पहली बार गाँड़ चुदाई का मजा (Pehli Baar Gaand Chudai Ka Maja)

पहली बार गाँड़ चुदाई का मजा
(Pehli Baar Gaand Chudai Ka Maja)

घर का वह अंधेरा कोना जिसमें कि घर का कोई भी सदस्य नहीं जाता था लेकिन मुझे वहां जाना अच्छा लगता क्योंकि उस कमरे में काफी अंधेरा रहता था और वह कमरा मेरे दादा जी का था। मुझे मेरे दादा जी से बहुत ही ज्यादा प्रेम और लगाव था लेकिन जब से उनकी मृत्यु हुई है तब से वह कमरा हम लोग बहुत कम इस्तेमाल किया करते हैं और ज्यादा उस कमरे में ताला ही लगाया जाता है। 

जब मैं बहुत ही उदास या परेशान होता हूं तो उस कमरे में बैठ जाया करता हूं और यह बात मेरे परिवार में किसी को भी नहीं मालूम कि मैं वहां पर क्यों बैठता हूं। जब भी मैं दादा जी के कमरे में बैठता हूं तो मेरी परेशानी का हल अपने आप ही निकल आता है और हमेशा ही ऐसा होता आया है। बचपन से ही जब मैं स्कूल में था तो दादा जी के साथ बैठ जाया करता था दादा जी के पास मेरी हर परेशानी का हल होता था। अभी 3 साल पहले ही उनकी मृत्यु हुई है लेकिन अब मेरे जीवन में भी पूरा परिवर्तन आ चुका है मैं भी अब नौकरी करने लगा हूं और कुछ समय पहले ही मेरी शादी हुई है।

शादीशुदा जीवन मेरे लिए अच्छा ही रहा अब तक तो मेरे और माया के बीच में सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन कुछ समय से माया थोड़ा बदलने लगी थी। माया मेरी मां पर हमेशा दोष मार दिया करती कि वह मुझे परेशान किया करते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं था शायद यह मेरी मां और माया के बीच की उम्र की जो दीवार थी उसी की वजह से उन दोनों के बीच में मतभेद हो जाया करते थे लेकिन यह मतभेद ज्यादा देर तक नहीं रहते थे परंतु माया अब कुछ ज्यादा ही मां को कहने लगी थी। 

माया चाहती थी कि मैं अपने परिवार से अलग रहूँ लेकिन मैं यह बिल्कुल भी नहीं चाहता था हमारा परिवार अभी जॉइंट फैमिली में ही रहता है मेरे बड़े भैया और उनके बच्चे हम सब लोग साथ रहते हैं। मेरी बहन का डिवोर्स हो चुका है और वह भी अपने बच्चों के साथ हमारे घर पर ही रहती है लेकिन माया चाहती थी कि हम लोग अलग रहने के लिए चले जाएं। 

माया के पिताजी कुछ समय पहले ही रिटायर हुए थे और माया घर में एकलौती थी तो माया मुझे कहने लगी मैं पिताजी से कहकर एक फ्लैट खरीद लेती हूं हम लोग वहीं रहने के लिए चलते हैं। मैंने माया से कहा लेकिन माया तुम्हें मालूम है ना कि यदि मैं अलग रहने के लिए गया तो मम्मी पापा मेरे बारे में क्या सोचेंगे और तुम्हें तो मालूम है कि मैं अपने परिवार के बिना बिल्कुल भी नहीं रह सकता। 

माया कहने लगी कभी कबार मेरा यहां दम घुटने लगता है शोभित अब तुम्हें ही कुछ करना पड़ेगा। मैंने माया से कहा देखो माया जैसा तुम मम्मी के बारे में सोचती हो ऐसा कुछ भी नहीं है तुम्हें थोड़ा बहुत एडजेस्ट तो करना पड़ेगा और मम्मी भी यह बात अच्छे से जानती हैं तो तुम गलतियों को बढ़ाने की वजह उन्हें भूलना ठीक क्यो नही समझती हो। जब मैंने यह बात माया से कही तो माया कहने लगी लेकिन मुझे अब अकेला ही रहना है यदि तुम मेरे साथ रहने के लिए तैयार हो तो ठीक है नहीं तो मैं अपने मायके चली जाऊंगी। मैंने माया से कहा माया देखो यह किसी भी समस्या का समाधान नहीं है तुम्हें यहीं रहकर सारी समस्याओं को सुलझाना पड़ेगा। 

