एक रात पति के बिना (Ek Raat Pati Ke Bina)

एक रात पति के बिना
(Ek Raat Pati Ke Bina)

दोस्तो, मैं अंजलि शर्मा एक फिर से वापस आई हूँ अपनी आगे की कहानी लेकर. आप लोगों ने मेरी कहानियों पर कमेंट करके मुझे ढेर सार प्यार दिया इसके लिए आप सभी पाठकों का बहुत-बहुत धन्यवाद. आपने मेरी पहली कहानी
में पढ़ा था कि कैसे मैंने अपने पति की मौत के बाद अपने आप को संभाला और किस तरह उसके बाद मैंने अपने बेटे रोहन के साथ सेक्स का मजा लिया. उसके साथ शादी की और उसे अपना पति बनाया. शादी करके उसके साथ सुहागरात मनायी.

मेरे पति रोहन ने मुझे खूब प्यार दिया और उन्होंने मेरी चूत को चोद-चोद कर भी बहुत मजा दिया है. इस कहानी को शुरू करने से पहले मैं आप लोगों एक बार फिर से अपने बारे में संक्षिप्त परिचय देना चाहूंगी. मेरी उम्र 37 साल है, लेकिन कोई भी मुझे देख कर यह नहीं कह सकता है कि मैं इतनी उम्र की लगती होंगी. इसका कारण है कि मैं अपनी फिटनेस पर बहुत ध्यान देती हूँ. मेरा फीगर भी बहुत सेक्सी है जिसका माप 36-28-38 है.

मैं ज्यादातर जीन्स, टॉप, स्कर्ट, मिनी, मिडी पहनती हूँ. उरोजों पर मेरे कपड़ों का डीप कट होता है ताकि मेरे चूचों की दरार ऊपर से दिखती रहे. मुझे ऐसे सेक्सी कपड़े पहनना बहुत अच्छा लगता है. मैं घर पर अधिकतर नंगी ही रहती हूँ या फिर ब्रा और पैंटी में रहती हूँ. मैंने अब तक लगभग 20-30 लोगों के साथ चुदाई का जबरदस्त मजा लिया है. इसके अलावा भी मैंने कई और लोगों को मौका दिया.

अब मैं अपनी आज की कहानी पर आती हूँ. यह घटना लगभग एक महीने पहले की है. एक दिन मेरे पति रोहन शाम को तैयार होकर कहीं बाहर जा रहे थे.
मैंने उनसे पूछ लिया- आप कहाँ जा रहे हो?
रोहन ने मुझे बताया कि वह अपने फ्रेंड्स के साथ घर जा रहा है. उसने कहा कि उसके दोस्त ने उसको अपने घर बुलाया है और रोहन के अलावा उसने एक और दोस्त को भी बुलाया है.
आज वो तीनों मिल कर अपने दोस्त की बीवी की चुदाई करेंगे!
मैंने कहा- ठीक है, तुम मजा करो.

मैंने रोहन को रोका नहीं क्योंकि मैं भी कई बार होटल में मर्दों को बुलाकर चुदाई का मजा ले चुकी हूँ. जब तक रोहन गया उस वक्त तक घर के नौकर भी जा चुके थे. मैं उस वक्त घर पर अकेली थी. हमारा टीवी लिविंग रूम में रखा हुआ है और मैं वहाँ पर बैठ कर टीवी देख रही थी कि अचानक मेरे दिमाग में एक आइडिया आया.
मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी एक कॉल ब्वॉय को बुला लूँ और आज रात चुदाई के मजे लूं?

यही सोचकर मैंने एक जिगोलो को फोन कर दिया और उसे रात को 11 बजे के लगभग आने का टाइम दे दिया. मुझे पता था कि रात को चुदाई करवाने के बाद मुझे बॉडी मसाज की भी जरूरत पड़ेगी. इसलिए मैंने मसाज वाले को भी सुबह आने के लिए बोल दिया. मसाज करने वाला सुबह 10 बजे आने वाला था.

