पहली चुदाई का मजा (Pehli Chudai Ka Maja)

पहली चुदाई का मजा(Pehli Chudai Ka Maja)

मैं अपनी पढ़ाई में इतनी व्यस्त रहती थी कि मुझे किसी भी चीज से कोई मतलब नहीं रहता था मैंने अपनी 12वीं की पढ़ाई अव्वल दर्जे से पास की। उसके बाद जैसा की पिताजी चाहते थे कि मैं एक अधिकारी बनूं उसके लिए मैंने प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू कर दी और मैं अपनी पूरी मेहनत से तैयारी कर रही थी। तभी हमारे घर पर मेरी मौसी की लड़की कावेरी आई वह मुझसे उम्र में एक वर्ष छोटी थी और वह कॉलेज की पढ़ाई कर रही थी लेकिन उसका मॉडर्न अंदाज और उसके बात करने का तरीका मुझसे बहुत अलग था। 

मैं एक सामान्य सी लड़की थी मुझे ना तो अपने कपड़ों से ज्यादा कुछ लेना देना था और ना ही मुझे अपने दोस्तों से कुछ लेना देना था मैं अपने कमरे की बंद दीवारों को ही अपना साथी मानती थी। मेरे कमरे में जो किताबे थी वही मेरे सच्चे दोस्त थे लेकिन मैं जब भी कावेरी से मिलती तो मुझे ऐसा लगता कि मुझे भी कावेरी के जैसा थोड़ा मॉर्डन तो होना ही चाहिए।

मैं बिल्कुल भी सामाजिक नहीं हूं मैं सिर्फ अपने कमरे में ही बैठी रहती हूं और उससे ज्यादा मेरी कुछ दुनिया नहीं है लेकिन जब कावेरी मेरे रूम में आई तो वह कहने लगी लता क्या तुम पढ़ाई कर रही हो। मैंने कावेरी से कहा हां मैं पढ़ाई कर रही थी कावेरी कहने लगी चलो मैं बाहर जाती हूं तुम्हें डिस्टर्ब हो जाएगा। मैंने कावेरी से कहा नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है तुम यहां बैठ सकती हो, कावेरी मुझे कहने लगी नहीं मैं यहां बैठ कर क्या करूंगी तुम्हें बेवजह ही मेरी बातों से परेशानी हो जाएगी।

मैंने कावेरी को अपने पास बैठा लिया और हम दोनों बातें करने लगे मैंने अपनी किताबों को बंद कर के अपने मेज पर ही रख दिया था। मेरे हाथ में पेन था और मैं उसको अपने हाथों से घुमाये जा रही थी कावेरी और मेरे बीच एक दूसरे के हाल-चाल को लेकर बातें होती लेकिन कावेरी के मॉर्डन ख्यालातो के आगे मेरी पुरानी सोच कहीं भी नहीं दिखती थी। मुझे लगता कि मैं जैसे जमाने से बहुत पीछे हूं और सब लोग मुझसे काफी आगे निकल चुके हैं परंतु मैं अपने जीवन में खुश थी मैं चाहती थी कि मैं अपने जीवन में एक अच्छे मुकाम को हासिल कर लूं।

मैंने अभी तक अपना फेसबुक पर अकाउंट नहीं बनाया था कावेरी मुझे कहने लगी कि तुम कम से कम अपना फेसबुक पर अकाउंट तो बनवा लो। मैंने कहा नहीं कावेरी उसकी वजह से मेरी पढ़ाई में दिक्कत पैदा हो जाएगी इसलिए मैं फेसबुक पर अकाउंट नहीं बनाना चाहती लेकिन कावेरी की जिद के आगे मुझे अपना फेसबुक अकाउंट बनाना पड़ा। कावेरी ने अपने जेब से बड़े से मोबाइल को निकाला और उसने उसी वक्त मेरा फेसबुक अकाउंट बना दिया। 

वह मुझे कहने लगी लो मैंने तुम्हारा भी फेसबुक पर अकाउंट बना दिया अब तुम भी अपने कुछ दोस्त बना लो और उनसे भी बात किया करो कब तक कमरे के अंदर ही अंदर पढ़ाई करती रहोगी बाहर की दुनिया देखोगी तो तुम्हें भी अच्छा लगेगा। मैंने कावेरी से कहा से कहा मैं तुम्हारी बात से तो सहमत हूं लेकिन मेरा दिमाग इस चीज के लिए तैयार नहीं है। कावेरी कहने लगी अब तुम पढ़ाई कर लो मैं चलती हूं, कावेरी तो जा चुकी थी लेकिन उसने मेरे दिल और दिमाग के बीच में जो संघर्ष करवा दिया था उससे मैं जूझ रही थी। 

