बीवी की कुंवारी गाँड़ चोदने की वासना (Biwi Ki Kunwari Gaand Chodne Ki Vasna)

बीवी की कुंवारी गाँड़ चोदने की वासना
(Biwi Ki Kunwari Gaand Chodne Ki Vasna)

तीनों भाइयों में सबसे छोटा होने के कारण मुझे माता पिता का प्यार हमेशा ही मिला और मेरे भाइयों का प्यार भी मुझे लेकर बहुत था। वह दोनों ही मेरी बड़ी देखभाल किया करते थे बचपन से ही यदि कभी मुझ कोई समस्या आ जाती तो मेरा दोनों भाइयों को बड़ी तकलीफ होती थी मेरी दोनों बहने वह भी मुझे बहुत प्यार किया करती हैं।

पिताजी स्कूल में प्रिंसिपल थे तो उन्होंने भी हमारी पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं की और हम तीनों भाइयों ने अपने प्रशासनिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद हम लोग नौकरी लग चुके थे। पिताजी की भी रिटायरमेंट होने की उम्र हो चली थी तो पिताजी चाहते थे कि रिटायरमेंट के बाद वह हम लोगों के साथ अच्छा समय बिताये और मां भी हम लोगों के अच्छा समय बिताये लेकिन ऐसा संभव ना हो सका पिताजी के रिटायरमेंट के कुछ समय बाद ही मां की मृत्यु हो गई।

मां की मृत्यु होते ही पिताजी अकेले हो गए थे वह इतने अकेले हो गए की उन्हें जैसे अब किसी से भी कोई मतलब नहीं रहता था वह अपने कमरे में ही बैठे रहते थे। पिताजी को तब और भी दुख होने लगा जब भैया और भाभी के तेवर बदलने लगे जिसकी वजह से घर का माहौल पूरा खराब होने लगा था। 

भैया और भाभी चाहते थे कि वह घर से चले जाएं बड़े भैया के ऐसा करने से छोटे भैया भी अलग रहने के बारे में सोचने लगे और वह दोनों अलग रहने लगे थे। मैं पिताजी के साथ था मेरी दोनों बहनों की शादी हो चुकी थी इसलिए वह कभी कबार मुझसे मिलने के लिए आ जाया करती थी और जब वह पिताजी से मिलती तो उन्हें थोड़ा अच्छा लगता क्योंकि पिताजी हमेशा ही बोलते थे कि मुझे अपने बच्चों से बहुत ही प्यार है। 

एक दिन पिता जी कहने लगे बेटा मेरे बैंक अकाउंट में कुछ पैसे पड़े हैं वह तुम अपने भाइयों में और बहनों में बांट देना मैंने पिता जी से कहा लेकिन क्या आप अपने पास कुछ पैसे नहीं रखेंगे। वह कहने लगे बेटा मैं भला पैसों का क्या करूंगा मेरे पास जितने भी पैसे हैं वह सब तुम लोगों के ही तो है और मेरी पेंशन से मेरा गुजारा चल जाएगा। मैंने पिता जी के अकाउंट में देखा था उनके अकाउंट में 1500000 रुपए पड़े हुए थे और पिताजी ने सबके हिस्से में बराबर पैसे दे दिये।

दोनों भैया अलग रह रहे थे लेकिन मैं पिताजी के साथ ही रहता था और उनकी देखभाल करता पिताजी मुझे कई बार कहते कि बेटा तुम शादी कर लो लेकिन मुझे इस बात की चिंता हमेशा सताती यदि मेरी होने वाली पत्नी पिताजी की देखभाल नहीं कर पाई तो मुझे बहुत ही ज्यादा बुरा महसूस होगा इसलिए मैं फिलहाल शादी नहीं करना चाहता था। पिताजी ने कई बार मुझसे यह इच्छा जाहिर की थी परंतु मैंने उन्हें हर बार मना कर दिया मेरी उम्र भी 31 वर्ष की हो चुकी थी। एक दिन मेरी भाभी का मुझे फोन आया और वह बहुत ही ज्यादा घबराई हुई थी उनकी सांस फूल रही थी मुझे कुछ भी समझ नहीं आया कि आखिर ऐसा क्या हो गया है। 

भाभी से दो-तीन बार पूछने के बाद उन्होंने मुझे बताया कि तुम्हारे भैया की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। वह बहुत ही ज्यादा घबरा गई थी मैंने यह बात पिताजी को नहीं बताई यदि मैं उन्हें यह बात बताता तो शायद उन्हें बुरा लगता इसलिए मैंने उन्हें यह बात नहीं बताई। मैं अस्पताल चला गया जब मैं अस्पताल पहुंचा तो बड़े भैया बिस्तर पर थे और वह बात भी नहीं कर पा रहे थे मैंने भाभी से पूछा भाभी क्या हुआ। भाभी कहने लगे ना जाने कबसे यह बात ही नहीं कर पा रहे हैं ऐसा पता नहीं क्या हो गया है। 