माया कहने लगी ठीक है मैं कुछ समय कोशिश करती हूं लेकिन मुझे यदि दोबारा से ऐसा कुछ लगा तो मैं अपने मायके चली जाऊंगी। माया छोटी छोटी बात में मुझे अपने मायके जाने की धमकी दे दिया करती थी मुझे भी अब डर लगने लगा था क्योंकि उसके बगावती तेवर और उसके अंदर का पागलपन अब जाग चुका था मैंने उसे लाख समझाने की कोशिश की लेकिन वह ना समझ पाई और ना ही मेरी बातों को वह सुनती थी। 

एक दिन वह दिन आ ही गया जब वह अपने मायके चली गई, माया अपने मायके जा चुकी थी मेरी मां कहने लगी कि बेटा यदि माया को मुझसे कोई परेशानी है तो तुम लोग अलग रह सकते हो। मैंने मां से कहा मां आपने मुझे इतने साल पाला है भला माया के कहने पर मैं कैसे अलग रहने के लिए चला जाऊं आप लोगों के लिए भी तो मेरी कोई जिम्मेदारी है। 

मां कहने लगी बेटा कोई बात नहीं तुम हमसे मिलते रहना मैंने मां से कहा मां देखो मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला हूं और यह बात तो तुम अपने दिमाग से बिल्कुल ही निकाल दो कि मैं कहीं जाऊंगा यदि माया को हमारे साथ रहना है तो वह रह सकती है जब उसे अपनी गलती का एहसास होगा तो वह खुद ही चली आएगी।

मेरी मां कहने लगी देखो बेटा माया अभी नासमझ है और उसे अच्छे बुरे की समझ नहीं है मैं उसे जिम्मेदारियां सिखाने की बात करती हूं तो उसे लगता है कि शायद मैं गलत कहती हूं मैंने कभी भी उस पर कोई चीज जबरदस्ती थोपने की कोशिश नहीं की है लेकिन माया को ना जाने मुझे लेकर क्या समस्या है। 

शायद मेरी मां ने भी मेरे और माया के बीच हुए झगड़े की बातों को सुन लिया था इसीलिए तो मां ने मुझसे कहा कि तुम लोग अलग रहने के लिए चले जाओ लेकिन मैं तैयार नहीं था और ना ही मैं अलग कहीं जाना चाहता था। मुझे हमेशा से ही लगता था कि मैं अपने मां बाप की सेवा करूंगा मैं बहुत ही ज्यादा परेशान था मैं अपने दादा जी के कमरे में चला गया और वहीं पर बैठा रहा मुझे करीब एक घंटा हो चुका था और एक घंटे से मैं वहीं बैठा हुआ था। 

मेरी मां मुझे ढूंढते हुए कमरे में आई और कहने लगी तुम यहां क्या कर रहे हो मैंने मां से कहा मां कुछ नहीं बस ऐसे ही यहां बैठा हुआ था मां ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मुझे दुलार देते हुए कहा बेटा जाकर माया को ले आओ मैं उसे कुछ भी नहीं कहूंगी। मैंने मां से कहा मां मैं उसे लेने के लिए नहीं जाने वाला यदि वह खुद ही यहां आ जाए तो ठीक है लेकिन उसे लेने के लिए मैं बिल्कुल भी नहीं जाऊंगा।

मां ने मुझे समझाया तो मुझे भी समझ आ गया और मैंने माया को फोन किया तो माया मुझसे बड़े गुस्से में बात कर रही थी आखिरकार मैंने उसे समझा ही लिया और उसे लेने के लिए उसके घर पर चला गया। जब मैं उसके घर पर गया तो माया के माता-पिता मुझे कहने लगे बेटा माया अभी नासमझ है लेकिन तुम तो समझदार हो तुम्हें समझना चाहिए कि जब घर में दो बर्तन होते हैं तो वह आपस में टकराते ही हैं लेकिन उसका यह अर्थ नहीं है कि तुम अलग रहने के लिए चले आओ और तुम्हें भी तो माया को फोन करना चाहिए था। 

