छोटी बहन को चोदने का प्लान-6 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-6)

छोटी बहन को चोदने का प्लान-6
(Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-6)

भाई बहनों की इस चुदाई कहानी के पिछले भाग छोटी बहन को चोदने का प्लान-5 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-5) में आपने पढ़ा कि मेरी बड़ी दीदी हेतल के पति रितेश जीजू ने मेरी छोटी बहन मानसी यानि कि अपनी साली को चोद दिया. मैंने हेतल की गांड मारी और मानसी रितेश जीजू का मस्त लंड लेकर खुश हो गई.
अब आगे:

एक दिन मेरी छोटी मौसी का फोन आ गया. उसका नाम गीता था. उसने फोन पर मानसी को बताया कि वह कुछ दिन के लिये हमारे पास रहने के लिए आ रही है. चूंकि मेरी माँ के गुजर जाने के बाद मानसी और मैं अकेले ही रहते थे इसलिए गीता मौसी अक्सर हमारे पास कुछ दिन ठहरने के लिए आ जाया करती थी.

दो दिन बाद ही मौसी घर आ पहुंची. मौसी का तीन साल पहले तलाक हो चुका था. तलाक की वजह थी मेरे मौसा का राजनीति में कुछ ज्यादा ही रुचि लेना. मौसी कई बार कह चुकी थीं कि वो राजनीति में इतने भी न घुसें कि उनके आपसी सम्बंधों में दरार आनी शुरू हो जाये मगर मौसा ने उनकी बात नहीं सुनी. आखिरकार दोनों अलग हो गये. मेरी मौसी भी शहर की पालिक प्रमुख रह चुकी थीं. मौसी के आने के बाद पता चला कि वो पार्टी के प्रचार के लिए अब 6 महीने यहीं पर रहने वाली हैं.

हमारी मौसी के आने के बाद मानसी और मेरी चुदाई बंद हो गई थी क्योंकि मौसी अब मानसी के साथ ही सोती थी.
मौसी की गांड भी बहुत मस्त थी. मानसी की गांड तो मौसी के सामने बहुत ही कम उठी हुई थी. मगर मौसी के साथ मैंने कभी भी ट्राई नहीं किया था. मौसी का रंग काफी गोरा था. उसके चूचे भी इतने बड़े थे कि मुश्किल से उसके कपड़ों में फंस पाते थे. वो चाहे सूट पहनतीं या साड़ी, आधे चूचे हमेशा बाहर ही दिखाई देते रहते थे. उनकी गांड के तो कहने ही क्या. गांड नहीं बल्कि जैसे कोई पर्वत थी. जिस पर चढ़ने के लिए अच्छी खासी ताकत की जरूरत थी.

चूंकि मानसी की गांड से अब मैं महरूम हो गया था इसलिए लंड के अंदर ललक उठने लगी थी. चूत से ज्यादा मैं गांड चोदने के लिए ललायित रहता था. ऐसा भी नहीं था कि मुझे चूत मारने में मजा ही न आता हो लेकिन गांड को तो मैं दीवाना था.

मगर मौसी थी कि हर वक्त मानसी के साथ ही रहती थी. रात में भी और दिन में भी. हम दोनों को चुदाई करने का मौका ही नहीं मिल पा रहा था. कुछ दिन मैंने इंतजार किया कि किसी तरह मानसी की चुदाई करने का मौका मिले लेकिन ऐसा कोई भी अवसर हम भाई-बहनों के हाथ नहीं लग पा रहा था.

फिर मैं परेशान हो गया, मैंने मानसी से कहा- ऐसे तो मैं तड़प कर ही मर जाऊंगा.
मानसी बोली- मैं कुछ सोचती हूं.
फिर कुछ सोचकर मानसी ने तपाक से जवाब दिया- तुम अपना पुराना तरीका क्यों नहीं अपनाते मौसी को पटाने के लिए?
मैंने कहा- कौन सा पुराना तरीका?
वो बोली- अरे नालायक, जैसे तुमने मुझे कामवर्धक दवा खिलाकर गर्म किया था, ऐसे ही मौसी भी तो गर्म हो सकती है.
मैंने कहा- अरे हां मेरी चुदासी बहनिया, मैं तो भूल ही गया था कि मेरे पास तो रामबाण रखा हुआ है.

बस फिर क्या था … मैंने मौसी की गांड मारने की तैयारी शुरू कर दी. उस दिन प्लान के मुताबिक रात में मानसी और मैंने मौसी के दूध में कामवर्धक दवा मिलाने का मसौदा तैयार कर लिया था. मौसी आइसक्रीम खाना पसंद नहीं करती थी लेकिन उनकी आदत थी कि वो सोने से पहले दूध जरूर पीकर सोती थी. मैंने और मानसी ने पहले से ही सारी तैयारी कर रखी थी.

