा परिवार मिल गया हो मेरी जिंदगी दोबारा से पटरी पर लौट चुकी थी और मैं अब अपनी नौकरी और अपने दोस्तों के साथ खुश थी सब कुछ बड़े ही अच्छे से चल रहा था। 

उसी दौरान हमारे ऑफिस में एक नई जॉइनिंग हुई हमारे ऑफिस में जब नई जॉइनिंग हुई तो उस वक्त मुझे नहीं पता था कि मेरी मुलाकात राकेश से हो जाएगी राकेश से मिलकर मुझे अच्छा लगा और राकेश के साथ मेरी अच्छी दोस्ती हो गई थी। मैं अब अजीत की तरह दोबारा से गलती नहीं करना चाहती थी मैं राकेश को पूरी तरीके से जानना चाहती थी राकेश के बारे में जब मुझे पूरी जानकारी मिल गई तो उसके बाद मैं राकेश के साथ बात करने लगी और हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताने लगे। 

राकेश के साथ मुझे बात कर के अच्छा लगता और उसके साथ समय बिताना अच्छा लगता था मैंने राकेश को अजीत के बारे में बता दिया था तो राकेश यह बात सुनकर मुझे कहने लगा कि काजल आपके साथ तो यह बहुत गलत हुआ। राकेश को मुझसे इस बात को लेकर हमदर्द थी। एक दिन राकेश मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आया। 

जब वह मुझसे मिला तो उस दिन राकेश ने मुझे अपने गले लगा लिया मैं उस दिन बहुत ज्यादा दुखी थी। राकेश ने मुझे अपने गले लगाया तो मुझे अच्छा लगा और उसके बाद जब राकेश ने मेरे होंठों को चूमना शुरू किया तो मैं अपने आपको रोक ना सकी मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी और राकेश के लंड को मैंने बहुत देर तक चूसा और उसने भी मेरे कपड़े उतार कर मेरी चूत को बहुत देर तक चाटा।

जब वह मेरी चूत को चाट रहा था तो मैंने उसे कहा मुझसे रहा नहीं जाएगा राकेश ने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाला और मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखते हुए मुझे तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए। वह मुझे बहुत तेजी से चोद रहा था और उसने मेरी चूत का भोसड़ा बना कर रख दिया था लेकिन मुझे राकेश के साथ अपनी चूत मरवाने में मजा आ रहा था और मैं राकेश का साथ दे रही थी। 
प्यार नहीं बस चुदने की हवस है (Pyar Nahi Bas Chudne Ki Hawas Hai)
प्यार नहीं बस चुदने की हवस है (Pyar Nahi Bas Chudne Ki Hawas Hai)
जिस प्रकार से मैने उसका साथ दिया उससे वह बहुत खुश हो गया था वह मुझे कहने लगा तुम जिस प्रकार से मेरा साथ दे रही हो उससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। राकेश ने मुझे घोड़ी बनाया और घोड़ी बनाते ही लंड पर तेल लगाकर अपने लंड को घुसा दिया जब उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर घुसाया तो मैं चिल्ला उठी थी राकेश मुझे कहने लगा कुछ नहीं होगा काजल। मैंने उसे कहा मैं तुम्हें अगर यह कहूं कि मुझे तुम्हारे साथ आज शारीरिक संबंध नहीं बनाना था।

वह मुझसे कहने लगा कि मैं कई दिनों से तुम्हें देख रहा था तुम बहुत उदास थी लेकिन मुझे लगा कि आज तुम खुश हो। मैंने राकेश को कहा भला अपनी चूत मरवाकर कौन खुश नहीं होगा मुझे तुम्हारे साथ आज सेक्स करने में मजा आ रहा है और तुमसे अपनी चूत मरवा कर मैं बहुत खुश हूं। 

यह बात कहने के दौरान राकेश मुझे कहने लगा लगता है मेरा वीर्य बाहर की तरफ आने वाला है मैंने राकेश से अपनी चूतडो को मिलाना शुरू किया और बड़ी तेज गति से मैं अपनी चूतडो को राकेश के लंड से मिला रही थी कुछ ही देर बाद राकेश का वीर्य पतन हो गया। 

उसने मुझे कहा आज तुम्हारे साथ संभोग करने में मजा आ गया राकेश मेरी जिंदगी में आ चुका था और अजीत को मैं भूल चुकी थी लेकिन मैं राकेश से प्यार नहीं करती थी क्योंकि मेरी जिंदगी में अब प्यार के लिए कोई जगह थी ही नहीं थी। मैं सिर्फ राकेश के साथ शारीरिक संबंध बनाने में विश्वास रखती थी और इससे अधिक में राकेश को कुछ भी नहीं मानती थी।
प्यार नहीं बस चुदने की हवस है (Pyar Nahi Bas Chudne Ki Hawas Hai) प्यार नहीं बस चुदने की हवस है (Pyar Nahi Bas Chudne Ki Hawas Hai) Reviewed by Priyanka Sharma on 11:09 PM Rating: 5

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