संजना ने दिलाया मनमोहक लंड (Sanjna Ne Dilaya Manmohak Lund)

संजना ने दिलाया मनमोहक लंड
(Sanjna Ne Dilaya Manmohak Lund)

शाम के वक्त करीब 6:00 बज रहे थे मैंने घड़ी में समय देखा तो उस वक्त 6:00 बज रहे थे मैं अपने पति का इंतजार कर रही थी मेरे पति 6:30 बजे घर आ जाया करते थे लेकिन उस दिन मुझे उनका इंतजार करते हुए करीब एक घंटा हो गया था परंतु अभी वह घर नहीं आए थे। मुझे समझ नहीं आ रहा था क्या कि वह कहां रह गए क्योंकि इतनी देर तक वह कभी भी ऑफिस में नहीं रहते थे वह ऑफिस से सीधा ही घर चले आते थे। 

मैं उनका इंतजार कर रही थी परंतु मुझे क्या पता था कि मुझे बुरी खबर मिलने वाली है मेरे फोन की घंटी भी एकाएक बजने लगी उस दिन मेरे दिल की धड़कने बहुत तेज थी। मैंने जब फोन को उठाया तो सामने से कोई व्यक्ति बोल रहे थे वह कहने लगे कि क्या आप शांतनु जी की पत्नी बोल रही हैं मैंने उन व्यक्ति को जवाब देते हुए कहा हां मैं शांतनु जी की पत्नी बोल रही हूँ। वह कहने लगे कि आप अभी हस्पताल आ जाइए मुझे कुछ समझ नहीं आया कि वह मुझे क्यों अस्पताल बुला रहे हैं लेकिन मुझे उस वक्त अस्पताल जाना ही पड़ा।

मैं जल्दी से तैयार ऑटो लेकर अस्पताल चली गई जैसे ही मैं अस्पताल पहुंची तो जिन व्यक्ति ने मेरे मोबाइल पर फोन किया था मैंने उन्हें फोन करते हुए कहा कि मैं अस्पताल पहुंच चुकी हूं। उन्होंने मुझे कहा कि आप इमरजेंसी वार्ड में आ जाइए मैं इमरजेंसी वार्ड में गई तो वहां का मंजर देख कर मैं बेहोश हो गई। 

जब मुझे होश आया तो मैंने देखा मेरे आस-पास कुछ नर्स खड़ी हैं मैं बहुत ज्यादा घबरा गई थी, आखिर घबराने की वजह थी भी मेरे पति उस वक्त अस्पताल के बिस्तर पर पड़े हुए थे। वह व्यक्ति मेरे पास आये और कहने लगे बहन जी आप धैर्य रखिए यदि आप ही धैर्य नही रखेंगे तो भला शांतनु जी को कौन संभालेगा। मैं उन व्यक्ति से पहली बार ही मिली थी लेकिन उनकी भाषा और उनके बोलने के तरीके से मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह भी काफी ज्यादा दुखी हैं। 

जब उन्होंने मुझे बताया कि शांतनु हमारे ऑफिस में काम करता है तो मैंने उनसे पूछा आखिर हुआ क्या है वह कहने लगे पता नहीं अचानक से शांतनु के नाक से खून बहने लगा और वह ऑफिस में ही गिर पड़े मैं उन्हें लेकर तुरंत ही अस्पताल चला आया लेकिन डॉक्टरों ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।

शांतनु अभी इमरजेंसी वार्ड में थे और मैं अब अपने आप को पहले से बेहतर महसूस कर रही थी तभी अचानक से शांतनु की तबियत और भी ज्यादा खराब होने लगी और उन्हें आईसीयू में भर्ती करवाना पड़ा। वह आईसीयू में गए तो मेरी चिंता है और भी बढ़ने लगी और मैंने अपने माता पिता को फोन करके बुला लिया। शांतनु के माता पिता का देहांत हो चुका था इसलिए उनके परिवार में सिर्फ उनके बड़े भैया ही हैं मैंने उन्हें भी फोन कर के अस्पताल में बुला लिया था लेकिन जब तक सब लोग आते तब तक बहुत देर हो चुकी थी और शांतनु अब इस दुनिया में नहीं रहे थे। 

