चुदासी चूत की प्यास (Chudasi Choot Ki Pyaas)

चुदासी चूत की प्यास
(Chudasi Choot Ki Pyaas)

मैं रूम में बैठकर टीवी देख रहा था उस वक्त घड़ी में दोपहर के 12:00 बज रहे थे मैंने सोचा कुछ देर आराम कर लेता हूं क्योंकि रविवार की छुट्टी के दिन मैं घर पर अकेला ही था। मैं आराम कर रहा था मुझे बिस्तर पर लेटे 5 मिनट ही हुए थे और 5 मिनट बाद ही जब मेरे फोन की घंटी बजने लगी तो मैं एकदम से उठा और अपने मन ही मन में बड़बड़ाने लगा। 

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या बोल रहा हूं लेकिन मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था क्योंकि मेरी नींद में खलल पड़ चुका था अब शायद मुझे नींद भी नहीं आने वाली थी।  मैंने जब फोन पर देखा तो फोन पर बबीता का कॉल आ रहा था मैंने फोन उठाते हुए बबीता से कहा बबीता क्या कोई जरूरी काम था। वह मुझे कहने लगी हां सूरज जरूरी काम था इसीलिए तो तुम्हें फोन कर रही हूं।

बबीता के साथ पहले मेरा प्रेम प्रसंग कई वर्षों तक चला और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ आगे रिश्ता बनाने के बारे में भी सोचा था लेकिन वह उस वक्त धराशाई हो गया जब मेरे पापा को यह रिश्ता मंजूर नहीं आया। पापा ऊंच-नीच और जात-पात में बहुत ही ज्यादा भरोसा रखते हैं और वह कभी भी नहीं चाहते थे कि मेरी शादी बबीता के साथ हो इसी वजह से मेरी शादी बबीता के साथ नहीं हो पाई। 

मैं अपने परिवार वालों को भी धोखे में नहीं रखना चाहता था इसलिए मैंने बबीता को छोड़ना ही उचित समझा बबीता के साथ मेरा कोई संबंध नहीं था लेकिन हम दोनों एक अच्छे दोस्त हैं और इसी वजह से हम लोग अक्सर फोन पर बात कर लिया करते थे। बबीता को जब भी मेरी जरूरत पड़ती तो वह मुझे याद कर लिया करती थी, मैंने बबीता से कहा कि मेरी क्या जरूरत पड़ी जो तुमने मुझे आज फोन कर दिया। 

बबिता कहने लगी तुम्हारी जरूरत पड़ी इसीलिए तो तुम्हें आज फोन किया मैंने बबिता से कहा कहो क्या मदद चाहिए। बबीता कहने लगी मुझे दरअसल तुमसे मिलना था क्या तुम मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आ सकते हो मैंने बबीता से कहा अभी तो मुश्किल हो पाएगा क्योंकि मैं अभी आराम कर रहा था। बबीता मुझे कहने लगी कि देखो सूरज बहुत जरूरी काम है तुम अभी आ जाओ ना मैं तुम्हारा इंतजार कर रही हूं मैंने बबीता से कहा ठीक है बाबा मैं आता हूं।

जैसे ही मैं अपने बाथरूम में तैयार होने के लिए गया तो दोबारा से बबीता का फोन आ गया और वह कहने लगी कि तुम आ तो रहे हो ना। मैंने बबीता से कहा बबीता मैं कह तो रहा हूं कि मैं आ रहा हूं अब तुम्हें एक ही बात कितनी बार बताऊँ मुझे तैयार तो होने दो तभी तो तुम्हारे घर पर आऊंगा। 

मैंने फोन काट दिया और मैं बाथरूम में तैयार होने के लिए चला गया मैं नहा कर बाहर निकला तो मैंने अपने सर पर तेल लगा लिया और बाहर जैसे ही दरवाजा खोला तो देखा गर्मी बहुत ज्यादा हो रही है मैंने मन बनाया की कार से ही जाता हूं और मैं कार से बबीता से मिलने के लिए निकल पड़ा। 

मैं बबीता से मिलने के लिए निकला तो उस वक्त काफी ज्यादा धूप हो रही थी मैंने अपने के ए सी को और भी ज्यादा तेज कर लिया ताकि मुझे गर्मी ना महसूस हो। मैं जब बबिता के घर के बाहर पहुंचा तो मैंने बबीता के दरवाजे की डोर बेल बजाई कुछ देर तक तो वह नहीं आई लेकिन जैसे ही वह आई तो वह मुझे देखते ही कहने लगी सूरज मैं तुम्हारा कब से इंतजार कर रही थी। मैंने बबीता से कहा क्या तुम अंदर नहीं आने दोगी वह कहने लगी अरे सॉरी मैं तो भूल ही गई थी तुम अंदर आओ ना। 

