मेरी गांड चुदवाने की अन्तर्वासना (Meri Gaand Chudvane Ki Antarvasna)

मेरी गांड चुदवाने की अन्तर्वासना
(Meri Gaand Chudvane Ki Antarvasna)

पापा मुझे आवाज देते हुए कहते हैं पापा बैठक में बैठे हुए थे और वह कहते हैं कि अमन बेटा क्या तुम मुझे रेलवे स्टेशन तक छोड़ दोगे। मैंने पापा से कहा लेकिन पापा आप कहां जा रहे हैं जो आपको मुझे रेलवे स्टेशन छोड़ना पड़ेगा तो पापा ने मुझे कहा बेटा मैं कुछ दिनों के लिए अपनी ट्रेनिंग के सिलसिले में दक्षिण भारत जा रहा हूं। मैंने पापा से कहा पापा आप तो अब रिटायर होने वाले हैं और अब आपकी कौन सी ट्रेनिंग हो रही है। 

पापा ने जवाब देते हुए कहा बेटा यह सरकारी नौकरी है जब तक आदमी रिटायर नहीं हो जाता तब तक कुछ ना कुछ नया होता रहता है और समय भी तो बदल रहा है इतनी तेजी से समय बदला है कि मुझे तो लगता है कि मैं बहुत ही पीछे हूं अब तुम ही देखो मैं मैनेजर के पद पर हूं लेकिन मुझे कंप्यूटर भी अच्छे से चलाना आता नहीं है अभी कुछ समय पहले ही मैं कंप्यूटर चलाना सीखा हूं अब हमारे समय में ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं था हम लोग फाइल बनाकर ही रखा करते थे लेकिन अब सब कुछ कंप्यूटर के डाटा में सेव करना पड़ता है।

मैंने पापा से कहा आप की ट्रेन कितने बजे की है तो पापा कहने लगे बेटा मेरी ट्रेन अब से 3 घंटे बाद है लेकिन तुम मुझे अभी स्टेशन छोड़ते हुए अपने दफ्तर निकल जाना। मैंने पापा से कहा ठीक है पापा मैं आपको छोड़ता हुआ अपने दफ्तर के लिए निकल जाऊंगा पापा कहने लगे हां बेटा यदि तुम मुझे अभी छोड़ दोगे तो मैं भी रेलवे स्टेशन पहुंच जाऊंगा। 

मैंने पापा से कहा आपने अपना सामान पैक कर लिया है, पापा ने जवाब दिया कि हां बेटा मैंने तो सामान कब का पैक कर लिया है तुम्हारी मां ने कल रात को ही मेरा सामान पैक कर लिया था। मेरी जिंदगी इतनी उलझी हुई थी कि मुझे अपने घर का ही पता नहीं चल पा रहा था कि मेरे घर में हो क्या रहा है मैं सुबह अपने ऑफिस निकल जाता और रात को घर लौटा करता इस बीच हमारे घर में क्या हुआ क्या नहीं हुआ मुझे कुछ भी पता नहीं चल पाता था। 

मुझे लगता है कि शायद यह सब मेरे बिजी रहने की वजह से ही हो रहा है लेकिन मैं भी अपनी जिंदगी में कुछ करना चाहता था और एक मुकाम हासिल करना चाहता था उसके लिए मुझे इन सब चीजों से समझौता तो करना ही था।

मेरे पापा मम्मी ने कभी भी मुझसे इस बात को लेकर कोई शिकायत नहीं कि वह हमेशा कहते कि बेटा तुम अपनी मेहनत में लगे रहो जरूर एक दिन तुम्हें उसका अच्छा फल मिलेगा और मैं भी अपनी पूरी मेहनत में लगा हुआ था। पापा का सामान मैंने कार की पिछली सीट में रख दिया और पापा मेरे साथ बैठे हुए थे पापा मुझे कहने लगे कि बेटा अपनी मां का भी ख्याल रखना क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती है। 

मैंने पापा से कहा ठीक है पापा आप बिल्कुल भी चिंता ना करें और हम दोनों बातें करते रहे जब हम लोग स्टेशन पहुंचे तो मैंने पापा से कहा कि मैं आपको अंदर तक छोड़ देता हूं। पापा कहने लगे कि नहीं बेटा मैं चला जाऊंगा तुम अपने ऑफिस चले जाओ तुम्हें भी अपने ऑफिस के लिए लेट हो रही होगी। मैं भी अपने ऑफिस के लिए निकल गया पापा भी स्टेशन पर उतर चुके थे और मैंने उन्हें फोन कर के पूछा तो वह कहने लगे हां बेटा मैं प्लेटफॉर्म पर ही खड़ा हूं अभी तो ट्रेन ही नहीं है शायद ट्रेन लेट से चल रही है जैसे ही मुझे ट्रेन मिलेगी तो मैं तुम्हें सूचित कर दूंगा। 

