मैं भी चुदने को बेताब थी (Main Bhi Chudne Ko Betab Thi)

मैं भी चुदने को बेताब थी
(Main Bhi Chudne Ko Betab Thi)

निर्मला दीदी मुझे कहने लगी कि काजल तुम मेरे साथ मार्केट चलो ना मैंने काफी दिन से शॉपिंग नहीं की है। मैंने निर्मला दीदी से कहा दीदी लेकिन मैं आपके साथ कैसे चलूंगी अभी तो मैं कॉलेज से लौटी हूं तो दीदी कहने लगी कि नहीं तुम मेरे साथ चलो ना। 

दीदी की जिद के आगे मैं कुछ ना कह सकी और दीदी के साथ मैं मार्केट चली गई लेकिन जब मैं मार्केट गई तो वहां पर मेरी मुलाकात अक्षय से हो गई। अक्षय और मैं एक दूसरे को पसंद करते हैं लेकिन हम दोनों ने कभी भी एक दूसरे से अपने दिल की बात नहीं कही। निर्मला दीदी मेरी तरफ देख कर कहने लगी कि काजल वह लड़का तुम्हें बहुत घूर कर देख रहा था क्या तुम उसे जानती हो। 

मैंने निर्मला दीदी से कहा नहीं दीदी मैं उसे नहीं जानती लेकिन निर्मला दीदी शायद मेरी बातों को समझ चुकी थी और वह मुझे कहने लगी तुम मुझसे झूठ कह रही हो तुम उसे जानती हो। मैंने दीदी से कहा दीदी आप शॉपिंग कर लीजिए ना आप मुझे अपने साथ क्यों लेकर आई थी तो निर्मला दीदी कहने लगी ठीक है हम लोग शॉपिंग कर लेते हैं।

हम लोग एक बड़े शोरूम में चले गए वहां पर दीदी ने काफी कुछ सामान अपने ले ले लिया था। हम लोगों को वहां पर करीब दो से तीन घंटे लग गए थे और उसके बाद हम लोग घर वापस लौट आए। निर्मला दीदी के मन में कई सवाल थे जो ह मुझसे करना चाहती थी और मुझसे वह पूछने लगी कि क्या तुम उस लड़के को पसंद करती हो। 

मैंने दीदी से कहा देदी मैंने आपको कह तो दिया था कि मैं उस लड़के को नहीं जानती लेकिन दीदी ने आखिरकार मेरे अंदर से वह बात निकलवा ही दी। मैंने दीदी से कहा दीदी उसका नाम अक्षय है और वह मेरे कॉलेज में ही पड़ता है हम दोनों साथ में पढ़ते हैं और शायद वह मुझे पसंद करता है और मुझे भी वह बहुत अच्छा लगता है लेकिन आज तक मैंने कभी भी उसे अपने दिल की बात नहीं कही। 

दीदी मुझे कहने लगी कि अच्छा तो तुम भी उसे पसंद करती हो मैंने दीदी से कहा हां दीदी मैं अक्षय को पसंद करती हूं लेकिन आज तक मैंने उसे अपने दिल की बात नहीं कही है।

दीदी कहने लगी कि तुमने उसे अपने दिल की बात आज तक क्यों नहीं कहीं तो मैंने दीदी को कहा दीदी आपको तो पता ही है ना यदि हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा तो पापा मम्मी को इस बारे में मालूम चल जाएगा और फिर वह गुस्सा हो जाएंगे अब आप जानती हैं कि वह किस विचारधारा के हैं वह कभी भी मेरे और अक्षय के रिश्ते को स्वीकार नहीं करेंगे। 

दीदी कहने लगी कि लेकिन तुम्हें इस बारे में अक्षय से तो बात करनी चाहिए। मैंने दीदी से कहा दीदी मैंने अक्षय से सिर्फ इसीलिए बात नहीं की थी क्योंकि मुझे लगता है कि यदि हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़ा तो कहीं उससे हम दोनों को ही कोई नुकसान ना हो। मेरे पापा पुलिस में हैं और वह बड़े ही सख्त मिजाज हैं दीदी की बातें मेरे दिमाग में तो आ चुकी थी लेकिन मेरा दिल अभी भी गवाही नहीं दे रहा था कि मुझे अक्षय से बात करनी चाहिए। 

