दोस्त की बीवी के साथ सेक्स की इच्छा (Dost Ki Biwi Ke Sath Sex Ki Ichha)

दोस्त की बीवी के साथ सेक्स की इच्छा(Dost Ki Biwi Ke Sath Sex Ki Ichha)

काफी दिनों बाद मॉल में शॉपिंग करने के लिए गया तो वहां पर मैंने अपने लिए एक शर्ट खरीदी मुझे कुछ भी पसंद नहीं आ रहा था लेकिन उसके बावजूद भी मैंने एक शर्ट खरीदी क्योंकि मुझे लगा की आज का दिन बर्बाद ना हो जाए। मैं अपने लिए कुछ कपड़े खरीदने के लिए निकला था लेकिन मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं। 

अपने ऑफिस की व्यस्तता के कारण अपने लिए भी समय निकाल पाना मुश्किल था और जब मैं शॉपिंग कर के एस्केलेटर से नीचे उतर रहा था तो सामने की एस्केलेटर से मेरा दोस्त अंकित ऊपर की तरफ को जा रहा था मैंने अंकित को देखते ही कहा अंकित कहां जा रहे हो। वह मुझे कहने लगा तुम ऊपर आ जाओ उसने मुझे इशारे किये और वह ऊपर की तरफ मुझे बुलाने लगा मैं भी दोबारा से एस्केलेटर से ऊपर की तरफ चला गया।

जब मैं अंकित से मिला तो मैंने उससे हाथ मिलाया और कहा यार इतने समय बाद तुमसे मुलाकात हो रही है तुम्हारे बारे में तो कहीं कुछ पता ही नहीं है कि तुम हो कहां। अंकित कहने लगा कि मैं अब अपने मामा जी के साथ चेन्नई में रहता हूं और इसीलिए मेरे पास भी किसी का नंबर नहीं था मैंने अंकित से कहा आजकल तो इतने सारे सोशल नेटवर्क साइट चल रही है क्या तुम उस पर भी नहीं हो। 

अंकित मुझे कहने लगा यार जब से कॉलेज पूरा हुआ है तब से कुछ कर गुजरने की ठान ली थी और मामा जी के होते हुए ही शायद यह संभव हो पाया तुम्हें तो मालूम ही है ना कि पापा एक सरकारी नौकरी है और वह बिल्कुल ही सामान्य सी जिंदगी जीते हैं लेकिन जब से मैं मामा जी के साथ गया हूं तब से मुझे काफी चीजों के बारे में पता चला है और मुझे अब अच्छा भी लगता है कि मामा जी ने मेरी बहुत मदद की। 

अंकित मुझे कहने लगा कि तुम क्या कर रहे हो मैंने अंकित से कहा कि बस वही 9 से 6 की नौकरी और इससे ज्यादा तो शायद मैं कुछ कर भी नहीं सकता तुम्हारे पापा की तरह ही मेरे पापा भी हैं मैंने एक बार उनसे अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए कुछ पैसे मांगे थे लेकिन उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं दिया और कहा कि तुम अपनी मेहनत के बलबूते ही यह सब हासिल करो लेकिन मुझे तो उनकी कोई भी बात समझ नहीं आती मुझे लगता है कि ऐसा तो कभी संभव हो ही नहीं सकता।

मुझे अंकित कहने लगा तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो ऐसा कभी हो ही नहीं सकता है बिना किसी की मदद के कैसे भला कोई आगे बढ़ सकता है और जब तक माता पिता ही ना समझे तो तब तक कैसे आगे बढ़ा जा सकता है। अंकित और मैं आपस में बात कर ही रहे थे कि तभी एक लड़की जो कि दिखने में किसी हीरोइन से कम नहीं थी वह हमारे पास आकर खड़ी हो गई और अंकित से उसने हाथ मिलाया।

मैं तो यह सब देखता ही रह गया अंकित तो पूरी तरीके से बदल चुका था अंकित पहले वाला अंकित नहीं था अंकित कॉलेज में सब लोगों से पैसे ही मांगता रहता था लेकिन अब अंकित पूरी तरीके से बदल चुका था अंकित मुझे कहने लगा कि ललित मैं तुम्हे कल मिलूंगा। मैंने कहा ठीक है और उसके बाद मैं भी अपने घर चला गया घर आकर मेरे दिमाग में सिर्फ अंकित का ही ख्याल आ रहा था और मैं सोच रहा था कि अंकित ने कितनी तरक्की कर ली है इतने कम समय में ही उसने अपने आप को पूरी तरीके से बदल कर रख दिया है। 