रात का खाना होने के बाद हम तीनों साथ में बैठ कर टीवी देख रहे थे. कुछ देर टीवी देखते हो गई तो मानसी मौसी के लिए दूध गर्म करके ले आई थी. मानसी ने मेरी तरफ देखा और हल्के से मुस्करा दी. उसने मौसी को दूध का गिलास पकड़ाते हुए कहा- ये लो मौसी, आपका दूध.
जब मानसी के मुंह से मैंने ‘दूध’ शब्द सुना तो मेरी नजर मौसी के चूचों पर चली गई. मैंने मन ही मन सोचा कि मौसी तो खुद ही इतनी बड़ी डेयरी की मालकिन है. फिर भी बाहर का दूध पीती है. पता नहीं मौसा इनके चूचों के बोझ को संभालते होंगे.

मौसी ने मानसी के हाथ से दूध का ग्लास ले लिया और दूध पीने लगी. फिर मानसी ने ही बात छेड़ दी. वो बोली- मौसी, अगर आप बुरा न मानें तो एक बात कहूं.
मौसी ने कहा- हां बेटा बता?
मानसी बोली- मौसा से तलाक लेने के बाद आपको अकेलापन तो महसूस होता होगा न?
मौसी बोली- होता तो है लेकिन उन्होंने मेरी बात मानी भी तो नहीं. फिर मैं क्या करती. रोज के लड़ाई झगड़े से अच्छा था एक ही दिन सब खत्म हो जाये. इसलिए मैंने उनसे तलाक ले लिया. वैसे भी मैं पार्टी के लोगों के साथ टाइम पास कर लेती हूं, अब ज्यादा कमी महसूस नहीं होती.

मौसी के कोई औलाद नहीं थी इसलिए वो हम भाई-बहनों को अपनी ही औलाद की तरह मानती थी. मगर मेरे मन में तो मौसी की गांड चोदने के ख्याल आने लगे थे. हालांकि पहले ऐसा नहीं था मगर जब से मैंने मानसी की गांड मारी थी, मैं गांड मारे बिना रह नहीं पाता था.

अब मानसी की गांड तो मिल नहीं रही थी इसलिए मानसी की गांड चुदाई का रास्ता मौसी की चूत चुदाई के रास्ते से होकर ही जाता था. मानसी भी इसमें मेरी पूरी मदद कर रही थी. उस दिन मानसी ने मौसी के अंदर मर्दों के लिए दबी हुई भावनाओं को कुरेदने का काम तो कर दिया था, अब आगे का मोर्चा मुझे संभालना था.

प्लान के मुताबिक मानसी ने एक नंगी तस्वीरों वाली किताब पहले से ही अपने बिस्तर पर तकिये के नीचे रख ली थी. वो वही किताब थी जिसे हेतल ने सबसे पहले देखा था. आज उस किताब का प्रयोग करने की फिर से बारी थी. उसने उस किताब का कोना हल्का सा बाहर छोड़ दिया था ताकि जब मौसी उस बिस्तर पर सोने के लिए जाये तो मौसी की नजर उस पर पड़ जाये.

दूध पीने के बाद हमने कुछ देर तक टीवी देखा और फिर आधे घंटे के बाद सब लोग सोने के लिए तैयार हो गये.
मैंने मानसी से जानबूझकर कहा- मैं आज हॉल में ही सोऊंगा.
मौसी ने भी मुझे ऐसा कहते हुए सुन लिया लेकिन उन्होंने इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया. उनके लिए तो मैं उनके बेटे के समान था. मगर हम भाई बहन का प्लान कुछ और ही था. मौसी और मानसी अपने कमरे में सोने के लिए चली गई.

मैं कुछ देर तो वहीं हॉल में लेटा रहा. फिर सोचा कि देखूं तो सही हमारे प्लान ने कुछ रंग दिखाया कि नहीं. फिर उसके बाद मैं उठकर चुपचाप मानसी के कमरे की ओर चला. दरवाजा खुला हुआ था और लाइट जल रही थी. मैंने सोचा कि वो दोनों ही जगी हुई हैं. मैंने धीरे से अंदर झांक कर देखा तो मौसी ने अपने घुटने मोड़ रखे थे और उनका एक हाथ उनकी टांगों के बीच में आकर उनकी चूत को तेजी के साथ सहला रहा था.