मैं पापा से बहुत डरती थी और इसीलिए शायद मैं अक्षय को दिल से स्वीकार नहीं कर पा रही थी परंतु मैं अपने आप को कितने दिनों तक रोकती आखिरकार एक दिन मुझे अक्षय को अपने दिल की बात कहनी पड़ी। जब मैंने उससे अपने दिल की बात कही तो उसने भी मुझे कहा कि मैं भी तुम्हें बहुत पसंद करता हूं। 

अक्षय मुझे बहुत पसंद करता है, यह बात मुझे मालूम थी कि अक्षय मुझे पसंद करता है हम दोनों का रिश्ता आगे बढ़ने लगा था और मैं अपने रिश्ते को आगे बढ़ते हुए देखकर खुश थी। मैंने यह बात निर्मला दीदी को भी बताई कि मेरे और अक्षय के बीच में अब रिलेशन चल रहा है तो दीदी कहने लगी कि कभी तुम मुझे भी अक्षय से मिलवाना। 

मैंने दीदी से कहा हां दीदी मैं जरूर आपको अक्षय से मिलवाउंगी और एक दिन मैंने दीदी को अक्षय से मिलवाया तो दीदी ने अक्षय से पूछा कि क्या तुम दोनों एक साथ अपना जीवन बिताना चाहते हो। अक्षय ने जवाब दिया कि हां दीदी मैं काजल को बहुत पसंद करता हूं और उसी के साथ मैं आगे जीवन बिताना चाहता हूं लेकिन अभी तो हमारी पढ़ाई चल रही है।

मेरे और अक्षय के रिश्ते और दिन-ब-दिन गहरे होते जा रहे थे हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था कि मैं अक्षय के साथ रिलेशन में हूं। एक दिन मुझे पापा ने अक्षय के साथ देख लिया और अक्षय को उन्होंने काफी भला बुरा कहा उसके बाद पापा ने मेरा घर से निकलना ही बंद कर दिया था। 

कुछ दिनों तक तो पापा ने मेरा घर से निकलना बंद कर दिया था और निर्मला दीदी को मेरी निगरानी रख दिया था। निर्मला दीदी भी चाहती थी कि मैं अक्षय से मुलाकात करूं और निर्मला दीदी ने एक दिन चुपके से मुझे अक्षय से मिलवाया। जब दीदी ने मुझे अक्षय से मिलवाया तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मुझे इस बात की भी खुशी थी कि अक्षय से मैं काफी दिनों बाद मिल रही थी। 

अक्षय मुझसे कहने लगा कि क्या अब तुम कॉलेज पढ़ने के लिए नहीं आओगी। मैंने अक्षय से कहा अभी तुम्हें कुछ कह नहीं सकती कि मैं कॉलेज पढ़ने आउंगी या नहीं लेकिन पापा इस बात से बहुत गुस्सा है और वह तो शुक्र है कि निर्मला दीदी ने मुझे तुम से मिलवा दिया। मैंने जब अक्षय को यह बात कही तो अक्षय कहने लगा काजल मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है और लगता है कि तुमसे मिलने के लिए तुम्हारे घर पर ही आ जाऊं। 

मैंने अक्षय को कहा देखो अक्षय ऐसा कभी गलती से भी मत करना यदि यह बात पापा को मालूम चली तो पापा बहुत ज्यादा गुस्सा हो जाएंगे और तुम इस बात से अनजान हो कि पापा का गुस्सा कितना ज्यादा बढ़ जाएगा। मैं अब घर लौट चुकी थी।

जब भी मुझे अक्षय से मिलना होता  तो मैं निर्मला दीदी को कह दिया करती थी और निर्मला दीदी मुझे अक्षय से मिलवा दिया करती थी। एक दिन निर्मला दीदी मुझे कहने लगी चलो मैं तुम्हें आज अक्षय से मिलवाती हूं। मैं अक्षय से मिलने के लिए गई तो दीदी मुझे कहने लगी मुझे कुछ काम है मैं जब लौटूंगी तो तुम्हें फोन कर दूंगी। 

मैंने दीदी से कहा ठीक है दीदी जब आप लौटेंगे तो मुझे फोन कर दीजिएगा,  दीदी जा चुकी थी। मैं और अक्षय साथ में बैठे हुए थे अक्षय मुझे कहने लगे यार तुम्हारी बहुत याद आती है। मैंने अक्षय को कहा याद तो मुझे भी तुम्हारी बहुत आती है लेकिन मेरी मजबूरी है तुमसे मिल नहीं पाती। 