मैं इस बात से बहुत ज्यादा घबरा गई थी क्योंकि मेरा शांतनु के सिवा इस दुनिया में कोई भी नहीं था इसलिए अपने माता-पिता के साथ ही कुछ दिनों के लिए मैं उनके घर पर चली गई।  जब मैं उनके घर पर गई तो वहां मैंने देखा सब लोग मेरी वजह से दुखी हैं समय के साथ साथ मैंने भी अपने आप को खुश रखने की कोशिश की और धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा शांतनु अब मेरी जिंदगी में नहीं थे सिर्फ उनकी यादें ही मेरे दिल में थी। 

अब मुझे अपने जीवन में आगे तो बढ़ना ही था मैं अपने माता पिता के पास ही रहने लगी थी मैं अब आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी लेकिन मुझे बहुत तकलीफो का सामना करना पड़ा और समाज कि कुंठित मानसिकता का मुझे कई बार सामना करना पड़ा लेकिन उसके बावजूद भी मैंने उन लोगों का सामना किया। मेरे माता पिता ने मेरा बहुत साथ दिया जिससे कि मैं अब नौकरी करने लगी थी और मैं जिस जगह नौकरी करती थी वहां पर मेरी दोस्ती संजना से हो गई थी संजना की उम्र मुझसे दो वर्ष ही कम थी लेकिन संजना का हसमुख चेहरा और उसकी बातें मुझे बहुत अच्छी लगती।

मैं संजना को हमेशा कहती कि तुम बहुत ही अच्छी हो संजना कहती की लेकिन तुम भी तो अच्छी हो, संजना को मैंने अपने बारे में सब कुछ बता दिया था और उसे मेरे बारे में सब कुछ मालूम था। संजना हमेशा ही मेरा साथ दिया करती है और कहती कि तुम अब पुरानी चीजों को भूलने की कोशिश करो तुम्हे अपने जीवन में अब आगे तो बढ़ना ही है यदि तुम अपनी पुरानी जिंदगी के बारे में ही सोचती रहोगी तो अपने आप को ही तुम परेशानी में डालोगी इसलिए मैं भी अब खुश रहने की कोशिश करने लगी। 

संजना के साथ मैं कई बार घूमने के लिए भी चली जाया करती थी संजना के परिवार में उसके माता पिता ही थे और संजना घर में एकलौती है इसलिए वह अपने माता पिता से बहुत प्यार करती है और उसके माता-पिता भी उससे बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। वह लोग उसकी बहुत देखभाल करते है और उसकी बहुत ही चिंता करते हैं लेकिन संजना को अपने अच्छे बुरे की समझ बड़े ही अच्छे से हैं। 

संजना का मेरे जीवन में आना मेरे लिए बहुत ही अच्छा रहा मैं शांतनु की यादों को भुला कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी थी सब कुछ सामान्य हो चुका था मेरे माता पिता भी मुझे कहते कि तुम दूसरी शादी क्यों नहीं कर लेती। 

मैं नहीं चाहती थी कि मैं दूसरी शादी करूं इसलिए मैंने दूसरी शादी का ख्याल अपने दिमाग से निकाल दिया था परंतु मेरे माता पिता के कहने पर मुझे लगा कि शायद मुझे दूसरी शादी के बारे में सोच लेना चाहिए और अपने जीवन को आगे बढ़ाना चाहिए इसी में मेरी खुशी है। अब संजना की भी सगाई हो गई और जब संजना की सगाई हुई तो संजना ने मुझे अपनी सगाई में भी बुलाया था उसकी सगाई में हम लोगों ने खूब जमकर डांस किया और मुझे बहुत ही अच्छा लगा कि संजना की सगाई हो रही है कुछ ही समय बाद संजना की शादी का दिन भी तय हो गया।

संजना की शादी अब नजदीक आने वाली थी संजना के साथ मैं ही शॉपिंग पर गई थी उसके साथ मैंने अपने लिए भी कुछ कपड़े खरीद लिए थे। संजना चाहती थी कि वह अपनी शादी के दिन को बहुत ही खास बनाये और वह दिन उसका जीवन का यादगार दिन बन कर रहे इसीलिए तो वह अपनी शादी की तैयारी में खुद ही जुटी हुई थी। 

एक दिन मैं उसकी मम्मी के साथ बैठी हुई थी तो वह कहने लगी बेटा अब संजना अपने ससुराल चली जाएगी हमें उसकी बड़ी याद आएगी उसके बिना घर कितना सूना लगेगा। मैंने आंटी से कहा आंटी आप बिल्कुल ठीक कह रही हैं लेकिन संजना को एक न एक दिन तो जाना ही था और उसकी शादी तो होनी ही थी ना। आंटी मुझे कहने लगे हां बेटा तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो संजना की शादी तो होनी ही थी। 

