चढ़ती जवानी पे चुदने की ललक (Chadti Jawani Pe Chudne Ki Lalak)

चढ़ती जवानी पे चुदने की ललक
(Chadti Jawani Pe Chudne Ki Lalak)

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम सुनिधि है. मैं एक सुदर जिस्म की मालकिन हूँ. हम लोग शहर में रहते हैं. मेरी चूची और गांड का साइज़ भी आकर्षक है. मुझे मेरे पड़ोस के बहुत लड़के वासना भरी नजरों से देखते हैं. मैं दिन पर दिन जवान होती जा रही हूँ और जवानी में मुझे सेक्स करने का मन हो रहा है. मैं और मेरी सहेलियां हम सबको सेक्स करने का मन करता है तो हम लोग अपने में सेक्स वाली बातें करती हैं. मेरी कुछ सहेली अपने बॉयफ्रेंड के साथ सेक्स भी करती हैं. मुझे जब भी सेक्स करने का मन होता है तो मैं पोर्न मूवी देख लेती हूँ.

मैं जो कहानी आपको बताने जा रही हूँ वो मेरी सच्ची कहानी है.

मैं कभी कभी घर के काम के लिए बाजार चली जाती हूँ अपनी सहेली के साथ … क्योंकि मम्मी चाची को बाजार जाने की अनुमति नहीं है. मैं कभी कभी चाची के लिए छोले और चाट लेने भी बाजार चली जाती हूँ. मेरी चाची बहुत बाजार की चीजें खाती है और मैं भी उनका खूब साथ देती हूँ. दिन में मेरा एक या दो बार तो बाजार जाना तय रहता है.

बाजार में कुछ लड़के हमारे पड़ोस के भी रहते हैं जो हमेशा मुझे वासना भरी नजरों से देखते हैं जब मैं बाजार जाती हूँ.

मेरे पड़ोस में एक भैया विवान रहते हैं जो बहुत अच्छे हैं लेकिन मुझे नहीं पता था कि वो भी मुझे वासना भरी नजर से देखते हैं. एक दिन मैं उनसे बात कर रही थी तो वो मुझसे बात करते करते मेरी चूची को घूर रहे थे. तब मैं समझ गयी कि ये विवान भैया भी मुझे वासना भरी नजर से देखते हैं.

मैं पहले से थोड़ा ज्यादा बाजार जाने लगी थी जिससे पड़ोस के लड़के मुझे और भी ज्यादा वासना भरी नजर से देखने लगे थे. और कुछ लड़के तो मेरा पीछा करते करते मेरे घर तक भी आ जाते थे. मुझे भी बहुत अच्छा लगता था कि मुझे बहुत लड़के चाहते हैं. मैं भी पहले से ज्यादा सजने लगी थी.

मैं जिसको भैया समझती थी मुझ क्या पता था कि वो विवान भैया मेरे बॉयफ्रेंड बन जायेंगे और मैं उनके साथ सेक्स करुँगी. विवान थोड़े ज्यादा ही मुझसे बात करने लगे थे और कभी कभी तो वो मेरे घर के बाहर भी खड़े रहते थे और मुझे देख कर स्माइल करते थे.
मैं उनसे हमेशा शाम को बात करती हूँ और मेरी सहेलियां भी उनसे बात करती हैं क्योंकि वो बहुत हंस मुख किस्म के इंसान हैं. मुझे तो ये बात पहले से ही पता थी कि विवान भैया मुझे वासना भरी नजरों से देखते थे इसलिए मैं भी उनको अपनी चूची दिखाती रहती थी. मेरी चूची बहुत अच्छी है और गांड भी अच्छी है. शायद इसीलिए मेरे पड़ोस के लोग दीवाने हो गए हैं.

मैं और विवान भैया एक दूसरे से बात करते करते एक दूसरे के बारे में बहुत अच्छे से जान गए थे. वो इंजिनियर थे और उनको लोग बहुत मानते थे क्योंकि वो अच्छे कंपनी में काम करते थे. मैं और विवान भैया हम दोनों लोग खूब बात करने लगे थे और साथ में कभी कभी एक दूसरे को छेड़ भी देते थे.

गर्मी का दिन था तो विवान भैया जब भी आइसक्रीम खरीदते थे तो मेरे लिए जरूर खरीदते थे. हम दोनों का आपस में मजाक करना नार्मल बात हो गया था. हम दोनों की बातें कब सेक्स वाली बातें में बदल गयी, हमको पता नहीं चला और हम एक दूसरे से सेक्स वाली बातें करने लगे.

भैया मुझसे बातों बातों में किस मांगते थे पर मैं उनको किस नहीं देती थी. वो मेरे गालों को पकड़ कर अपनी तरफ खींचते थे. हम दोनों में बातें और मजाक चलता है.