मुझे इस बात की खुशी भी थी और मुझे अंदर से थोड़ा बहुत इस बात को लेकर जलन भी महसूस हो रही थी कि क्या मैं भी कभी अंकित के जैसा बन पाऊंगा। मैं उस दिन यही सोचता रहा लेकिन मुझे कोई भी जवाब ना मिला। अगले दिन मैं अपने ऑफिस से फ्री होने के बाद मॉल में गया और मैं मॉल के फूड कोर्ट में बैठा हुआ था अंकित भी वहां पर पहुंच गया। 

जब अंकित मुझे मिला तो अंकित ने मुझे कहा कल के लिए मैं तुमसे माफी मांगना चाहता हूं क्योंकि कल रीमा आ गई थी और मैंने उसको समय दिया हुआ था इसलिए कल मुझे उसके साथ जाना पड़ा। मैंने अंकित से कहा कोई बात नहीं लेकिन आज तो कोई आने वाला नहीं है ना अंकित इस बात पर हंसने लगा। अंकित मुझे कहने लगा ललित कल मैं तुमसे बात नहीं कर पाया था हमारी बात अधूरी रह गई थी तुमने आगे क्या सोचा है क्या बस ऐसे ही नौकरी करते रहोगे या कुछ और भी तुमने सोचा है।

मैंने अंकित से कहा कि यार मैंने एक बिजनेस का स्टार्टअप तो सोचा है लेकिन उसके लिए तो पैसों की जरूरत पड़ेगी ना तो अंकित मुझे कहने लगा कि तुम लोन क्यों नहीं ले लेते तो मैंने अंकित से कहा दोस्त इतना आसान भी नहीं है कि लोन इतनी आसानी से मिल जाएगा। 

अंकित कहने लगा यह तो तुम ठीक कह रहे हो कि लोन इतनी आसानी से नहीं मिलेगा लेकिन मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं तुम मेरे साथ चेन्नई चलो और मेरे मामा जी को अपने स्टार्टअप के बारे में बताओ क्या पता वह तुम्हारी मदद कर दें। मैंने अंकित से कहा लेकिन मुझे इस बारे में सोचना पड़ेगा अंकित कहने लगा कोई बात नहीं तुम सोच लो वैसे भी मैं अभी 10 दिनों तक घर पर ही हूं। 

मैं वहां से घर वापस लौटा तो मेरे दिमाग में यहीं चल रहा था कि क्या मैं जिंदगी भर नौकरी ही करता रहूंगा या फिर मुझे कुछ और भी करना चाहिए लेकिन मेरे पास शायद अच्छा मौका था और मैं अंकित के साथ चेन्नई जाने के लिए तैयार हो गया। मैं अंकित के साथ जब चेन्नई गया तो मैंने उसके मामा जी को अपने स्टार्टअप के बारे में बताया वह बहुत खुश हुए और कहने लगे कि मैं तुम्हारी मदद जरूर करूंगा और उन्होंने मेरी मदद करने का मुझसे वादा कर लिया था। मैं कुछ दिनों के लिए वहीं रुकने वाला था।
दोस्त की बीवी के साथ सेक्स की इच्छा (Dost Ki Biwi Ke Sath Sex Ki Ichha)
दोस्त की बीवी के साथ सेक्स की इच्छा (Dost Ki Biwi Ke Sath Sex Ki Ichha)
मैं और अंकित एक साथ ही रह रहे थे अंकित के ही पड़ोस में एक हुस्न की रानी भाबी को देखकर मैं अपने आप को रोक ना सका। मैं भाबी को अपनी प्यासी नजरों से देखा करता और भाबी जैसे मेरा ही इंतजार कर रही थी। जिस प्रकार से भाबी के नंबर का बंदोबस्त मैने कर लिया यह बात मैंने अंकित को पता नहीं चलने दी। मैं जब भाबी से मिलने के लिए उनके घर पर गया तो भाबी लाल रंग के गाउन में मेरा इंतजार कर रही थी। उन्होंने सारा कुछ बंदोबस्त किया हुआ था उन्होंने बिस्तर को ऐसे सजा रखा था जैसे कि सुहागरात की पहली रात हो लेकिन मुझे तो भाबी के बदन को महसूस करना था। 

