हम दोनों ने एक ही चूत का मजा लिया (Ham Dono Ne Ek He Choot Ka Maja Liya)

हम दोनों ने एक ही चूत का मजा लिया(Ham Dono Ne Ek He Choot Ka Maja Liya)

अपने दफ्तर पहुंचने के लिए देरी हो रही थी तो मैंने अपने मोटरसाइकिल को 60 के ऊपर दौड़ाना शुरू किया हालांकि यह नियमों का उलंघन था लेकिन मुझे ऑफिस भी समय पर पहुंचना था। उसी के चलते मैंने मोटरसाइकिल को तेजी से दौड़ाया तभी सामने एक तेज रफ्तार बस को आता देख मैं घबरा गया और अचानक से मैंने ब्रेक लगा दिया। 

मेरा दिमाग सिर्फ ऑफिस पहुंचने मैं ही लगा हुआ था और शायद उसी के चलते मेरी मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया और मैं बड़ी तेजी से फिसलता हुआ नीचे गिर पड़ा। मुझे काफी चोट आई और मेरी मोटरसाइकिल भी टूट चुकी थी फिर आसपास के लोगों ने मुझे खड़ा किया कुछ देर तक तो मैं कुछ समझ ही नहीं पाया कि आखिर हुआ क्या है। एक सज्जन व्यक्ति मुझे कहने लगे कि भाई साहब आप ठीक तो है ना मैंने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया मैं सिर्फ सुन रहा था लेकिन कोई जवाब नही दे सका।

उन्होंने जब मुझे पानी पिलाया तो मुझे अच्छा लगा मैंने उन्हें कहा अभी मैं कहां हूं तो उन्होंने मुझे उस जगह का नाम बताया और कहने लगे हम लोगों ने एंबुलेंस को बुला लिया है। मैंने कहा नहीं अब मैं ठीक हूं उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई लेकिन मेरी ही गलती थी जो मैं इतनी तेजी से मोटरसाइकिल दौड़ा रहा था मुझे अपने ऑफिस पहुंचने की जल्दी थी लेकिन मैं अपने ऑफिस जल्दी नहीं पहुंच पाया। 

मैं चोटिल हो गया था ऐसी स्थिति में मेरा ऑफिस जाना मुश्किल था मैंने अपने जेब से जब अपने फोन को बाहर निकाला तो मेरा फोन भी टूट चुका था। मैंने अपने ऑफिस में अपने सीनियर शुक्ला जी को कहा की साहब मेरा एक्सीडेंट हो चुका है और मैं आज नहीं आ पाऊंगा तो उन्होंने कहा कि आपका एक्सीडेंट कैसे हुआ। 

वह भी बहुत घबरा रहे थे मैंने उन्हें सारी बात बताई की आगे से गाड़ी आ रही थी और अचानक से मैंने ब्रेक लगाया था तभी गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और मैं नीचे गिर पड़ा, वह कहने लगे कोई बात नहीं आप अपना इलाज करवा लीजिए। मैंने अपनी मोटरसाइकिल को उठाया तो मेरी मोटरसाइकिल भी टूट चुकी थी थोड़ी मशक्कत के बाद मेरी मोटरसाइकिल स्टार्ट हो गई और मैं वहां से अपने घर के पास एक अस्पताल है वहां पर गया।

मैं जब वहां पर पहुंचा तो मैंने वहां पर मरहम पट्टी करवाई और अपने घर चला गया मैं जब अपने घर पहुंचा तो मेरी पत्नी मुझे देखते ही गुस्से में लाल हो गई और कहने लगी यह आप ने क्या करवा लिया। मैंने उससे कहा अभी तुम मुझसे कुछ बात मत करो फिलहाल मैं अंदर अपने शयनकक्ष में आराम करने के लिए जा रहा हूं। मैं अपने शयनकक्ष में आराम करने के लिए चला गया जब मैं अपने कमरे में गया तो दवाइयों का मुझ पर असर होने लगा और मुझे बड़ी गहरी नींद आ गई। 

मैं सो चुका था उसके बाद मेरी पत्नी ने मुझे बुलाया और कहने लगी मैं आपके लिए कुछ बना देती हूं मैंने उसे मना करते हुए कहा मेरा बिल्कुल भी मन नहीं है फिलहाल तो मैं कुछ नहीं खाऊंगा। मैं आराम से लेट गया मैंने ऑफिस से एक हफ्ते की छुट्टी ले ली थी और एक हफ्ते बाद जब थोड़ा बहुत मैं ठीक होने लगा तो मैं अपने ऑफिस गया। जब मैं अपने ऑफिस गया तो मेरे ऑफिस में सब लोग मुझसे पूछने लगे कि आखिर उस दिन क्या हो गया था। 

