बहन के आशिक़ से चूत चुदवा ली (Bahen Kei Aashiq Se Choot Chudwa Li)

बहन के आशिक़ से चूत चुदवा ली
(Bahen Ke Aashiq Se Choot Chudwa Li)

सुबह के 9:00 बजे मैं अपने ऑफिस के लिए निकली मैंने अपने मुंह पर कपड़ा लपेटा हुआ था क्योंकि गर्मी का मौसम था और सुबह 9:00 बजे भी गर्मी बहुत ज्यादा हो रही थी। मैं अपने ऑफिस पहुंच गई तो उस दिन बहुत ज्यादा गर्मी हो रही थी और ऑफिस में सब लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ था कि आज गर्मी कितनी ज्यादा हो रही है। 

पांडे जी आए और कहने लगे कि मीनल जी आज कितनी गर्मी हो रही है मैंने पांडे जी से कहा हां पांडे जी आप बिल्कुल सही कह रहे हैं गर्मी तो बहुत ज्यादा है। काम करने का बिल्कुल भी मन नहीं था लेकिन यह हमारी मजबूरी ही थी कि सबको काम करना पड़ रहा था। 

शाम के वक्त जब मैं घर लौटी तो उस वक्त भी गर्मी बहुत ज्यादा हो रही थी जब मैं घर पहुंची तो मेरे पति भी आ चुके थे और वह कहने लगे कि मीनल मेरे लिए कुछ बना दो। मैंने उन्हें कहा क्या आप थोड़ी देर इंतजार कर सकते हैं तो वह कहने लगे हां ठीक है मीनल और थोड़ी देर बाद मैंने उनके लिए शरबत बना दिया।

वह शरबत पीकर कहने लगे कि अब जाकर थोड़ा अच्छा महसूस हो रहा है आज तो गर्मी ने हालत ही खराब कर दी थी और इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के चलते पता नहीं सुबह से कितना ज्यादा पानी पी चुका हूं। मैं कुछ देर अपने पति के साथ बैठी तो वह मुझे कहने लगे कि तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है मैंने उन्हें कहा मेरी जॉब तो अच्छी चल रही है लेकिन मुझे आपसे एक जरूरी बात करनी थी। 

वह कहने लगे हां मीनल कहो ना तुम्हें क्या जरूरी बात करनी थी मैंने उन्हें बताया कि कुछ दिनों के लिए मेरी बहन यहां आ रही है आपको कोई परेशानी तो नहीं है। मेरे पति ने मुझसे कहा तुम यह किस प्रकार की बात कर रही हो तुम्हारी बहन यदि यहां आ रही है तो इसमें भला मुझे क्या परेशानी होगी। 

मैंने अपने पति से कहा लेकिन मुझे लगा कि मुझे आप से पूछ लेना चाहिए इसलिए मैंने आपसे इस बारे में पूछ लिया। वह कहने लगे कि तुमने अच्छा किया कि मुझसे इस बारे में पूछ लिया लेकिन तुम्हें इस बारे में मुझसे पूछना नहीं चाहिए था यह तुम्हारा अपना घर है मैंने अपने पति से कहा हां मुझे मालूम है कि यह मेरा भी घर है। 

मेरी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं और दो वर्षों में मेरे पति ने मेरा बहुत साथ दिया है उन्होंने ही अपने मम्मी पापा से झगड़ कर मेरे लिए नौकरी का रास्ता साफ किया था क्योंकि वह लोग मुझे नौकरी भी नहीं करने देना चाहते थे।

मैं पहले से ही नौकरी करती आई थी तो मुझे लगता था कि मुझे अपनी जॉब नहीं छोड़नी चाहिए इसलिए शादी के बाद भी मैं अभी जॉब कर रही हूं और मेरे पति ने मेरा हर जगह मेरा बहुत साथ दिया है। हम दोनों आपस में बात कर ही रहे थे कि मेरी सासू मां का फोन मुझे आ गया और जब उनका फोन मुझे आया तो वह मुझे कहने लगे कि मीनल बेटा तुम कहां हो। 

