दोस्त की बीवी की जवानी देख मचल गया (Dost Ki Biwi Ki Jawani Dekh Machal Gaya)

दोस्त की बीवी की जवानी देख मचल गया
(Dost Ki Biwi Ki Jawani Dekh Machal Gaya)

निधि मुझे कहने लगी कि अवधेश मुझे घर आने में लेट हो जाएगी मैंने निधि को कहा निधि लेकिन तुम कब तक घर लौटोगी तो निधि कहने लगी कि मैं शाम तक ही घर लौट पाऊंगी। 

मैंने निधि को कहां क्या तुम्हें आज ऑफिस में कोई जरूरी काम है तो निधि कहने लगी कि हां मुझे आज ऑफिस में जरूरी काम है इसलिए मुझे घर आने में थोड़ा देर हो जाएगी। 


मैंने निधि को कहा चलो कोई बात नहीं तुम घर जब भी लौटोंगी तो मुझे फोन कर देना निधि कहने लगी कि ठीक है मैं तुम्हें फोन कर दूंगी। 


हम दोनों ही अपनी जॉब के चलते एक दूसरे को बिल्कुल भी समय नहीं दिया करते थे हम लोगों की सिर्फ फोन पर ही बातें हुआ करती थी निधि भी अक्सर अपने ऑफिस के टूर के चलते बाहर ही रहती थी और मैं निधि के साथ बहुत कम समय बिताया करता था। 


जब भी मैं अकेले होता तो मैं हमेशा यह सोचता कि क्या हम दोनों कभी एक दूसरे को समय भी दे पाएंगे जब हम दोनों पहले एक दूसरे को मिले थे तो उस वक्त हम दोनों एक दूसरे के साथ कितना खुश थे लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया वैसे ही हम लोगों के पास समय बिल्कुल भी नहीं है।


मुझे तो हमेशा से यही लगता है कि मैंने निधि से शादी कर के बहुत बड़ी गलती की क्योंकि निधि और मैं अपने सपनों को सच करने के चलते एक दूसरे को बिल्कुल भी समय नहीं दे पा रहे हैं। 


मुझे कई बार लगता है कि मुझे निधि से इस बारे में बात करनी चाहिए लेकिन मैं निधि से कभी इस बारे में बात कर ही नहीं पाया जब भी मैं इस बारे में निधि से कुछ बात करने के बारे में सोचता तो निधि मुझे कहती कि अवधेश हम लोग इस बारे में कभी और बात करेंगे इसलिए मैं निधि से इस बारे में बात कर ही नहीं पाया। 


अब मुझे एहसास होने लगा था कि मुझे निधि से इस बारे में बात करनी चाहिए और मैंने निधि से इस बारे में बात करने का फैसला किया मैं चाहता था कि हम दोनों एक दूसरे को समय दें। निधि शाम को जब अपने ऑफिस से घर लौटी तो निधि बहुत थकी हुई थी और वह मुझे कहने लगी कि अवधेश मैं तो बहुत ज्यादा थकी हुई हूं।


निधि ने फ्रिज से पानी की बोतल निकाली और वह पानी पीने लगी पानी पीने के बाद वह मुझे कहने लगी कि मैं बहुत ज्यादा थक गई हूं मैंने निधि को कहा निधि मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है। निधि मुझे कहने लगी कि अवधेश कहो ना तुम्हें क्या बात करनी है मैंने निधि को कहा निधि पहले तुम थोड़ी देर आराम कर लो मुझे तुमसे कुछ जरूरी बात करनी है। 


निधि मुझे कहने लगी कि तुम्हें मुझसे क्या जरूरी बात करनी है तुम मुझसे बात कर सकते हो मैंने निधि को कहा कि निधि तुम्हें वह दिन याद है जब हम लोग पहली बार मिले थे और हम लोग कितने खुश थे एक दूसरे की खुशियों में हम दोनों शामिल हुआ करते थे लेकिन जब से हम दोनों ने शादी की है उसके बाद हम दोनों पूरी तरीके से बदल चुके हैं हम दोनों को इस बारे में सोचना चाहिए। 


निधि मुझे कहने लगी कि अवधेश मैं तुम्हारा मतलब नहीं समझी कि तुम क्या कहना चाहते हो मैंने निधि को कहा देखो निधि मैं चाहता हूं कि हम लोगों को कुछ दिनों के लिए साथ में समय बिताना चाहिए और कहीं घूमने के लिए जाना चाहिए हम दोनों को काफी समय हो गया है जब से हमने साथ में अच्छा समय भी नहीं बिताया है। निधि को भी लगा कि शायद मैं बिल्कुल ठीक कह रहा हूं इसलिए निधि ने मुझे कहा कि अवधेश तुम ठीक कह रहे हो मुझे भी लगने लगा है कि हम दोनों एक दूसरे को समझ ही नहीं पाते हैं। 


