मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ (Main Tumse Chudna Chahti Hun)

मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ
(Main Tumse Chudna Chahti Hun)

मैं अपने मामा जी की लड़की की शादी में गई हुई थी और जब मैं उसकी शादी में गयी तो मैं अपनी चचेरी बहन के साथ बैठी हुई थी हम दोनों आपस में बात कर रहे थे कि तभी मुझे विनीत दिखाई दिया। विनीत ने भी मेरी तरफ देखा और वह मेरे पास आया विनीत ने मुझे कहा महिमा तुम यहां कैसे तो मैंने विनीत को बताया मेरे मामा जी की लड़की की शादी है। 

विनीत मुझे कहने लगा अच्छा तो तुम्हारे मामा जी की लड़की की शादी है विनीत मुझे कई सालों बाद मिल रहा था तो मैंने विनीत को कहा तुम आजकल क्या कर रहे हो। विनीत ने मुझे अपने बिजनेस के बारे में बताया और विनीत मेरे साथ बैठ कर बात करने लगा विनीत से काफी सालों बाद मिलकर अच्छा लगा। 

मैं विनीत से अपने पुराने दोस्तों के बारे में पूछने लगी तो विनीत मुझे कहने लगा कि मेरा तो अब ज्यादा किसी के साथ संपर्क नहीं है लेकिन कुछ ही लोग हैं जिनके साथ मेरा संपर्क है और उन लोगों से मैं फोन पर बातें करता हूं। मैंने विनीत को कहा क्या तुम्हारी शादी हो चुकी है तो विनीत मुझे कहने लगा नहीं महिमा मैंने अभी तक शादी नहीं की है मैंने विनीत को कहा तुम्हें अब शादी कर लेनी चाहिए।

विनीत शादी के नाम से ही चुप हो गया क्योंकि विनीत और हमारे क्लास में पढ़ने वाली सुजाता का प्रेम संबंध काफी चर्चा में था मैंने जब सुजाता के बारे में विनीत से पूछा तो विनीत कहने लगा कि उससे फिलहाल तो मेरा कोई संपर्क नहीं है और तुम्हे तो उसके बारे में मालूम होगा ही कि उसने शादी कर ली। 

मैंने विनीत को कहा लेकिन तुम्हें भी अब शादी कर लेनी चाहिए तुम्हें सुजाता को छोड़कर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहिए। विनीत ने मुझसे कुछ नहीं कहा लेकिन वह मेरे साथ बैठा हुआ था हम दोनों आपस में एक दूसरे के हाल-चाल पूछ रहे थे तभी मेरे पति हमारे साथ आकर बैठे तो मैंने अपने पति का परिचय विनीत के साथ करवाया और अपने पति को कहा विनीत मेरे साथ क्लास में पढ़ा करता था। 

मेरे पति विनीत से बहुत प्रभावित हुए मेरे पति एक बिल्डर हैं और विनीत भी प्रॉपर्टी का ही काम करता है तो मेरे पति और विनीत की बहुत जम गई और उन दोनों ने एक दूसरे से काम को लेकर बात की। शायद मेरी वजह से विनीत को मेरे पति से मिलने का मौका मिल पाया और मेरे पति को भी विनीत से मिलने का मौका मिल पाया लेकिन उन दोनों ने ही अपनी बात को अपने बिजनेस से जोड़ना शुरू कर दिया और वह दोनों सिर्फ उसी बारे में बात कर रहे थे।

मैंने विनीत से कहा विनीत मैं चलती हूं मेरी चचेरी बहन मेरे साथ ही बैठी हुई थी और वह काफी देर से बोर हो रही थी मेरे पति और विनीत साथ में बैठे हुए थे लेकिन मैं और मेरी चचेरी बहन वहां से उठकर चले गए। 

जब हम लोग गए तो हम दोनों ही आपस में बात करने लगे मुझे मेरी चचेरी बहन कहने लगी विनीत काफी सुलझे हुए और अच्छे व्यक्ति हैं मैंने अपनी बहन को बताया कि उसके और सुजाता के बीच में लव अफेयर बड़े चर्चे में थे और हमारे कॉलेज में उन दोनों के प्यार के किस्से बड़े मशहूर थे लेकिन जब सुजाता ने किसी और से शादी की तो विनीत भी शायद इस सदमे को बर्दाश नहीं कर पाया इसीलिए तो वह सुजाता का नाम सुनकर ही चुप हो गया। 

