भाभी ने मुझे अपने चाहने वाले से चुदवाया (Bhabhi Ne Apne Chahne Wale Se Chudwaya)

भाभी ने मुझे अपने चाहने वाले से चुदवाया
(Bhabhi Ne Apne Chahne Wale Se Chudwaya)

मैं घर पर कपड़े धो रही थी तभी मेरा फोन बजने लगा लेकिन मैंने सोचा कि पहले मैं कपड़े धो देती हूं उसके बाद देखूंगी कि किसका फोन है। मैंने जब अपने कपड़े धो लिए थे तो उसके बाद मैं अपने रूम में गई और देखा तो वह शगुन का फोन था। शगुन मेरी सहेली है और उसकी शादी भी हमारी ही कॉलोनी में हुई है इसलिए वह अक्सर मुझसे मिलने के लिए आ जाया करती है। 

मैंने जब शगुन को कॉल बैक किया और कहा हां शगुन तुम मुझे फोन कर रही थी तो वह मुझे कहने लगी कि तुम कहां थी मैंने शगुन को कहा मैं कपड़े धो रही थी। शगुन कहने लगी मैं सोच रही थी कि तुमसे मिलने के लिए आऊं क्या तुम घर पर ही हो जब शगुन ने मुझसे यह कहा तो मैंने शगुन को कहा हां मैं घर पर ही हूं तुम आ जाओ। 

मैं अब नहाने के लिए चली गई और जब मैं नहा कर बाहर आई तो उसके कुछ देर बाद ही शगुन घर पर आ चुकी थी शगुन और मैं साथ में बैठे हुए थे। मैंने शगुन से कहा क्या तुम्हारे पति मुंबई गए हुए हैं तो वह कहने लगी कि हां वह अपने ऑफिस के काम से मुंबई गए हुए हैं।

शगुन और मैं एक साथ बैठे हुए थे हम लोग आपस में बात कर रहे थे और एक दूसरे के हाल-चाल हम लोग पूछ रहे थे। शगुन मुझसे कहने लगी कि मेरे छोटे भाई के लिए मम्मी पापा ने लड़की देख ली है और कुछ दिनों बाद उसकी सगाई है तो मैं वहीं जाने वाली हूं। मैंने शगुन को कहा अच्छा तो रोहित के लिए अंकल आंटी ने लड़की देख ली शगुन कहने लगी हां रोहित के लिए पापा मम्मी ने लड़की देख ली है और उसकी सगाई अगले हफ्ते ही है तब मैं अपने घर जाऊंगी। 

मैंने शगुन को कहा चलो यह तो बहुत खुशी की बात है शगुन के सास ससुर अपने गांव गए हुए थे शगुन घर पर अकेली ही थी इसलिए वह मुझसे मिलने के लिए आ गई। शगुन मुझसे हमारे ही पड़ोस में रहने वाली देविका भाभी के बारे में बात करने लगी देविका भाभी के पति उन्हें छोड़ कर जा चुके हैं और वह अकेली ही रहती हैं। 

देविका भाभी के माता-पिता बहुत पैसे वाले थे इसलिए उन्होंने लड़के को अपने घर पर ही रख लिया था लेकिन देविका भाभी का नेचर बिल्कुल भी ठीक नहीं था इसी वजह से उनके पति के साथ उनकी बिल्कुल भी नहीं बनी और उनका पति उन्हें छोड़कर चला गया।

जब मुझे यह बात शगुन ने बताई तो मैंने शगुन को कहा तुम्हें यह बात किसने बताई तो शगुन कहने लगी कि आजकल यह बात पूरी कॉलोनी में चल रही है कि देविका भाभी के पति ने उन्हें छोड़ दिया है और वह काफी दिनों से घर भी नहीं आया है। मैंने शगुन को कहा मुझे कुछ दिनों पहले ही तो देविका भाभी दिखी थी तो वह कहने लगी कि हां तुम्हें वह दिखी होगी लेकिन वह किसी से भी कहां ज्यादा बात करती हैं। 

मैंने शगुन को कहा हां तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो देविका भाभी कहां किसी से ज्यादा बात करती हैं वह ज्यादातर अपने घर पर ही रहती हैं उनके पिताजी ने उनके नाम पर काफी संपत्ति रखी हुई है जिसकी वजह से वह अपने घर पर ही रहती हैं और उन्हें किराया समय पर आ जाता है जिससे कि उनका गुजर बसर हो जाता है। 