अक्षय ने मुझे गले लगाया तो मुझे बहुत अच्छा लगा हम दोनों एक दूसरे के गले मिलकर बहुत खुश थे काफी समय बाद मैं और अक्षय एक दूसरे के गले मिलकर बहुत खुश थे। अक्षय ने मेरे होंठों को चूमना शुरू किया तो मुझे भी बहुत अच्छा लगने लगा मैं भी अपने आपको रोक न सकी। मैंने अक्षय से कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मेरे होठों को चूसते रहो वह मुझे कहने लगा अच्छा तो मुझे भी बहुत लग रहा है और मजा आ रहा है। अक्षय ने जब मुझे बिस्तर पर लेटाया तो मै उत्तेजित होने लगी अक्षय मेरे कपड़े उतारने लगे थे। 

मैंने अक्षय को रोकने की कोशिश की लेकिन मैं उसे रोक ना सकी क्योंकि कहीं ना कहीं मैं भी चाहती थी कि मैं अक्षय के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करू इसलिए मैंने अक्षय के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का फैसला कर लिया था। वह मेरे स्तनों को चूसने लगा वह अच्छे तरीके से मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था। 
मैं भी चुदने को बेताब थी (Main Bhi Chudne Ko Betab Thi)
मैं भी चुदने को बेताब थी (Main Bhi Chudne Ko Betab Thi)
जब उसने मेरी चिकनी चूत पर अपनी जीभ को लगाया तो मुझे अच्छा लगने लगा अक्षय को भी बहुत अच्छा लग रहा था मैंने अक्षय को कहा मुझे तुम्हारे लंड को हिलाना है। अक्षय कहने लगे क्या तुमने कभी किसी के लंड को देखा है? मैंने अक्षय से कहा नही, तुम ही मुझे दिखा दो। अक्षय ने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो मैं पूरी तरीके से मचलने लगी अक्षय बहुत ज्यादा उत्तेजित होने लगा।

अक्षय मुझे कहने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जब मैंने अक्षय के लंड को अपने हाथ में लेकर हिलाना शुरू किया तो उसे बहुत अच्छा लग रहा था। जब मैंने अक्षय के लंड को हिलाया और मैंने उसे अपने मुंह के अंदर लेते हुए चूसना शुरू कर दिया। मैं अक्षय के लंड को बड़े अच्छे से अपने मुंह के अंदर लेकर चूस रही थी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था ऐसा मैने बहुत देर तक किया। 

जब मेरी चूत से गिलापन बाहर की तरफ को निकलने लगा तो मै उत्तेजित होने लगी थी और मुझे बहुत ज्यादा गर्मी महसूस होने लगी थी। अक्षय ने अपने लंड को मेरी चूत पर लगाया और जैसे ही मैंने अक्षय को कहा मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुकी हूं तो अक्षय ने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाना शुरू किया जैसी ही अक्षय का लंड मेरी चूत के अंदर प्रवेश हुआ तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था और अक्षय को भी मजा आने लगा, मेरी चूत से खून बाहर निकलने लगा मै अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई।

अक्षय बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गया था वह मुझे कहने लगा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका है। उसने मेरे पैरों पर खोलकर तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए मुझे भी अच्छा महसूस होने लगा। वह काफी देर तक मुझे धक्के मारता रहा उसका लंड मेरी चूत के अंदर बाहर हो रहा था मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। 

जब उसने अपने लंड को मेरी चूत से बाहर निकालकर मुझे घोड़ी बनाकर धक्के देना शुरू किया तो मैं पूरी तरीके से मचलने लगी और मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। काफी देर तक उसने मुझे घोड़ी बनाकर चोदा जब वह मुझे चोद रहा था तो उस वक्त दीदी का फोन आया। मैंने फोन उठाते हुए कहा दीदी बस आ गई, मैंने फोन रखा तो मैंने अक्षय को कहा जल्दी से अपने माल को गिरा दो। उसके बाद मैं कभी अक्षय को मिल नहीं पाई लेकिन अभी मेरे दिल में अक्षय की यादें बसी हुई है और मैं अक्षय को कभी भूल नहीं पाऊंगा।
मैं भी चुदने को बेताब थी (Main Bhi Chudne Ko Betab Thi) मैं भी चुदने को बेताब थी (Main Bhi Chudne Ko Betab Thi) Reviewed by Priyanka Sharma on 11:14 PM Rating: 5

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