पूरी प्लानिंग करके मैं अपने बेडरूम में गयी और बाथरूम में जाकर शावर लेने लगी. शावर लेने के बाद मैंने अलमारी से एक गुलाबी रंग की ब्रा और पैंटी निकाली. वैसे तो मेरा साइज 36 का है लेकिन मैं 32 के साइज की ब्रा पहनती हूँ क्योंकि टाइट ब्रा में से चूचे बाहर निकलने को हुए रहते हैं जिनको देखकर मुझे बहुत मजा आता है. इन्हीं चूचों को बाहर दिखा कर मैं मर्दों को अपनी तरफ आकर्षित करती हूँ. मुझे ऐसा करने में बहुत मजा आता है.

मेरी पैंटी का साइज 38 है लेकिन मैं 34 के साइज की पैंटी पहनती हूँ. ब्रा और पैंटी पहनने के बाद मैंने एक गुलाबी रंग की ही पारदर्शी नाइटी भी पहन ली. उसमें से मेरी बॉडी साफ-साफ दिखाई दे रही थी. मैं नाइटी और शॉर्ट्स में थी. शॉर्ट्स मेरी जांघों तक आ रही थी.

मैंने तैयार होकर डिनर किया और कुछ ही देर के बाद मेरे घर के दरवाजे की बेल बजी.
मैंने सोचा कि वह कॉल ब्वॉय आ गया होगा. एक गाउन उठाकर मैंने अपनी नाइटी के ऊपर पहन लिया और फिर दरवाजा खोलने के लिए चल पड़ी. नीचे जाकर मैंने दरवाजा खोला और उस लड़के ने मुझे देख कर हैल्लो कहा.

मैंने देखा कि वो 28 साल के लगभग की उम्र का लड़का था. उसकी बॉडी काफी भरी हुई थी. जैसी उसने मुझे फोन में फोटो दिखाई थी उससे ज्यादा ही आकर्षक लग रहा था उसका शरीर. उसकी छाती बिल्कुल ऊपर उठ कर तनी हुई थी. उसके बाजू भी बहुत मजबूत थे और उसके बाइसेप्स का आकार भी काफी सुडौल था जिसमें कट पड़े हुए थे.

उसको देख कर मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गई. मेरा बेटा … नहीं माफ कीजिए, मेरा पति … मेरे पति रोहन से भी ज्यादा हैंडसम लग रहा था वो देखने में.

मैंने उसे अंदर आने के लिए कहा. अंदर आने के बाद मैं मेन डोर बंद कर दिया और उसके बाद उसको अपने बेडरूम में ले गयी. बेडरूम में जाते ही मैंने दरवाजा बंद कर दिया और उसने मेरी तरफ बढ़ते हुए कहा- चलिए मैडम, अब शुरू करते हैं.
मैंने कहा- रुको, मैं अभी आती हूँ.
कहकर मैं बाथरूम में चली गई और अंदर जाकर मैंने गाउन निकाल दिया और गाउन निकालते ही मैं उसके ऊपर पहनी नाइटी में आ गई.

मेरी नाइटी के अंदर ही मेरी ब्रा साफ-साफ दिखाई दे रही थी. मैंने शार्ट्स को भी वहीं पर निकाल दिया और केवल ब्रा और पैंटी बदन पर छोड़ दी. उसके बाद मैंने ऊपर से अपनी अपनी पारदर्शी नाइटी अपने बदन पर छोड़ दी.

नाइटी पहन कर मैं बाथरूम से बाहर निकली और मेरे बाहर निकलते ही उसने मेरी तरफ देखा. जब उसने मेरी तरफ देखा तो उसका मुंह जैसे खुला का खुला रह गया.
मैंने पूछा- क्या देख रहे हो?
उसने कुछ जवाब नहीं दिया और बस हवस भरी नजरों से मेरी तरफ देखता रहा. उसने अपनी पैंट के ऊपर से ही अपने लंड को एक बार सहला दिया. मैं समझ गई कि वो मेरी मस्त फूली हुई चूत को चोदने के लिए बेताब हो उठा है.

