दोस्त की विदेशी बीवी की कामुक चुदाई (Dost Ki Videshi Biwi Ki Kamuk Chudai)

कुछ दिनों से हमारे घर पर एक अनजान नंबर से फोन आ रहा था जब भी मैं फोन उठाता तो सामने से फोन कट जाता लेकिन मेरी समझ में कुछ आया नहीं कि आखिर यह फोन कौन करता है। मेरे पापा मुझे कहने लगे कि सुमित बेटा कुछ दिनों से अनजान नंबर से फोन आ रहा है मैंने पापा को कहा हां पापा मैं भी देख रहा हूं कि अनजान नंबरों से फोन आ रहा है लेकिन आखिर यह फोन करता कौन है। 

पापा के पास भी कोई जवाब नहीं था मैं भी यही सोच रहा था कि आखिर हर रोज अनजान नंबर से कम से कम 8 से 10 बार फोन आ रहा है और यह फोन करता कौन है इस बारे में अभी तक कुछ पता चल नहीं पाया था। 

मैं इस बात को जानना चाहता था और इसी के लिए मैंने अपनी बहन को कहा कि यदि अब इस नंबर पर फोन आया तो तुम मुझे बताना मेरी बहन ने कहा कि ठीक है मैं आपको बता दूंगी लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि वह फोन मेरी बहन के लिए ही आ रहा था। दरअसल मेरी बहन को कोई परेशान कर रहा था लेकिन उसने अभी तक मुझे इस बारे में नहीं बताया था।

मेरी बहन कॉलेज में पढ़ती है और उसे कोई लड़का बहुत परेशान कर रहा था परंतु यह बात उसने मुझसे छुपा कर रखी। 

जब उसने मुझे इस बारे में बताया तो मैं आग बबूला हो गया मैंने अपनी बहन को कहा कि तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया तो वह कहने लगी कि भैया मैं आपको क्या बताती वह लड़का हमारे साथ पढ़ता है और मुझे बहुत परेशान करता है। 

मैं उस दिन अपनी बहन को अपने साथ कॉलेज लेकर गया और मैंने कॉलेज में जाकर उस लड़के की शिकायत कर दी उसके बाद कॉलेज प्रशासन ने उसके खिलाफ सख्त कदम लिया और उसे कॉलेज से निकाल दिया गया। शायद उस बात से वह लड़का भी आग बबूला हो गया और एक दिन वह हमारे घर के बाहर खड़ा होकर बहुत शोर शराबा करने लगा। 

मुझे पता था कि वह लड़का ऐसे नहीं समझने वाला मैंने उसे कहा कि देखो तुम ऐसा मत करो यह बिल्कुल ठीक नहीं है लेकिन वह माना नहीं। उसके बाद मुझे मजबूरी में पुलिस स्टेशन जाकर कंप्लेंट दर्ज करवानी पड़ी और उस लड़के के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और उसे कुछ दिनों के लिए पुलिस थाने में बंद कर लिया गया लेकिन उसके बाद भी वह सुधरा नहीं और मेरी बहन को परेशान करने लगा।

मेरी तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसे में क्या करना चाहिए मुझे अपनी बहन का डर भी सताता वह मुझे इस बारे में बताती तो नहीं थी लेकिन वह भी बहुत डरी हुई थी परंतु पुलिस ने हमें पूरा भरोसा दिया और उसके बाद उस लड़के के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और अब वह मुझे काफी समय से दिखाई नहीं दिया। 

मेरी बहन भी अब अपना कॉलेज खत्म कर के जॉब करने लगी थी इस बात को भी काफी समय बीत चुका था। मेरी बहन के लिए भी अब रिश्ते आने लगे थे और इसी के चलते हमने उसके लिए एक लड़का देखा और उसकी शादी तय हो गई। 

हम लोगों ने उसकी सगाई कर दी थी पापा मम्मी इस बात से खुश थे और अब हम लोगों ने उसकी शादी का भी दिन तय कर लिया था और जब उसकी शादी हुई तो हम लोगों ने शादी में कोई कमी नहीं रखी। हमने उसकी शादी धूमधाम से करवाई सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था और मैं भी बहुत खुश था मेरे जीवन में भी बहुत खुशी थी और मुझे इस बात की खुशी थी कि मेरी बहन की की शादी अच्छे घर में हो पाई है। 