मौसी ने अपने गाउन को जांघों तक ऊपर कर रखा था और वो तेजी से अपनी चूत पर हाथ चलाते हुए कभी किताब में देखती तो कभी दूसरी तरफ करवट लेकर सोई मानसी की तरफ देख रही थी. मानसी भी सोने की एक्टिंग कर रही थी. मानसी ने अपना मुंह दूसरी तरफ फेरा हुआ था ताकि मौसी अपनी चूत की प्यास जगाने में सहजता महसूस कर सके. मगर मानसी के दिमाग को मानना पड़ेगा, मेरी चुदक्कड़ बहन का प्लान काम कर गया और मैं जानता था कि मानसी ये जो मौसी के सामने सोने की एक्टिंग कर रही है ये हमारे प्लान का ही हिस्सा है.

यह नजारा देख कर मैं वापस हॉल में आ गया और अपनी कैपरी निकाल कर सिर्फ फ्रेंची में ही सोफे पर लेट गया. मैं उम्मीद कर रहा था कि कामवर्धक दवा का पूरा असर होने के बाद मौसी की चुदास बढ़ेगी और उसे अपनी चूत को शांत करने के लिए लंड की जरूरत महसूस होगी ही होगी. इसलिए मैं मौसी का काम आसान करने के मकसद से ही हॉल में सोया था.

हॉल की बत्ती जल रही थी और टीवी भी चल रहा था. मैं सोफे पर आंख बंद करके लेटा हुआ था. मेरी टांगें फैली हुई थीं और मैंने ऊपर छाती पर बनियान और नीचे जांघों में फ्रेंची ही डाल रखी थी. काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी मौसी नहीं आई.

अब मुझे सच में ही नींद आने लगी थी और मैं टीवी को रिमोट से बंद करके वहीं पर सो गया. मगर देर रात को मुझे अपने लंड पर किसी का हाथ चलता हुआ महसूस हुआ. एक बार तो मैं उठ कर देखने वाला था लेकिन फिर मेरी चेतना ने मुझे इशारा किया कि जरूर मौसी आ पहुंची है.

मैंने हल्के से थोड़ी सी आंख खोल कर देखा तो मौसी मेरी फ्रेंची पर हाथ फिराते हुए मेरे लंड को सहला रही थी. वो मेरी जांघों पर उंगलियों को चला रही थी. कभी लंड पर हाथ रख देती थी. वो कभी मेरे जांघों पर किस कर रही थी और कभी लंड पर उंगलियां चला रही थी.

चूंकि अब मैं भी निद्रा से बाहर आ चुका था इसलिए मौसी के हाथों के स्पर्श के कारण देखते ही देखते मेरा लंड मेरी फ्रेंची में तन गया. मौसी ने मेरे तने हुए लंड पर फ्रेंची के ऊपर ही अपने होंठ रख दिये. मेरा लंड झटके दे रहा था. मगर मेरी आंखें बंद थीं. अभी मैं मौसी को ये जाहिर नहीं करना चाहता था कि मैं उठ गया हूँ और यह सब कुछ हम भाई-बहनों का ही प्लान है. मौसी ने फिर धीरे से मेरी बनियान को ऊपर करके मेरी फ्रेंची को नीचे खींच दिया और मेरा तना हुआ लौड़ा बाहर आ गया.

उसके बाद मौसी ने मेरे उफनते लंड को अपने गर्म मुंह में भर लिया और तेजी के साथ मेरे लंड को चूसने लगी. मौसी की जीभ मुझे अपने लंड के टोपे पर महसूस हो रही थी. मौसी मेरे लंड के टोपे पर जीभ लगा-लगाकर मस्त चुसाई कर रही थी. मुझे मौसी के मुंह द्वारा अपने लंड की वो चुसाई पागल करने लगी. मैं उठना चाहता था लेकिन पता नहीं क्या सोच कर मैं अभी ऐसे ही लेटे हुए मौसी के होंठों द्वारा अपने लंड की चुसाई का मजा लेना चाहता था.

मौसी तेजी के साथ मेरे लंड को चूसने में लगी हुई थी. जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने जागने का नाटक किया और एकदम उठ कर बैठ गया. मौसी मुझे देख कर एक बार तो थोड़ी हिचकी लेकिन उनके अंदर की चुदास इतनी प्रबल हो चुकी थी कि उसने सीधे मेरे होंठों को चूसना शुरू कर दिया.
छोटी बहन को चोदने का प्लान-6 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-6)
छोटी बहन को चोदने का प्लान-6 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-6)
मैंने भी मौसी का साथ देना शुरू कर दिया. मैंने फिर सोफे से नीचे उतरते हुए मौसी को वहीं फर्श पर लिटा लिया और उनका गाउन निकलवा दिया. मौसी के भारी-भरकम चूचों को उनकी ब्रा संभाल ही नहीं पा रही थी. मौसी ने ब्रा को ऊपर खींच दिया और उनके फुटबाल जितने मोटे चूचे उनकी छाती पर दोनों दिशाओं में फैल गये.