थोड़ी देर बाद मेरे पति भी हमारे साथ आ गए और मैंने उनसे पूछा विनीत कहां है तो वह कहने लगे कि वह तो चला गया। मेरे पति और विनीत की बात कुछ बिजनेस को लेकर बात हुई थी तो उसी के सिलसिले में विनीत एक दिन हमारे घर पर आया जब विनीत घर पर आया तो मेरे पति और विनीत अपने बिजनेस को लेकर बात करने लगे लेकिन मेरे पति को कहीं जाना था तो वह विनीत को कहने लगे कि तुम महिमा के साथ बैठो मैं अभी काम से कहीं जा रहा हूं। 

विनीत कहने लगा ठीक है विनीत मेरे साथ बैठ कर बात करने लगा तो विनीत ने मुझे पूछा तुम्हारी शादीशुदा जिंदगी कैसी चल रही है मैंने उसे कहा मेरी शादी शुदा जिंदगी तो अच्छी चल रही है और मेरे पति मेरा बहुत ध्यान रखते हैं। 

विनीत और मैं साथ में बैठे हुए थे तो मैंने विनीत से कहा क्या मैं तुम्हारे लिए एक कप चाय का बनाकर लेकर आऊं तो विनीत कहने लगा कि हां महिमा मेरे लिए तुम चाय बना कर ले आओ। हालांकि विनीत और मेरे पति पहले ही चाय पी चुके थे लेकिन विनीत ने मुझे दोबारा चाय लाने के लिए कहा तो मैं रसोई में गई और मैंने चाय बनाई। 

करीब 15 मिनट बाद मैं विनीत के लिए चाय ले आई अब हम दोनों चाय पीते पीते आपस में बात कर रहे थे तो विनीत ने मुझसे पूछा कि तुम्हारे पति बहुत अच्छे हैं और वह काफी नेक दिल भी है।

मैंने विनीत को कहा तभी तो हम लोगों का रिश्ता इतने वर्षों से अच्छे से चल रहा है और कभी भी हम लोगों के बीच किसी भी बात को लेकर झगड़ा नहीं हुआ हम लोगों के बीच किसी भी बात को लेकर मतभेद नहीं है क्योंकि हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं।

विनीत मुझे कहने लगा कि महिमा तुम बहुत खुश नसीब हो जो तुम्हें तुम्हारे पति के रूप में प्यार करने वाले इतने अच्छे इंसान मिले। विनीत के अंदर कहीं ना कहीं सुजाता का गम था और सुजाता से दूर होने की तकलीफ विनीत के चेहरे पर साफ नजर आती मैंने विनीत को कहा तुम शादी क्यों नहीं कर लेते तो विनीत कहने लगा अभी मैंने शादी के बारे में नहीं सोचा है। 

मैंने विनीत से कहा अब तो काफी समय हो चुका है अब तुम्हें शादी कर लेनी चाहिए विनीत कहने लगा महिमा अभी तो मैंने इस बारे में वाकई में कुछ नहीं सोचा है लेकिन जब कोई अच्छी लड़की मिल जाएगी तो मैं इस बारे में जरूर सोच लूंगा।

अचानक से विनीत को देखकर मेरे मन में ना जाने क्यों गलत भावना जागने लगी। मैं और विनीत साथ में बैठे थे मैंने विनीत को कहा मैं अभी आती हूं? मैं जब अपने रूम में गई तो मैं अपनी चूत के अंदर डिलडो को लेने लगी मेरा मन सेक्स करने का हो रहा था लेकिन मैं यह सब विनीत को नहीं कह सकती थी परंतु जैसे ही विनीत कमरे के अंदर आया तो उसने मुझे देखा और कहने लगा तुम यह क्या कर रही हो? 

