मामी की चूत लंड लेने को तैयार थी (Mami Ki Choot Land Lene Ko Tayar Thi)

मामी की चूत लंड लेने को तैयार थी
(Mami Ki Choot Land Lene Ko Tayar Thi)

दोपहर के वक्त मैं बहुत गहरी नींद में था क्योंकि रविवार के दिन छुट्टी थी तो सोचा आराम कर लूँ तभी मेरा फोन बज उठा आरोही ने मुझे कहा कि आप के फोन पर किसी का कॉल आ रहा है। मैंने जब फोन उठा कर देखा तो मैंने देखा उस वक्त मेरे दोस्त गोविंद का फोन आ रहा था मैंने गोविंद को कहा आज तुमने मुझे दोपहर में फोन कर दिया। 

गोविंद मुझे कहने लगा कि सुरजीत मुझे तुमसे कोई जरूरी काम था और मुझे तुम्हें अभी मिलना है मैंने गोविंद को कहा हम लोग शाम के वक्त नहीं मिल सकते क्या। मुझे गोविंद कहने लगा नहीं मुझे अभी तुम से मिलना है और बहुत जरूरी काम है मैं भी गोविंद को मना ना कर सका और गोविंद से मिलने के लिए मैं चला गया। 

मैं जब गोविंद को मिलने के लिए गया तो गोविंद मुझे कहने लगा सुरजीत मेरी बहन पड़ोस के लड़के के साथ घर से भाग गई है मैंने गोविंद को कहा लेकिन यह कब हुआ तो वह मुझे कहने लगा कि यार यह कल की ही बात है मैं बहुत ज्यादा परेशान था तो सोचा तुम्हे फोन करूं इसलिए तुम्हें फोन कर दिया।

मैंने गोविंद को कहा लेकिन तुमने यह बात मुझे बताई नहीं वह मुझे कहने लगा यार इस बारे में मैं तुम्हें कैसे बताता तुम ही मुझे बताओ मैं खुद ही किसी को इस बारे में बता नहीं पा रहा हूं और मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं। मैंने उसे कहा अब तुम परेशान मत हो सब कुछ ठीक हो जाएगा मैंने गोविंद को कहा तुम मुझे पूरी बात बताओ। 

गोविंद ने मुझे पूरी बात बताई और कहने लगा कि उसकी बहन और पड़ोस के लड़के का चक्कर काफी समय से चल रहा था। मैंने उसे पूछा क्या तुम्हारी बहन ने तुमसे कभी इस बारे में बात नहीं की तो गोविंद मुझे कहने लगा मैंने उससे बात की थी और उसने भी मुझे इस बारे में बताया था लेकिन मुझे वह लड़का बिल्कुल भी पसंद नहीं था इसलिए मैंने अपनी बहन को समझाया था कि तुम उससे दूर रहो परंतु शायद मेरी शक्ति की वजह से ही वह घर से भाग गई। 

मैंने गोविंद को कहा देखो गोविंद अब तुम इस बात को भूल कर अपनी बहन को फोन करो या उससे संपर्क करने की कोशिश करो और उसे घर बुला लो। गोविंद मुझे कहने लगा हां यार तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो मुझे अपनी बहन को घर बुला लेना चाहिए और उसके इस रिश्ते को स्वीकार कर लेना चाहिए। 

मैंने गोविंद को कहा तुम्हें यह सब पहले ही कर लेना चाहिए था जब तुम्हें इस बारे में मालूम था कि तुम्हारी बहन घर से भाग सकती है तो तुम्हें उसके रिश्ते को स्वीकार कर लेना चाहिए था। गोविंद मुझे कहने लगा कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई लेकिन अब ऐसा नहीं होगा मैं उसे घर बुला लूंगा और उन दोनों को मैं समझा लूंगा। 

मैंने गोविंद को कहा तुम्हें ऐसा ही करना चाहिए गोविंद को इसलिए भी ज्यादा चिंता हो रही थी क्योंकि गोविंद ने ही अपनी बहन को बचपन से पाला पोसा है। गोविंद की बहन उससे 10 वर्ष छोटी है और गोविंद ने उसे हमेशा प्यार दिया है लेकिन उसे नहीं मालूम था कि उसकी बहन कभी ऐसा भी कर सकती है परंतु गोविंद को मैंने अब समझा दिया था और गोविंद चाहता था कि वह अपनी बहन को वापस बुला ले। 