मैं धीरे-धीरे चल कर उसके पास गई और बेड पर जा कर उसके ऊपर बैठ गई.

मेरे ऊपर बैठते ही उसका लंड उसकी पैंट में तन गया. वो उठ कर मुझे किस करने लगा और मैं भी किसिंग में उसका भरपूर साथ देने लगी. दस मिनट तक हम दोनों एक दूसरे के होठों को चूसते रहे और दोनों ही हवस से भर कर गर्म हो गये. फिर उसने मुझे बेड पर पटक दिया और मेरी नाइटी के बटन खोलने लगा. वो मुझे नंगी कर देना चाहता था. मेरी नाइटी को निकालने के बाद उसने मेरी बॉडी को यहां-वहां किस करना चालू कर दिया. मेरी सांसें तेज होने लगीं. वो मुझे पागलों की तरह किस किये जा रहा था.

कुछ देर के बाद मैंने उसको नीचे कर दिया और उसे बेड पर पीठ के बल लेटा दिया. उसका लौड़ा उसकी पैंट में तना हुआ था और बार-बार मुझे उछलता हुआ दिखाई दे रहा था. मैंने उसके लंड को पैंट के ऊपर से ही किस कर दिया और फिर उसकी शर्ट के बटन खोलने लगी. मैंने उसकी छाती को नंगी कर दिया और फिर मेरे हाथ उसकी पैंट के हुक की तरफ बढ़े. उसकी छाती बहुत ही मस्त थी. उसके निप्पल गहरे भूरे रंग के थे और बिल्कुल उठे हुए थे. मैं उनको मुंह में लेकर चूसना चाहती थी. मगर अभी पहले मैं उसको टांगों पर से नंगा कर देना चाहती थी. मैं देखना चाहती थी कि यह माल नीचे से कैसा है?

मेरा मन कर रहा था कि मैं उसको पहले नीचे से नंगा देख लूँ एक बार. मैंने उसकी पैंट को खोल दिया और फिर उसने मेरी मदद करते हुए अपनी पैंट को अपनी मोटी-मोटी टांगों में से निकाल दिया. पैंट निकालते हुए उसकी फ्रेंची में तना हुआ लौड़ा मुझे दिखाई दिया जो काफी बड़ा लग रहा था और उसने उसके अंडरवियर को गीला करना शुरू कर दिया था. उसके लंड को देख कर मेरे मुंह में पानी आने लगा. वो भी देख रहा था कि मैं उसके लंड को देख कर खुश हो रही हूँ.

उसके बाद मैंने उसके पेट पर बैठ कर उसके होंठों को चूसना शुरू कर दिया. हम दोनों की लार एक दूसरे के मुंह में जा रही थी. वो मेरे चूतड़ों को पीछे से अपने हाथों से दबा रहा था. उसका लंड मेरी गांड पर आकर लग रहा था. मैंने अपनी गांड को ऊपर उठा लिया था ताकि उसका लंड मेरी गांड के छेद को पैंटी के ऊपर से छू सके.

फिर मैंने उसकी छाती के बीच में तने हुए उसके गहरे भूरे रंग के निप्पलों को बारी-बारी से चूसना शुरू कर दिया.

कुछ देर तक चुसवाने के बाद उसने मुझे दोबारा से नीचे पटक दिया और मेरी ब्रा को खोल कर मेरे चूचों को आजाद कर दिया और उन पर टूट पड़ा. वो मेरे चूचों के निप्पलों को मुंह में भर कर चूसने और काटने लगा. मैं पागल सी होने लगी और मेरे मुंह से आह्ह … आह्ह … की सिसकारियाँ निकल रही थीं.