डॉक्टरों ने उन्हें देखा तो कुछ देर बाद डॉक्टर कहने लगे उनके गले में कुछ तकलीफ हो गई है जिस वजह से वह बोल नहीं पा रहे हैं और उन्हें बड़ी दिक्कत हो रही है। मेरी भाभी तो घबरा गई थी मैंने उन्हें कहा भाभी आप चिंता ना करें सब कुछ ठीक हो जाएगा। 

भाभी को मैंने हिम्मत रखने को कहा और मैं अस्पताल में ही भाभी के साथ था तब तक मेरे छोटे भैया भी आ चुके थे उन्होंने मुझसे पूछा कि भैया को क्या हुआ। मैंने उन्हें सारी बात बताई हम दोनों भाई रात तक अस्पताल में हीं रहे मेरी भाभी कहने लगी भैया आप घर चले जाइए मैं यहां उनकी देखभाल कर लूंगी। मैंने उन्हें कहा भाभी आप कैसी बात कर रहे हैं हम लोग यहीं रहेंगे, हम लोग अस्पताल में ही थे पिताजी का मुझे फोन आया तो वह पूछने लगे बेटा तुम घर कब तक आओगे।

मैंने उन्हें कहा पिताजी बस थोड़ी देर में ही आ जाऊंगा लेकिन मैं घर नहीं गया तो पिताजी का फोन मुझे बार बार आता रहा यह देख मेरे छोटे भैया मुझे बोले की संजय तुम पिताजी के पास चले जाओ नहीं तो वह तुम्हारी चिंता करते रहेंगे। मेरे पास भी शायद अब और कोई रास्ता ना था इसलिए मुझे पिताजी के पास वापस जाना पड़ा अगले दिन ही सुबह मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी। 

जब मैंने ऑफिस से छुट्टी ली तो उसके बाद मैं हस्पताल चला गया डॉक्टरों ने अब स्थिति स्पष्ट कर दी थी और उन्होंने कहा कि तुम्हारे भैया को यहां कुछ समय के लिए एडमिट होना पड़ेगा। भाभी भी बहुत घबराई हुई थी मैंने उन्हें हिम्मत रखने को कहा और कहा कि आप चिंता ना करें और आखिरकार यह बात पिताजी के कानों तक पहुंच ही गई। यह बात मेंरी दोनों बहनों ने पिताजी को बता दी थी तो पिताजी बहुत घबरा गए थे और वह कहने लगे मैं अभी अस्पताल आता हूँ। 

मैंने उन्हें मना किया था लेकिन वह फिर भी अस्पताल आ गए जब उन्होंने भैया की स्थिति देखी तो वह घबरा गए थे लेकिन मैंने उन्हें कहा आप घबराइए मत सब कुछ ठीक हो जाएगा। करीब एक महीने तक भैया अस्पताल में रहे और उस बीच उनका ऑपरेशन भी हुआ भैया अब ठीक हो चुके थे हम लोग भैया को घर ले आए थे हमने भाभी से कहा भैया की देखभाल तो कर लोगे ना वह भी कहने लगे हां मैं तुम्हारे भैया की देखभाल कर लूंगी।

मैंने उनसे कहा कि यदि कोई भी दिक्कत हो तो आप हमें बता दीजिएगा वह कहने लगे हां संजय मैं तुम्हें जरूर बता दूंगी। हम लोग अपने घर लौट आए पिताजी तो बहुत ज्यादा चिंतित थे लेकिन अब भैया के ठीक होने के बाद उन्हें थोड़ा राहत महसूस हो रही थी। 

अब उन्होंने मेरे लिए रिश्ता देखना शुरू कर दिया वह कहने लगे देखो संजय तुम भी शादी कर लो जीवन का कोई भरोसा नहीं है और पता नहीं कब क्या हो जाए। मैंने पिता जी से कहा आज आप कैसी बात कर रहे हैं पिताजी कहने लगे कि देखो बेटा मैं चाहता हूं कि तुम जल्दी से शादी कर लो। 