उन्हें किसी भी चीज के बारे में ज्यादा सोचने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनकी जिंदगी बड़े अच्छे तरीके से चल रही थी। मैंने शगुन को कहा मैं तुम्हारे लिए कुछ बना देती हूं तो शगुन कहने लगी कि हां तुम मेरे लिए कुछ बना दो मैंने शगुन के लिए खाना बना दिया मैंने सोचा कि मैं भी शगुन के साथ खाना खा लूंगी। शगुन और मैं दोनों साथ में लंच करने लगे क्योंकि मैं भी घर पर अकेली ही थी मेरे सास-ससुर अपने किसी परिचित के घर गए हुए थे मैंने शगुन को कहा लगता है अब बच्चों के आने का समय हो चुका है। 

शगुन कहने लगी कि वह लोग स्कूल से कितने बजे आते हैं मैंने शगुन को बताया कि वह लोग स्कूल से बस थोड़ी देर बाद आते ही होंगे। थोड़ी देर बाद बच्चे घर पर आ गए बच्चों के साथ मैं काफी ज्यादा परेशान हो जाया करती हूं शगुन भी कहने लगी कि मैं अब घर चलती हूं। शगुन भी अब घर चली गई और मैं घर पर ही थी मैंने बच्चों को खाना खिलाया और उसके बाद वह कुछ देर के लिए सो गए। 

शाम के 5:00 बजे दरवाजे की डोर बेल बजने लगी मैं भी हल्की नींद में थी और मैं जब उठ कर दरवाजे की तरफ गई और मैंने जैसे ही दरवाजा खोला तो मैंने देखा मेरे सास-ससुर आ चुके थे। वह मुझे कहने लगे कि बहु तुम क्या कर रही थी तो मैंने उन्हें कहा कुछ नहीं बस बच्चे स्कूल से आए थे उन्हें खाना खिलाकर सुलाया ही था।

वह लोग थके हारे आए और मैंने उन्हें पानी पिलाया मेरी सासू मां मुझे कहने लगी कि ममता बेटा तुम हमारे लिए चाय बना दो। मैंने उन लोगों के लिए चाय बनाई और उन्हें चाय देते हुए कहा आप लोग तो बहुत थक गए होंगे वह कहने लगे कि अब उम्र भी तो हो चुकी है थकान तो हो ही जाती है। 

बच्चे भी अब उठ चुके थे और बच्चे कहने लगे कि मम्मी हमें पार्क में जाना है। वह लोग खेलने के लिए पार्क में चले गए मेरे मना करने के बावजूद भी वह लोग बिल्कुल नहीं माने और खेलने के लिए चले गए। मुझे हमेशा बच्चों को पार्क में भेजने में डर लगता था कुछ दिनों पहले ही मेरी लड़की को हाथ पर चोट आ गई थी इसलिए मैंने उसे पार्क में जाने से मना किया था लेकिन वह लोग खेलने के लिए पार्क में चले ही गए। हर दिन एक समान ही रहता था और पता ही नहीं चला कि कब दिन बीत गया और रात भी हो चुकी थी।

मैं हमेशा की रोजमर्रा की जिंदगी से परेशान आ चुकी थी अपने लिए तो मेरे पास बिल्कुल समय नहीं होता था। एक दिन मुझे देविका भाभी मुझे मिली जब मुझे देविका भाभी मिली तो उन्होंने मुझे अपने घर पर बुला लिया और मुझे कहने लगी कि ममता तुम मुझे दिखाई नहीं देती हो। मैंने उन्हें कहा भाभी आप भी तो मुझे दिखाई नहीं देती हैं दीपिका भाभी मुझसे कहने लगी तुम्हें तो मेरे बारे में सब कुछ पता चल ही गया होगा। 

मैंने उन्हें कहा हां भाभी मुझे आपके बारे में पता चला था सुना था कि भाई साहब आपको छोड़ कर जा चुके हैं। उन्हें तो जैसे इस बात की कोई भी परवाह नहीं थी वह कहने लगी मुझे इस बात से कोई परवाह नहीं है उन्होंने कहा भाभी आप की पूरी जिंदगी पड़ी है। वह कहने लगी कोई बात नहीं लेकिन जब उन्होंने मुझे अपने बेडरूम को दिखाया तो मैं पूरी तरीके से चौंक गई। मैंने उन्हे कहा भाभी आप तो बहुत पहुंची हुई चीज निकली। 