मैंने उन्हें कहा मां जी मैं तो घर पर ही हूं वह कहने लगे कि सुमित का फोन नहीं लग रहा है क्या सुमित तुम्हारे साथ ही है मैंने उन्हें कहा हां मां जी यह मेरे साथ ही हैं क्या कोई जरूरी काम था। वह कहने लगी कि बेटा तुम सुमित को फोन देना मुझे उससे कुछ बात करनी थी और मैंने सुमित को फोन दे दिया सुमित अपनी मां से बात करने लगे कुछ देर बाद उन्होंने फोन रखते हुए मुझे कहा कि कल मां और पापा दोनों ही आ रहे हैं। 

वह लोग गांव में ही रहते हैं और हम लोग दिल्ली में रहते हैं मैंने सुमित से कहा अच्छा तो कल पापा मम्मी आ रहे हैं सुमित कहने लगे हां कल वह लोग आ रहे हैं और मुझे उन्हें लेने के लिए रेलवे स्टेशन भी जाना पड़ सकता है। 

मैंने सुमित से कहा अच्छा तो आप उन्हें लेने के लिए कल रेलवे स्टेशन जाएंगे वह कहने लगे हां लगता तो यही है वैसे मैं उन्हें अपने साथ रेलवे स्टेशन ले जाऊंगा क्योंकि उनकी ट्रेन का समय भी शाम का ही है। मैंने सुमित से कहा मैं खाना बना देती हूं वैसे भी काफी समय हो गया है सुमित कहने लगे हां तुम खाना बना लो मुझे भी भूख लगने लगी है।

मैंने खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दी मैं खाना बना चुकी थी और हम दोनों ने साथ में खाना खाया और उसके बाद हम लोग सो गए। अगले दिन मुझे अपने ऑफिस के लिए जल्दी निकलना था तो मैं जल्दी अपने ऑफिस के लिए निकल चुकी थी सुमित उस वक्त घर पर ही थे। 

मैं जब ऑफिस पहुंच गई तो मैंने सुमित को फोन कर दिया था सुमित कहने लगे कि मैंने नाश्ता कर लिया है और मैं भी थोड़ी देर बाद अपने ऑफिस के लिए निकल रहा हूं और कुछ देर बाद सुमित अपने ऑफिस के लिए निकल गए। 

जब वह अपने ऑफिस पहुंच गए तो उन्होंने मुझे मैसेज कर दिया था और शाम के वक्त उन्होंने मुझे कहा कि मैं पापा मम्मी को लेने के लिए जा रहा हूं मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं भी घर पहुंच जाऊंगी। 

मैं भी जल्दी घर पहुंच गई थी सुमित मेरे सास ससुर को लेने के लिए रेलवे स्टेशन चले गए थे और कुछ ही देर बाद वह लोग वहां  से घर आ गए। जब मां जी आई तो मैंने उन्हें कहा मां जी सफर कैसा रहा तो वह कहने लगी सफर तो अच्छा था लेकिन ट्रेन में तुम्हारे बाबूजी के साथ एक नौजवान युवक ने बड़ी ही बदतमीजी से बात की। 

मैंने उन्हें कहा आजकल ऐसा ही माहौल है और वह लोग अब सोफे पर बैठे हुए थे तो मैं उनके लिए चाय बना कर ले आई मैंने उनके लिए चाय बना दी।

उन्हें जब मैंने चाय दी तो वह कहने लगे कि बहु तुम्हारा काम कैसा चल रहा है तो मैंने उन्हें कहा बस मां जी मेरी नौकरी भी अच्छी चल रही है। वह लोग अब कुछ दिनों तक हमारे पास ही रहने वाले थे। कुछ दिनों बाद मेरी छोटी बहन भी आ गई और जब वह आई तो उस वक्त मेरे सासू मां और ससुर जी घर पर ही थे लेकिन कुछ दिनों बाद वह लोग  गांव चले गए। 

जब वह गांव चले गए तो मेरी छोटी बहन काजल जो कि बेहद ही शरारती है उसका कोई बॉयफ्रेंड था वह उससे मिलने के लिए घर पर आया करता था। मैंने उसे मना भी किया था कि उसे तुम घर पर मत बुलाया करो कही तुम्हारे जीजा जी को इस बारे में मालूम पड़ा तो वह गुस्सा हो जाएंगे लेकिन वह कहां मानने वाली थी और वह उसे घर पर बुला दिया करती थी। 

इस बात से मैं भी बहुत गुस्सा हो गई थी एक दिन तो पानी सर के ऊपर निकल गया जब उसके बॉयफ्रेंड का लंड उसने अपने मुंह के अंदर ले रखा था और उसे वह चूस रही थी जब मैने यह सब देखा तो मेरा गुस्सा सातवें आसमान पर था। 

