छोटी बहन को चोदने का प्लान-3 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-3)

छोटी बहन को चोदने का प्लान-3
(Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-3)

कहानी के दूसरे भाग छोटी बहन को चोदने का प्लान-2 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-2) में आपने पढ़ा कि मेरी बहन मानसी अपनी चूत में डिल्डो लेकर मजा ले रही थी. मैं चुपके से उसके कमरे में पहुंच गया और मैंने अपनी बहन की चूत चोद दी. फिर एक दिन हेतल का फोन आया तो मानसी ने उससे पूछ लिया कि उसका मेरे मामा के लड़के राज के साथ क्या चक्कर चल रहा है? हेतल ने बताया कि किस तरह से उसने राज के लंड को अपनी चूत में लिया था. दोनों बहनें आपस में बातें करने में मग्न थी और मैं भी लाइन पर था. हेतल मानसी को अपने ऑफिस में ही चूत चुदवाने की सलाह देने लगी.
अब आगे:

हेतल नहीं जानती थी कि मानसी की चूत चुदाई की शुरूआत मेरे लंड से हो चुकी है. मगर फिर मानसी ने खुद ही बता दिया कि वह मेरे लंड से अपनी चूत को चुदवा रही है. हेतल को जब यह पता चला तो उसको जरा भी आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि वह जानती थी मैं भी बहुत चोदू किस्म का लड़का हूँ.

मानसी ने हेतल से पूछा- दीदी आपको कैसे पता कि हमारा भाई इतना चोदू लड़का है?
हेतल ने हंसते हुए बताना शुरू किया:

तेरी दीदी मर्दों का चेहरा देखते ही बता देती ही है उसके लंड में कितना दम है. मैंने तो हिरेन को बड़ा होते हुए देखा है. वह जब जवान हो रहा था तभी से मुझे उसके लक्षण दिखाई देने लगे थे. कई बार मैं उसको तेरी चूचियों को घूरते हुए देख चुकी थी. लेकिन मैंने कभी उसको इसके बारे में कुछ रोका-टोका नहीं क्योंकि मैं जानती थी कि जवानी में अक्सर ही लड़के अपने लंड की प्यास के चलते एक चूत की खुशबू की तरफ ऐसे आकर्षित होने लगते हैं जैसे एक भंवरा फूल की तरफ आकर्षित होता है. जब हिरेन 18 की उम्र को पार कर रहा था तो एक दिन मैंने सुबह के वक्त उसका लंड उसकी पैंट में तना हुआ देखा था. मैं समझ गई थी उसके लंड को अब चूत की जरूरत महसूस होने लगी है. उसके बाद से ही मैंने उसकी हरकतों पर नजर रखना शुरू कर दिया था.

एक दिन की बात है जब हिरेन अपने कमरे में नहीं था तो मैं उसके कमरे की सफाई करने के लिए गई. मैं उसकी किताबों को साफ कर रही थी तो मुझे उसके कमरे में उसकी पढ़ाई की किताबों के नीचे एक नंगी तस्वीरों वाली मैगजीन मिली. मैंने उसको खोल कर देखा तो उसमें इतनी गर्म फोटो थी कि मैं भी वहीं पर चुदासी हो गई. उसमें गोरी विदेशी लड़कियां काले मोटे साउथ अफ्रीकन लौड़ों के साथ चुदाई करते हुए दिखाई गई थी. उन लौड़ों को देख कर मेरे मन में भी यही ख्याल आने लगे कि काश मुझे अपनी चूत में ऐसा ही लंड मिल जाये.

मगर उस वक्त मेरी शादी की बात भी शुरू नहीं हुई थी. मैं लगातार हिरेन पर नजर रख रही थी. तू तो जानती ही है कि शादी से पहले घर का सारा काम मैं ही करती थी इसलिए मैं घर के हर एक कोने से वाकिफ थी. मुझे पता था कि कहां पर किसका क्या सामान रखा हुआ है.

ऐसे ही एक दिन की बात है कि सुबह जब हिरेन सो रहा था तो मैं उसके कमरे में झाड़ू लगाने गई हुई थी. मैंने देखा कि वो गहरी नींद में सो रहा था. गर्मियों के दिन थे और उसने केवल एक निक्कर डाली हुई थी. उसकी गोरी-गोरी जांघों पर जवानी के भूरे-भूरे बाल आने शुरू हो गये थे.

उस दिन पहली बार मैं हिरेन की जांघों को बड़े ध्यान से देख रही थी. मैं उसके बेड के पास से झाड़ू लगा रही थी और मेरी नजर बार-बार उसकी निक्कर की जिप पर ही जा रही थी. उसकी जवानी को देख कर लग रहा था कि मेरा भाई अब किसी की चूत की प्यास बुझाने के लायक हो गया है. फिर मेरे मन में पता नहीं क्या आया कि मैंने उसकी जांघों को हल्के से छू कर देखने की सोची. जब मैंने उसकी जांघों पर अपने कोमल हाथ फिराये तो मेरे अंदर एक चुदास सी जग गई.