एक दिन मैं घर पर अकेली थी, मेरे घर के सभी लोग बाहर गए थे और मैं घर पर अकेली रह गई थी. मुझे लगा कि मैं अपनी सहेली को अपने घर बुलाकर उससे बात करूँगी. परन्तु मेरी सहेली ने भी आने में देर कर दी.

तभी विवान भैया मेरे घर के बाहर आ गए. मैं उनको अपने घर के अन्दर आने के लिए नहीं बोल रही थी. मुझे डर लग रहा था कि कहीं कोई हम दोनों को घर के अन्दर देख लेगा तो दिक्कत हो जाएगी. इसलिए मैं उनसे घर के बाहर ही बात करने लगी. विवान भैया मेरे घर के गेट से बाहर खड़े होकर मुझसे बात कर रहे थे. मैं अपने घर के गेट पर खड़ी होकर बात कर रही थी.

विवान भैया मुझसे बात करते करते बोले- आज तो मुझे किस दे दो. आज तो तुम्हारे घर में भी कोई नहीं है.
मेरी चूत में भी बहुत दिन से खुजली हो रही थी. मैं अपनी चूत में उंगली करते करते थक गई थी तो मैं भैया से बोली- आप घर के अन्दर आओ तो आपको किस दूंगी.

मैं भी उनको पसंद करने लगी थी. मैं उनको बोली- अपनी आँखें बंद करिए!
भैया ने अपनी आँखें बंद की और मैंने उनके गाल पर एक किस दी.

उनको मैं बोली- अब आप घर जाओ क्योंकि मेरी सहेली भी आने वाली है.
मैं नहीं चाहती थी कि मेरी सहेली मुझे और विवान भैया को एक साथ देखे.

मेरी बात मान कर वो अपने घर चले गए.

और उसके बाद वो मैं और विवान भैया हम दोनों को जब भी मौका मिलता था तो एक दूसरे को किस करते थे. विवान भैया मुझे किस करते थे तो वो मेरे होंठों को खूब चूसते थे जिससे मैं गर्म हो जाती थी और वो कभी कभी मुझे किस करते करते मेरी चूची को भी मसलते थे.

हम दोनों बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड की तरह रहने लगे थे. हम लोगों के बीच में जो कुछ भी हो रहा था उसके बारे में सिर्फ हम दोनों लोग को ही पता था. मैं भी बहुत दिन से सेक्स करना चाहती थी और मेरी सहेली तो अपने बॉयफ्रेंड से सेक्स करती थी तो मुझे और भी ज्यदा सेक्स करने का मन करता था.

हम दोनों के अन्दर चुदाई की आग लगी थी. विवान भैया तो मुझे होटल में ले जाने के लिए बोलते थे, बोलते थे कि होटल में आराम से सेक्स करेंगे. परन्तु मैं होटल जाने से मना कर देती थी क्योंकि मुझे पकड़े जाने का डर लगता था.

मैं कभी कभी विवान भैया की मम्मी के साथ भी बाजार करने जाती थी जिससे मेरी और विवान भैया की मम्मी के बीच में भी मधुर सम्बन्ध बन गए थे.

हम दोनों एक बार सेक्स करने के लिए उनके घर पर ही नंगे हो गए थे लेकिन सेक्स नहीं कर पाए क्योंकि विवान भैया की मम्मी पता नहीं कब घर में आ गयी.

विवान और मुझे सेक्स करने का मौका नहीं मिल रहा था. वैसे हम दोनों लोग मौका मिलते ही हम दोनों लोग एक दूसरे को किस करते थे और विवान भैया मेरी चूची को चूसते थे. वो कभी कभी मेरी चूत में उंगली भी करते थे और मैं भी उनका लंड अपने हाथ में लेकर हिलाती थी. हम दोनों सेक्स करने के लिए बेचैन हो गए थे. विवान भैया मेरी चूची को दबा कर मुझे गर्म कर देते थे.

एक दिन मेरे घर के सारे लोग रिश्तेदारी में गयी थे. मैं उन लोगों के साथ नहीं गयी क्योंकि मुझे अपनी सहेली के साथ कोचिंग जाना था. मैं उस दिन घर में अकेली थी और विवान भैया मेरे घर आये. हम दोनों आज घर में अकेले थे और वो मुझे आते ही किस करने लगे, साथ में वो मेरी चूची दबाने लगे.

हम दोनों एक दूसरे का साथ दे रहे थे. विवान भैया मेरी चूची को दबाने के बाद मेरी सलवार सूट निकालने लगे. मैं कुछ देर के बाद उनके सामने ब्रा और पेंटी में हो गयी. हम दोनों को कामवासना की गर्मी लग रही थी तो हम दोनों मेरे बेडरूम में चले गए. वहाँ पंखा चालू कर दिया और नंगे होकर एक दूसरे को किस करने लगे. भैया मेरे नंगे बदन के ऊपर आकर मुझे किस कर रहे थे.