उन्होंने मुझे अपने कमरे में एक से एक प्रकार के डिलडो दिखाएं वह सब देखकर मैं भाभी से कहने लगी क्या आप इन डिलडो से अपनी संतुष्टि कर लेती। वह मुझे कहने लगी नहीं मेरे और भी कुछ चाहने वाले हैं जिन को मैं घर पर बुलाती हूं। 

उनकी बात मुझे कुछ समझ नहीं आई लेकिन उन्होंने जब फोन कर के नौजवान लड़के को घर पर बुलाया तो उसकी कद काठी और उसकी चौड़ी छाती देख कर मैं अपने आप को भी ना रोक सकी और दीपिका भाभी ने मुझे कहा कि ममता तुम यह बात किसी को भी मत बताना। जब उस लड़के ने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला तो भाभी ने मुझे कहा कि जाओ तुम भी मजे कर लो। 

जब उन्होंने कहा तो मैंने उस लड़के के लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसे चूसने लगी मुझे उस नौजवान लड़के के लंड को चूसने में मजा आता। काफी देर तक में उसके लंड को चूसती रही और उसके बाद तो जैसे मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी। 

उस लड़के ने मेरे पैरो को खोल कर जैसे ही अपने लंड को मेरी चूत के अंदर घुसाया तो मैं उसे कसकर अपनी बाहों में पकड़ने लगी। वह भी मुझसे लिपटकर मुझे चोदने लगा जिस प्रकार से वह मुझे चोद रहा था मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था, कुछ देर बाद उसने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया।

वह मुझे तेज गति से धक्के मारने लगा मैं अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से तो परेशान हो चुकी थी लेकिन कुछ देर के लिए ही सही लेकिन मैं वह सब भूल चुकी थी मै सेक्स का आनंद ले रहा थी मुझे बड़ा अच्छा लगता। 
भाभी ने मुझे अपने चाहने वाले से चुदवाया (Bhabhi Ne Apne Chahne Wale Se Chudwaya)
भाभी ने मुझे अपने चाहने वाले से चुदवाया (Bhabhi Ne Apne Chahne Wale Se Chudwaya)
वह मुझे बड़ी तेजी से चोदता जा रहा था। कुछ देर के बाद मुझे देविका भाभी ने कहा कि तुम घोड़ी बन जाओ उसने मुझे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया वह मुझे धक्के मारता उसी बीच मेरी गांड के अंदर डिलडो घुसा दिया। उसका लंड मेरी चूत के अंदर था और डिलडो मेरी गांड के अंदर घुसा हुआ था। 

वह तेजी से धक्के मारे जा रहा था उसे मुझे चोदने में बड़ा मजा आता और ऐसा ही वह काफी देर तक करता रहा। मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी जब उस लड़के ने मेरी चूत के अंदर से लंड को निकाला तो मैने उसके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया उसका वीर्य पतन हो चुका था।

जब उसने मेरी गांड के अंदर लंड को घुसाया तो मेरी गांड से खून निकलने लगा वह तेजी से धक्के देने लगा था। उसने बहुत देर तक धक्के मारे जिस प्रकार से उसने मेरी गांड के मजे लिए मैं तो आसमान की सैर करने लगी। जो देविका भाभी ने उसके लंड को चूसा तो उन्हें बड़ा अच्छा लगने लगा वह काफी देर तक वह उसके लंड को चूसती रही फिर उसने देविका भाभी के बदन के कपड़े उतारकर उनके बदन को भी चाटना शुरू किया। 

जिस प्रकार से उसने देविका भाभी के साथ शारीरिक संबंध बनाए मुझे बड़ा अच्छा लगा क्योंकि मेरी भी इच्छा पूरी हो चुकी थी और देविका भाभी की भी इच्छा उस नौजवान युवक ने पूरी कर दी थी। उस दिन के बाद भाभी से मै मिला करती तो वह हमेशा किसी ना किसी को घर पर बुला लिया करती थी और कभी कभार मैं अपन चूत मे डिलडो को ले लेती मुझे भी मजा आता और उन्हें भी अच्छा लगता था।
भाभी ने मुझे अपने चाहने वाले से चुदवाया (Bhabhi Ne Apne Chahne Wale Se Chudwaya) भाभी ने मुझे अपने चाहने वाले से चुदवाया (Bhabhi Ne Apne Chahne Wale Se Chudwaya) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:39 PM Rating: 5

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