मैंने गोविंद को कहा अभी मैं चलता हूं लेकिन तुम्हें मेरी जरूरत पड़ेगी तो मुझे फोन करना गोविंद मुझे कहने लगा ठीक है मुझे जब तुम्हारी जरूरत पड़ेगी तो मैं तुम्हें जरूर फोन करूंगा। मैं अपने घर लौट चुका था जब मैं घर पहुंचा तो मेरी पत्नी आरोही मुझसे पूछने लगी कि आप इतनी जल्दी में कहां चले गए थे तो मैंने आरोही को बताया कि गोविंद की बहन घर से भाग गई है इसलिए गोविंद ने मुझे घर पर बुलाया था। 

आरोही ने मुझसे कई सवाल पूछे और मुझे कहने लगी की उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था मैंने आरोही को कहा आरोही अब यह तो वही जाने कि उसने ऐसा क्यों किया। मुझे भी मालूम है कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था लेकिन उसने गलत किया परंतु इससे गोविंद को बहुत फर्क पड़ा और गोविंद की छवि भी फीकी पड़ने लगी थी इसलिए गोविंद बहुत ज्यादा चिंतित भी था। 

गोविंद को मैंने समझाया था और उसने अपनी बहन को घर वापस बुला लिया उसकी बहन जब घर लौट आई तो वह बहुत खुश था और उसे इस बात की खुशी भी थी की उसकी बहन घर लौट आई है।

गोविंद चाहता था कि उन दोनों की शादी बहुत धूमधाम से करवाए इसलिए गोविंद ने अपनी बहन और उस लड़के की शादी बड़े धूमधाम से करवाई। गोविंद मुझे कहने लगा कि यह सब तुम्हारी वजह से हुआ है मैंने गोविंद को समझाया और कहा देखो दोस्त इसमें मैंने कुछ नहीं किया है मैंने तो सिर्फ तुम्हें रास्ता दिखाया और तुमने अपनी बहन के रिश्ते को स्वीकार कर के बहुत अच्छा किया। 

गोविंद मुझे कहने लगा तुमने मुझे सही समय पर आकर सही सलाह दी जिसकी वजह से मैंने अपनी बहन के रिश्ते को स्वीकार कर लिया और मुझे उस से अब कोई भी समस्या या तकलीफ नहीं है। आरोही और मैं भी गोविंद की बहन की शादी में गए थे और हम लोग जब गोविंद की बहन की शादी में गए तो हम लोगों को वहां अच्छा लगा। 

शादी के दौरान ही गोविंद ने मुझे अपने मामा मामी से मिलवाया गोविंद के मामा जी एक बिजनेसमैन है और गोविंद ने जब उनसे मुझे मिलाया तो वह मुझ से बहुत प्रभावित हुए और कहने लगे कि मैं आपके साथ बिजनेस करना चाहता हूं। उनके इतना कहने पर मैंने उन्हें कहा कि मैं आपसे मिलने के लिए आ जाऊंगा, कुछ दिन बाद मैं उनसे मिलने के लिए उनके ऑफिस में चला गया।

मैं जब गोविंद के मामा जी से मिलने के लिए उनके ऑफिस में गया तो वह मुझसे वह बहुत प्रभावित हुए वह मुझे कहने लगे मैं आपके साथ कोई बिजनेस शुरू करना चाहता हूं। 

मैंने उन्हें कहा क्यों नहीं सर हम लोग जरूर मिलकर कोई बिजनेस शुरू करेंगे उन्होंने मेरी बहुत तारीफ की उसके बाद तो उनके घर पर अक्सर आना-जाना लगा रहता था लेकिन उनकी पत्नी जो कि अक्सर मुझे देखा करती है उनकी नियत कुछ ठीक नहीं थी, उनकी प्यासी नजरें मुझे अपने बंद कमरे में बुलाने के लिए उत्सुक रहती थी। 

मैं तो चाहता ही था कि उन्हें उनके ही कमरे में चोदू यह सब इतना आसान नहीं था उसके लिए मुझे एक मौका चाहिए था मुझे मौका जब मिला तो मैंने मौका नहीं छोड़ा। मैंने मामी को उनके कमरे में लेटा दिया और उनके होठों को चूमने लगा मैं उनकी गांड को दबा रहा था जब मै उनकी गांड को दबाता तो वह कहने लगी तुम्हारे साथ बहुत अच्छा लग रहा है वह मेरे साथ बहुत खुश थी। 

मैंने उनकी गांड को दबाना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी सुरजीत मुझसे रहा नहीं जा रहा है मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और अपने लंड को हिलाना शुरू किया थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और जिस प्रकार से वह मेरे लंड का रसपान करने लगी उससे मुझे अच्छा लगने लगा। 

