शराब का नशा और मदहोश जवानी (Sharab Ka Nasha Aur Madhosh Jawani)

शराब का नशा और मदहोश जवानी
(Sharab Ka Nasha Aur Madhosh Jawani)

मैं अपनी मौसी को उनके घर छोड़ने के लिए जा रहा था रास्ते में काफी ट्रैफिक था समझ नहीं आया कि इतना ट्रैफिक क्यों है गाड़ी तो जैसे हिलने का नाम ही नहीं ले रही थी। मैं भी बिल्कुल एक जगह पर ही खड़ा था और मौसी कहने लगी बेटा जरा देखो तो क्या हुआ है मैंने मौसी से कहा बैठे रहिए मौसी, तभी सामने से एक गाड़ी आई तो मैंने उनसे पूछा भाई साहब क्या हुआ है। 

वह मुझे कहने लगे अरे आगे एक एक्सीडेंट हो गया है इस वजह से ट्रैफिक की आवाजाही रुक गई है। जब उन्होंने मुझे यह बात बताई तो मैंने मौसी से कहा मौसी कुछ देर बैठ जाइये बस थोड़ी देर बाद ट्रैफिक खुल ही जाएगा तभी ट्रैफिक पुलिस की गाड़ी सायरन बजाते हुए बड़ी तेजी से आई और उसने फटाफट से ट्रैफिक को खुलवा दिया। अब हम लोग वहां से आगे निकलने लगे करीब एक घंटा हम लोगों का बर्बाद हो चुका था मैंने मौसी को उनके घर पर छोड़ ही दिया जब मैंने मौसी को उनके घर छोड़ा तो वह मुझे कहने लगी बेटा तुम आज यहीं रुक जाओ।

मैंने मौसी से कहा नहीं मौसी मुझे अभी निकलना पड़ेगा मेरी एक जरूरी मीटिंग है फिर कभी आऊंगा मौसी कहने लगी ठीक है बेटा जब समय मिले तो तब आ जाना। अब मैं वहां से अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ा मैं जैसे ही अपने ऑफिस पहुंचा तो मेरे ऑफिस के रिसेप्शनिस्ट मुझे कहने लगी सर आपसे मिलने के लिए कोई आए हुए थे। 

मैंने उन्हें कहा उनका नाम क्या है तो वह कहने लगी सर उनका नाम मिस्टर आकाश है मैंने अपने ऑफिस में काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट से कहा वह लोग कहां हैं वह कहने लगी सर वह लोग तो कुछ देर पहले यहीं थे लेकिन वह यह कह कर गए हैं कि बस थोड़ी देर बाद आ जाएंगे। मैं अपने केबिन में बैठा और मैंने आकाश को फोन कर दिया मैंने जब आकाश को फोन किया तो वह कहने लगे सर क्या आप ऑफिस पहुंच चुके हैं। 

मैंने आकाश से कहा हां मैं ऑफिस आ चुका हूं आप आ जाइए और फिर मैं आकाश का इंतजार करने लगा जैसे ही आकाश आए तो वह मुझे कहने लगे सर मैं तो आपका इंतजार कर रहा था लेकिन आपने फोन नहीं उठाया। मैंने आकाश को सारी बात बताई और कहा रास्ते में काफी ज्यादा ट्रैफिक था और मुझे अपनी मौसी को उनके घर छोड़ना था इसलिए मुझे आने में देर हो गई आकाश कहने लगे कोई बात नहीं। आकाश जिस कंपनी में काम करते हैं उसी कंपनी से मैं कई सालों से बिजनेस करता आ रहा हूं आकाश वहां पर मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर कार्यरत हैं।

आकाश के साथ मेरा बहुत अच्छा संबंध है आकाश को मैं पिछले 5 वर्षों से जानता हूं और इन 5 वर्षों में हम लोग एक दूसरे के परिवार तक को जानने लगे हैं। मैंने आकाश को कहा कि कंपनी ने कोई नया प्रोडक्ट लॉन्च किया है तो आकाश कहने लगा सर अभी तो नहीं किया है लेकिन कुछ ही समय बाद एक दमदार प्रोडक्ट कंपनी लांच करने वाली है आपको उससे मुनाफा होगा। 