मैंने एक दिन अपनी बहन को फोन किया और कहा तुम कैसी हो तो वह कहने लगी मैं ठीक हूं भैया आप बताइए घर पर सब लोग कैसे हैं। मैंने उसे कहा घर पर तो सब लोग ठीक हैं बस तुम्हारी याद आ रही थी तो सोचा तुम्हें फोन कर लेता हूं इसलिए मैंने तुम्हें फोन किया। 

वह कहने लगी कि भैया आपने ठीक किया जो मुझे फोन किया मैं काफी समय से सोच रही थी कि आप लोगों से मिलने के लिए आऊं लेकिन मैं मिलने के लिए नहीं आ पा रही हूं। 

मैंने उसे कहा कि यदि तुम मिलने के लिए आना चाहती हो तो मैं तुम्हें लेने के लिए आ जाता हूं वह मुझे कहने लगी कि यदि आप मुझे लेने के लिए आ जाते तो मैं भी आप लोगों से मिल लेती। मैंने उसे कहा मैं जब अपने ऑफिस से लौटूंगा तो तुम्हें मैं रिसीव कर लूंगा वह कहने लगी ठीक है भैया आप जब ऑफिस से लौटेंगे तो मुझे भी रिसीव कर लीजिएगा।

मैं जब ऑफिस से लौटा तो मैंने उसे रिसीव कर लिया और उसके बाद वह मेरे साथ घर पर आई पापा मम्मी बहुत खुश थे क्योंकि वह लोग उससे काफी समय बाद मिल रहे थे। मेरा भी ऑफिस में प्रमोशन हो चुका था और मैं इस बात से खुश था कि मेरा प्रमोशन हो गया है मैं बहुत ज्यादा खुश था और मैं इसे सेलिब्रेट करना चाहता था।

मैं उस दिन अपने परिवार के साथ बाहर मूवी देखने के लिए गया मेरी पत्नी भी बहुत खुश थी कि काफी समय बाद हम लोग कहीं साथ में घूमने के लिए जा रहे हैं। जब मैं उस दिन मूवी देखने के लिए गया तो मेरी मुलाकात मेरे दोस्त से हुई मेरा दोस्त मुझे काफी समय बाद मिला संजीव मुझे कहने लगा कि सुमित तुम आजकल कहां हो। 
मैंने उसे बताया कि मैं तो यहीं हूं लेकिन तुम्हारा कुछ पता नहीं है संजीव मुझे कहने लगा कि मैं आजकल न्यूजीलैंड में बिजनेस कर रहा हूं। मैंने संजीव को कहा चलो यह तो बहुत अच्छी बात है तुमने बहुत जल्दी बहुत तरक्की कर ली है तो वह कहने लगा बस तुम ऐसा ही समझो। 

मैंने उसे अपने परिवार से मिलाया और मैंने उसे कहा मैं तुमसे फुर्सत में बात करूंगा। संजीव कहने लगा कि ठीक है मैं तुम्हें अपना नंबर दे देता हूं मैं अभी काफी समय तक घर पर ही हूं तुम मुझे फोन कर लेना मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हें फोन कर दूंगा। 

मैंने फ्री होकर संजीव को फोन किया तो मैं उससे मिलने के लिए गया मैंने संजीव को कहा तुमने तो बहुत जल्दी तरक्की कर ली है वह कहने लगा बस यार कुछ ऐसा ही समझो मेरे हाथ लॉटरी लग गई थी।

मैंने उसे कहा ऐसी भी क्या तुम्हारी लॉटरी लगी तो कहने लगा कि दरअसल मैंने अंशिता से शादी कर ली। अंशिता संजीव की पत्नी है और संजीव ने मुझे बताया कि वह एकलौती है और उसके पिताजी के पास बहुत संपत्ति थी उनका न्यूजीलैंड में ही बिजनेस है इसी वजह से संजीव अब इस बिजनेस को आगे चला रहा है। 

मैंने संजीव को कहा चलो यह तो बहुत खुशी की बात है संजीव ने मुझे कहा कि तुम मेरे घर पर कभी मिलने के लिए आना मैं तुम्हें अपनी पत्नी से मिलाऊंगा मैंने संजीव को कहा ठीक है जब मुझे समय मिलेगा तो मैं तुम्हारे घर पर जरूर आऊंगा। 