मैंने उन्हें कहा हां आप बिल्कुल सही कह रहे हैं मेरी भी इसमें कहीं ना कहीं गलतियां हैं इसीलिए तो मैं माया को लेने आया हूं। माया ने जब मुझे देखा तो उसकी आंखों में मेरे लिए प्यार था लेकिन वह अपने प्यार का इजहार करना नहीं चाह रही थी मैंने माया से कहा माया तुम अपना सामान पैक कर लो। माया ने सामान पैक कर लिया और वह मेरे साथ आ गई। माया मेरे साथ घर आने के लिए तैयार हो चुकी थी और मैं उसे घर ले आ गया। 

माया जब घर आई तो मैंने मां से कहा सारे गिले-शिकवे दूर हो चुके हैं उसने भी मां से बड़े अच्छे से बात की और मैं भी बहुत खुश था। काफी समय बाद माया घर आई थी उसके रसीले होंठ देखकर मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसे कहा माया क्या मैं तुम्हें चूम सकता हूं? वह कहने लगी तुम यह कैसे सवाल कर रहे हो तुम मेरे पति हो भला तुम मुझे क्यों नहीं चूम सकते हो। 
पहली बार गाँड़ चुदाई का मजा (Pehli Baar Gaand Chudai Ka Maja)
पहली बार गाँड़ चुदाई का मजा (Pehli Baar Gaand Chudai Ka Maja)
मैंने भी उसके होठों को चूमना शुरू किया मैने उसके होठों से खून निकाल दिया मेरे अंदर इतनी समय से जो तड़प थी मैं उसे बाहर निकालना चाहता था और आखिरकार मैंने माया के स्तनों को चूसना शुरू किया। उसके कपड़ों को उतारते हुए मैंने जब माया की ब्रा को उतारा तो वह मुझे कहने लगी कितने दिनों बाद हम लोग एक साथ अंतरंग संबंध बनाएंगे।

मैं अब भी माया के स्तनो को चूस रहा था और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। मैं माया के स्तनों को चूसता रहा जब मै पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी मैंने माया से कहा अपनी पैंटी को उतार दो। माया ने अपनी पैंटी उतारते हुए मेरे लंड को चूसने लगी माया बड़े अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी। वह जिस प्रकार से मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी उससे मेरे अंदर की उत्तेजना पूरी तरीके से बढ़ने लगी तो मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा था। 

मैंने जैसे ही माया की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो उसके मुंह से चीख निकलने लगी। माया की चूत के अंदर मेरा लंड जा चुका था वह बड़ी खुशी थी। वह मेरे लंड को अपनी योनि में ले रही थी उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था मैं उसे लगातार तेज गति से धक्के मार रहा था। काफी समय बाद हम दोनों के बीच सेक्स संबंध जो बन रहे थे मैंने जब माया की गांड के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह कहने लगी तुमने तो मेरी गांड फाड़ दी है।

मैंने उसे कहा तुमने भी तो मुझे इतना तड़पाया है मै इतनी आसानी से तुम्हें कैसे छोड़ सकता हूं। उसी के साथ में उसे बड़ी तेज गति से धक्के दिए जा रहा था वह भी अपनी गांड को मुझसे मिलाए जा रही थी। काफी देर तक मैंने उसे धक्के दिए जिस प्रकार से उसके अंदर गर्मी पैदा होने लगी थी उससे उसकी गांड से लगातार खून बाहर की तरफ को निकाल रहा था।

 उसकी गांड से खून बाहर निकल रहा था मैं अब उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पाया और जैसे ही मैंने माया की गांड के अंदर अपने वीर्य को गिराया तो वह कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मैंने उसे कहा मैं तुम्हें अभी कपड़ा ला कर देता हूं मैंने उसे कपड़ा ला कर दिया तो उसकी गांड के अंदर से मेरा वीर्य बाहर टपक रहा था वह मुझे कहने लगी तुमने तो आज मेरी हालत ही खराब कर दी है। मैंने उसे कहा इसमें हालत खराब करने वाली बात क्या थी इतने दिनों बाद तुमसे मिल रहा हूं मेरे अंदर भी तो कुछ चल रहा होगा तो वह कहने लगी छोड़ो अब जाने भी दो।
पहली बार गाँड़ चुदाई का मजा (Pehli Baar Gaand Chudai Ka Maja) पहली बार गाँड़ चुदाई का मजा (Pehli Baar Gaand Chudai Ka Maja) Reviewed by Priyanka Sharma on 11:27 PM Rating: 5

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