वह दोनों नग्न अवस्था में थे मैं यह सब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाई मैंने कहां काजल क्या तुम इसीलिए यहां दिल्ली आई थी ताकि तुम अपने बॉयफ्रेंड के साथ रंगरलिया मना पाओ उसका बॉयफ्रेंड चुपचाप एक कोने में खड़ा था। वह कपड़े पहनने लगा जब वह अपने कपड़े पहन रहा तो मैं उसके लंड की तरफ देख रही थी उसका लंड खड़ा था। 

मैंने काजल से कहा तुम उसके लंड को कैसे अपने मुंह के अंदर लेती हो जरा मुझे भी तो दिखाओ काजल पहले शरमा रही थी लेकिन उसने जब उसके लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो मैं यह सब देखे जा रही थी। वह बडे अच्छे तरीके से अपने मुंह के अंदर बाहर उसके लंड को कर रही थी मैं यह सब देखे जा रही थी। 

अब वह दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पाए और उसने काजल की योनि पर अपने लंड को सटाया तो मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी। उसके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी मुझे बड़ा मजा आ रहा था काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया।
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जब उसके मुंह के अंदर बाहर मेरा लंड हो रहा था तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था और उसे भी मज़ा आ रहा था। काफी देर तक ऐसा ही चलता रहा जब मैंने अपनी बहन की योनि में उसके लंड को डाला तो वह उसे चोदने लगा काफ़ी देर तक वह उसकी चूत मारता रहा। मै बिल्कुल ही रह नहीं पा रही थी मैंने उसके सामने अपनी चूतडो को कर दिया वह बड़ी तेजी से काजल को चोद रहा था। 

जब उसका लंड मेरी चूत में जाते ही मेरी चूत के अंदर दर्द महसूस होने लगा वह अपनी पूरी ताकत के साथ मुझे धक्के मार रहा था। मैं भी उसे अपन चूत के मजे दे रही थी कुछ देर बाद जब काजल ने उसके लंड को अपने मुंह के अंदर लेना शुरू किया तो मुझे भी अच्छा लग रहा था। मैंने भी काफी देर तक उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया। 

फिर उसने काफी देर तक काजल की योनि के मजे लिए जब वह पूरी तरीके से खुश हो गया तो उसके बाद उसने मुझे कहा मुझे आपकी गांड के अंदर अपने लंड को डालना है। मैं भी उसे मना ना कर सकी और मैंने उसे कहा लेकिन तुम अपने लंड पर तेल लगा लो ताकि अंदर की तरफ लंड जा सके और उसने अपने लंड पर तेल लगाते हुए जैसे ही मेरी गांड के अंदर डाला तो उसका मोटा लंड मेरी गांड मे प्रवेश हुआ तो मैं चिल्लाने लगी।

मुझे बहुत दर्द हो रहा था मैंने काजल से कहा तुम अपने बॉयफ्रेंड को किस करो वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ किस कर रही थी और वह मुझे लगातार तेजी से धक्के मारता रहा। जब मेरी गांड छिलकर बेहाल हो गई तो वह मुझे कहने लगा लगता है अब आपके अंदर मेरा वीर्य गिरने वाला है। 

मैंने उसे कहा तुम अंदर ही गिरा दो थोड़ी ही देर बाद उसने अंदर ही अपने वीर्य को गिरा दिया मैं बहुत ज्यादा खुश हो गई। वह भी बडा खुश नजर आ रहा था उसके बाद भी वह अक्सर काजल से मिलने के लिए घर आता रहता था और मेरी गांड मारने की इच्छा हमेशा ही जाहिर किया करता मैं भी उसे कभी मना नहीं करती थी और हमेशा मैं उसके साथ सेक्स संबंध बनाती। 

काजल को भी इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी और काजल मुझे हमेशा ही कहते कि दीदी आप मेरे बॉयफ्रेंड के साथ पूरे मजे लिया कीजिए हम लोग आपस में सेक्स का जमकर मजा लिया करते।
बहन के आशिक़ से चूत चुदवा ली (Bahen Kei Aashiq Se Choot Chudwa Li) बहन के आशिक़ से चूत चुदवा ली (Bahen Kei Aashiq Se Choot Chudwa Li) Reviewed by Priyanka Sharma on 9:16 PM Rating: 5

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