वह मेरे ऊपर लेटा हुआ था. मैंने अपने दोनों हाथों से उसके अंडरवियर को पकड़ कर नीचे खींच दिया और उसने अपने चूतड़ उठाते हुए मेरी मदद की और वो नीचे से नंगा हो गया. मैंने उसके लंड को देखा तो मेरी आंखों में खुशी की चमक सी आ गई. बहुत ही तगड़ा लंड था उसका. वह अपने लंड को मेरे मुंह के पास लेकर आ गया और मेरे होंठों के करीब लाकर उसको उछालने लगा. उसका लंड बिल्कुल साफ था.

मेरे मुंह में तो पहले से ही पानी आ रहा था इसलिए मैंने उसके लंड को अपने मुख में भर लिया और उसको पूरे मजे के साथ चूसने लगी. उसका लंड नमकीन सा पदार्थ छोड़ रहा था जिसका स्वाद मेरे मुंह में मुझे महसूस हो रहा था. बहुत मजा आ रहा था उसके लंड को चूसते हुए. उसके मुंह से भी कामुक सिसकारियाँ निकल रही थीं और पूरा माहौल कामुकता से भर गया था.

15 मिनट तक अपने लंड को चुसवाने के बाद उसने अपने लंड को मेरे मुंह से बाहर निकाल दिया और नीचे मेरी पैंटी की तरफ बढ़ गया. उसने मेरी पैंटी को निकाल दिया और मेरी चूत को नीचे नंगी कर दिया. उसके बाद उसने मेरी चूत पर हल्की सी किस दी.
उसके होंठ लगते ही मेरे मुंह से सिसकारी निकालते हुए मैंने आह्ह … की आवाज की.

वो मेरी चूत को चूसने और चाटने लगा. मैं बहुत ही ज्यादा गर्म हो गई. कुछ ही देर में मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया जिसको वह लड़का पूरा का पूरा पी गया. उसने मेरी चूत को चाट-चाट कर साफ कर दिया.
एक रात पति के बिना (Ek Raat Pati Ke Bina)
एक रात पति के बिना (Ek Raat Pati Ke Bina)
उसके बाद वह मेरी जगह आकर लेट गया और अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगा. हमारा पहला राउंड शुरू होने वाला था. उसने अपने हाथ में पकड़ कर अपने लंड को सीधा खड़ा कर लिया. मैंने अपने चूतड़ों को चौड़ा किया और उसके पेट पर दोनों तरफ पैर करते हुए बैठ गयी. उसका लंड मेरी चूत में जाने लगा और मुझे आनन्द आ गया. धीरे-धीरे उसका मोटा और बड़ा लंड मेरी चूत में उतरने लगा. जैसे-जैसे उसका लंड चूत में जगह बनाता हुआ अंदर जा रहा मेरे अंदर जैसे काम की देवी जागने लगी थी. बहुत दिनों के बाद किसी लंड ने मेरी चूत में ऐसा अहसास करवाया था.

लंड को चूत में समाने के बाद मैं उस पर उछलने लगी और उसके लंड से चुदाई का मजा लेने लगी. उसका लंड बहुत मोटा था. लम्बाई भी 8 इंच के करीब थी. उसका लंड पूरा का पूरा मेरी चूत में फंसा हुआ था जो अंदर तक जाकर मेरे पेट से लग रहा था. उसके लंड पर उछलते हुए मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और मेरे मुंह से आनंद की आवाजें निकलने लगीं. आह्ह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह … उफ्फ … आआ … करते हुए मैं उसके लंड से चुद रही थी.

वह भी नीचे से अपनी गांड को उठा कर जोर लगा रहा था जिससे उसका लंड मेरी चूत को फाड़ने लगा. आह्ह … बहुत मजा आ रहा था. हमारा यह राउंड लगभग 40 मिनट तक चला और फिर अचानक वो मेरी चूत में झड़ने लगा. उसने मेरी चूत के अंदर ही अपना वीर्य निकाल दिया.

उसका लंड पूरा का पूरा भीग गया था. जब उसने लंड को बाहर निकाला तो वह बिल्कुल चिकना हो गया था. मैंने उसके सिकुड़ते हुए लंड को दोबारा से अपने मुंह में भर लिया और मुंह में लेकर चूसने लगी. उसके लंड पर लगे वीर्य का स्वाद बहुत अच्छा लग रहा था. मैं मजे से उसके अध-सोए हुए लंड को मुंह में भर कर चूस रही थी.