फिर मैंने देखा कि हिरेन की जिप के नीचे उसका लंड तनाव में आने के बाद अलग से ही दिखाई देने लगा था. दो मिनट के बाद ही उसका लंड पूरा का पूरा तन गया था और उसने उसकी कैपरी को ऊपर उठा लिया था. लेकिन हिरेन अभी गहरी नींद में था. शायद वह कोई सेक्स भरा सपना देख रहा था. अक्सर जवान लड़कों को इस उम्र में सेक्स के सपने आते रहते हैं इसलिए सुबह के टाइम में उनका लंड भी खड़ा हुआ दिखाई दे जाता है.

हिरेन के लंड को देख कर मैंने उसको छूने की सोची लेकिन साथ ही यह भी सोच रही थी कि अभी यह 18 का ही हुआ है. अगर इसको अभी से मैंने वासना के दलदल में धकेल दिया तो इसकी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा. लेकिन मन नहीं माना और मैंने एक बार उसके तने हुए लंड को अपने हाथ में ले लिया. उसके लंड को हाथ में लेकर मेरी चूत ने सिसकारी सी भरी और मेरा मन करने लगा कि मैं हिरेन के लंड को ऐसे पकड़ कर सहलाती रहूं.

मगर मैं ज्यादा आगे नहीं बढ़ना चाहती थी क्योंकि हिरेन के नींद से जाग जाने का डर था. मैंने अपने जवान भाई के तने हुए लंड को बस एक बार ही छूकर छोड़ दिया. लेकिन उस दिन के बाद से मैं उसकी तरफ आकर्षित होने लगी थी. किंतु मैं तुम सब में बड़ी थी इसलिए ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहती थी कि जिससे तुम लोगों पर बुरा असर पड़े. मैंने हिरेन के लिए अपनी भावनाओं को दबाकर रख लिया.

जब वो कई बार नहाकर आता था मैं उसके लंड के साइज को आंखों ही आंखों में नापने की कोशिश करती थी. हिरेन को इस बात का अहसास नहीं था कि उसकी बड़ी दीदी उस पर ऐसी नजर रख रही है. लेकिन मुझे जरूर पता था कि वह तेरे (मानसी) के चूचों को घूरता रहता है. मैंने सोचा कि जिस तरह से मैं हिरेन के बारे में सोचकर आकर्षित होती रहती हूं शायद यह भी मानसी की तरफ आकर्षित होता रहता है.
फिर एक दिन मुझे वो पता चला जिसके बारे में सोच कर मेरी चूत में आज भी खुजली हो उठती है.

मानसी बोली- ऐसा क्या पता चला दीदा आपको?

हेतल ने आगे बताया:
उस दिन घर पर कोई नहीं था. तू स्कूल में गई हुई थी और नीता मां के साथ नानी के यहां गई हुई थी. पापा काम पर गये थे और मैं दोपहर में कॉलेज से लौटी थी. मैंने देखा तो घर का मेन गेट खुला हुआ था. मैंने अंदर आकर यहां-वहां देखा तो हिरेन मुझे कहीं भी दिखाई नहीं दिया. मैंने सबके रूम चेक किये. वो कहीं पर नहीं था और वो अपने रूम में भी नहीं था.

फिर मैंने सोचा कि शायद वो बाथरूम में गया होगा. मैं बाथरूम में उसको आवाज लगाने गई तो अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही थी. मैं सोच रही थी कि शायद वो अंदर नहा रहा होगा. लेकिन पानी के गिरने जैसी कोई आवाज नहीं हो रही थी. बाथरूम का दरवाजा पूरी तरह से बंद नहीं था और चौखट के पास हल्के सी दरार रह गई थी. बाहर से पता नहीं लग रहा था कि बाथरूम अंदर से बंद नहीं है. मैं चुपके से बाथरूम के पास आकर आवाज सुनने की कोशिश करने लगी.

अंदर से मुझे कामुक आवाजें आ रही थीं. स्स्स … स्स्स … अम्म … ये हिरेन के मुंह से निकलने वाली कामुक सिसकारियां थीं. मैंने उस दरार से झांक कर देखा तो सामने दीवार के साथ में लग कर हिरेन अपने लंड को हिला रहा था. उसके हाथ में वही नंगी किताब थी जिसको मैंने उसके रूम में देखा था. वो उसके नंगे चित्रों को देख कर जोर-जोर अपने लंड की मुट्ठ मार रहा था.

