दूसरी के लिए पहली से सगाई तोड़ी (Doosri Ke Liye Pehli Se Sagai Todi)

दूसरी के लिए पहली से सगाई तोड़ी (Doosri Ke Liye Pehli Se Sagai Todi)

मैंने मां से कहा मां तुमसे कितनी बार कहा है तुम यह सिलाई का काम छोड़ क्यों नहीं देती अब तुम्हें दिखाई भी नहीं देता है परंतु तुम तो हमारी बात मानती ही नहीं हो। 

मेरी छोटी बहन अंकिता भी मां को कहने लगी हां मां तुम्हे अब यह सिलाई का काम छोड़ देना चाहिए अब तुम्हारी उम्र भी हो चुकी है लेकिन मां कहां मानने वाली थी मां ने हम दोनों को कहा मुझे तो नहीं लगता कि मैं बूढ़ी हो गई हूं और इतने सालों से मैंने सिलाई का काम कर के ही तो तुम लोगों की परवरिश की है मैं यह सब इतनी आसानी से नहीं छोड़ सकती। 

मां को समझाना हम दोनों के बस में नहीं था क्योंकि उन्होंने हमेशा से ही यही काम किया है जिस वजह से मां को लगता कि उन्हें यही काम करना चाहिए। हालांकि उस दिन के बाद मैंने कभी भी मां को इस बारे में नहीं कहा हमारे पड़ोस में रहने वाली भाभी हमारे घर पर आई उनका संबंध हमारे साथ बड़ा ही अच्छा है और मां को बहुत मानती हैं इसलिए वह अक्सर मां से मिलने के लिए घर पर आती हैं। 

जब भाभी और मां बैठी हुई थी तो उन्होंने कहा कि आप लोग सुरेश की शादी क्यों नहीं करवा देते शायद मां को भी यह बात समझ आ गई और जब उन्होंने मेरी शादी की बात मुझसे की तो मैंने उन्हें कहा मां अभी मेरी क्या शादी करने की उम्र हो चुकी है।

मां कहने लगी बेटा तुम शादी कर लो लेकिन मैं नहीं चाहता था कि मैं अभी शादी करूं परंतु मां की जिद के आगे मेरी एक ना चली और मुझे शादी के लिए मानना पड़ा। भाभी के ही कोई परिचित हैं उन्ही की लड़की से मेरी शादी की बात चलने लगी सब कुछ ठीक चल रहा था हम लोगों की सगाई भी हो चुकी थी लेकिन मुझे नहीं पता था कि सगाई होने के बाद सब कुछ बदल जाएगा। 

मेरी सगाई तो हो चुकी थी लेकिन उसी दौरान मेरी मुलाकात अंतरा के साथ हुई जब अंतरा से मेरी मुलाकात हुई तो अंतरा मुझे बहुत अच्छी लगी और हम दोनों साथ में समय बिताने लगे। अंतरा मेरे ऑफिस में ही काम करती थी लेकिन जब यह बात मेरी मां को पता चली तो उन्होंने मुझे कहा सुरेश बेटा यह सब बिल्कुल भी ठीक नहीं है। 

मैं अंतरा से फोन पर भी काफी देर तक बात किया करता था मुझे नहीं पता था कि हम दोनों के रिश्ते का क्या नाम है लेकिन मुझे अंतरा से बात करना अच्छा लगता और अंतरा को भी मुझसे बात करना अच्छा लगता परंतु मां के कहने पर मैंने अंतरा से दूरियां बनानी शुरू कर दी।

मुझे भी लगने लगा था कि मेरी अब सगाई हो चुकी है इसलिए अंतरा से नज़दीकियां ठीक नहीं है लेकिन यह नजदीकियां तो दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही थी। हम दोनों के बीच इतनी नजदीकिया बढ़ गई कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आया कि मुझे क्या करना चाहिए एक तरफ मेरी मां थी जिन्होंने मुझसे कहा कि बेटा तुम शादी कर लो तो मैंने उनके कहने पर सगाई कर ली थी और दूसरी तरफ अंतरा थी।

मैं बिल्कुल बीच भंवर में फंसा हुआ था मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था और ना ही मैं ऐसे वक्त पर किसी को कुछ बता सकता था। हालांकि अंतरा को यह बात मालूम थी कि मेरी सगाई हो चुकी है और मैं इस दुविधा में था कि मुझे क्या करना चाहिए अंतरा से बढ़ती हुई नज़दीकियां अब बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। 