आखिरकार मैंने अपने दिल की बात सुनी और जब मैंने अपने फेसबुक अकाउंट को खोला तो मैंने उसमें देखा मेरे कई दोस्त फेसबुक अकाउंट पर जुड़े हुए थे मैंने उन सब को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दिया और अपनी पढ़ाई पर लग गई। मैं सिर्फ आधा एक घंटा ही फेसबुक पर अपने पुराने दोस्तों से चैटिंग के माध्यम से बात किया करती थी लेकिन धीरे-धीरे दोस्तों की संख्या बढ़ने लगी और फेसबुक अकाउंट पर मैंने अपने कुछ पुरानी तस्वीरें अपलोड कर दी उन पुरानी तस्वीरों को अपलोड करते ही जैसे मेरे फेसबुक अकाउंट पर कमेंटों की बौछार हो चुकी थी।

मेरे कुछ पुराने दोस्त मेरे साथ जुड़े हुए थे लेकिन कुछ अनजान लोग भी मेरे साथ जुड़ने लगे थे और मेरे फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में ना जाने कितने फ्रेंड हो चुके थे परंतु मैं अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दे रही थी और कुछ ही समय बाद मेरी प्रशासनिक परीक्षा का एग्जाम नजदीक आने वाला था।

एक बार पिताजी ने मुझे अपने पास बैठने के लिए कहा और वह मुझे समझाने लगे वह कहने लगे बेटा तुम जल्दी से कोई एक्जाम निकाल दो ताकि तुम्हारा जीवन सफल हो जाए। मुझे भी यही लगता था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि यह सब इतना भी आसान होने वाला नहीं है लेकिन उस एग्जाम के दौरान मुझे एहसास हुआ कि शायद मेरा एंट्रेंस एग्जाम क्लियर हो जाएगा। 

मैंने फेसबुक के माध्यम से अपने नए दोस्त बना लिए थे उनसे मेरी चैटिंग के माध्यम से बात होती रहती थी लेकिन जब अविनाश के साथ मेरी बातें होने लगी तो मुझे अविनाश में अपनापन सा लगने लगा। अविनाश से बातें कर के मुझे ऐसा लगता कि जैसे कोई तो ऐसा है जिसे मैं समझ सकती हूं या वह मुझे समझ सकता है अविनाश और मेरे बीच में काफी बातें होती थी। मैं जब भी अविनाश से फेसबुक चेटिंग के माध्यम से बात करती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और हम दोनों अब काफी बातें करने लगे थे। 

एक दिन अविनाश ने मुझसे मेरा मोबाइल नंबर मांगा तो मैंने उसे अपना मोबाइल नंबर दे दिया। अविनाश से जब मेरी पहली बार बात हुई तो मुझे उससे बात कर के बहुत खुशी हुई। कुछ ही दिनों बाद जब कावेरी हमारे घर पर आई हुई थी तो मैंने कावेरी को सारी बात बताई और कहां की मुझे अविनाश बहुत पसंद है।

कावेरी कहने लगी तुम पहले उससे एक बार मिल तो लो तभी तो तुम्हें पता चलेगा कि वह कैसा है मैं कावेरी की बात से पूरी सहमत थी और मैं अपनी प्रथम डेट पर जाने के लिए तैयार हो गई। हालांकि मैं बहुत घबराई हुई थी लेकिन कावेरी ने मुझे कहा कि मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगी कावेरी अपनी एक सहेली के साथ मेरे साथ आ गई और वह लोग रेस्टोरेंट की दूसरी टेबल में बैठे हुए थे। 

मैं जब अविनाश से मिली तो मुझे थोड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था और मैं काफी ज्यादा घबरा रही थी पर जब अविनाश से मेरी बात हुई तो मेरे अंदर की घबराहट जैसे दूर हो गई थी और हम दोनों एक दूसरे से काफी देर तक बातें करते रहे। मुझे अविनाश को समझने का मौका मिल गया था और अविनाश भी इस बात से सहमत थे कि हम दोनों एक दूसरे को समझ पाए। 

अविनाश और मैंने एक घंटा साथ में गुजारा तो मुझे बहुत अच्छा लगा, जब अविनाश चले गए तो कावेरी ने मुझे कहा तुम बहुत घबरा रही थी। मैंने कावेरी से कहा मैं पहली बार ही किसी लड़के से इतना खुलकर बात कर रही हूं तुम्हें तो मालूम है ना कि मेरी दुनिया कितनी सीमित है और मैं कुछ चुनिंदा लोगों से ही तो मिलती हूं। हम लोग उसके बाद घर आ गए उस दिन मुझे बहुत खुशी हुई और रात को जब अविनाश और मैंने बातें की तो हम दोनों एक दूसरे से काफी देर तक बातें करते रहे। 