मैंने निधि को कहा निधि मुझे कई बार लगता है कि हम दोनों ने एक दूसरे को कभी समय दिया ही नहीं है और मुझे तो ऐसा लगता है कि जब से हमारी शादी हुई है तब से हम दोनों पूरी तरीके से बदल चुके हैं और मुझे नहीं लगता कि हम दोनों अब एक दूसरे के साथ समय बिताते हैं। निधि मुझे कहने लगी कि अवधेश मुझे मालूम है लेकिन तुम ही बताओ कि हम लोगों को कहां जाना चाहिए। 


मैंने निधि को कहा क्यों ना हम लोग घूमने के लिए शिमला जाए तुम्हें याद है ना कॉलेज का टूर, शिमला के टूर की यादें आज तक मुझे याद है। निधि कहने लगी कि तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो क्यों ना हम लोग शिमला ही चले हम दोनों ने शिमला जाने का फैसला कर लिया था और हम दोनों ही इस बात से बहुत खुश थे। 


हम दोनों ने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी थी कि कम से कम मैं निधि के साथ कुछ अच्छा समय तो बिता पाऊंगा। मैं निधि के साथ अच्छा समय बिताना चाहता था और मैं चाहता था कि मैं निधि के साथ थोड़ा समय बिता पाऊं इसलिए तो मैंने प्लान बनाया था और जब हम लोग शिमला पहुंचे तो शिमला के जिस होटल में हम लोग रुके थे उस होटल के मैनेजर ने हमे रूम दिखाया। 


हालांकि हम लोगों ने रूम पहले ही बुक कर लिया था लेकिन मैं चाहता था कि यदि रूम में कोई दिक्कत हो तो हम लोग कम से कम रूम तो बदली कर पाए। जब मैनेजर ने मुझे रूम दिखाया तो वह कहने लगे कि सर यहां कोई भी परेशानी नहीं होगी निधि ने भी कहा कि हां रूम तो ठीक है। 


हम दोनों ने अपना सामान रखा और कुछ देर हम लोग बिस्तर पर लेट गए मैं और निधि अपने कॉलेज के दिनों की बातें करने लगे मैंने निधि से कहा निधि तुम्हें याद है जब मैंने पहली बार तुम्हें शिमला में ही अपने दिल की बात कही थी।


निधि कहने लगी कि हां मुझे याद है तुम कितना शरमा रहे थे लेकिन तुम ने आखिरकार अपने दिल की बात मुझसे कह ही दी और मुझे भी बहुत अच्छा लगा कि कम से कम तुमने अपने दिल की बात तो मुझे बता दी क्योंकि मैं भी तो तुम्हें पसंद किया करती थी। 


मैंने निधि से कहा निधि हम दोनों कितने बिजी हो चुके हैं और एक दूसरे के लिए हमारे पास बिल्कुल भी वक्त नहीं है निधि कहने लगी मुझे भी कई बार लगता है कि हम दोनों एक दूसरे के साथ समय नहीं बिता पाते हैं लेकिन फिर मैं सोचती हूं कि क्यों ना हम लोग अपने जीवन में पहले कुछ अच्छा कर ले। 


मैंने निधि को कहा निधि यह सब तो ठीक है हम दोनों अपने जीवन को सरल बनाने के लिए मेहनत जरूर कर रहे हैं लेकिन एक दूसरे के साथ हम लोग समय नहीं बिता पा रहे हैं। निधि मुझसे कहने लगी कि हां तुम ठीक कह रहे हो निधि ने कहा कि चलो हम लोग लॉन में चलते हैं और हम लोग लॉन में चले गए हम लोग वहां पर चाय पी रहे थे। 


हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे तभी मैंने देखा सामने से राहुल गुजर रहा था मैंने राहुल को देखते ही आवाज लगाई राहुल ने मेरी तरफ पलट कर देखा। मैंने राहुल को कहा तुम यहां कैसे? राहुल कहने लगा मैं अपनी पत्नी के साथ यहां आया हूं कुछ दिनों के लिए हम लोग यहां छुट्टी मनाने आए हैं राहुल मेरे साथ पहले ऑफिस में जॉब किया करता था जिस ऑफिस में में जॉब करता था। 