मैंने उसे कहा पता नहीं मेरे अंदर अचानक से सेक्स को लेकर एक अलग ही भावना जाग गई विनीत मेरे पास आया जब उसने मेरी चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। वह मुझे कहने लगा तुम्हारी चूत को मुझे चाटना है, वह मेरी चूत को चाटने लगा मुझे बड़ा मजा आने लगा काफी देर तक उसने मेरी चूत के मजे लिए मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी। 

विनीत बहुत ज्यादा खुश नजर आ रहा था मुझे वह कहने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने भी विनीत को कहा मुझे भी अब तुम्हारे साथ बहुत अच्छा लग रहा है। उसने जैसे ही मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मैं चिल्लाने लगी मेरे मुंह से मादक आवाज निकलने लगी। वह लगातार तेजी से मुझे धक्के मारने लगा वह मुझे कहने लगा मुझे तुम्हें धक्के मारकर मजा आ रहा है। 
मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ (Main Tumse Chudna Chahti Hun)
मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ (Main Tumse Chudna Chahti Hun)
वह मुझे कहने लगा मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि तुम्हारे साथ मुझे ऐसा मौका मिल पाएगा लेकिन अचानक से ही तुम्हारे अंदर ना जाने क्यों आज सेक्स की भावना जागने लगी और तुम्हारे साथ आज शारीरिक संबंध बनाकर मैं खुश हूं। 

विनीत के चेहरे पर बहुत ज्यादा खुशी थी मैं भी बहुत खुश थी थोड़ी देर बाद विनीता ने अपने वीर्य को मेरे स्तनों पर गिराया तो मैंने उसे कहा तुम्हें अपने वीर्य को मेरे मुंह के अंदर गिरा देते तो मुझे और भी मजा आता। विनीत कुछ देर बाद ही सेक्स को लेकर दोबारा से उत्तेजित हो गया वह पूरी तरीके से गर्म हो चुका था विनीत मेरे स्तनों को चूसने लगा।

जब वह मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था तो मुझे बड़ा मजा आता और विनीत को भी बहुत अच्छा लग रहा था मैं अपनी चूत के अंदर उंगली को डाल रही थी और उसे अपनी और आकर्षित करने की कोशिश करती। विनीत का मोटे लंड को अपनी चूत में लेने में मुझे बड़ा मजा आया था जिस प्रकार से उसने मेरे साथ सेक्स किया उससे मैं खुश हो गई थी। 

मैंने विनीत की तरफ अपनी चूतड़ों को किया और विनीत ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया उसने मेरी चूतड़ों को कस कर पकड़ लिया था। उसने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मैं चिल्ला उठी मैं उसे लगातार तेजी से चिल्लाने लगी उसे बड़ा मजा आने लगा। 

वह बहुत ज्यादा खुश हो गया था मैं उसके साथ बहुत देर तक दिया मै ऐसे ही मजे ले रही थी मैं अपनी चूतड़ों को उससे टकराती तो वह खुश हो जाता मुझे भी बहुत अच्छा महसूस हो रहा था।

विनीत ने मेरी गांड के अंदर अपने लंड को डालने की इच्छा जाहिर की तो मैंने उसे मना कर दिया परंतु वह कहने लगा आज हम ट्राई करके देखते हैं मैंने आज से पहले कभी भी एनल सेक्स नहीं किया है। मैं भी विनीत की बात मान गई और उसके साथ एनल सेक्स करने के लिए तैयार हो गई। 

उसने अपने लंड को चिकना बनाते हुए मेरी गांड के अंदर लंड को घुसाया जैसे विनीत का लंड मेरी गांड के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं चिल्ला उठी। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था मैं उसका साथ बडे अच्छे से दे रही थी मेरी गांड से खून भी निकलने लगा था लेकिन मुझे उसके साथ बड़ा मजा आ रहा था और मैं उसका साथ बहुत ही अच्छे तरीके से दे रही थी। 

उसने मुझे कहा तुम भी अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाती रहो मैं भी अपनी चूतड़ों को उस से टकरा रही थी और उसे बहुत अच्छा लग रहा था। विनीत कहने लगा तुम्हारी गांड मारने में आज मजा आ गया मैंने विनीत को कहा मुझे आज बड़ा मजा आया विनीत का वीर्य मेरी गांड के अंदर गिर चुका था। विनीत के लंड को पहली बार गांड मे लेने का अनुभव बहुत अच्छा रहा मै तो हमेशा विनीत का लंड लेने को तैयार रहती।
मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ (Main Tumse Chudna Chahti Hun) मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ (Main Tumse Chudna Chahti Hun) Reviewed by Priyanka Sharma on 12:37 AM Rating: 5

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