मैं रात के वक्त अपने कमरे में लेटा हुआ था मेरी आंखों से नींद गायब थी मुझे नींद ही नहीं आ रही थी मैंने सोचा कि क्यों ना मां से ही इस बारे में बात करूं। मैंने रात को मां को उठाया मां बहुत गहरी नींद में थी लेकिन मैंने मां को उठाया और सोचा कि मां से ही बात कर लेता हूं। 

मैंने मां को सारी बात बताई और कहा कि मां मैं इतनी परेशानी से जूझ रहा हूं कि मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा अब आप ही मुझे बताइए कि मुझे ऐसे वक्त में क्या करना चाहिए। 

मां ने मुझे कहां बेटा तुम चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा यदि तुम्हे शादी नहीं करनी है तो मैं कल ही उन लोगों से बात कर लेती हूं। मुझे इस बात का पता था कि मां को वह लोग बहुत कुछ बुरा भला कहने वाले हैं लेकिन मां ने यह सब कुछ अपने ऊपर लेने का फैसला कर लिया था और अगले ही दिन मां ने उन्हें शादी के लिए मना कर दिया। 

हालांकि उन लोगों ने मां को बहुत कुछ कहा लेकिन मां के पास भी कोई जवाब नहीं था जिससे कि पड़ोस में रहने वाली भाभी भी अब हमारे घर पर नहीं आया करती थी।

उन लोगों की हमसे काफी किरकिरी भी हुई थी कि हम लोगों ने सगाई तोड़ दी लेकिन अब मैं अंतरा के साथ आगे अपना जीवन बिताना चाहता था और अंतरा को मैंने यह सब बता दिया था अंतरा भी इस बात के लिए तैयार थी। 

अंतरा को मैंने अपनी मां से मिलाया जब मैंने अंतरा को अपनी मां से मिलाया तो मां अंतरा से मिलकर खुश हुई, मुझे तो लग रहा था कि अंतरा को शायद मां पसंद करेगी ही नहीं लेकिन मां ने अंतरा को स्वीकार कर लिया था। मां की स्वीकार्यता से हम दोनों की सगाई हो गई और अब सब कुछ अच्छे से चल रहा था अंतरा और मैं एक ही ऑफिस में जॉब करते थे। 

हम दोनों हर रोज मिला करते और जब भी मुझे अंतरा मिलती तो अंतरा हमेशा ही यह बात कहती थी की सुरेश हम लोग कब शादी कर रहे हैं मैंने अंतरा को कहा अंतरा मुझे थोड़ा वक्त और चाहिए। अंतरा ने भी मुझे थोड़ा वक्त देने का फैसला कर लिया था उसी बीच मुझे अपने काम के सिलसिले में बाहर जाना पड़ा। 

जब मैं अपने काम के सिलसिले में कुछ दिनों के लिए बाहर चला गया तो वहां पर मेरे साथ एक बड़ी दुर्घटना हो गई मैं जिस ट्रेन से सफर कर रहा था उस ट्रेन में मेरा बैग चोरी हो गया।

मैंने इस बारे में अंतरा को बताया तो अंतरा बहुत चिंतित हो गई और वह मुझे कहने लगी कि कहीं तुम्हें तो कुछ नहीं हुआ मैंने उसे कहा नहीं मेरा बैंक चोरी हो गया था और मैं चंडीगढ़ पहुंच चुका हूं। अंतरा ने मुझे कहा कि तुम अपना ध्यान रखना मैंने अंतरा को कहा हां मैं अपना ध्यान रखूंगा। 

अंतरा मुझसे कहने लगी कि तुम ऑफिस कब लौट रहे हो मैंने अंतरा को कहा मुझे यहां पर थोड़ा समय तो लग जाएगा और तुम्हें भी तो यह बात पता ही है कि मैं कितने दिन बाद यहां से लौट आऊंगा। मुझे नहीं पता था कि मुझे करीब एक महीना चंडीगढ़ में हो जाएगा और एक महीने से मैं चंडीगढ़ में ही था चंडीगढ़ में मुझे एक महीना हो चुका था और अंतरा से हर शाम के वक्त मैं फोन पर बात किया करता। 

मेरी मां का जब मुझे फोन आया तो वह मुझे कहने लगी कि बेटा तुमने काफी दिनों से फोन भी नहीं किया। मैंने मां को कहा मां मैं काम में कुछ ज्यादा ही बिजी था इसलिए आपको फोन ना कर सका मां मुझसे पूछने लगी कि बेटा तुम कब वापस लौट रहे हो। मैंने मां को कहा मां बस जल्दी ही वापस लौट आऊंगा। 