मैंने उन्हें सारी बात बताई और कहा कि ऑफिस आने की जल्दी में मेरा एक्सीडेंट हो गया। जब हमारे ऑफिस के बॉस ने मुझे अपने केबिन में बुलाया तो मैं इस बात से निश्चिंत था कि बॉस मुझे कुछ नहीं कहेंगे इसलिए मैं पूरी तरीके से निश्चिंत था। मैं जब अपने बॉस के कैबिन में बैठा था तो वह मुझसे पूछने लगे कि आप का एक्सीडेंट कैसे हुआ मैंने उन्हें सारी बात बताई और उनकी सहानुभूति पाकर मैं खुश था। 

वैसे तो हमारे बॉस के चेहरे पर कभी मुस्कुराहट या गंभीरता नहीं होती लेकिन उस दिन वह मुझे देखकर कहने लगे आप अपना ध्यान रखिएगा। जब मैं अपने बॉस के केबिन से बाहर आया तो वह मेरे साथ ही बैठकर लंच करने लगे क्योंकि लंच टाइम हो चुका था। उस दिन जब मैं घर पहुंचा तो मेरी पत्नी कहने लगी मैंने आपसे सब्जी मंगवाई थी आप सब्जी नहीं लाये मैंने अपनी पत्नी से कहा मेरे दिमाग से यह बात नहीं उतर गई मैंने उसे कहा चलो मैं अभी ले आता हूं।

वह मुझे कहने लगी चलो मैं भी आपके साथ चलती हूं और हम दोनों सब्जी लेने के लिए चले गए जब हम लोग सब्जी लेने के लिए गए तो वहां पर मेरी पत्नी की जान पहचान की दो चार महिलाएं मिल गई और वह उनके साथ ही बात करने में मशगूल हो गई। वह लोग अपनी बातों में इतना खो गए कि मैंने अपनी पत्नी को कहा कि चलो जल्दी से सब्जी ले लेते हैं तो वह कहने लगी ठीक है और तब जाकर वह मेरे साथ सब्जी लेने के लिए आई। 


हम लोगों ने सब्जी ले ली थी और उसके बाद हम लोग वहां से घर चले आए। मैं अपने ऑफिस का काम घर पर कर रहा था तभी मेरे फोन की घंटी बड़ी तेजी से बजने लगी मैंने फोन की तरफ देखा तो उसमें मेरे दोस्त विजय का कॉल आ रहा था विजय मुझे कहने लगा कुंदन तुम कहां पर हो। मैंने उससे कहा मैं तो आगरा में ही हूं वह कहने लगा यार मैं भी तो आगरा आया हूं मैंने विजय से कहा तुम कब आगरा आये वह कहने लगा मैं बस अभी कुछ देर पहले ही आगरा पहुंचा तो सोचा तुम्हें फोन कर लूं। 

मैंने विजय से कहा तो फिर तुम घर पर क्यों नहीं आए वह मुझे कहने लगा मैं सोच तो रहा था कि मैं घर पर आ जाऊं लेकिन मैं अपने ऑफिस के कुछ काम के सिलसिले में आया हुआ था तो मुझे ऑफिस वालों ने हीं होटल में रूम बुक कर के दिया हुआ था इसलिए मुझे होटल में ही रुकना पड़ा। मैंने विजय से कहा चलो कोई बात नहीं मैं अभी तुमसे मिलने के लिए आता हूं मैंने अपनी पत्नी से कहा मैं विजय को मिलने के लिए जा रहा हूं।

मेरी पत्नी कहने लगी आप कब तक आएंगे मैंने उसे कहा मुझे आने में देर हो जाएगी तुम लोग खाना खा लेना मेरी पत्नी कहने लगी ठीक है हम लोग खाना खा लेंगे लेकिन आप कोशिश करना कि आप जल्दी आ जाए। मैंने अपनी पत्नी से कहा ठीक है मैं कोशिश करूंगा की मैं जल्दी आ जाऊं उसके बाद मैं विजय के पास चला गया। 

विजय जिस होटल में रुका हुआ था मैं वहां पर पहुंच गया विजय मुझसे मिलकर खुश हो गया विजय काफी समय बाद आगरा आया था विजय अब दिल्ली अपने परिवार के साथ रहता है। हम लोग बचपन में साथ में स्कूल पढ़ा करते थे तब विजय का परिवार आगरा में ही किराए के मकान में रहा करता था लेकिन अब वह लोग दिल्ली में ही बस चुके हैं। विजय और मैं आपस में बात करने लगे तो मैंने उससे कहा कि कुछ दिन पहले मेरा एक्सीडेंट भी हुआ था वह मुझे कहने लगा कैसे में। 