लगभग पंद्रह मिनट के बाद उसका लंड फिर से खड़ा होना शुरू हो गया. अब मैंने जोर-जोर से उसके लंड को चूसना शुरू कर दिया. उसका लंड तन कर बहुत टाइट हो गया. फिर उसने मुझे नीचे लेटा दिया और मेरी चूत में उंगली करने लगा. मेरी चूत में अपनी तीन उंगली डालकर वह मेरी चूत को चोदने लगा. कुछ ही देर में मैं बहुत ज्यादा गर्म हो गई और मैंने उसको पकड़ कर अपने ऊपर खींचने की कोशिश की. फिर उसने अपने लंड को मेरी चूत पर सेट कर दिया और एक धक्के में ही पूरा लंड फच्च करके मेरी चूत में उतार दिया.

वह तेजी के साथ मेरी चूत को चोदने लगा और मेरे मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगीं. वह भी आवाजें करता हुआ मेरी चूत को स्पीड में चोदने लगा. अब मुझे हल्का-हल्का दर्द होने लगा था क्योंकि उसका लंड बहुत ही मोटा था और उसकी स्पीड बहुत ही तेज थी. दूसरे राउंड में पचास मिनट तक उसने मेरी जबरदस्त चुदाई की और फिर हम दोनों साथ में ही झड़ गए.

अबकी बार मेरी हालत पतली हो गई और मैं बुरी तरह से थक गई. कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही नंगे पड़े रहे.

उसके बाद उसने कहा- मैडम, अगर आपको और भी चुदाई करवानी है तो आपको उसके लिए एक्सट्रा चार्ज देना होगा.

वैसे तो मैं चुदाई करवा कर थक गई थी लेकिन मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं थी. उसके लंड से चुदने का मैं और मजा लेना चाहती थी. मैंने कहा- ठीक है तुम्हें जितने पैसे चाहिएं उतने मिल जाएंगे.

वह मेरी तरफ देख कर मुस्कराने लगा. उसे पता था कि मुझे उसके लंड से चुदने में मजा आ रहा है इसलिए मैं झट से उसकी बात मान गयी. बहुत दिनों के बाद मेरी चूत को ऐसा दमदार लंड मिला था. मैं उसका पूरा मजा लेना चाहती थी. वह भी मेरी मोटी चूचियों से खेलते हुए भोसड़ा बन चुकी मेरी चूत को रौंदना चाह रहा था.

उसके बाद तीसरे राउंड के लिए मैंने उसके लंड को चूस कर तैयार कर दिया. अबकी बार उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरे कूल्हों को पकड़ कर मेरी चूत में धक्कम-पेल शुरू कर दी. शायद उसने भी कोई टेबलेट खाई थी. इतना जोश मैंने बहुत कम मर्दों में देखा था. वह अपने मूसल जैसे लंड से मेरी चूत की चटनी बना रहा था और मैं दर्द में भी तृप्ति का अहसास कर रही थी.

उसके बाद वह बेड से नीचे उतर गया और सामने पड़ी कुर्सी पर जाकर बैठ गया. मैं भी जाकर उसके लंड पर बैठ गयी और उछलने लगी. कुर्सी पर बैठकर उसके लंड से चुदने में और भी ज्यादा मजा आने लगा.

बीस मिनट के बाद ही मैं तीसरी बार झड़ गई मगर वो अभी भी नहीं रुका और मेरी चूत में नीचे से धक्के देता रहा. मेरी सांसें बुरी तरह से फूल चुकी थीं.

लगभग दस मिनट ऐसे ही कुर्सी पर मेरी चुदाई करने के बाद उसने मुझे नीचे फर्श पर बैठा दिया और अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया. उसने मेरे बालों को पकड़ लिया और जोर-जोर से मेरे मुंह को चोदने लगा.