मैं अंदर चला गया और जब मैं अंदर गया तो बबीता ने मुझे बैठने के लिए कहा वह मुझे कहने लगी मुझे तुमसे मिलना था इसलिए तो मैंने तुम्हें इस वक्त बुलाया। मैंने बबीता से कहा देखो बबीता आजकल पापा मम्मी भी गांव गए हुए हैं गांव में चाचा की लड़की की शादी है इसलिए घर पर कोई भी नहीं है और वैसे भी आज रविवार था तो सोचा आराम कर लेता हूं हम दोनों एक दूसरे से भले ही अलग हो गए हो लेकिन एक दूसरे की जरूरत के लिए हम दोनों हमेशा ही मिल जाते हैं। मैंने बबीता से कहा तुम्हें क्या काम था बबीता ने मुझे बताया कि आजकल वह एक लड़के को डेट कर रही है उसका नाम राकेश है।

बबीता मुझे कहने लगी क्या तुम मुझे राकेश के बारे में पता करवा कर बता सकते हो कि वह किस प्रकार का लड़का है मैं उसे सिर्फ दो बार ही मिली हूं। मैंने बबीता से कहा अच्छा तो तुमने मुझे इसलिए बुलाया था वह कहने लगी हां मैंने तुम्हें इसीलिए यहां बुलाया था मैं चाहती थी कि तुम राकेश के बारे में मुझे पता करके बताओ ताकि हम दोनों एक दूसरे से अपना रिलेशन पाए। 

मैंने बबीता से कहा अच्छा तो तुमने अपने लिए लड़का ढूंढ लिया है यह तो बड़ी अच्छी बात है। बबीता कहने लगी अब तुमसे तो मेरी शादी होने से रही और मुझे अपने लिए भी तो किसी को देखना है मैं कब तक अकेली बैठी रहूंगी अब मेरी उम्र भी होने लगी है और तुम्हें तो मालूम ही है ना कि लड़कियों की उम्र बहुत जल्दी ढल जाती है उसके बाद उन्हें कोई भी नहीं देखता। 

जब बबीता ने मुझे यह कहा तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं राकेश के बारे में पता करवा कर तुम्हें बताता हूं बबीता कहने लगी प्लीज यार तुम उसके बारे में मुझे बता देना। मैंने बबीता से कहा ठीक है बाबा मैं बता दूंगा वह मुझे कहने लगी कि तुम हमेशा मेरी कितनी मदद करते हो। मैंने बबीता से कहा तुम्हारे भी मुझ पर कुछ एहसान है इसीलिए तो मैं तुम्हारी मदद कर देता हूं।

बबीता मुझे कहने लगी अब छोड़ो भी सब पुरानी बातें अब आगे की बातें करना शुरू करो क्या तुम मेरी मदद करोगे? मैंने बबीता से कहा मैं तुम्हारी मदद करूंगा जब मैंने यह बात बबीता से कहीं तो बबीता की हंसी देखते ही बनती थी उसके चेहरे पर मुस्कान बहुत ज्यादा थी। 
चुदासी चूत की प्यास (Chudasi Choot Ki Pyaas)
चुदासी चूत की प्यास (Chudasi Choot Ki Pyaas)
वह मुझसे कहने लगी आज भी तुम मेरा कितना ध्यान रखते हो उसने ब्लैक रंग के टॉप को पहना हुआ था। जब वह मुझसे गले मिली तो उसके स्तन मुझसे टकराने लगे मैंने उसे कहा तुम्हारे स्तन मुझसे टकरा रहे हैं। वह मुझसे कहने लगी तुम भी क्या बात कर रहे हो लगता है अभी तुम उस दिन को नहीं भूले हो जिस दिन मैंने तुम्हारी हालत खराब कर दी थी। 

बबीता मुझे छेड़ने लगी शायद उसकी यही गलती थी कि उसने मुझे छेड़ना शुरू कर दिया था। मैं भी उसे अब छोड़ने वाला नहीं था मैंने उसे अपने पास बुलाया और कहा आओ ना मेरे पास आकर बैठो। वह मेरे पास आकर बैठी मैंने जब उसके गोरे और मुलायम हाथो को पकड़ा तो वह मुझे कहने लगी सूरज आज भी मेरे और तुम्हारे बीच के वह पल मुझे याद आते हैं मैं उन पलों को बहुत ज्यादा याद करती हूं। 