उसका लंड उसके हाथ में इतनी तेजी के साथ चल रहा था जैसे कि वो उसको मथ कर उसमें से मक्खन निकालने की कोशिश कर रहा हो. उसके तने हुए लंड को देख कर मेरी नजरें वहीं पर जम गईं. मैं छिप कर उसको देखने लगी. काफी देर तक वो अपने लंड को उस किताब के फोटो के देख कर हिलाता रहा. उसके लंड पर चिपचिपा पदार्थ निकल कर झाग से बन गये थे. शायद वो काफी देर से अपने लंड की मुट्ठ मार रहा था.

फिर उसने किताब को फ्लश टैंक के ऊपर रख दिया और अपनी पैंट की जेब से एक कपड़ा निकाला. जब उसने उस फोल्ड किये हुए कपड़े को खोला तो मैंने देखा कि वो एक लड़की की पैंटी थी. पहले तो मैंने सोचा कि वो शायद मेरी ही पैंटी को लेकर गया हुआ है लेकिन बाद में पता चला कि उस रंग की कोई पैंटी मेरे पास थी ही नहीं.
छोटी बहन को चोदने का प्लान-3 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-3)
छोटी बहन को चोदने का प्लान-3 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-3)
वो लाल रंग की पैंटी तेरी थी. हिरेन ने उस पैंटी को अपनी नाक पर लगाया और तेजी के साथ अपने लंड को हिलाने लगा. उसके मुंह से फिर बार-बार तेरा ही नाम निकल रहा था. स्स्स … आह्ह … मानू … ओह्ह … तेरे चूचे … उम्म्ह… अहह… हय… याह… … तेरी चूत … तेरी गांड … मानसी मैं तुझे चोद दूंगा. इस तरह की आवाजों के साथ वो अपने लंड को तेजी के साथ हिला रहा था.

फिर एकाएक उसने पैंटी को नाक से हटाया और उसे उस किताब के ऊपर साइड में रख दिया. फिर वह आंखें बंद करके तेजी के साथ अपने लंड की मुट्ठ मारने लगा और अगले कुछ ही सेकेण्ड में उसके लंड से सफेद वीर्य की पिचकारी छूट पड़ी. उसका पूरा बदन झटके देने लगा. वह शांत हो गया और दीवार के साथ सट कर हांफते हुए खुद को शांत करने लगा. उसका तना हुआ लंड आगे से लाल हो गया था. उसने अपने लंड को बुरी तरह से रगड़ डाला था.

मैं ये सीन देख कर चुदासी हो गई लेकिन वहां पर रहना ठीक नहीं था इसलिए मैं चुपके से अपने कमरे में आ गई और आकर बेड पर लेट कर हिरेन के लंड के बारे में सोचते हुए अपने चूचों को दबाने लगी. फिर मैंने सोचा कि अब तक हिरेन बाहर आ गया होगा. जब मैं बाहर आई तो बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ था. वहां पर न तो वो किताब थी और न ही तेरी पैंटी थी.

फिर मैंने उसके रूम में जाकर देखा तो वो थक कर लेट गया था. मैं वापस आकर बाथरूम में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. मैंने दीवार को ध्यान से देखा तो सामने वाली दीवार पर हिरेन के लंड से छूटी वीर्य की पिचकारी लगी हुई थी. उसका वीर्य दीवार पर बहकर नीचे फर्श तक जा पहुंचा था.

मैंने उस दीवार पर लगे वीर्य को अपनी उंगली से छू कर देखा तो वो मुझे चिपचिपा सा लगा. मेरा मन कर रहा था कि इसके स्वाद को चाट कर देखूं कि भाई के लंड से निकला हुआ माल चखने में कैसा है.
मगर सारा का सारा माल नीचे बह गया था और सिर्फ दीवार पर गीलापन ही रह गया था. फिर भी मैंने दीवार चाट कर अपने भाई का वीर्य चखना चाहा लेकिन मुझे कुछ स्वाद नहीं मिला.

उस दिन से हिरेन के लिए मेरे मन में चुदास भर गई. मैं उसके लंड का वीर्य अपनी चूत में निकलवाना चाहती थी लेकिन मुझे कभी इसका मौका नहीं मिल पाया. परंतु उस दिन के बाद से मैं मर्दों के लंड के माल के लिए प्यासी सी हो गई. मैं उनके लंड का माल अपने मुंह में लेकर उसका स्वाद चखना चाहती थी. इसमें सबसे पहले मेरी मदद राज ने ही की. मैं मामा के लड़के राज के लंड का माल बहुत बार पी चुकी हूं.