मैं चाहता था की जिस लड़की से मैं शादी करूं उसे मैं पहले समझ लूँ ताकि बाद में ऐसी कोई भी दिक्कत ना हो। पिताजी ने मेरे लिए जो लड़की देखी उससे मैं कुछ समय तक बात करता रहा उसका नाम रोशनी है और अब वह मेरी पत्नी बन चुकी है। रोशनी  मेरे पिताजी की बड़ी अच्छे से देखभाल किया करती और जिस प्रकार से वह मेरे पिताजी की देखभाल करती थी उस से मै खुश था वह मेरा भी बहुत ध्यान रखती थी। 

हम दोनों अच्छे से एक दूसरे के साथ समय नहीं बिता पा रहे थे रोशनी मुझे कहने लगी आप तो आजकल मेरी तरफ देखते ही नहीं हैं। मैंने रोशनी से कहा ऐसा तो कुछ भी नहीं है मैं तुम्हारी तरफ नहीं देखता। मैं देखता तो हूं लेकिन तुम्हें तो मालूम है आजकल मुझे समय नहीं मिल पा रहा है। 
बीवी की कुंवारी गाँड़ चोदने की वासना (Biwi Ki Kunwari Gaand Chodne Ki Vasna)
बीवी की कुंवारी गाँड़ चोदने की वासना (Biwi Ki Kunwari Gaand Chodne Ki Vasna)
रोशनी मुझे कहने लगी समय तो आपको निकालना ही पड़ेगा मैं रोशनी की बात से पूरी तरीके से सहमत था क्योंकि मैं भी चाहता था कि मैं रोशनी के साथ सेक्स संबंध बनाऊ। उस रात रोशनी ने अपनी पिंक कलर की नाइटी पहनी हुई थी उस नाइटी में उसका शरीर बड़ा है गजब लग रहा था और उसके स्तनों को देखकर मुझे ऐसा लगता जैसे कि आज यह मेरी पहली ही रात हो।

मैंने जब रोशनी के पतले और गुलाबी होठों का रसपान करना शुरू किया तो मुझे अच्छा लगने लगा मैं उसके होंठों को बहुत देर तक चूसता रहा उसके होठों को चूसने में मुझे बड़ा मजा आता मैं रोशनी के साथ काफी देर तक किस करता रहा। जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो रोशनी मेरे लंड की तरह टूट पड़ी और वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। 

उसे बड़ा अच्छा लग रहा था और मुझे भी बहुत आनंद आता उसने मेरे लंड को करीब एक मिनट तक चूसा और एक मिनट के बाद उसने मुझे कहा कि अब मुझसे रहा नहीं जा रहा। मैंने रोशनी की योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया और जैसे ही मैंने रोशनी की योनि के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मैं बिल्कुल रह ना सका। मै उसे धक्के देने लगा उसके मुंह से मादक आवाज निकल रही थी और इतने दिनों बाद हम दोनों एक दूसरे के बदन की गरमाहट को महसूस कर रहे थे।

मुझे रोशनी के बदन की गरमाहट को महसूस करना बहुत ही अच्छा लगता है और रोशनी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी जिस प्रकार से वह मेरा साथ देती उससे मेरे अंदर की उत्तेजना जागने लगी थी। मैं पूरी तरीके से जोश में आने लगा था लेकिन जैसे ही मैंने उस दिन रोशनी की गांड में लंड डाला तो वह चिल्ला उठी। यह पहला मौका था जब हम दोनों एनल सेक्स करने वाले थे और मेरा लंड रोशनी की गांड में जाते ही वह उछल पड़ी थी। 

जिस प्रकार से उछली उससे मुझे मज़ा आने लगा और मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता उसके मुंह से तेज चीख निकल रही थी और जिस प्रकार से वह चिल्ला रही थी उससे मुझे बड़ा आनंद आता और मैं उत्तेजित होता जा रहा था। मैं ज्यादा देर तक अब रोशनी की गांड की गर्मी को ना झेल सका मेरा वीर्य मेरे अंडकोषो से बाहर की तरफ निकल आया था जैसे ही मेरा वीर्य बाहर निकला तो मैंने रोशनी से कहा अब मैं बिल्कुल भी रह ना सकूंगा और उसी के साथ मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिर पड़ा। मैने रोशनी की गांड में सारे वीर्य को गिरा दिया था वह खुश होकर कहने लगी आज मेरी गांड भी तुम ने मार ही ली।

बीवी की कुंवारी गाँड़ चोदने की वासना (Biwi Ki Kunwari Gaand Chodne Ki Vasna) बीवी की कुंवारी गाँड़ चोदने की वासना (Biwi Ki Kunwari Gaand Chodne Ki Vasna) Reviewed by Priyanka Sharma on 10:06 PM Rating: 5

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