इसी के साथ मैंने भी बबीता के गुलाबी होठों को चूमना शुरू कर दिया बबीता मुझे कहने लगी तुम्हारे अंदर आज भी वही बात है। मैंने बबीता से कहा आज मुझे मत रोको इतने समय से मैं अपने आपको रोक कर बैठा हूं। बबीता भी स्त्रियों की भांती पहले तो थोड़ा शर्मा रही थी फिर उसने मुझसे कहा कि चलो कोई बात नहीं और यह कहते हुए उसने अपने तन और बदन को मेरे आगे समर्पित कर दिया। 

जब उसने मेरे आगे अपने तन बदन को समर्पित किया तो मैंने भी उसके गाल को अपने हाथों से छुआ और उसके गाल पर एक प्यारी सी पप्पी दे डाली जिससे कि वह मुझे कहने लगी तुम्हारी आदत आज भी नहीं गई तुम बड़े ही नटखट हो। मैंने उसे कहा भला कभी किसी के प्यार करने की आदत जाती है मेरी तो अभी उम्र ही क्या है? हम दोनों एक दूसरे को छेड़ने पर लगे हुए थे मुझे बबीता के स्तनों को दबाने में मजा आने लगा था बबीता कहने लगी है ऐसा क्या दबा रहे हो मुझे टी-शर्ट तो खोलने दो।

बबीता ने अपनी काली टीशर्ट को उतारा तो उसके स्तन उसकी ब्रा से बाहर की तरफ झाकने लगे थे उसकी ब्रा का रंग नीला था बबीताकी आग सुलग रही थी जैसे मानो कोई कुंवारा बदन हो। मैंने उसकी ब्रा की इलास्टिक को हटाया तो उसके स्तनों बाहर आ चुके थे मैंने उसकी ब्रा के दोनों इलास्टिक को उतार दिया मैने उसके स्तनों को अपने हाथ से दबाना शुरू किया। 

वह मचलने लगी थी जैसे ही मेरी जीभ का स्पर्श बबीता के स्तनों पर हुआ तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी उसकी उत्तेजना अब इस कदर बढने लगी थी कि उसने अपने पैरों को भी खोलना शुरू कर दिया था। उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया और कहने लगी मैं बिल्कुल भी नहीं रह पा रही हूं वह पूरी तरीके से व्याकुल हो चुकी थी। उसके स्तनों से मैंने दूध भी बाहर निकाल दिया था मैंने उसके स्तनों पर अपने दांतों के निशान भी मार दिए थे जिससे कि उसकी उत्तेजना अब और भी अधिक होने लगी थी।

जैसे ही मैंने उसकी जींस के छोटे से बटन को खोला तो उसकी नीले रंग की पैंटी मुझे दिखाई दे गई और उसकी पैंटी को उतारते ही मेरे अंदर पूरी तरीके से जोश जागने लगा। मैंने उसकी योनि पर अपनी जीभ को लगाया तो उसकी योनि और भी गिला हो गई थी उसकी योनि पूरी तरीके से गीली होने लगी थी। 

मैंने जब अपने मोटे और काले लंड को उसकी योनि पर लगाया तो वह कहने लगी आज भी तुम बिलकुल वैसी हो जैसे पहले थे आओ ना मेरी इच्छा पूरी कर दो। बबीता सब कुछ भूलकर सिर्फ मेरी बाहों में आ चुकी थी मैंने उसके पैरों को खोलकर उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया उसकी योनि में लंड जाते ही उसके मुंह से चीख निकल पड़ी। 

उसके साथ ही वह मेरी हो चुकी थी उस दिन उसने मुझे दिन में ही तारे दिखा दिए जिस प्रकार से उसने मुझे खुश किया उससे मैं बिल्कुल भी रह ना सका और वह भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर बाहर करना शुरू किया जब उसके पसीने निकलने लगे तो वह मेरे साथ खुश हो चुकी थी लेकिन अब भी वह राकेश को अपना बनाना चाहती थी और मेरे माल को उसने चूत मे समा लिया था।
चुदासी चूत की प्यास (Chudasi Choot Ki Pyaas) चुदासी चूत की प्यास (Chudasi Choot Ki Pyaas) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:10 PM Rating: 5

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