उसके बाद मैंने मौसी की पैंटी को खींच निकाला और उनके ऊपर सवार हो गया. मौसी की चूत में अपने तने हुए लौड़े को लगाकर मैं मौसी की छाती पर जैसे झूलने लगा था मैं. मौसी का बदन काफी भारी था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी रूई के गद्दे पर लेटा हुआ हूं. मैंने मौसी की बालों वाली चूत में धक्के देने शुरू कर दिये और मौसी मेरी गर्दन को चूमने लगी.

कामवर्धक दवा ने अपना पूरा असर किया था मौसी की चुदास पर इसलिए मौसी बस मेरे लंड से चुद कर शांत होना चाह रही थी. मैं भी मौसी की प्यास बुझाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा था. फिर मौसी ने मुझे उनके ऊपर से उतार दिया और खुद मेरे ऊपर आ गई. मेरी जांघों पर बैठती हुई वो मेरे लंड को अपनी चूत में सेट करने लगी और लंड को अपनी चूत पर लगाकर उछलने लगी.
मौसी की चूत में लंड गपागप की आवाज के साथ उनकी चूत की चुदाई करने लगा.

मौसी ने मेरी जांघों पर अपने हाथ रखे हुए अपने शरीर के भार को संभाला हुआ था. जब मौसी को तीन-चार मिनट तक खुद ही चूत में लंड लेते हुए थकान होने लगी तो फिर मैंने नीचे से धक्के लगाने शुरू किये.

मौसी की चूत काफी खुली हुई थी. ऐसा लग रहा था जैसे मैं हवा में ही धक्के मार रहा हूं लेकिन मौसी की चुदाई करने के बाद ही मैं मानसी की चुदाई कर सकता था इसलिए इस वक्त मौसी की चूत को शांत करना बहुत जरूरी था. उसके लिए मैंने भी कामवर्धक दवा पहले से खा ली थी.

फिर मैंने मौसी को उठ कर घोड़ी बनने के लिए कहा और मौसी वहीं फर्श के कालीन पर कुतिया की पोजीश में आकर अपनी गांड को उठाकर अपनी चूत को मेरे लंड के सामने ले आई. मैंने पीछे से मौसी की चूत में लंड को पेल दिया और उनकी कमर को अपने हाथों से थाम कर तेजी से उनकी चूत की चुदाई करने लगा.

मौसी के मुंह से उम्म्ह… अहह… हय… याह… और तेज … पूरा डालो … आह, हिरेन … मजा आ रहा है … बहुत दिनों के बाद किसी मर्द के लंड से चुद रही हूं मैं. तेरे मौसा की बेरूखी के कारण मैं तो मर्दों के लंड का स्वाद लेना भूल ही चुकी थी.
मेरी मौसी के मुंह से कुछ इस तरह के शब्द बाहर आ रहे थे.

मैं भी सारी ताकत लगा रहा था मौसी की चूत को शांत करने के लिए. काफी देर तक मौसी की चूत की चुदाई करने के बाद मेरे लंड ने जवाब दे दिया और मैं मौसी की चूत में झड़ने लगा. आह … ओह्ह … आह्ह … करते हुए मैंने सारा का सारा वीर्य मौसी की चूत में खाली कर दिया.

मौसी भी मेरे लंड से चुद कर शांत हो गई थी. उस रात मौसी की चूत चोद कर मानसी और मैंने अपनी चुदाई का रास्ता साफ कर लिया था. अब एक दिन मैं मौसी की चूत चोदता और फिर दूसरे दिन मानसी मेरे कमरे में आकर मुझसे चूत और गांड चुदवाने पहुंच जाती थी. मैं दोनों को ही चोद कर मजे लूटने लगा था. मौसी जब तक हमारे साथ रही उसने कई बार मुझसे अपनी चूत की प्यास बुझवायी.

फिर वो वापस अपने घर चली गई. मैं और मानसी आज भी मौसी की चूत चुदाई वाले प्लान को याद करते हुए हंस पड़ते हैं.

आपको हम भाई-बहनों की ये चुदाई की कहानी कैसी लगी, कहानी पर कमेंट करना बिल्कुल न भूलें. अगर कहानी में कोई गलती हुई हो तो माफ करें.
मैं आगे भी आपके लिये हम भाई-बहनों की चुदाई की अन्य कहानियां लेकर आता रहूंगा.
छोटी बहन को चोदने का प्लान-6 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-6) छोटी बहन को चोदने का प्लान-6 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-6) Reviewed by Priyanka Sharma on 12:58 AM Rating: 5

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