मैंने आकाश से कहा लेकिन कब तक आने की संभावना है तो आकाश कहने लगा सर अभी तो आपको दो-तीन महीने इंतजार करना पड़ेगा दो तीन महीने बाद ही कुछ पता चल पाएगा। मैंने आकाश से कहा चलो यह तो अच्छी बात है दो तीन महीना और इंतजार कर लेते हैं। 

मैंने कंपनी की कुछ पेमेंट अभी तक नहीं दी थी मैंने आकाश से कहा मैं तुम्हें अभी चेक दे देता हूं मैंने आकाश को चेकबुक से चेक दे दिया और आकाश भी कुछ देर बैठे रहे। मैंने आकाश से कहा मैं आपके लिए चाय मंगवा देता हूं मैंने अपने ऑफिस में काम करने वाले पियून को आवाज लगाई जब वह आया तो मैंने उससे कहा हमारे लिए दो चाय बना दो वह कहने लगा साहब अभी बना कर लाता हूं। 

कुछ ही देर बाद वह हमारे लिए चाय ले आया और हम दोनों चाय पीते पीते बातें करने लगे। मैंने आकाश की पर्सनल लाइफ के बारे में बात की तो आकाश ने मुझे बताया सर बस आजकल कुछ ठीक नहीं चल रहा है मेरी पत्नी और मेरे बीच में झगड़े होते रहते हैं। आकाश मुझसे हर एक बात खुलकर किया करते थे तो आकाश ने मुझे सब कुछ बता दिया और कहा मैं आज कल बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूं शायद मेरी पत्नी मुझसे डिवोर्स भी लेना चाहती है।

मैंने आकाश को कहा सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन मैं मन ही मन सोच रहा था आजकल समय पूरी तरीके से बदल चुका है। आकाश में कोई कमी नहीं थी लेकिन ना जाने क्यों आकाश की पत्नी आकाश से डिवोर्स लेने पर तुली हुई थी आकाश के चेहरे पर उस बात की शिकन साफ दिखाई देती। हम लोग आपस में बात कर रहे थे तभी आकाश कहने लगे कि सर मै आपसे अभी इजाजत लेता हूं बाद में आपसे मुलाकात करता हूं। 

यह कहते हुए मैंने आकाश से कहा ठीक है और आकाश चले गए जब आकाश चले गए तो मैं अपना ऑफिस का काम करने लगा और उस दिन भी मेरा समय पता नहीं कैसे निकला कुछ मालूम ही नहीं पड़ा। शाम को घर जाने का वक्त हो चुका था जब मैं घर की तरफ निकल रहा था तो मैंने अपनी पत्नी को फोन किया और उसे कहा कि मैं घर आ रहा हूं तो उसकी फरमाइशे शुरू हो गई। 

मेरी पत्नी कि मुझसे बहुत ही ज्यादा उम्मीदें रहती हैं और मैं उसकी हर इच्छा को पूरी कर दिया करता हूं जो वह मुझसे चाहती है। मैं अपने घर की तरफ निकल पड़ा रास्ते से मैंने अपनी पत्नी के लिए गिफ्ट पैक करवा लिया और घर पहुंचते ही मैंने अपनी पत्नी को गिफ्ट दिया तो वह खुश हो गई। वह कहने लगी आप मुझे ऐसे ही सरप्राइज दिया कीजिए मुझे अच्छा लगता है। मैंने उसे कहा मुझे इतना मीठा खाना ठीक नहीं है वह कहने लगी आप भी ना पता नहीं कैसी कैसी बातें करते रहते हैं और इस बात से मैं और मेरी पत्नी हंसने लगे।

मैंने उससे कहा तुम मुझसे कितना प्यार करती हो वह कहने लगी मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। मेरी पत्नी और मेरी मुलाकात जब पहली बार हुई थी तो उस वक्त हम दोनों ने एक दूसरे को देखते ही पसंद कर लिया था। मैंने यह बात अपने पिताजी को बताई तो पिताजी मेरी बात मान गए उन्होंने मुझे आज तक कभी भी किसी चीज के लिए मना नहीं किया था। 