थोड़े दिनों बाद में वापस लौट आया था जब मैं वापस लौटा तो अंतरा से मेरी मुलाकात हुई अंतरा बहुत ही खुश थी अंतरा और मैंने उस दिन साथ में समय बिताया। हम दोनों के बीच पहले भी कई बार चुंबन हो चुका था लेकिन जब पहली बार में अपने हदो को पार करते हुए अंतरा के स्तनों को दबाने लगा तो अंतरा भी अपने आपको रोक ना सकी अंतरा ने मुझे अपने घर पर बुला लिया। 

जब मैं अंतरा के घर पर गया तो हम लोग उस वक्त घर पर अकेले ही थे हम दोनों के सिवा घर पर कोई और नहीं था हम दोनों को अच्छा मौका मिल चुका था हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते थे। मैंने अंतरा के होंठों को चूमा, अंतरा पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी। 

अंतरा की उत्तेजना इस कदर बढ़ गई वह अपने आपको रोक नहीं पाई और ना ही मैं अपने आप को रोक पाया हम दोनों ही इतने ज्यादा उत्तेजित हो गए मैंने अंतरा को कहा मैं बिल्कुल भी रहा नहीं पा रहा हूं तो अंतरा मुझे कहने लगी रह तो मैं भी नहीं पा रही हूं मैंने अंतरा की चूत को चाटना शुरू किया अंतरा की चूत को जब मैं चाटता तो मुझे बड़ा मजा आता और अंतरा की चूत को चाट कर मैंने पूरी तरीके से चिकना बना दिया था।
दूसरी के लिए पहली से सगाई तोड़ी (Doosri Ke Liye Pehli Se Sagai Todi)
दूसरी के लिए पहली से सगाई तोड़ी (Doosri Ke Liye Pehli Se Sagai Todi)
अंतरा की चूत से निकलते हुए पानी को मैं अपनी जीभ में लेकर बड़े अच्छे से चाट रहा था अंतरा की चूत का निकलता हुआ पानी मुझे अपनी और खींच रहा था। मैंने जब अंतरा की चूत पर अपने राज को लगाया तो वह मचलने लगी अंतरा बिल्कुल भी रह ना सकी वह मुझे कहने लगी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही हूं। 

अंतरा ने मुझे कहा देखो सुरेश मेरी चूत से कितना ज्यादा पानी निकल रहा है तुम मेरी चूत के अंदर अपने राज को प्रवेश करवा दो जब अंतरा ने मुझसे कहा तो मैंने अंतरा को कहा मैं अभी तुम्हारी चूत के अंदर अपने राज को घुसा देता हूं। 

मैंने अंतरा की चूत के अंदर अपने राज को घुसा दिया अंतरा चिल्लाने लगी अंतरा जिस प्रकार से चिल्ला रही थी उससे मैं और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगता अंतरा को मैं अपनी बाहों में लेता तो अंतरा भी खुश हो जाती। 

अंतरा के मुंह से लगातार सिसकियां निकल रही थी मेरा राज अंतरा की चूत के अंदर बाहर हो रहा था अंतरा अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी वह मुझे कहती मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही हूं।

मैं अंतरा को कहता रोक तो मैं भी अपने आपको नहीं पा रहा हूं लेकिन तुम्हारी चूत के अंदर मे अपने वीर्य को जल्दी ही गिरा दूंगा। अंतरा की चूत से लगातार पानी तेजी से निकल रहा था मुझे इस बात की खुशी थी कि मैं अंतरा की चूत से खून निकाल पाया और अंतरा की सील पैक चूत को मैंने तोड़ दिया था। 

अब अंतरा मेरी हो चुकी थी अंतरा मेरी बाहों में थी जिस प्रकार से मै अंतरा की चूत मार रहा था उससे मुझे बड़ा मजा आ रहा था और अंतरा को भी बड़ा आनंद आ रहा था। 

काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे के साथ मजा लेते रहे लेकिन जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो अंतरा ने मुझे कहा तुम अपने वीर्य को मेरे मुंह के अंदर गिरा दो मैंने अपने राज को बाहर निकाला और अंतरा के मुंह के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया मुझे बड़ा ही अच्छा लगा। 

मैं अंतरा के साथ संभोग कर पाया और अंतरा भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। कुछ समय बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ शादी कर चुके थे मैं बहुत ही ज्यादा खुश था कि मेरी शादी अंतरा से हो गई।
दूसरी के लिए पहली से सगाई तोड़ी (Doosri Ke Liye Pehli Se Sagai Todi) दूसरी के लिए पहली से सगाई तोड़ी (Doosri Ke Liye Pehli Se Sagai Todi) Reviewed by Priyanka Sharma on 7:13 PM Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.