फिर मैंने उसे सारी बात बताई तो वह मुझे कहने लगा तुम आराम से मोटरसाइकिल चलाया करो। मैं और विजय साथ में बैठे हुए थे तभी विजय मुझसे कहने लगा यार तुम्हारे शहर में आया हूं, क्या हम लोग रूम में ही बैठे रहेंगे। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी बात नहीं समझा तो वह कहने लगा मैं तुमसे यह कह रहा हूं क्या कोई पटाखा आइटम नहीं है जो आज रात को हमारा मन बेहला सके। मैंने विजय से कहा देखो विजय मुझे तो घर जाना पड़ेगा लेकिन मैं तुम्हारे लिए बंदोबस्त करवा देता हूं। 

मैंने विजय के लिए पटाखा आइटम तो मंगा लिया लेकिन उसे देखकर मेरा मन उसे चोदने का होने लगा, हम दोनों ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएं। मैंने जब उस लड़की से उसका नाम पूछा तो वह कहने लगी मेरा नाम कविता है मैं आगरा की रहने वाली हूं। मैंने उसे कहा मैंने तुम्हें कभी यहां देखा नहीं है वह कहने लगी मैं घर में ही रहती हूं घर से बहुत कम निकलती हूं। मैंने उसे कहा आज तुम हमें खुश कर दो।
हम दोनों ने एक ही चूत का मजा लिया (Ham Dono Ne Ek He Choot Ka Maja Liya)
हम दोनों ने एक ही चूत का मजा लिया (Ham Dono Ne Ek He Choot Ka Maja Liya)
वह कहने लगी आप उसकी चिंता मत कीजिए बस आप मुझे बख्शीश के तौर पर कुछ पैसे दे दीजिएगा। मैंने उसे कहा हम तुम्हें पूरे पैसे देंगे जब वह हमारे साथ बैठी हुई थी तो एक तरफ से विजय उसके स्तनों को दबाता और एक तरफ से मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेने लगा। 

उसने हम दोनों के लंड को बारी-बारी से चूसा हम दोनों ही उत्तेजित हो गए तो वह कहने लगी आप दोनों बारी बारी से मेरे साथ सेक्स का आनंद ले लीजिए। वह हमारी खुशी का पूरा ध्यान रख रही थी पहले विजय ने अपनी इच्छा पूरी करने की बात कही तो मैंने विजय से कहा तुम ही अपनी इच्छा पूरी कर लो। 

अब वह दोनों नग्न अवस्था में होकर एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का आनंद ले रहे थे कविता के मुंह से जो मादक आवाज निकलती उससे तो मेरे अंदर गर्मी बढ़ने लगी थी। मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा था लेकिन विजय ने उसकी चूत का भोसड़ा बना दिया था जब वह मेरे पास आई तो पहले उसने मेरे लंड को बहुत देर तक अपने मुंह में लिया और बड़े अच्छे से चूसा। कविता ने मेरे लंड का रसपान किया लेकिन जैसे ही मैंने अपने लंड को कविता की योनि के अंदर डाला तो मुझे एहसास हुआ कि उसकी योनि बड़ी टाइट है।

उसकी उम्र कुछ ज्यादा नहीं थी लेकिन मुझे उसे धक्के देने में बड़ा आनंद आ रहा था मैं उसकी योनि के अंदर बाहर लंड को किए जाता जिससे कि हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगे थे। वह अपने मुंह से मादक आवाज ले रही थी मैंने उसे कहा तुम मेरे ऊपर से आ जाओ तो वह मेरे ऊपर से आ गई और जिस पर से मैं उसे धक्के दे रहा था उससे उसकी चूत और भी ज्यादा चिकनी हो रही थी। 

वह भी अपनी चूतडो को मेरे लंड के ऊपर नीचे करती जिससे कि मेरे अंदर और भी ज्यादा गर्मी बढती जा रही थी। मेरे अंदर की गर्मी में अब बढोतरी हो गई थी और उसे शायद मैं भी नहीं झेल पा रहा था। मैंने कविता से कहा मेरा वीर्य गिरने वाला है तो वह कहने लगी कोई बात नहीं आप उसे मेरे मुंह के अंदर गिरा दीजिए। मैंने अपने वीर्य को कविता के मुंह के अंदर गिरा दिया उसने वह सब अपने अंदर ही निगल लिया। कविता विजय के साथ ही रुकने वाली थी, मैंने विजय से कहा मैं अपने घर चलता हूं और मैं अपने घर चला आया।
हम दोनों ने एक ही चूत का मजा लिया (Ham Dono Ne Ek He Choot Ka Maja Liya) हम दोनों ने एक ही चूत का मजा लिया (Ham Dono Ne Ek He Choot Ka Maja Liya) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:23 PM Rating: 5

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