अविनाश के साथ में बहुत ही ज्यादा घुलने मिलने लगी थी हम दोनों एक दूसरे से काफी बात किया करते थे। अब मेरे अंदर भी अविनाश को लेकर बहुत ही ज्यादा प्यार था अविनाश को मुझमे कोई कमी नहीं  दिखी और आखिरकार मैं अपना दिल और अपना तन बदन अविनाश को सौपना चाहती थी। मैं उसे जब भी मिलती तो ऐसा लगता जैसे समय थम जाना चाहिए मुझे अविनाश से मिलना बहुत अच्छा लगता और हम दोनों एक दूसरे को अच्छी तरीके से समझने लगे थे। एक दिन मेरे होठों को जब अविनाश ने अपने होठों में लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे जिंदगी का सबसे अच्छा एहसास हुआ।
पहली चुदाई का मजा (Pehli Chudai Ka Maja)
पहली चुदाई का मजा (Pehli Chudai Ka Maja)
उस दिन जब मैं घर आई तो मैं बहुत ज्यादा खुश थी पहली बार ही मैंने किसी लड़के के साथ किस किया था मैं चाहती थी कि मै अपने कदमों को आगे बढाऊ क्योंकि कावेरी मुझसे हमेशा अपने बॉयफ्रेंड और अपने बीच की बातें शेयर किया करती थी तो मेरे दिल में भी अब आग लग चुकी थी। 

अविनाश ने एक दिन मुझे कहा कि मुझे तुमसे मिलना है तो मैं भी अपने आपको ना रोक सकी और मैं अविनाश से मिलने के लिए चली गई। दो जवान दिल जब मिले तो एक दूसरे के बदन को हम दोनों महसूस कर रहे थे अविनाश कहने लगा तुमने बहुत अच्छा किया जो मुझसे मिलने के लिए आ गई यह कहते ही उसने मेरे होठों को चूमना शुरू किया तो मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। 

अविनाश को भी बहुत अच्छा लग रहा था जब अविनाश ने मेरे स्तनों को चूसना शुरु किया तो मैं भी अपने आपको नहीं रोक पाई और मेरे अंदर से भी गर्मी बाहर निकलने लगी। अविनाश मेरे स्तनों को बड़े ही अच्छे अपने मुंह में लेकर चूसता वह मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करता तो मेरी योनि से पानी बाहर निकालता।

जब अविनाश ने अपनी जीभ को मेरी चूत पर लगाया तो मैं रह ना सकी और अविनाश ने मुझे कहा मैं अपने लंड को तुम्हारी योनि के अंदर डाल रहा हूं। अविनाश ने जब मेरी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया तो मैं रह ना सकी और जैसे ही अविनाश अपने लंड को अंदर बाहर करते तो मेरे मुंह से चीख निकलती। 

वह जिस प्रकार से मुझे धक्के दे रहे थे उससे मुझे बहुत ही ज्यादा गर्मी होने लगी थी मेरे शरीर की गरमाहट में बढ़ोतरी होने लगी थी। अविनाश मेरे होठों को लगातार अपने होठों से चूम रहे थे। जब अविनाश ने अपने लंड को मेरी योनि से बाहर निकाला तो मैंने जब अपनी योनि की तरफ देखा तो मेरी योनि से खून बह रहा था और जिस प्रकार से अविनाश ने मुझे अपने ऊपर से आने को कहा था। 

मैंने अपनी योनि के अंदर अविनाश के लंड क समा लिया अविनाश मुझे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था और मैं भी अपनी चूतडो का अविनाश के ऊपर करती जाती। पहला अनुभव मेरा बहुत अच्छा था मैं पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी थी अविनाश भी पूरी उत्तेजना में थे। वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था अविनाश ने मेरे स्तनों को चूसना शुरू किया तो मैंने उसे कहा मुझसे अब और नहीं हो पाएगा। अविनाश से मैंने कहा मैं झड़ चुकी हूं अविनाश ने मुझे अपने नीचे लेटाया और कुछ देर बाद अविनाश ने अपने लंड को बाहर निकालकर मेरे स्तनों पर वीर्य को गिरा दिया।
पहली चुदाई का मजा (Pehli Chudai Ka Maja) पहली चुदाई का मजा (Pehli Chudai Ka Maja) Reviewed by Priyanka Sharma on 11:14 PM Rating: 5

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