वह मुझे जैसे रंडी समझ कर मेरे मुंह में धक्के लगा रहा था और मेरा दम घुटने लगा था. फिर कुछ ही धक्कों के बाद उसने अपने लंड को मेरे मुंह में पूरा अंदर तक घुसा कर तीसरी बार अपना वीर्य मेरे मुंह में छोड़ दिया. मैंने उसका सारा पानी पी लिया. तीन बार की चुदाई के बाद मैं बुरी तरह से थक गई थी.

उसके पैसे देने के बाद मैंने उसको वापस जाने के लिए कह दिया. मैं वहीं बेड पर नंगी पड़ी हुई सो गई. जब सुबह उठी तो मेरा सारा बदन टूट रहा था. सुबह के दस बज चुके थे. मैं जानती थी कि अब मसाज करने वाला लड़का भी आने ही वाला होगा.

मैंने जल्दी से उठ कर एक लाल रंग की ब्रा और पैंटी पहनी और उसके ऊपर से लाल रंग की ही नाइटी डाल ली. कुछ ही देर में दरवाजे की घंटी बजी तो मैं समझ गयी कि मसाज वाला आ गया है. मैंने दरवाजा खोला और उसको अंदर ले आई.

उसने पूछा- कौन सी मसाज लेनी है.
तो मैंने उसको फुल बॉडी मसाज करने के लिए कह दिया.

मैं जाकर बेड पर लेट गई.
वह बोला- मैडम, आपको ये कपड़े निकालने पड़ेंगे. वरना ये ऑयल के कारण खराब हो जायेंगे.
मैंने कहा- ठीक है, निकाल दो.

उसने मेरे गाउन की लेस खोल दी. मैं अब केवल ब्रा और पैंटी में रह गई थी. उसने मुझे पेट के बल लेटने के लिए कहा तो मैं घूम कर लेट गई. उसके बाद उसने मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया ओर मेरी ब्रा भी उतार दी. फिर उसने मेरी पैंटी को भी पकड़ कर खींच दिया और पैंटी भी निकाल दी. मेरी गांड नंगी होने के बाद अब मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी थी.

उसने अपने हाथों में ऑयल लिया और मसाज शुरू कर दी. पहले उसने मेरे कंधों को मसाज देना शुरू किया. मुझे बहुत रिलैक्स फील हो रहा था. फिर वो नीचे आ गया और मेरी पीठ पर तेल डाल कर मसाज देने लगा. 10 मिनट तक मालिश करने के बाद वो मेरे हिप्स पर आ गया. वो मेरे चूतड़ों को मसाज़ देने लगा!

अब मुझे बहुत मजा आ रहा था और मेरी बॉडी भी गर्म हो रही थी. कुछ देर तक कूल्हों पर मसाज देने के बाद वो मेरी जांघों की तरफ नीचे आ गया. रात की चुदाई से मेरी बॉडी में जो अकड़न आ गई थी अब वो रिलैक्स होने लगी थी.

अब उसने मुझे सीधा कर दिया. मेरी नंगी चूत ठीक उसके सामने थी. अब वो मेरे पांव को आगे से मसाज देने लगा. फिर मेरी जांघों पर आ गया और मेरी जांघों की मालिश करने लगा. 10 मिनट के बाद वो मेरे कंधों की तरफ वापस आ गया और मुझे फिर से मजा सा आने लगा.

उसके बाद उसने ऑयल की बोतल ली और तेल को मेरे दोनों बूब्स पर डाल दिया. जैसे ही उसने मेरे बूब्स पर अपने दोनों हाथ रखे तो मेरी आह … निकल गयी. मेरे चूचों की मालिश करते हुए वो मेरे बूब्स को दबाने लगा. मैं आहें भर रही थी. मेरे मुँह से कामुक सी आवाजें निकलने लगी थीं. उसके कड़क हाथों की मालिश से मेरे दोनों बूब्स को मजा आने लगा था. मैं चाह रही थी कि वो मेरे बूब्स को जोर जोर से दबाए. उसके हाथों का स्पर्श मुझे बहुत उत्तेजित कर रहा था. मेरे बूब्स की दोनों निप्पल टाइट हो गयी थी और मेरे बूब्स भी लाल हो गए थे. मैं आह आह … आह … की आवाजें निकाल रही थी.