मैंने राहुल को अपनी पत्नी से मिलवाया राहुल निधि से मिलकर खुश हुआ उसने भी अपनी पत्नी शिवांगी को बुला लिया। शिवांगी जब बाहर आई तो राहुल ने मुझे शिवांगी से मिलवाया शिवांगी से मिलकर मुझे अच्छा लगा लेकिन उसकी कमसिन जवानी मेरे सर चढ़कर बोल रही थी मुझे तो ऐसा लग रहा था कि वह मुझसे चूत मरवाना चाहती है।



Bhabhi Ki Chudai Ki Shuruat

मुझे नहीं पता था कि जो मैं अपने दिल में सोच रहा हूं वह सच होने वाला है शिवांगी ने मेरे नंबर पर मैसेज कर के मुझे रूम में बुलाया। उस वक्त राहुल कहीं बाहर गया हुआ था मैं भी शिवांगी के रूम मैं चला गया शिवांगी ने मुझे बैठने के लिए कहा वह मेरे पास आकर बैठी और मुझसे चिपकने लगी। 

मैंने उसे कहा शिवांगी यह सब ठीक नहीं है वह मुझे कहने लगी कोई बात नहीं इस बारे में किसी को भी कुछ पता नहीं चलेगा हम दोनों के बीच यह बात रहेगी।


मेरे अंदर का जोश जागने लगा था मैंने शिवांगी के होठों को चूम लिया मैं उसके होठों को चूम रहा था तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था। शिवांगी के होठों को चूम कर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं सिर्फ उसके होंठों का रसपान करता रहा हूं काफी देर तक मैंने उसके होठों का रसपान किया। 

दोस्त की बीवी की जवानी देख मचल गया (Dost Ki Biwi Ki Jawani Dekh Machal Gaya)
दोस्त की बीवी की जवानी देख मचल गया (Dost Ki Biwi Ki Jawani Dekh Machal Gaya)
मै अपने अंदर की गर्मी को बिल्कुल रोक नहीं पा रहा था मैंने शिवांगी के कपड़े उतारे शिवांगी पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी मैंने जब उसकी ब्रा को खोलते हुए उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा मजा आ रहा है। मैंने उसके स्तनों का रसपान बहुत देर तक किया जब मै उसके स्तनों का रसपान कर रहा था तो मुझे भी मज़ा आ रहा था। 

मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पाया मैंने अपने लंड को बाहर निकाला शिवांगी ने उसे अपने होंठो में लगाते हुए अंदर की तरफ ले लिया। मेरे लंड को वह अपने मुंह में लेकर चूस रही थी मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था और उसे भी बड़ा आनंद आता काफी देर तक वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसती रही उसे बड़ा ही मजा आया।



Bhabhi Ki Choot Me Land Utaar Diya

उसने मुझे कहा मैं तुम्हारे लंड को अपनी चूत में लेना चाहती हू मैंने भी एक ही झटके में अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाल दिए मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगी अब तो मुझे मजा आ रहा है मैंने उसे कहा मजा तो मुझे भी बहुत आ रहा है वह अपने पैरों को खोलने लगी। 

मैं उसे तेजी से धक्के मार रहा था जिस प्रकार से मैं उसे धक्के मार रहा था उससे वह खुश हो गई और कहने लगी कसम से आज तो मजा ही आ गया। मैंने उसे कहा मुझे भी बड़ा मजा आ रहा है उसने मुझे अपने दोनों पैरो के बीच मे जकडा मैंने उसे कहा क्या तुम्हारा हो चुका है? 


वह कहने लगी अब मै तुम्हारा साथ नहीं दे पाऊंगी जैसे ही मैंने अपने वीर्य को उसकी चूत मे गिराया तो उसने मुझे कहा मुझे लगता है राहुल वापस आने वाले हैं।


मैंने उसे कहा जल्दी से तुम कपडे पहन लो उसने जल्दी से कपड़े पहने मैंने भी कपड़े पहने और हम दोनों ही वहां से बाहर आए। मैंने देखा राहुल सामने से ही आ रहा था लेकिन किसी प्रकार से मैंने राहुल को अपनी बातों में उलझा लिया और उसके बाद तो जैसे शिवांगी और मेरे बीच नाजायज संबंध बनने लगे थे।



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दोस्त की बीवी की जवानी देख मचल गया (Dost Ki Biwi Ki Jawani Dekh Machal Gaya) दोस्त की बीवी की जवानी देख मचल गया (Dost Ki Biwi Ki Jawani Dekh Machal Gaya) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:06 AM Rating: 5

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