भाबी जी के लाल गाउन को मैंने जब उतारा तो भाबी कहने लगी क्या हम लोग यही बाहर बैठे रहेंगे। मैंने भाबी से कहा नहीं भाबी मैं आपको अभी अंदर ले चलता हूं। भाबी को मैंने अपनी गोद में उठा लिया और उन्हें बिस्तर तक ले गया कुछ देर की चुम्मा चाटी के बाद अब मैं उनके बदन को बड़े ही अच्छे तरीके से सहलाने लगा था। 

उनके बूब्स पर मेरा हाथ लगते ही उन्होंने मुझे कहा कि मैं आपके फुकांरते हुए लंड को अभी हिलाती हूं। वह मेरे लंड को हिलाकर मुठ मारने लगी जब उन्होंने लपक कर मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो उसे चूस चूस कर उन्होंने उसका पूरा माल बाहर निकाल दिया। 

जब मैंने भाबी की पैंटी को उतारकर उनकी बुर को चाटना शुरू किया तो उनकी बुर को मैंने थोड़ा सा खोल लिया और अपनी जीभ को मैं अंदर की तरफ डालने लगा। मैंने अपनी जीभ को भाबी की योनि के अंदर डाला तो वह कहने लगी तुम थोड़ा सा मेरी बुर के अंदर अपनी जीभ को डालो। मैंने अब भाबी की बुर के अंदर अपनी जीभ को डाल दिया उनकी गीली हो चुकी बुर से पानी बाहर निकलने लगा और वह मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हारे लंड को भी चूसती हूं।

भाबी ने मुझे ब्लोजॉब का मजा दिया मैंने भाबी की बुर से पानी निकाल दिया और भाबी ने मेरे लंड को चूसकर पानी दोबारा बाहर निकाल दिया। भाबी कहने लगी आज तुम मेरी बुर को फाड़ कर रख दो मैंने भाबी से कहा भाबी आपकी योनि में मेरा लंड जाएगा तो आपको महसूस होगा कि कैसा लगता है। भाबी ने अपने दोनों पैरों को खोलते हुए मेरे लंड को अंदर की तरफ लिया तो भाबी की योनि के अंदर मेरा मोटा लंड घुस चुका था। 

जब मेरा लंड उनकी बुर के अंदर घुसा तो अनायास उनके चेहरे के भाव बदल गए और उनके मुंह से एक हल्की सी आवाज निकल आई। आवाज में मादकता भरी हुई थी मादक आवाज में एक गहराई थी जब मैं भाबी की बुर के अंदर बाहर लंड को कर रहा था तो वह मुझे कहने लगी कि तुम मेरे दूध को भी पी जाओ मैंने अपने मुंह से उनके बूब्स को चूसना शुरू किया तो उनके बूब्स से दूध भी बाहर निकालने लगा।

मैं अपने हाथों से उनके बूब्स को दबाए जाता और बड़ी तेजी से मैं धक्के मारता जाता मेरे धक्के अब तेज होने लगे थे और भाबी ने भी अपने दोनों पैरों को बहुत ही ज्यादा चौडा कर लिया था। जब भाबी ने कहा मुझे उल्टा लेटा दो तो मैने भाबी को पेट के बल लेटा दिया और अपने लंड को मैंने धकेलते हुए भाबी की बुर के अंदर दोबारा से घुसाया धीरे धीरे अंदर की तरफ मेरा लंड घुस चुका था। 

जब मेरा लंड भाबी कि बुर मे गया तो वह चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा दर्द हो रहा है। उन्हें बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा था । उन्होंने कहा कि मेरी बुर से भी अब गर्मी बाहर निकलने लगी है वह पूरी तरीके से तड़पकर बेहाल हो चुकी थी और 5 मिनट के बाद जब उनकी बुर मे पानी की मात्रा बढ़ने लगी तो मेरे लंड से भी मेरे वीर्य को बाहर की तरफ को खींच लिया और मै मजे से बिस्तर पर लेट गया।
दोस्त की बीवी के साथ सेक्स की इच्छा (Dost Ki Biwi Ke Sath Sex Ki Ichha) दोस्त की बीवी के साथ सेक्स की इच्छा (Dost Ki Biwi Ke Sath Sex Ki Ichha) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:38 PM Rating: 5

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