मैंने पापा से कहा हां पापा आप मुझे बता दीजिएगा पापा कहने लगे हां बेटा मैं तुम्हें जरूर बता दूंगा। मैं और पापा एक दूसरे से काफी हद तक जुड़े हुए हैं और हम लोग एक दूसरे के बहुत नजदीक है मुझे बचपन से ही कोई भी समस्या या परेशानी होती थी तो मैं पापा से ही अपनी परेशानी को साझा किया करता था और पापा मेरी परेशानी का हल मिनटों में निकाल दिया करते थे। 

मैं अपने ऑफिस का काम कर रहा था तभी पापा ने मुझे फोन कर दिया और कहा कि बेटा ट्रेन आ चुकी है मैं अब निकल रहा हूं मैंने पापा से कहा आप अपना ध्यान रखिएगा और खाना भी खा लीजिएगा। पापा कहने लगे ठीक है और उन्होंने फोन रख दिया, मैं अब शाम को अपनी कार से घर लौट रहा था मैंने सोचा आज मम्मी के लिए कुछ मिठाई ले चलूँ तो मैं एक स्वीट शॉप पर मिठाई लेने के लिए गया। वहां पर मैंने जैसे ही मिठाई का ऑर्डर दिया तो मेरी मुलाकात प्राची से हो गई प्राची मेरे दोस्त रोहन की बहन है।

प्राची ने मुझे देखते ही पहचान लिया मैं उससे करीब 2 वर्ष बाद मिल रहा था और रोहन अब अमेरिका में ही सेटल हो चुका है वह घर बहुत कम आता है। मैंने प्राची से पूछा क्या रोहन घर नहीं आया वह कहने लगी कि भैया घर कहां आते हैं वह बहुत कम ही घर आते हैं। 

मेरी और प्राची की बात आपस में हो रही थी तो मैंने प्राची से कहा मैं तुमसे दोबारा मुलाकात करूंगा तुम मुझे अपना नंबर दे देना। प्राची ने मुझे अपना नंबर दे दिया और मैं अपने घर चला आया मैं जब अपने घर आया तो मम्मी कहने लगे कि बेटा आज तुम मिठाई किस खुशी में ले आए हो। मैंने मां से कहा मां बस ऐसे ही आज मिठाई खाने का मन था तो सोचा ले आता हूं वैसे पापा की कमी बहुत खल रही है। 

मम्मी कहने लगी ठीक ही हुआ बेटा जो तुम उनके सामने मिठाई नहीं लाए नहीं तो वह मिठाई का पूरा डब्बा ही खा लेते और तुम्हें तो मालूम ही है ना कि उनका शुगर कितना बढ़ा हुआ रहता है वह अपना ध्यान बिल्कुल भी नहीं रखते हैं। मैंने मां से कहा हां मां मुझे मालूम है कि पापा अपनी सेहत का ध्यान बिल्कुल भी नहीं रखते हैं मां कहने लगी चलो तुम खाना खा लो और फिर मां और मैंने खाना खा लिया।

मुझे एक दिन प्राची का फोन आता है तो वह मुझे कहती है कि अमन मुझे आपसे कुछ काम था। मैंने प्राची से कहा कहो तुम्हें क्या काम था वह मुझे कहने लगी कि मुझे आपसे मिलना था क्या हम लोग कुछ देर के लिए मिल सकते हैं। मैंने प्राची से कहा क्यों नहीं हम लोग मिल लेते हैं और हम दोनों ने मिलने का फैसला कर लिया। जब हम दोनों मिले तो प्राची ने मुझे कहा कि मैं अपनी नौकरी से रिजाइन दे रही हूं क्या मेरे लिए आप कोई दूसरी नौकरी देख सकते हैं। 

मैंने प्राची से कहा ठीक है मैं तुम्हारी बात कर लूंगा प्राची कहने लगी मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता भी थी। प्राची ने मुझसे मदद तो ले ली लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आया कि आखिर उसे मुझसे ही क्यों मदद चाहिए मैंने उसकी मदद भी कर ली और उसके बाद वह मुझसे बातें भी करने लगी थी। 

