महकती जवानी दहकता जिस्म (Mahakti Jawani Dahakta Jism)

महकती जवानी दहकता जिस्म(Mahakti Jawani Dahakta Jism)

रिटायरमेंट के बाद घर पर रहना काफी परेशानी का सबक बन चुका था मेरी पत्नी ने मुझे रसोई से आवाज लगाई और कहा अजी सुनते हो। मैंने अपनी पत्नी मंजुला से कहा हां मंजुला कहो तो मंजुला कहने लगी आज मुझे दीदी का फोन आया था दीदी कह रही थी कि कुछ दिनों के लिए हमारे घर आ जाओ तो मैंने दीदी से कहा मैं आपसे पूछ कर बताऊंगी। 

मैंने मंजुला से पूछा अच्छा तो दीदी और क्या कह रही थी मंजुला कहने लगी और तो कुछ नहीं कह रही थी लेकिन वह तुम्हारे बारे में पूछ रही थी। मैंने मंजुला को अपने पास बुलाया और कहा तुम यहां बैठ कर बात करो तुम कहां रसोई से मुझे इतनी देर से बात कर रही हो। 

मंजुला मेरे पास आकर बैठी तो मैंने मंजुला का हाथ थामते हुए कहा मंजुला कितने वर्ष हो गए हम लोगों ने अपनी शादी के बिना इतने वर्ष एक साथ बिताए और अब मैं रिटायर भी हो चुका हूं, ना जाने कितने संघर्षों के बाद मुझे नौकरी मिली थी और नौकरी पाने के बाद अपने घर की जिम्मेदारियों में ही लगे रहे अपने लिए तो हम दोनों समय ही नहीं निकाल पाए।

मंजुला की आंखें मुझे ही देख रही थी मैंने मंजुला से कहा मुझे लगता है कि हम लोगों को दीदी के पास कुछ दिनों के लिए चले जाना चाहिए तुम एक काम करना दीदी को फोन कर देना। मंजुला मुझे कहने लगी ठीक है मैं अभी दीदी को फोन कर देती हूँ परन्तु अगर आप दीदी को फोन करेंगे तो उन्हें और भी अच्छा लगेगा। 

मुझे भी लगा कि मंजुला बिल्कुल ठीक कह रही है इसलिए मैंने हीं दीदी को फोन कर दिया दीदी से इतने लंबे अरसे के बाद बात करना अच्छा रहा। दीदी को भी मेरी याद आ रही थी बचपन में हम दोनों भाई बहन ही तो एक दूसरे के साथ हुआ करते थे दीदी हमेशा मुझे समझाती और मेरे स्कूल का भी काम किया करती थी। जब से दीदी की शादी हुई है तब से तो उसने मेरे हर सुख और दुख की घड़ी में मेरा साथ दिया है मैंने मंजुला से कहा मेरी दीदी से बात हो चुकी है और हम लोग दीदी के पास मनाली जा रहे हैं। दीदी और उनका परिवार अब मनाली में ही रहता है लेकिन उनके दोनों बच्चे विदेश में नौकरी करते हैं।

हम भी अपनी जिम्मेदारी से अब लगभग मुक्त हो चुके थे मैंने भी अपने बड़े लड़के अजय की शादी करवा दी और मेरी छोटी लड़की कॉलेज कर रही थी इसलिए मुझे उसकी फिलहाल तो कोई चिंता नहीं थी। मैंने मंजुला से कहा तुम अपना सामान बंधना शुरू करो हम लोग कल सुबह की गाड़ी से मनाली चल लेते हैं और वैसे भी दिल्ली में बहुत गर्मी हो रही है। 

मंजुला कहने लगी मैं अभी सामान बांध देती हूं मंजुला सामान पैक करने लगी और मैं उसे एक टक नजरों से देख रहा था मैं जैसे अपने पुराने वक्त को ताजा करने लगा था। जब पहली बार मैंने मंजुला को देखा था तो उस वक्त मंजुला मुझे देखकर कितने शर्मा रही थी लेकिन आज हम दोनों की शादी को इतने वर्ष बीतने के बाद मंजुला ने कैसे घर की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाया है और उसने हमेशा ही बच्चों को भी समझाया कि वह लोग कैसे अपनी जिम्मेदारियों को निभाना सीखे। 