मेरे प्रमोशन के बाद मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था ऑफिस में मेरे ऊपर कुछ ज्यादा ही जिम्मेदारियां आ गई थी जिससे कि मैं काफी ज्यादा थक जाया करता था और मुझे अपने लिए समय भी नहीं मिलता था। संजीव का फोन मुझे आया और संजीव कहने लगा कि सुमित क्या तुम फ्री हो मैंने उसे कहा हां आज मैं फ्री हूं तो सुमित कहने लगा कि यदि तुम आज फ्री हो तो मुझसे मिलने के लिए घर पर आ जाओ।

मैंने सुमित को कहा ठीक है मैं तुमसे मिलने के लिए आता हूं मैं सुमित को मिलने के लिए उसके घर पर गया तो उसने मुझे अपनी पत्नी अंशिता से भी मिलवाया। अंशिता से मिलकर मुझे अच्छा लगा और हम तीनों साथ में बैठ कर बात कर रहे थे मैंने संजीव को कहा यार वाकई में तुम्हारी तो लॉटरी लग गई है।

संजीव की पत्नी के हाव-भाव मुझे कुछ ठीक नहीं लगे उसकी आंखों में जो प्यार और हवस का नशा था वह मैंने देखते ही पहचान लिया था। संजीव को भी शायद इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था उसकी पत्नी अंशिता एक नंबर की जुगाड़ है वह तो सिर्फ पैसे का लालची था। 

जब भी मैं उसके घर पर जाता तो अंशिता की नजरें मुझसे टकराती किसी प्रकार से उसने मेरा नंबर संजीव के मोबाइल से निकाल लिया और मुझे फोन किया।

अंशिता से उस दिन मैंने घंटे तक बात की जब उस से मेरी बात हुई तो मैं उस से मिलने के लिए चला गया मैं जब अंशिता से मिलने के लिए गया तो उसने पिंक कलर की नाइटी पहनी हुई थी और उसमें उसका बदन साफ दिखाई दे रहा था उसके उभरे हुए स्तन और उसकी ऊभरी हुई गांड मुझे साफ नजर आ रही थी क्योंकि मैं उसे चोदने के लिए गया हुआ था इसलिए मैंने जब उसके बदन को महसूस किया और उसे अपनी बाहों में लिया तो उसके स्तन मेरी छाती से टकराने लगे। 

मैंने उसके स्तनों को दबाया और उसे बिस्तर पर लेटाते हुए उसके होठों को कुछ देर तक जमकर रसपान किया उसकी नाइट उतारते हुए उसकी पिंक रंग की ब्रा को भी उतारा और उसके स्तनों को जब मैं चूसता तो उसे मजा आता उसके निप्पल के ऊपर मैंने अपनी जीभ लगाकर चूसना शुरू किया तो उस से दूध बाहर निकलने लगे।

वह बिल्कुल रह नहीं पा रही थी मैंने जब उसकी चूत पर अपनी जीभ को लगाया तो उसकी चूत पूरी तरीके से गिली हो चुकी थी मैंने भी अपने लंड को चूत के अंदर घुसाया और अंदर बाहर करना शुरू किया तो उसे मज़ा आने लगा। 
दोस्त की विदेशी बीवी की कामुक चुदाई (Dost Ki Videshi Biwi Ki Kamuk Chudai)
दोस्त की विदेशी बीवी की कामुक चुदाई (Dost Ki Videshi Biwi Ki Kamuk Chudai)
मैं लगातार तेजी से उसे धक्के मार रहा था मुझे उसे धक्के मारने में बहुत मजा आता मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और जिस प्रकार से मैंने अंशिता की चूत का भोसड़ा बनाया उससे वह मुझे कहने लगी कि सुमित मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने मे मजा आ रहा है उसके चेहरे पर साफ खुशी नजर आ रही थी। 

वह कितनी खुश है मेरे साथ जिस प्रकार से उसने सेक्स का मजा लिया वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी और मैं भी खुश था। मैंने अंशिता की चूत से खून बाहर निकाल दिया था जब वह झड़ने वाली थी तो उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड लिया। मैं उसे तेजी से धक्के मारने लगा उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था लेकिन जैसे ही मैंने अपने वीर्य को अंशिता के स्तनों पर गिराया तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी आज मुझे बड़ा मजा आया।
दोस्त की विदेशी बीवी की कामुक चुदाई (Dost Ki Videshi Biwi Ki Kamuk Chudai) दोस्त की विदेशी बीवी की कामुक चुदाई (Dost Ki Videshi Biwi Ki Kamuk Chudai) Reviewed by Priyanka Sharma on 9:35 PM Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.