संजना की मम्मी बहुत ज्यादा भावुक हो गई थी मैंने उन्हें कहा कि आंटी यदि आप ऐसे संजना को विदाई देंगे तो उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा। तब तक संजना भी आ गई और कहने लगी मम्मी तुमसे क्या बात कर रही थी। मैंने कहा कुछ भी तो नहीं बस ऐसे ही हम लोग आपस में एक दूसरे का हालचाल पूछ रहे थे। संजना की शादी का दिन नजदीक आने वाला था और जिस दिन संजना की शादी थी उस दिन उनकी शादी में उनके सारे मेहमान आए हुए थे। शादी के लिए बैंक्विट हॉल को दुल्हन की तरह सजा दिया गया था संजना भी उस दिन बहुत ज्यादा सुंदर लग रही थी। संजना की शादी के दौरान ही मेरी मुलाकात रोहन से हो गई रोहन संजना की शादी में आए हुए थे।

संजना ने ही मुझे उनसे मिलवाया था मुझे नहीं मालूम था कि रोहन मेरे दिल को इतना भा जाएंगे कि मैं रोहन के पीछे पागल हो जाऊंगी। यह आग एक तरफ नहीं दोनों तरफ लगी हुई थी रोहन भी मेरे पीछे पागल थे लेकिन उनको मेरी सच्चाई के बारे में मालूम नहीं था। एक दिन मैंने रोहन को अपनी सच्चाई के बारे में बताया तो रोहन मुझे कहने लगे मुझे उससे कुछ भी फर्क नहीं पड़ता। 
संजना ने दिलाया मनमोहक लंड (Sanjna Ne Dilaya Manmohak Lund)
संजना ने दिलाया मनमोहक लंड (Sanjna Ne Dilaya Manmohak Lund)
रोहन की इस बात से मै रोहन पर पूरी तरीके से भरोसा कर बैठी और रोहन को मैंने अपना तन बदन सौंप दिया। रोहन के साथ जब मैंने पहली बार शारीरिक संबंध बनाए तो हम दोनों ही एक-दूसरे को पूरी तरीके से संतुष्ट कर पाए थे रोहन ने मुझे अपनी बाहों में लिया और मेरी जांघ को वह सहलाने लगे। जिस प्रकार रोहन मेरी जांघों को सहला रहे थे उस से मै बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गई थी। जब वह अपने हाथ को मेरी योनि के तरफ बढाते हुए मेरी योनि को दबाने लगे। मैं अपने आपको नहीं रोक सकी मेरे अंदर से एक आग पैदा होने लगी थी और मैं जैसे ही रोहन के होठों को चूमने लगी तो रोहन को भी अच्छा लगने लग रहा है।

रोहन ने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटाते हुए मेरे कपड़े उतारने शुरू किए जब रोहन ने मेरे स्तनों को अपने हाथ से दबाया तो मैं अब मचलने लगी थी। रोहन ने मेरे स्तनों को अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगे। जब रोहन ने मेरे सलवार के नाडे को खोला तो मेरी काली रंग की पैंटी को उतारा तो मेरी योनि से पानी निकल रहा था। 

उन्होंने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाल दिया मेरे दिल में अब भी शांतनु की याद ही थी लेकिन शांतनु मेरा बीता हुआ कल था और रोहन मेरा आने वाला कल था। मैंने अपने दोनों पैर खोल लिया और जैसे ही रोहन ने मेरी योनि के अंदर अपने 9 इंच मोटे लंड को प्रवेश करवाया तो इतने समय बाद मेरी योनि में किसी का लंड गया था। मैं पूरी तरीके से मचलने लगी रोहन ने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाल दिया। 

मेरी योनि की दीवार से उनका लंड टकराने लगा वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गए। रोहन ने मुझे तेजी से धक्के मारने शुरू किए रोहन मेरी योनि के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहे थे जिससे कि मैं बिल्कुल भी सह ना सकी और 10 मिनट के संभोग के दौरान हम लोगों की इच्छा पूरी तरीके से भर गई और उनका वीर्य मेरी योनि में जा गिरा।
संजना ने दिलाया मनमोहक लंड (Sanjna Ne Dilaya Manmohak Lund) संजना ने दिलाया मनमोहक लंड (Sanjna Ne Dilaya Manmohak Lund) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:39 PM Rating: 5

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