उन्होंने अपने पूरा अनुभव को दिखाते हुए मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक ले लिया जब वह मेरे लंड को अपने गले के अंदर तक लेती तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आता बहुत देर तक उन्होंने मेरे लंड को चूसा और मेरे लंड से उन्होंने पानी बाहर निकाल दिया। 

मैंने जब उनके स्तनों पर अपने हाथों को लगाया तो उनके स्तन बडे सुडौल थे मैंने उन्हें कहा आपने अपने स्तनों को बड़ा मैंटेन कर रखा हुआ है? वह कहने लगी मेरे स्तनों को चूस कर तुम्हें मजा आ जाएगा मैंने उनके स्तनों पर अपनी जीभ को लगाया और चूसना शुरू किया मैंने उनके स्तनों पर अपने दांतों के निशान मारे तो वह उत्तेजित हो गई। 
मामी की चूत लंड लेने को तैयार थी (Mami Ki Choot Land Lene Ko Tayar Thi)
मामी की चूत लंड लेने को तैयार थी (Mami Ki Choot Land Lene Ko Tayar Thi)
उन्होंने मेरे लंड को पकड़ते हुए अपनी चूत पर रगडना शुरू किया मैंने उन्हें कहा बस थोड़ी देर की बात है मैं आपकी चूत में लंड घुसा दूंगा उनकी चूत के अंदर से पानी लगातार बाहर की तरफ को निकाल रहा था।

मैंने जब अपने लंड को उनकी चूत के अंदर प्रवेश करवाया तो वह चिल्ला उठी और कहने लगी आज मजा आ गया तुम्हारा 10 इंच मोटा लंड चूत के अंदर तक जा रहा है तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते रहो। 

मैं उन्हें लगातार तीव्र गति से धक्के दिए जा रहा था मुझे बहुत अच्छा लगता जिस प्रकार से मैं उनकी चूत का आनंद ले रहा था। मैंने जब अपने लंड को उनकी चूत से बाहर निकाला और अपने वीर्य को उनके स्तनों पर गिर दिया। मैंने जब उन्हें घोड़ी बनाया तो उनकी चूत पर मैंने अपने लंड को सटाते हुए अंदर डाला उनकी बड़ी गांड को मैंने अपने हाथ से पकड़ा हुआ था और बड़ी तेज गति से मैं उन्हें धक्के दे रहा था। 

मुझे धक्का मारने में बहुत आनंद आता ऐसे ही मैं उन्हें धक्के मारता रहा वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी और बहुत ज्यादा खुश नजर आ रही थी। उन्होंने अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाना जारी रखा और कहने लगी मुझे तुमसे अपनी चूतडो को मिलाकर मजा आ रहा है।

मैने उन्हे कहा आपकी गांड बड़ी लाजवाब है वह कहने लगी आप मेरी गांड के मजे भी ले सकते हो? जैसे ही उन्होंने यह बात मुझे कहीं तो मैंने तुरंत अपने लंड पर थूक लगाते हुए उनकी मोटी गांड के अंदर घुसा दिया उनकी मोटी गांड के अंदर मेरा लंड घुसते ही वह चिल्ला उठी मैं लगातार तेज गति से धक्के मारने लगा। 

मेरा लंड छिल चुका था उनकी गांड से भी खून बाहर निकलने लगा था वह अपने मुंह से मादक आवाज निकालती तो मुझे और भी मजा आता। वह मुझे कहती और तेजी से मेरी गांड मारो मैंने अपनी पूरी ताकत के साथ उनकी गांड मारनी शुरू की जब मेरा लंड अंदर बाहर होता तो वह चिल्लाती और कहती थोड़ा और तेजी से करो। 

जब वह मुझे ऐसा कहती तो मेरे अंदर का जोश और भी ज्यादा बढ़ जाता मैं उन्हें बहुत तेजी से धक्के मारता जैसे ही मेरा वीर्य पतन उनकी गांड के छेद के अंदर हुआ तो वह खुश हो गई और मैं भी बहुत खुश था मैं मामी जी के साथ शारीरिक संबंध बना पाया। मेरा मन जब भी करता तो मैं उनकी गांड मारने के लिए चला जाता मुझे बहुत अच्छा लगता मैं जब उनकी गांड के अंदर अपने लंड को घुसाता मेरे अंदर का जोश दोगुना हो जाया करता।
मामी की चूत लंड लेने को तैयार थी (Mami Ki Choot Land Lene Ko Tayar Thi) मामी की चूत लंड लेने को तैयार थी (Mami Ki Choot Land Lene Ko Tayar Thi) Reviewed by Priyanka Sharma on 12:31 AM Rating: 5

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