मैं और मेरी पत्नी आपस में बात कर रहे थे तभी मेरी मां कहने लगी बेटा आ जाओ तुम खाना खा लो तुम्हें भूख लग गई होगी, मां मेरी बहुत चिंता करती है। मैं जब खाने की टेबल पर बैठा हुआ था तो पापा मुझसे कहने लगे कि बेटा तुम्हें मालूम है जो प्रॉपर्टी हमने कुछ समय पहले खरीदी थी मैं उसे बेचने के बारे में सोच रहा था। मैंने पापा से कहा लेकिन उसे हमें अपने पास रख लेना चाहिए पापा कहने लगे बेटा उसका हमें इतना मुनाफा नहीं मिलने वाला है इसलिए उसे बेचने में ही फायदा है मैंने पापा से कहा ठीक है। 

हम लोगों की घर को बेचने के लिए रजामंदी बन चुकी थी और अब हम लोगों ने वह घर बेचने का पूरा फैसला कर लिया था। एक दिन मैंने और मेरे दोस्त ने घूमने का प्लान बनाया उस दिन हम दोनों ने सोचा कि क्यों ना किसी लड़की को बुला लिया जाए। हम लोगों ने एक लड़की को बुला लिया जब वह लड़की हमारे पास आई तो उसके गोरे बदन को देखकर हम दोनो रह ना सके और उसे चोदने के लिए हम दोनों के अंदर की बेताबी बढने लगी। 
शराब का नशा और मदहोश जवानी (Sharab Ka Nasha Aur Madhosh Jawani)
शराब का नशा और मदहोश जवानी (Sharab Ka Nasha Aur Madhosh Jawani)
मैं उसे बड़े अच्छे से चोदना चाहता था वह भी चुदने के लिए बेताब थी हम दोनों ने ही उसकी चूत मारने का फैसला कर लिया था। मेरे दोस्त ने उसके साथ संभोग करने का फैसला किया जब वह उसे कमरे में ले गया तो वह उसकी योनि में अपने लंड को डाल रहा था।

मुझे मेरे कानों तक आवाज साफ सुनाई दे रही थी और जिस प्रकार से उसने उसे चोदा तो उसे बड़ा मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि मैं भी इंतजार कर रहा था कि कब उसकी चूत मारू। बहुत समय हो गया था जब से मैंने किसी की चूत नही मारी थी। वह मेरे साथ कमरे मे आई मैंने उससे पूछा तुम्हारा नाम क्या है? 

वह कहने लगी मेरा नाम मोना है मैंने मोना के पतले और गुलाबी होठों को अपने होठों में लेकर चूसना शुरू किया तो उसे अच्छा लगने लगा और वह मुझसे लिपटकर कहने लगी तुम्हारे साथ चुंबन करने में मजा आ रहा है। मैंने उसे कहा मुझे भी तो बहुत मजा आ रहा है और जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया तो वह मुझे कहने लगी अब नही जा रहा वह बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी उसकी उत्तेजना भी अपने चरम सीमा पर थी। 

मैने मोना से कहा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो उसने भी मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया। वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था और उसे भी आनंद आ रहा था।

हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी ना झेल पाए मेरे लंड से पानी बाहर को निकल आया था अब मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था और जैसे ही मैंने अपने लंड को मोना की चूत पर सटाते हुए अंदर की तरफ धकेला तो वह मजे मै आने लगी। मैं उसे लगातार तेजी से धक्के दिए जा रहा था जिस प्रकार से मैंने उसे धक्के दिए उससे उसका बदन पूरी तरीके से हिलने लगा था। 

वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा है मैंने उससे कहा कोई बात नहीं थोड़ी देर बाद सब सही हो जाएगा और यह कहते हुए मैंने उसे और तेजी से धक्के देने शुरू किए। जब मैं उसकी चूतड़ों को पकड़ कर उसे बड़ी तेजी से धक्के मारता तो वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और मेरे अंदर से गर्मी बाहर निकलने लगी थी। मेरे अंडकोष के रास्ते से मेरा वीर्य बाहर की तरफ को गिरने लगा था और मैं बिल्कुल भी रह ना पाया। 

मैंने अपने वीर्य को मोना की योनि के अंदर गिरा दिया मैंने उस दिन काफी समय बाद अपने जीवन में खुल कर मजे लिए शराब और शबाब दोनों में ही मैं डूब रहा और मोना को चोदते रहे।
शराब का नशा और मदहोश जवानी (Sharab Ka Nasha Aur Madhosh Jawani) शराब का नशा और मदहोश जवानी (Sharab Ka Nasha Aur Madhosh Jawani) Reviewed by Priyanka Sharma on 9:42 PM Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.