मैंने उसे एक अच्छी कंपनी में जॉब भी लगवा दिया और जब मुझे उसकी असलियत पता चली कि वह अपने घर से कुछ संपर्क ही नहीं रखती है उसके दोस्तों के चक्कर में उसने अपनी जिंदगी पूरी तरीके से बर्बाद कर ली है और उसे किसी भी चीज का फर्क नहीं पड़ता। कई दिनों तक तो वह घर भी नहीं जाया करती लेकिन उसने मुझे मेरे पैसे समय पर लौटा दिए थे। 

उसके बाद वह मुझसे हमेशा मदद की उम्मीद किया करती एक दिन उसे बहुत ही ज्यादा नशा हो गया था और उसने मुझे कहा कि मुझे आपसे मिलना है। मैं उससे मिलने के लिए गया जब मैने उस दिन उसकी स्थिति देखकर उसे अपनी बाहों मे लिया। जब मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके स्तन मुझसे टकराने लगे थे वह मेरी ओर बड़े ध्यान से देख रही थी। 

वह मुझे कहने लगी आज तो आपको मेरी इच्छा पूरी करनी ही पड़ेगी वह मुझसे चिपकने की कोशिश कर रही थी। वह मुझे अपने साथ सुनसान गली में ले गई उस गली में कोई भी नहीं था जब प्राची ने अपने टॉप को खोलते हुए मुझे अपने स्तनों को दिखाया तो उस अंधेरे में भी उसके स्तन चमक रहे थे।
मेरी गांड चुदवाने की अन्तर्वासना (Meri Gaand Chudvane Ki Antarvasna)
मैंने उसके स्तनों को अपने हाथ मे लेना शुरू किया और मेरे अंदर भी अब सेक्स की भावना जागृत हो गई थी मैंने भी प्राची के स्तनों को दबाना शुरू किया। जब प्राची ने मेरे लंड को मुंह के अंदर लेकर चूसना शुरू किया तो मुझे भी अच्छा लग रहा था वह जिस प्रकार से सकिंग कर रही थी उससे तो मैं पूरी तरीके से खुश होने लगा था। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया मैंने भी प्राची की योनि को चाटना शुरू किया। 

मैने उसे घोडी बनाते हुए जब अपने लंड को उसकी योनि पर लगाया तो उसकी गीली हो चुकी चूत के अंदर मैंने धीरे धीरे अपने लंड को डालना शुरू किया। जैसे ही मेरा लंड प्राची की चूत के अंदर प्रवेश हो गया तो वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा दर्द हो रहा है और मैंने उसकी चूतड़ों को कसकर पकड़ लिया। मैं उसके स्तनों को भी पकड़ रहा था और तेजी से उसकी चूतडो पर प्रहार करता जा रहा था। उसकी चूतडो से बड़ी तेज आवाज निकलने लगी थी और वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाती मेरे अंदर भी एक अलग ही उत्तेजना पैदा हो जाया करती।

मुझे भी अच्छा लग रहा था उसे भी मजा आ रहा था लेकिन प्राची ने मेरे लंड को अपनी योनि से बाहर निकाला और उसने मेरे लंड को मुंह में ले लिया। मैंने उसे कहा तुमने यह क्या कर दिया उसने कोई जवाब नहीं दिया पर वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक ले रही थी और उसे उसने बड़े ही अच्छे तरीके से चूसा उसने चूस कर मेरा पानी भी निकाल दिया था। 

जब उसने अपनी गांड पर मेरे लंड को लगाया तो वह कहने लगी लंड को अंदर की तरफ डाल दो मैंने भी उसकी गांड के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। जैसे ही मेरा लंड उसकी गांड के अंदर प्रवेश हुआ तो वह कहने लगी अब जाकर मुझे मजा आया है। वह तो जैसे गांड मारवाने की ही शौकीन थी और जिस गति से मैंने उसकी गांड के घोड़े खोले उससे वह पूरे जोश में आ गई और उसका नशा अब दूर हो चुका था। मुझे इतनी खुशी हुई कि मैं उसके बाद खुशी से झूम उठा था और प्राची की गांड मारने के लिए मैं हर दिन तैयार रहता।
मेरी गांड चुदवाने की अन्तर्वासना (Meri Gaand Chudvane Ki Antarvasna) मेरी गांड चुदवाने की अन्तर्वासना (Meri Gaand Chudvane Ki Antarvasna) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:52 PM Rating: 5

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