मंजुला मुझे कहने लगी आप बैठे बैठे क्या सोच रहे हैं मेरे साथ कुछ मदद क्यों नहीं करते मैंने मंजुला से कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ मदद कर देता हूं। मैं मंजुला के साथ सामान पैक करने में उसकी मदद करने लगा मैंने मंजुला के साथ सामान पैक करने में मदद करी। हम लोगों ने लगभग अपना सामान पैक कर ही लिया था तभी कमरे में अजय आया और कहने लगा पापा आप कहां जा रहे हैं। मैंने अजय से कहा बस बेटा सोचा कि कुछ दिनों के लिए घूम आए तो घूमने का प्लान बना लिया अजय कहने लगा पापा आप ऐसे ही बिना बताए घूमने के लिए जा रहे हैं। 

मैंने अजय को बताया कि बेटा अब तुम्हारी भी शादी हो चुकी है और अब मैं अपनी जिम्मेदारी से लगभग मुक्त हो चुका हूं तो कुछ दिनों के लिए सोचा दीदी के पास हो आते हैं दीदी भी काफी दिनों से हमें याद कर रही थी इसलिए हम लोग दीदी के पास मनाली जा रहे हैं। अजय कहने लगा पापा आप एक बार कह तो देते मैं आपकी बस से टिकट करवा देता मैंने अजय से कहा बेटा कोई बात नहीं कल हम लोग सुबह की बस से चले जाएंगे तुम सुबह हमें अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे छोड़ देना।

अजय कहने लगा हां पापा मैं आपको छोड़ दूंगा, जब शाम के वक्त हम सब लोग साथ में बैठे हुए थे तो मंजुला अजय की पत्नी मीना को बड़े अच्छे से समझा रही थी और वह कहने लगी कि बेटा तुम्हें ही घर की जिम्मेदारी संभालनी हैं हम लोग शायद थोड़ा समय रुक कर ही आए। नैना कहने लगी मम्मी जी आप बिल्कुल चिंता ना करें मैं घर की सारी जिम्मेदारी संभाल लूंगी। 

अगले दिन अजय ने हमें अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे छोड़ दिया और जब हम लोग बस अड्डे पहुंचे तो वहां से हम लोगों ने मनाली की बस ली और हम लोग मनाली के लिए निकल पड़े। मैं और मंजुला इतने वर्षों बाद कहीं साथ में घूमने के लिए निकले थे तो बहुत अच्छा लग रहा था हम लोग जब मनाली पहुंचे तो दीदी ने अपने नौकर चंदू को हमें लेने के लिए भिजवा दिया था। चंदू ने हमारा सामान गाड़ी में रखवाया और हम लोग दीदी के पास चले गए जब हम लोग दीदी से मिले तो दीदी बहुत ज्यादा खुश थी और वह कहने लगी इतने वर्षों बाद तुमसे मिलकर अच्छा लग रहा है। 

मैंने दीदी से कहा आपसे मिलकर भी तो हमें बहुत अच्छा लग रहा है आखिर हम लोग भी तो आपको याद करते रहते है। हम हमेशा सोचते हैं कि कब आपसे मिलने आए लेकिन अब हमारे पास समय है तो हम आपसे मिलने के लिए आ गए दीदी कहने लगी तुम ने बहुत ही अच्छा किया केशव जो यहां आ गए।

हम सब लोग साथ में बैठे हुए थे तो दीदी कहने लगी दिल्ली में तो बहुत गर्मी होगी मैंने दीदी से कहा दीदी पूछो मत दिल्ली में तो ए सी भी ऐसा लग रहा है कि जैसे वह पंखे की तरह चल रहा हो वहां बहुत गर्मी है लेकिन यहां पर तो बहुत ही अच्छा मौसम है। दीदी कहने लगी तुम अब हमारे साथ ही रहोगे मैंने दीदी से कहा दीदी ऐसा संभव तो नहीं हो पाएगा। 

दीदी कहने लगी चलो तुम लोगों को भूख लग गई होगी तो हम लोग खाना खा लेते हैं मैंने दीदी से कहा हां दीदी। हम लोग साथ में बैठ गए और साथ में हम लोगों ने रात का डिनर किया दीदी के घर में जो नौकर है वह उनके पास कई वर्षों से काम कर रहा है। दीदी उनके पूरे परिवार की देखभाल करती है और दीदी ने ही उनके पूरे परिवार का जिम्मा लिया हुआ है इसलिए चंदू दीदी को बहुत मानता है और वह उनके साथ काफी बरसों से जुड़ा हुआ है। 
महकती जवानी दहकता जिस्म (Mahakti Jawani Dahakta Jism)
महकती जवानी दहकता जिस्म (Mahakti Jawani Dahakta Jism)
मंजुला और मैं अपनी कुछ पुरानी यादों को ताजा कर रहे थे और हम दोनों साथ में बैठकर बातें करते रहे। थकान भी बहुत ज्यादा थी तो पता नहीं कब मुझे नींद आ गई और जब सुबह उठे तो देखा चिड़िया की चहचहाहट से पूरा माहौल बड़ा ही सुहाना था। इतने समय बाद इतनी अच्छी नींद आई थी तो मैंने देखा चंदू की पत्नी शालू घर में झाड़ू लगा रही थी और झाड़ू लगाते हुए  उसके उभरे हुए स्तन मुझे दिखाई दे रहे थे। 