फिर कुछ देर बाद के वो मेरे पेट की तरफ आ गया. उसने मेरे पेट की हल्के हाथों से मालिश की. ऐसा करते हुए वो अब वो और नीचे आ गया. उसने जैसे ही अपना हाथ मेरी चूत पर रखा मुझे तो जन्नत का सा अहसास हुआ.

मालिश करने वाला भी जान गया था कि मैं उत्तेजित हो रही हूँ. मैं हल्की हल्की सिसकारियाँ ले रही थी. तभी अचानक से उसने अपनी दो उंगलियाँ मेरी चूत में अंदर डाल दीं. अंदर डालने के तुरंत बाद ही वो उनको आगे पीछे करते हुए मेरी चूत में अंदर और बाहर चलाने लगा. रात की चुदाई के बाद मेरी चूत दर्द कर रही थी मगर उसकी उंगलियों की मसाज से मेरी दुखती हुई चूत का दर्द कम होने लगा.

उसने मेरी चूत की 15-20 मिनट तक बहुत मजेदार मालिश की और उस बीच में मैं एक बार झड़ भी गयी थी. लगभग डेढ़ घंटे की मसाज लेने के बाद मेरी बॉडी एकदम से रिलैक्स हो गई थी.

मेरा मन तो कर रहा था कि उसके लंड को हाथ में पकड़ लूं लेकिन अगर मैं ऐसा करती तो वह मेरी चुदाई कर देता. कल रात की चुदाई के बाद मेरी चूत फिलहाल के लिए तृप्त हो गई थी. इसलिए मैं उसको चुदाई का मौका नहीं देना चाहती थी. मालिश करवाने के बाद मैंने उसको पैसे दिये और वापस भेज दिया.

मेरी पूरी बॉडी पर तेल लगा हुआ था जिसके कारण मेरी काया शीशे की तरह चमकने लगी थी. मेरे मोटे-मोटे बूब्स लश्कारे मार रहे थे. जब मैंने खुद को आइने में देखा तो मन किया अपनी ही चूत में उंगली कर लूँ. मगर जब मेरे आस-पास इतने सारे लंड मौजूद थे तो मुझे उंगली से मेहनत करने की क्या जरूरत थी भला?

मालिश करवाने के बाद मैंने सोचा कि क्यों न कुछ देर पूल में जाकर स्वीमिंग ही कर ली जाए! मैं उसी लाल ब्रा और पैंटी को पहन कर स्वीमिंग पूल में चली गई.

मैं पूल के पानी में तैरते हुए मजा ले रही थी कि फिर से दरवाजे बेल बजी. मैंने सोचा कि मेरे पति रोहन वापस आ गये हैं. अपनी भीगी हुई पैंटी और ब्रा में स्वीमिंग पूल से बाहर निकली और चूत वाले एरिया पर एक सारोंग (पतला सा कपड़ा) लपेट लिया.
मगर मेरी ब्रा गीली थी और मेरे मोटे चूचों के निप्पल उनमें तनकर जैसे बाहर निकलने को हो रहे थे. एक बार तो लगा कि जैसे मल्लिका शेरावत को भी फेल कर दूंगी आज मैं. मैं इतराती हुई स्वीमिंग पूल से बाहर आकर दरवाजा खोलने के लिए चल पड़ी.

कहानी दूसरे भाग में जारी रहेगी. 
अगला भाग : पति के दोस्तों ने चोद ही दिया (Pati Ke Doston Ne Chod He Diya)
एक रात पति के बिना (Ek Raat Pati Ke Bina) एक रात पति के बिना (Ek Raat Pati Ke Bina) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:08 AM Rating: 5

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