मानसी ने कहा- वाह दीदी, आप तो बड़ी खिलाड़ी निकली. आप इतने सारे लंडों के साथ खेल चुकी हो. आपको तो बहुत तजुर्बा है मर्दों के लौड़ों का और उनकी सेक्स इच्छाओं का.
मानसी की बात सुनकर हेतल हंसने लगी.
फिर हेतल ने कहा- तुम लोग वहां पर खूब मजे ले रहे हो. मैं भी तुम लोगों के साथ मिलना चाहती हूं. बता मुझे कब बुलाएगी?
मानसी ने कहा- दीदी, जब आपका दिल करे, आप हमारे साथ चुदाई का मजा ले सकती हैं.

मानसी ने कहा- दीदी मैं हिरेन का लंड तो ले चुकी हूं लेकिन जब से मुझे राज के बारे में पता चला है मुझे उसके लंड के बारे में सोच कर ही चुदास सी जगने लगी है. क्या आप मुझे राज का लंड दिलवा सकती हो?
हेतल बोली- मैं कोशिश करूंगी, क्योंकि अब मैं शादीशुदा हूं और इस काम के लिए मुझे काफी प्लानिंग करनी पड़ेगी.
मानसी बोली- जल्दी करो दीदी, मैं राज के लंड के दर्शन करना चाहती हूं.

वो बोली- मेरी चुदक्कड़ बहन, मैं तेरी हालत समझ सकती हूं. तेरी उम्र में मेरा भी हाल कुछ ऐसा ही था मगर खुद पर थोड़ा काबू करना भी सीख. जैसे मैंने हिरेन के लंड को देखने के बाद भी खुद को काबू में रखा. हेतल की बातों से लग रहा था कि वो मेरा लंड लेना चाहती थी और मानसी को राज का लंड लेने का मन कर रहा था.
इधर मैं हेतल की बातों को सुनकर हैरान हो रहा था कि वह मेरे बारे में इतना कुछ जानती थी. जिस नंगी किताब के बारे में उसने मानसी को बताया वह सिर्फ मेरे अलावा किसी और को नहीं पता थी. लेकिन मेरी चुदक्कड़ बहन तो मुझसे भी चार कदम आगे निकली. उसको तो यह भी पता था कि मैं मानसी की चूत और गांड चोदने की फिराक में रहता हूं.

सच में बड़ी वाली दीदी तो बड़ी ही होती है. मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि उसको मेरे बारे में इतना कुछ पता हो सकता है. मैं तो अपनी तरफ से पूरी कोशिश करता रहता था कि किसी को इस बात की भनक न लगे कि मैं मोबाइल में पॉर्न मूवी देख कर मुट्ठ मारता हूं और नंगी तस्वीरों वाली किताबें अपने पास रखता हूं. साथ ही सेक्स स्टोरीज पढ़ते हुए अपनी बहन की चुदाई के ख्वाब देखा करता हूं.
मगर मेरी बहन ने मेरे सारी जासूसी कर डाली थी. मुझे हैरानी बहुत हो रही थी हेतल की चालाकी पर लेकिन साथ ही खुशी भी हो रही थी अब मुझे भी उसके बारे में इतना कुछ पता लग गया था.

कुछ दिन के बाद बड़ी दीदी हेतल का फोन आया कि वह चार महीने के बाद हमारे जीजा रीतेश के साथ हमारे साथ कुछ दिन रहने के लिए आयेगी. मानसी यह सुनकर खुश हो गयी क्योंकि हेतल ने राज को बुलाने का भी वादा किया था. मैं जानता था कि अगर हेतल यहां पर हमारे साथ रुकने के लिए आई तो वह मेरे लंड को अपनी चूत में लेने का भी प्लान बनायेगी.

मगर सबसे ज्यादा उत्सुकता तो इस बात लेकर हो रही थी कि हेतल मेरी छोटी बहन मानसी के लिए राज के लंड का जुगाड़ कैसे करेगी. क्या राज यहां पर आने के लिए तैयार होगा? अगर होगा तो वह राज को किस बहाने से बुलायेगी. फिर मैंने सोचा कि मेरी बहन हेतल बहुत ही चालू है. वो कोई न कोई जुगाड़ जरूर कर लेगी राज के लंड को मानसी की चूत तक पहुंचाने के लिए.
इधर मैं हेतल की चूत के सपने देखने लगा था क्योंकि अभी तक तो मैंने सिर्फ मानसी की चूत और गांड का स्वाद ही चखा था. मैंने कभी किसी शादीशुदा चूत की चुदाई नहीं की थी. लेकिन हेतल की बातों से लग रहा था कि वह पहली शादीशुदा चूत मेरी बड़ी बहन हेतल की ही होने वाली है.

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अगला भाग : छोटी बहन को चोदने का प्लान-4 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-4)
छोटी बहन को चोदने का प्लान-3 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-3) छोटी बहन को चोदने का प्लान-3 (Choti Bahen Ko Chodne Ka Plan-3) Reviewed by Priyanka Sharma on 12:17 PM Rating: 5

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