वह मेरी तरफ बड़े ध्यान से देख रही थी वह जिस प्रकार से झाड़ू लगाती उससे मेरी नजरों हट ही नहीं रही थी और आखिरकार मैंने उसे कहा कि तुम मेरे पास आकर बैठो। वह मेरे पास आकर बैठ गई और जब वह मेरे पास आकर बैठी तो मैंने उसकी जांघ पर हाथ रखते हुए कहा क्या तुम्हारा पति तुम्हारा ध्यान रखता है? वह मेरी तरफ देखकर कहने लगी हां मालिक चंदू मेरा ध्यान रखता है। मैंने उसे कहा आज बहुत समय बाद मेरे अंदर कुछ इच्छा सी जाग रही है क्या तुम मेरी इच्छा को शांत कर दोगी।

वह मेरी तरफ देखने लगी और कहने लगी यह सब गलत है। मैंने उसे कहा इसमें सही और गलत क्या है यह तुम मेरी इच्छा पूरी कर दो और इसमे गलत होगा। मैंने उसे अपने बटुए से कुछ पैसा निकाल कर दिए तो वह मेरी तरफ देख रही थी अब वह मेरी बात मान चुकी थी। अब उसे मेरे साथ संभोग करने में कोई आपत्ति नहीं थी मैंने उसे कहा तुम बाहर जाकर देखकर आओ मंजुला और दीदी कहां है। 

वह बाहर गई तो कहने लगी वह लोग तो टहलने के लिए गए हुए हैं शायद थोड़ी देर बाद लौटेंगे। मैंने उसे कहा यह बड़ा अच्छा मौका है वह मेरे पास आकर बैठी तो मैंने उसकी साड़ी के ऊपर किया तो उसने काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी। मैने उसकी पैंटी को नीचे उतारा तो उसकी चूत में उंगली को लगाया जब मैंने शालू की चूत पर अपनी उंगली को लगाया तो वह मुझे कहने लगी मुझे अजीब सा लग रहा है शायद वह रह नहीं पा रही थी। मैंने उसके पतले से होंठो को अपने होंठो में लेकर चूसना शुरू किया तो वह उत्तेजित होने लगी और उसके स्तनों का रसपान करने में भी मुझे बड़ा आनंद आया।

अब हम दोनों ही नहीं रह पाए मैंने अपने मोटे लंड को उसकी योनि के अंदर घुसा दिया और जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगी आपका लंड तो बहुत ज्यादा मोटा है मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी इच्छा पूरी करनी है यह कहते हुए मैंने उसे पूरी ताकत के साथ धक्के देने शुरू कर दिए। वह अपने दोनों पैरों को चौड़ा करती मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्का माराता वह भी नहीं रह पा रही थी और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। 

वह कहने लगी बाबूजी आप तो सेक्स के बड़े भूखे हैं। मैंने उसे कहा इतने बरसों से मैं अपनी इच्छा पूरी नहीं करवा पाया हूं और मंजुला बूढ़ी हो चुकी है उसमें वह बात नहीं है लेकिन तुम्हारी जवानी अभी बरकरार है। वह मेरा पूरा साथ देने लगी थी उसकी योनि की चिकनाई बढने लगी थी उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था और जिस प्रकार से वह मेरा साथ दे रही थी उससे मैं भी बहुत ज्यादा खुश था और उसे भी बड़ा आनंद आ रहा था। कुछ ही क्षणो बाद मेरा वीर्य मेरे लंड से बाहर निकला वह शालू की योनि में जा गिरा। शालू पैसे लेकर खुश हो गई और मैं उसकी जवानी का मजा लेकर खुश हो गया।
महकती जवानी दहकता जिस्म (Mahakti Jawani Dahakta Jism) महकती जवानी दहकता जिस्म (Mahakti Jawani Dahakta Jism) Reviewed by Priyanka Sharma on 11:19 PM Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.