कुछ देर बाद विवान भैया मेरी ब्रा निकाल कर मेरी चूची को चूसने लगे और साथ में वो मेरे गर्दन को भी किस कर रहे थे. ब्रा निकलने के बाद भैया ने मेरी कच्छी भी निकाल दी और हम दोनों पूरे नंगे हो गए. और वो मेरी चूची को चूसने के बाद मेरी चूत को चाटने लगे.

आज मैं भी सेक्स करने के लिए तैयार थी. विवान भैया मेरी चूत चाट रहे थे तो मैं और भी ज्यादा कामुक हो रही थी. मेरी चूत को चाटने के बाद भैया ने मेरी चूत का पानी पी लिया और उसके बाद वो मेरे नाभि को अपनी जीभ से चाटने लगे.
चढ़ती जवानी पे चुदने की ललक (Chadti Jawani Pe Chudne Ki Lalak)
चढ़ती जवानी पे चुदने की ललक (Chadti Jawani Pe Chudne Ki Lalak)
मैं पूरी तरह से सेक्स करने के लिए तैयार हो गयी थी. मुझे तो बहुत दिन से सेक्स करने की आग लगी हुई थी पर मौक़ा नहीं मिलता था तो मेरी चूत बहुत गर्म हो गयी थी.

विवान भैया अपना लंड निकाल कर मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगे. मैंने भैया के लंड के स्वागत में अपनी टाँगें खोल दी. वो मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने के साथ साथ मेरी चूची को भी दबा रहे थे. वो मेरी चूची को मसलने के बाद अपना लंड मेरी चूत में डालने लगे और कुछ देर के बाद वो अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को चोदने लगे.

जैसे ही भैया का लंड मेरी चूत में गया, मेरी जोर से चीख निकल गयी- उम्म्ह… अहह… हय… याह…
लेकिन भैया ने मेरी कोई परवाह नहीं की और हम दोनों सेक्स करने लगे और साथ में एक दूसरे की बाहों में आकर एक दूसरे किस भी कर रहे थे.

मैं बिल्कुल चुदासी हो गयी थी और वो मेरी चूत को चोद रहे थे. हम बिस्तर पर चुदाई कर रहे थे जिससे बिस्तर भी हमारी चुदाई से पसीने से भीग गया था. हम दोनों चुदाई करते करते पूरे जोश में आ गए और एक दूसरे का साथ देने लगे.

विवान भैया का पूरा लंड मेरी चूत अन्दर बाहर हो रहा था. कुछ देर बाद हम सेक्स करते करते थक भी गए थे. विवान भैया मुझे चोदते चोदते कभी कभी अपना लंड बाहर निकाल ले रहे थे और उसके बाद मेरी चूची को चूस रहे थे. मेरी चूची को चूसने के बाद वो अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को आराम से चोद रहे थे. वो कभी कभी मेरी चूत को जोर जोर से भी चोद रहे थे.
हम दोनों की कामवासना बिल्कुल कंट्रोल में नहीं थी. मेरी चूत पानी छोड़ छोड़ कर पूरी गीली हो गई थी जिससे विवान भैया का लंड आसानी से मेरी चूत में अन्दर बाहर हो रहा था.

सेक्स करते करते कुछ देर बाद हम दोनों का रज अब निकलने वाला हो गया तो विवान भैया मेरी चूत को जोर जोर से चोदने लगे और कुछ देर के बाद हम दोनों चुदाई करते करते झड़ गए. हम दोनों का पानी निकल गया और उसके बाद हम नंगे बिस्तर पर बेहोशी हालत में लेट गए थे.

हमारी साँसें बहुत तेज चल रही थी और मुझे बहुत दिन के बाद सेक्स करने के लिए मिला था तो मैं भी बहुत खुश थी.

अब तक मैं अपने पड़ोसी विवान भैया के साथ बहुत बार अपने घर में सेक्स कर चुकी हूँ. हम दोनों लोग आज भी जब भी मौका मिलता है तो हम दोनों लोग सेक्स करते हैं. उन्होंने मुझे एक दो बार अपने दोस्त के फ्लैट पर भी ले जाकर मुझे चोदा है.

हम दोनों के इस यौन सम्बन्ध के बारे में कोई नहीं जानता है. हम दोनों अब एक दूसरे के साथ सेक्स करते करते आपस में खूब खुल गए और हर तरह की बात करने लगे. हम दोनों आज भी एक दूसरे के साथ संपर्क में हैं.
चढ़ती जवानी पे चुदने की ललक (Chadti Jawani Pe Chudne Ki Lalak) चढ़ती जवानी पे चुदने की ललक (Chadti Jawani Pe Chudne Ki Lalak) Reviewed by Priyanka Sharma on 8:49 PM Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.